जानें पुरुष नसबंदी से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई के बारे में

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लोकल ऐनेस्थीसिया देकर पुरुष नसबंदी का ऑपरेशन किया जाता है और इसमें सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है.

लोकल ऐनेस्थीसिया देकर पुरुष नसबंदी का ऑपरेशन किया जाता है और इसमें सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है.

रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि नसबंदी (Vasectomy) करवाने से पुरुषों (Men) की कामेच्छा, पौरुष, यौन सुख आदि में किसी तरह की कोई कमी नहीं आती है और ना ही इरेक्शन हासिल करने में या फिर ऑर्गैज्म (Orgasm) हासिल करने की क्षमता में कमी आती है.




  • Last Updated:
    December 1, 2020, 8:46 AM IST

पुरुष नसबंदी (Men Vasectomy) जिसे वैसेक्टोमी भी कहते हैं गर्भनिरोध या गर्भ नियंत्रण का बेहद आसान तरीका है जिसमें नसबंदी कराने के बाद इजैक्युलेशन के दौरान स्पर्म (Sperm) रिलीज नहीं होता. इस प्रक्रिया में पुरुषों के शरीर में मौजूद वास डेफेरेंस (वह नली जो टेस्टिकल्स से स्पर्म को लेकर यूरेथ्रा तक जाती है) को या तो सील कर दिया जाता है या फिर काट दिया जाता है. यह प्रक्रिया 99 प्रतिशत तक प्रभावशाली होती है और इस सर्जरी (Surgery) को रिवर्स भी किया जा सकता है यानी स्पर्म की नली को वापस जोड़ा भी जा सकता है, लेकिन यह हमेशा सफल नहीं होता. लिहाजा जब पुरुष पूरी तरह से आश्वस्त हो जाएं कि उन्हें अब बच्चे नहीं चाहिए तभी उन्हें नसबंदी करवानी चाहिए.

साल 2017 में भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह फैसला किया कि 21 नवंबर से 6 दिसंबर तक (15 दिनों के समय को) पुरुष नसबंदी पखवाड़े के रूप में मनाया जाएगा ताकि लोगों के बीच नसबंदी के बारे में जागरुकता फैलायी जा सके. इसका कारण ये है कि आज के आधुनिक समाज में भी पुरुष नसबंदी से जुड़े कई मिथक और गलत धारणाएं मौजूद हैं. पुरुष नसबंदी से जुड़े सबसे कॉमन मिथक और उनकी हकीकत के बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं :

मिथक 1: नसबंदी करवाने के बाद यौन क्रिया और चरमसुख प्रभावित होता हैहकीकत : रिसर्च में यह बात सामने आ चुकी है कि नसबंदी करवाने से पुरुषों की कामेच्छा, पौरुष, यौन सुख आदि में किसी तरह की कोई कमी नहीं आती है और ना ही इरेक्शन हासिल करने में या फिर ऑर्गैज्म हासिल करने की क्षमता में कमी आती है. इसका कारण ये है कि नसबंदी करवाने के बाद शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के लेवल में कोई बदलाव नहीं होता है. सिर्फ इजैक्युलेशन के दौरान स्पर्म को निकलने से रोक दिया जाता है.

मिथक 2: नसबंदी की प्रक्रिया जोखिम से भरी और तकलीफदेह होती है
हकीकत :
लोकल ऐनेस्थीसिया देकर पुरुष नसबंदी का ऑपरेशन किया जाता है और इसमें सिर्फ 30 मिनट का समय लगता है. यह बेहद कम रिस्क वाली सर्जरी है और इसमें ज्यादातर मरीजों को थोड़ी बहुत सूजन या टेस्टिकल्स में बेहद हल्का दर्द महसूस होता है और 1-3 हफ्ते के अंदर सूजन और दर्द की समस्या अपने आप ही ठीक हो जाती है. वैसे तो महज कुछ दिनों के अंदर ही मरीज पूरी तरह से रिकवर हो जाते हैं लेकिन अगले 10-15 दिनों तक उन्हें भारी चीजें उठाने या कठोर परिश्रम वाला काम न करने की सलाह दी जाती है.

मिथक 3: नसबंदी करवाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है

हकीकत :
करीब 30-35 साल पहले अमेरिका में हुई एक स्टडी में पुरुष नसबंदी और बाद के सालों में प्रोस्टेट कैंसर होने के खतरे की बात कही गई थी. लेकिन इस स्टडी की सच्चाई सामने आ चुकी है, जिसमें बताया गया है कि पुरुष नसबंदी और प्रोस्टेट कैंसर होने के बीच संबंध बेहद कमजोर है. साथ ही नसबंदी को टेस्टिक्युलर कैंसर का जोखिम कारक भी नहीं माना जाता है.

मिथक 4: नसबंदी से बढ़ सकता है डिमेंशिया का खतरा
हकीकत :
पुरुष नसबंदी और डिमेंशिया के बीच कनेक्शन को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत और अध्ययन मौजूद नहीं हैं. एक स्टडी जो हुई भी थी वह बेहद छोटी थी और उसका आशय अनिश्चित था.

मिथक 5: नसबंदी तुरंत असरदार होती है
हकीकत :
डॉक्टरों की मानें तो पुरुष नसबंदी करवाने के बाद पहले साल में अनचाही प्रेगनेंसी होने की आशंका कुछ प्रतिशत तक बनी रह सकती है और इसका कारण ये है कि ऑपरेशन करवाने के बाद भी वास डेफेरेंस में स्पर्म मौजूद और सक्रिय हो सकते हैं.

मिथक 6: नसबंदी, यौन रोग के खतरे से भी बचाती है
हकीकत :
एचआईवी-एड्स या सिफलिस जैसी सेक्शुअली ट्रांसमिटड होने वाली बीमारियां (यौन रोग) सीमन के जरिए फैलती हैं. सीमन के सिर्फ 2-5 प्रतिशत हिस्से में स्पर्म होता है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि स्पर्म की गैर मौजूदगी में भी सीमन, असुरक्षित सेक्स करने पर यौन रोग का कारण बन सकता है.

लिहाजा यह कहा जा सकता है कि नसबंदी, पुरुष गर्भनिरोध की बेहद कम रिस्क वाली प्रक्रिया है जो लंबे समय तक बनी रहती है और ज्यादातर मरीज 1 सप्ताह के अंदर ही अपनी नॉर्मल रूटीन लाइफ में वापस आ सकते हैं. हालांकि नसबंदी करवाने के बाद अगले कुछ हफ्तों तक सेक्स न करने की सलाह दी जाती है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल पुरुष नसबंदी ऑपरेशन के बारे में पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।





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