तमाम चुनौतियों से भरा साल रहा 2020, हमने साथ रहकर बेहतर भविष्य को चुना: डॉ. हर्षवर्धन

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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Health Minister Dr. Harshvardhan) ने सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) की 147वीं एक्सीक्यूटिव बोर्ड की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत की. इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दुनिया के देशों के तौर पर साथ आए और एक बेहतर कल को चुना. डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “2020 भूख, असमानता, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, गरीबी और अब महामारी जैसे सभी मुद्दों के लिए सहयोग से प्रयास करने वाला साल रहा. हम दुनिया के देशों के तौर पर साथ आए और एक बेहतर भविष्य को चुना.” बता दें वर्तमान में दुनिया के कई देश कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं. इसके अलावा कई देशों में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव भी देखने को मिले हैं.

बता दें भारत में सोमवार को कोविड-19 (Covid-19) के 30,548 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 88,45,127 हो गए. वहीं, इनमें से 82,49,579 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 435 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,30,070 हो गई. देश में लगातार छह दिनों से उपचाराधीन लोगों की संख्या पांच लाख से कम है. अभी 4,65,478 लोगों का कोरोना वायरस का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 5.26 प्रतिशत है.

आंकड़ों के अनुसार देश में 82,49,579 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही मरीजों के ठीक होने की दर 93.27 प्रतिशत हो गई है. वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.47 प्रतिशत है.

ब्रिक्स देशों के साथ स्वास्थ्य मंत्री ने साझा की थी भारत की रणनीतिइससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले बुधवार को ब्रिक्स देशों के साथ हुई बैठक में भारत के कोविड-19 से निपटने के तरीकों पर चर्चा की थी. इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से निपटने की भारत की रणनीति विकेंद्रित लेकिन एकीकृत तंत्र रही, जिसके तहत सभी के लिए सार्वभौमिक, सुलभ, न्यायसंगत और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई.

ब्रिक्स (ब्राजील,रूस,भारत,चीन,दक्षिण अफ्रीका) देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि कोविड-19 से निपटने में भारत का दृष्टिकोण पूर्वनिर्धारित, सक्रिय और श्रेणीबद्ध था. उन्होंने कहा कि वायरस के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर शुरुआती दौर में ही यात्रियों की जांच एवं पृथक-वास शुरू किया गया और लॉकडाउन लागू करना एवं निषिद्ध जोन बनाकर अपने अस्पतालों एवं स्वास्थ्यकर्मियों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने जैसे प्रभावी कदम उठाए गए. ‘‘साथ ही चरणबद्ध, सर्तकतापूर्ण और जिम्मेवार तरीके से अर्थव्यवस्था को दोबारा खोला गया.’’

हर्षवर्धन ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार ने इस अभियान को पूर्ण निगरानी एवं मूल्याकंन के साथ चलाया और दूसरी तरफ संकट से निपटने के लिए राज्य सरकारों को भी पूरा सहयोग प्रदान किया. राज्य सरकारों ने भी महामारी से निपटने की अपनी विभिन्न रणनीतियों को अपनाया.

हर्षवर्धन ने कहा कि देश की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए भारत ने अपनी प्रतिक्रिया को व्यवस्थित किया है.





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