कोरोनावायरस पर पुरुषों से अलग ये सोचती हैं महिलाएं, इसलिए हैं सुरक्षित: स्टडी

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कोरोनावायरस पर पुरुषों से अलग सोचती हैं महिलाएं(Photo : Pixabay से साभार)

कोरोनावायरस पर पुरुषों से अलग सोचती हैं महिलाएं(Photo : Pixabay से साभार)

लिंग के आधार पर कोविड-19 (Covid 19) के प्रति इस व्यवहारिक अंतर के पीछे का कारण यह तथ्य बताता है कि महिलाओं के नेतृत्व वाले देशों ने कोरोना संकट के दौरान प्रोटोकोल का अच्छे से पालन किया है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 17, 2020, 11:21 AM IST

कोरोनावायरस (Corona virus) पर हुए पूर्व अध्ययनों में वायरस को पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए कम खतरनाक बताया गया है. अब वायरस पर हुए एक और अधय्यन (Study) में यह निकलकर आया है कि कोविड-19 (Covid-19) के प्रति महिलाओं (Women) का दृष्टिकोण पुरुषों (Men) की तुलना में बहुत अलग है. महामारी के मद्देनजर लगाए गए प्रोटकोल (Protocol) का महिलाएं ज्यादा पालन कर रही हैं. पुरुषों की तुलना में महिला कोविड-19 को लेकर अधिक चिंतित दिख रही हैं.

आठ देशों में हुआ सर्वे
यह सर्वे दुनिया के आठ देशों में मार्च-अप्रैल में किया गया, जो यह साबित करता है कि महिलाएं कोविड-19 के बढ़ते खतरे को लेकर अधिक सतर्क हैं. यह आठ देश आर्थिक सहयोग और विकास संगठन ( Organisation for Economic Co-operation and Development) के सदस्य राज्य हैं.

कोरोना के प्रति बड़ा व्यवहारगत अंतररिपोर्ट के मुताबिक, सभी आठ देशों में किए गए इस सर्वे में स्वास्थ्य संकट के प्रति दृष्टिकोण में बड़े पैमाने पर लिंग आधारित अंतर पाया गया है. यह व्यवहारगत अंतर आंशिक रूप से दोनों लिंग के साथ रहने और उनके एक साथ कोरोना की चपेट में आने की स्थिति में कम दिखाई दिए हैं. इस अध्ययन के परिणाम स्वास्थ्य नीति निर्माताओं को लिंग-विशिष्ट नीतियां और संचार बनाने के बारे में सोचने के लिए विवश कर सकते हैं, क्योंकि दोनों लिंग के बीच एक महत्वपूर्ण व्यवहारिक अंतर देखने को मिला है.

वैश्विक स्तर पर महिला संक्रमितों की संख्या कम
बता दें कि कोविड-19 से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 39 मिलियन पहुंच चुकी है जबकि 1.1 मिलियन से अधिक लोगों ने वायरस के कारण दम तोड़ दिया है. शीर्ष तीन देशों अमेरिका, भारत और ब्राजील में कोविड-19 मामलों की संख्या सबसे अधिक है. इनमें महिलओं की तुलना में पुरुष संक्रमितों की संख्या ज्यादा है.

महिला लीडरशिप देशों ने किया कोरोना पर कंट्रोल
लिंग के आधार पर कोविड-19 के प्रति इस व्यवहारिक अंतर के पीछे का कारण यह तथ्य बताता है कि महिलाओं के नेतृत्व वाले देशों ने कोरोना संकट के दौरान प्रोटोकोल का अच्छे से पालन किया है. क्योंकि इससे पूर्व अध्ययनों के मुताबिक, जेसिंडा एर्डर्न और एंजेला मर्कल जैसी महिला लीडरशिप सरकारों के अंतर्गत देश ने कोरोना से लड़ने का अच्छा संदेश दिया है. बता दें कि न्यूजीलैंड की जेसिंडा एर्डर्न की सरकार में कोरोना से 25 मौतों के बाद ही लॉकडाउन का ऐलान कर स्थिति पर काबू पा लिया गया था.





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