केरल में विधानसभा के विशेष सत्र की मंजूरी नहीं, राज्यपाल ने सीएम को पत्र लिखकर बताई वजह

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कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarai Vijayan) के मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए तीनों कृषि क़ानून (Farm law 2020) को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलान के लिए सिफ़ारिश की थी, जिसे राज्यपाल ने खारिज कर दिया था.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 24, 2020, 12:11 AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली, पश्चिम बंगाल के बाद देश के एक और राज्य में मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच तकरार सामने आई है. केरल (Kerala) में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (Left Democratic Front) यानी ‘एलडीएफ़’ की सरकार और राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान (Governor Arif Mohammad Khan) के बीच विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को लेकर ठन गई है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarai Vijayan) के मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए तीनों कृषि क़ानून (Farm law 2020) को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलान के लिए सिफ़ारिश की थी, जिसे राज्यपाल ने खारिज कर दिया था. राज्यपाल ने पिनराई विजयन से स्पष्टीकरण से पूछा कि विशेष सत्र बुलाने को लेकर इतनी जल्दी क्या है? राज्यपाल ने किन कारणों से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की इजाजत नहीं दी इसकी वजह सीएम पिनराई विजयन को एक पत्र लिखकर बताई है.

राज्यपाल ने अपने खत में लिखा है, मुझे लगता है कि यह उचित होगा कि आपका पत्र मेरे पास संबंधित फाइल के हिस्से के रूप में आया हो. जब किसी नोटिस को संक्षेप में या आकस्मिक रूप से और वर्तमान मामले में लगभग 24 घंटे के नोटिस पर बुलाने की सिफारिश की जाती है, तो इसके लिए 15 दिनों के नोटिस की आवश्यकता होती है. उन्होंने आगे लिखा, मेरे रिकॉर्ड के अनुसार कैबिनेट ने 17.12.2020 को फैसला किया था कि विधानसभा का एक सत्र 8 जनवरी 2021 से आयोजित किया जाए. यह फाइल मेरे कार्यालय में 18.12.2020 को शाम 6.30 बजे पहुंची.

19 दिसंबर और 20 को छुट्टियां होने के कारण, फ़ाइल को मेरे सामने 21.12.2020 को आई और मैंने 08.01.2021 को विधानसभा को बुलाने की अधिसूचना को तुरंत मंजूरी दे दी. 21.12.2020 की दोपहर में, मुझे आपके कार्यालय से यह कहते हुए एक और नोट मिला कि सरकार ने सत्र बुलाने की सिफारिश वापस लेने का फैसला किया है और आगे निर्णय लिया है कि कुछ गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 23 दिसंबर 2020 को विधानसभा का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा. तदनुसार विधानसभा को बुलाने के लिए मेरी मंजूरी मांगी. नोट में कुछ गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के अलावा निर्णय के बदलाव का कोई कारण नहीं बताया गया है.





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