क्या PM मोदी के इस खत ने बिहार में चुनाव की बदल दी तस्वीर?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव के तीसरे चरण में जनता को संबोधित करते हुए एक खत लिखा.  तस्वीर मलयालम न्यूज़18 से साभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव के तीसरे चरण में जनता को संबोधित करते हुए एक खत लिखा. तस्वीर मलयालम न्यूज़18 से साभार

7 नवंबर को चुनाव के आखिरी चरण के बाद तकरीबन सभी एक्जिट पोल (Exit Polls) में महागठबंधन (Grand Alliance) की एकतरफा जीत की घोषणा की गई थी. लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से एकतरफा जीत कांटे की टक्कर में तब्दील हो गई.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 11, 2020, 1:11 AM IST

नई दिल्ली. 2005 में बिहार में का मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने पहली बार विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में ऐसी कांटे की टक्कर देखी है. 2010 का चुनाव रहा हो या फिर 2015, नीतीश प्रचंड बहुमत के साथ चुनाव जीते थे. हालांकि दोनों बार गठबंधन के पार्टनर अगल थे. इस बार के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जो चुनावी माहौल बनाया था उसका नतीजा काउंटिंग के दिन भी दिखाई दिया.

सभी एक्जिट पोल में बताई गई थी महागठबंधन की जीत
7 नवंबर को चुनाव के आखिरी चरण के बाद तकरीबन सभी एक्जिट पोल में महागठबंधन की एकतरफा जीत की घोषणा की गई थी. लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ जिसकी वजह से एकतरफा जीत कांटे की टक्कर में तब्दील हो गई. पहले चरण के चुनाव में महागठबंधन की हवा बेहतरीन बनी हुई थी लेकिन दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव में बीजेपी और जेडीयू ने भी ताकत दिखाई.

प्रधानमंत्री के खत ने बदली फिज़ा?
इस जीत को अलग-अलग तरीके से देखा जा रहा है. लेकिन दो फैक्टर महत्वपूर्ण हैं. पहला तो सीएम नीतीश कुमार द्वारा इस चुनाव को आखिरी चुनाव बताना और दूसरा प्रधानमंत्री का वो खत जो उन्होंने मिथिलांचल, सीमांचल जैसे चुनावों के पहले लिखा.
इस खत में पीएम मोदी ने राज्य में नीतीश सरकार की जरूरत बताई थी, साथ ही इसे कई आर्थिक और सामाजिक विकास के बिंदुओं से भी जोड़ा था. उन्होंने खत में लिखा था-बिहार के विकास में कोई कमी न आए, विकास की योजनाएं अटकें नहीं, भटकें नहीं, इसलिए मुझे बिहार में नीतीश सरकार की जरूरत है. मुझे विश्वास है, डबल इंजन की ताकत, इस दशक में बिहार को विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी. जय बिहार, जय भारत!

बिहार की जनता को दिया धन्यवाद, मांगा आशीर्वाद
उन्होंने लिखा था- पिछले दिनों मुझे बिहार के अपने भाइयों-बहनों से मिलकर उनका आशीर्वाद लेने का अवसर मिला. सासाराम में पहली रैली से लेकर सहरसा में आखिरी रैली तक जनता ने हमेशा की तरह ढेर सारा प्यार दिया. एक जनसेवक के रूप में बिहार की भूमि का चरण स्पर्श मुझे जनसेवा के लिए और प्रतिबद्ध करता है.





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