Us Intelligence Agencies Admit, Coronavirus Not Manmade Or Genetically Modified – अमेरिका-चीन में चल रही जुबानी जंग के बीच आया नया मोड़, यूएस इंटेलिजेंस ने माना मानव निर्मित नहीं कोरोना


ख़बर सुनें

कोरोना को लेकर चीन और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी तनातनी के बीच एक नया मोड़ आया है। यूएस इंटेलिजेंस कम्युनिटी (यूएसआईसी) ने एक तरह से चीन को क्लीन चिट दे दी है। बृहस्पतिवार को कहा कि जानलेवा कोरोना ‘मानव निर्मित’ नहीं है। 

कम्युनिटी ने यह भी कहा है कि उपलब्ध सुबूतों और वैज्ञानिक सहमतियों के हिसाब से कोविड-19 वायरस किसी लैब में जेनेटिक मॉडिफिकेशन (सामान्य कोरोना वायरस की जीन्स में कृत्रिम बदलाव) के जरिये भी नहीं बनाया गया है।

दरअसल, अभी तक ट्रंप चीन पर आरोप लगाते रहे हैं कि कोरोना वायरस को चीन स्थित वुहान के लैब में बनाया गया है। जबकि चीन इससे इनकार करता रहा है। हालांकि, कम्युनिटी ने यह भी कहा कि वे इसकी कड़ी जांच जारी रखेंगे कि कोविड-19 वायरस का फैलाव किसी संक्रमित जानवर के इंसानी संपर्क में आने से हुआ या यह चीन में एक लैब में दुर्घटना के कारण फैलना चालू हुआ।

बता दें कि अमेरिका लगातार वायरस को लेकर चीन पर आरोप लगा रहा है। ट्रंप सार्वजनिक रूप से ‘अदृश्य शत्रु’ के वैश्विक प्रसार को लेकर चीन को लगातार जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उन्होंने इसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि अमेरिका महामारी से हुए नुकसान को लेकर चीन से जर्मनी के मुकाबले ज्यादा मुआवजा लेगा।

जर्मनी ने चीन से 12.41 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं का मानना है कि यदि चीन ने पारदर्शिता बरती होती और वायरस के शुरुआती चरणों में इसकी जानकारी साझा की होती तो इतने सारे लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौतें और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विनाश से बचा जा सकता था। कई और देश चीन से उन्हें पहुंचे नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

कोरोना को लेकर चीन और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी तनातनी के बीच एक नया मोड़ आया है। यूएस इंटेलिजेंस कम्युनिटी (यूएसआईसी) ने एक तरह से चीन को क्लीन चिट दे दी है। बृहस्पतिवार को कहा कि जानलेवा कोरोना ‘मानव निर्मित’ नहीं है। 

कम्युनिटी ने यह भी कहा है कि उपलब्ध सुबूतों और वैज्ञानिक सहमतियों के हिसाब से कोविड-19 वायरस किसी लैब में जेनेटिक मॉडिफिकेशन (सामान्य कोरोना वायरस की जीन्स में कृत्रिम बदलाव) के जरिये भी नहीं बनाया गया है।
दरअसल, अभी तक ट्रंप चीन पर आरोप लगाते रहे हैं कि कोरोना वायरस को चीन स्थित वुहान के लैब में बनाया गया है। जबकि चीन इससे इनकार करता रहा है। हालांकि, कम्युनिटी ने यह भी कहा कि वे इसकी कड़ी जांच जारी रखेंगे कि कोविड-19 वायरस का फैलाव किसी संक्रमित जानवर के इंसानी संपर्क में आने से हुआ या यह चीन में एक लैब में दुर्घटना के कारण फैलना चालू हुआ।

बता दें कि अमेरिका लगातार वायरस को लेकर चीन पर आरोप लगा रहा है। ट्रंप सार्वजनिक रूप से ‘अदृश्य शत्रु’ के वैश्विक प्रसार को लेकर चीन को लगातार जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और उन्होंने इसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि अमेरिका महामारी से हुए नुकसान को लेकर चीन से जर्मनी के मुकाबले ज्यादा मुआवजा लेगा।

जर्मनी ने चीन से 12.41 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है। अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के नेताओं का मानना है कि यदि चीन ने पारदर्शिता बरती होती और वायरस के शुरुआती चरणों में इसकी जानकारी साझा की होती तो इतने सारे लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौतें और वैश्विक अर्थव्यवस्था के विनाश से बचा जा सकता था। कई और देश चीन से उन्हें पहुंचे नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।



Source link

Jnu Vice Chancellor Lauds Ugc Guidelines – जेएनयू के वाइस चांसलर ने यूजीसी गाइडलाइन को बताया शैक्षणिक संस्थानों के लिए ताजा राहत


एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Apr 2020 07:47 PM IST

ख़बर सुनें

देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सुझावों की प्रशंसा की है। यूजीसी ने बुधवार को विश्वविद्यालयों के लिए गाइडलाइन जारी की थी। यह गाइडलाइन परीक्षाओ और नए सत्र को लेकर थी। यूजीसी का कहना था कि विश्वविद्यालयों को परीक्षाओं को तीन की जगह दो घंटे का करना चाहिए। ऑफलाइन और ऑनलाइन किस मोड में परीक्षाएं करानी है, विश्वविद्यालय इस बात को तय करें। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को स्काइप के जरिए प्रैक्टिकल परीक्षा कराने का भी सुझाव दिया था।

 

जेएनयू के वाइस चांसलर का कहना है कि यूजीसी के ये दिशा-निर्देश छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए ताजा राहत हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी के ये सारे दिशा-निर्देश विविध स्थितियों और उच्च शिक्षा संस्थानों की जरूरत को ध्यान में रखते हैं।

जगदीश कुमार ने कहा कि यूजीसी की विश्वविद्यालयों को जारी गाइडलाइन सरकार द्वारा कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए किए गए उपायों का पालन करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। यह भी सुनिश्चित करते हैं कि तकनीकी विकल्पों के जरिए कोरोना वायरस की स्थिति में भी शैक्षणिक प्रक्रिया उपलब्ध रहे।

देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सुझावों की प्रशंसा की है। यूजीसी ने बुधवार को विश्वविद्यालयों के लिए गाइडलाइन जारी की थी। यह गाइडलाइन परीक्षाओ और नए सत्र को लेकर थी। यूजीसी का कहना था कि विश्वविद्यालयों को परीक्षाओं को तीन की जगह दो घंटे का करना चाहिए। ऑफलाइन और ऑनलाइन किस मोड में परीक्षाएं करानी है, विश्वविद्यालय इस बात को तय करें। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को स्काइप के जरिए प्रैक्टिकल परीक्षा कराने का भी सुझाव दिया था।

 

जेएनयू के वाइस चांसलर का कहना है कि यूजीसी के ये दिशा-निर्देश छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए ताजा राहत हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी के ये सारे दिशा-निर्देश विविध स्थितियों और उच्च शिक्षा संस्थानों की जरूरत को ध्यान में रखते हैं।

जगदीश कुमार ने कहा कि यूजीसी की विश्वविद्यालयों को जारी गाइडलाइन सरकार द्वारा कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए किए गए उपायों का पालन करने की आवश्यकता पर बल देते हैं। यह भी सुनिश्चित करते हैं कि तकनीकी विकल्पों के जरिए कोरोना वायरस की स्थिति में भी शैक्षणिक प्रक्रिया उपलब्ध रहे।



Source link

California To Shut Down Some Beaches To Prevent Spread Of Coronavirus


California To Shut Down Some Beaches To Prevent Spread Of Coronavirus

Several California coastal towns have allowed beaches to remain open for local residents

Los Angeles:

Beaches in some parts of southern California will be shut down from Friday, the state’s governor announced, to avoid a repeat of the huge crowds that flocked there last weekend.

“We’re going to do a hard close … just in the Orange County area,” Gavin Newsom said.

“Specific issues on some of those beaches have raised alarm bells,” he added, referring to the thousands of people who packed beaches in the county — notably Newport Beach and Huntington Beach — last weekend amid a heatwave.

Newsom said his decision was guided by concerns on protecting public health and urged Californians to continue heeding the stay-at-home order imposed in March to stem the spread of the COVID-19 outbreak.

He acknowledged that the beach closures may not sit well with some local officials and residents who are finding it increasingly difficult to stay indoors, but insisted it was necessary to save lives.

Several California coastal towns have allowed beaches to remain open for local residents despite the statewide lockdown order.

But Newsom insisted that the virus “doesn’t take the weekend off” or “go home because it’s a beautiful sunny day around coasts.”

The city council in Newport Beach on Tuesday rejected a proposal to shut down beaches in the area for the next three weekends and some nearby towns have allowed people on beaches at certain hours and for exercise.

Orange County Supervisor Don Wagner on Thursday qualified Newsom’s decision as “overreaction” and unwise.

“Medical professionals tell us the importance of fresh air and sunlight in fighting infectious diseases, including mental health benefits,” Wagner said. “Moreover, Orange County citizens have been cooperative with California state and county restrictions thus far.”

Local law enforcement officials have also insisted that pictures of beachgoers last weekend did not reflect the reality.

“What we observed from land and by air was the vast majority of beachgoers practicing social distancing,” the Newport Beach police and fire chiefs said in a statement. “There were, in places, some clusters of people that were not social distancing.

“Throughout the day, our police officers and lifeguards patrolled the entire beach area to educate and remind those individuals of the necessity of physical distancing.”

California has registered nearly 49,000 cases of COVID-19 so far with almost 2,000 deaths, a fatality rate deemed modest given it is the most populous state in the country.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



Source link

Paris Saint Germain Football Club wins French League-1 for 9th time among Corona – कोरोना के बीच पेरिस सेंट जर्मेन फुटबॉल क्लब ने 9वीं बार जीती फ्रेंच लीग-1

PSG Football Team- India TV


PSG Football Team- India TV
Image Source : GETTY IMAGE
PSG Football Team

पेरिस| पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) को गुरुवार को फ्रांस फुटबॉल लीग फ्रेंच लीग-1 का 2019-20 का विजेता घोषित कर दिया गया है। लीग ने एक बयान में कहा, “लीग-1 की समाप्ति के बाद और सभी खेलों में हासिल किए गए अंकों को ध्यान में रखते हुए पेरिस सेंट जर्मेन ने अपना नौवां खिताब जीता है।”

यह पीएसजी का बीते आठ सालों में सातवां खिताब है जबकि यह उसका कुल नौवां खिताब है। इसी के साथ वो फ्रेंच लीग का दूसरा सबसे सफल क्लब बन गया है।

दूसरे स्थान पर मार्सेली और तीसरे स्थान पर स्टडे रेनाएस हैं। इन तीनों क्लबों को चैम्पियंस लीग में जगह मिलेगी जबकि लिली, स्टाडे दे रेइमस और नीस यूरोपा लीग में खेलेंगे। वहीं एमिएन्स और ताउलाउसे लीग-2 में निष्कासित हो गए हैं जबकि लोनेन और लेंड को लीग-1 में पदोन्नति मिल गई है।

ये भी पढ़ें : मेसी ने किया खुलासा, नेमार और रोनाल्डो समेत इन 6 फुटबॉलर को पसंद करता है उनका बेटा

इससे पहले फ्रांस के प्रधानमंत्री इडुआर्ड फिलिपे ने देश के संसद भवन में भाषण देते हुए कहा था कि कोरोनावायरस के कारण देश की सभी तरह की खेल संबंधी गतिविधियां सितंबर तक स्थगित कर दी गई हैं जिसमें फुटबॉल भी शामिल है।

कोरोना से जंग : Full Coverage





Source link

Coronavirus In India Update; Frequently Asked Questions (Faqs) In Hindi On What is Corona virus droplets, triple layer mask; Coronavirus recovery data in India | प्लास्टिक, मेटल और कागज पर भी जिंदा रहता है कोरोनावायरस, इसलिए लिए इनको छुएं तो हाथ जरूर धोएं, बाहर निकलें तो मास्क लगाएं : एक्सपर्ट


  • एक दिन में इम्युनिटी नहीं बढ़ती लेकिन डाइट में अधिक से अधिक लिक्विड चीजें लें, घर में व्यायाम करें और तेल वाली चीजों से परहेज करें
  • आम इंसानों के लिए साधारण या घर का बना मास्क ही काफी और कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स के लिए एन-95 मास्क जरूरी

दैनिक भास्कर

Apr 30, 2020, 07:36 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस सिर्फ ड्रॉपलेट्स से फैलता है या हवा में मौजूद रहता है, ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल कब करें और गांवों में संक्रमण के मामले कम क्यों हैं…ऐसे कई सवालों के जवाब डॉ. नरिंदर पाल सिंह, एमडी, मैक्स हॉस्पिटल, गाजियाबाद ने आकाशवाणी को दिए। जानिए कोरोना से जुड़े वो जवाब, जो आपके लिए जानने जरूरी हैं….

#1)  क्या कोई वायरस के ड्रॉपलेट से ही संक्रमित हो सकता है या हवा से भी फैलता है?
अगर वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से ड्रॉपलेट यहां-वहां बिखर गया है तो वहां संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए बाहर जाएं तो मास्क जरूर लगाएं। बाहर से घर आने पर कुछ भी छूने से पहले हाथ धोएं। हवा में ड्रॉपलेट फैलते हैं, अब तक इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है।

#2)  किसी भी वस्तु या प्लास्टिक या कागज पर कोरोनावायरस कितनी देर तक जिंदा रहता है?
अलग-अलग वस्तुओं पर वायरस की समय-सीमा अलग-अलग है। जैसे मेटल या स्टील पर वायरस ज्यादा देर तक जिंदा रहता है। इसके अलावा प्लास्टिक पर भी देर तक यह बना रहता है। इसीलिए कहा जा रहा है कि अगर पन्नी में भी सामान लेकर आ रहे हैं तो उसे बाहर ही रखा दें। हाथ धोएं और पन्नी को नष्ट कर दें। कागज पर ये वायरस कम देर तक रहता है लेकिन आप यह पता नहीं कर पाएंगे कि यह इस पर कब आया है इसलिए सावधानी बरतें। 

#3)  ट्रिपल लेयर मास्क क्या है, यह किसके लिए जरूरी है?
मास्क कई तरह के हैं। जैसे अगर आप किसी गमछा, रुमाल, या कपड़े से मुंह, नाक ढक लेते हैं तो बाहर जाने पर सुरक्षित रहेंगे। लेकिन किसी संक्रमित के संपर्क में आ रहे हैं या भीड़ में जा रहे हैं तो उसके लिए ट्रिपर लेयर मास्क की जरूरत होती है। आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों के लिए ट्रिपल मास्क जरूरी है। आम इंसानों के लिए साधारण या घर का बना मास्क ही काफी है। जो डॉक्टर्स कोरोना पीड़ितों के सम्पर्क में हैं उनके लिए एन-95 मास्क जरूरी है।

#4) क्या भारत में कोरोनावायरस की रिकवरी का आंकड़ा बढ़ा है?
अगर कोरोनावायरस का संक्रमण किसी में हो रहा है तो ज्यादातर लोगों में सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह ही यह असर कर रहा है। ऐसे लोग बहुत जल्दी ठीक हो रहे हैं। हां, हमारे यहां ठीक होने में मरीजों को समय लगता है। लेकिन मौत का आंकड़ा दूसरे देशों की तुलना में काफी कम है। यह वायरस केवल पांच प्रतिशत लोगों को ही गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, उसमें भी जिन्हें पहले से कोई बीमारी है या थोड़ा बुजुर्ग हैं।

#5) वायरस से ठीक होकर वापस जाने वाले मरीजों को आसपास के लोग जल्दी स्वीकार नहीं करते?
जो लोग ठीक होकर आ रहे हैं वो तो सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं क्योंकि उनका दो बार टेस्ट होता है, जिसमें वे निगेटिव आते हैं। लेकिन जो सामान्य लोग हैं उनमें ज्यादा खतरा है क्योंकि बार उनमें लक्षण नहीं दिखाई देते। कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लोगों का ठीक हो चुके लोगों के प्रति रवैया बुरा है। कृपया ऐसा न करें।

#6) गांव की तुलना में शहर में वायरस का प्रकोप ज्यादा क्यों है?
जहां-जहां सोशल डिस्टेंसिंग कम है या भीड़-भाड़ वाले शहर हैं, वहां संक्रमण का खतरा ज्यादा है। लेकिन ऐसी जगह, जहां ज्यादा भीड़ नहीं है, लोग एक-दूसरे से दूर हैं वे काफी हद तक सुरक्षित हैं। गांव में ऐसा ही होता है और सोशल डिसटेंसिंग बनी रहती है। इसलिए संक्रमण के मामले वहां कम हैं।

#7) आजकल कैसी डाइट लें जिससे इम्युनिटी बढ़े?
एक दिन में इम्युनिटी नहीं बढ़ती लेकिन अगर रोजाना फल, सब्जी के जूस लें तो रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। डाइट में दूध जरूर शामिल करें। इस दौरान लिक्विड डाइट अधिक लें। बाहर नहीं जा सकते हैं इसलिए घर में भी वर्कआउट करें। घर में भी अधिक तेल वाली चीज या फस्ट फूड न खाएं।

#8) अगर एक कमरे में 5-6 लोग एक साथ रह रहे हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग कैसे करें?
एक कमरे में अगर ज्यादा लोग हैं तो सोशल डिस्टेंसिंग मुश्किल है लेकिन एक घर में रहते हुए सावधानी बरत सकते हैं जिससे संक्रमण न हो। कई लोग साथ में हैं तो मास्क लगाकर रखें, बाहर से आने पर हाथ धोएं। कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। फोन में आरोग्य सेतु ऐप जरूर रखें यह लोगों को कोरोना संक्रमित से अलर्ट करता रहेगा।



Source link

Airtel Best Prepaid Plans Comes With Life Insurance And Amazon Prime Subscription Know About It – Airtel के जबरदस्त प्लान, कॉलिंग और डाटा के साथ मिलेंगे ये खास बेनेफिट्स


ख़बर सुनें

वैसे तो दिग्गज टेलीकॉम कंपनियां अपने साथ ज्यादा-से-ज्यादा यूजर्स को जोड़ने के लिए एक से बढ़कर एक प्लान पेश कर रही हैं, जिनमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ डाटा की सुविधा मिली है। वहीं, अब इस कड़ी में भारती एयरटेल ने उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए अपने प्रीपेड प्लान के साथ कई ऐसे खास बेनिफिट्स ऑफर किए हैं, जो कि दूसरी कंपनियां नहीं दे पा रही हैं। तो आइए जानते हैं एयरटेल के प्रीपेड प्लान के साथ मिलने वाले इन खास बेनेफिट के बारे में विस्तार में…

एयरटेल का 179 रुपये वाला प्लान
एयरटेल अपने यूजर्स को इस प्लान के साथ 2 लाख रुपये का जीवन बीमा ऑफर कर रहा है। यह बीमा भारती एक्सा लाइफ  इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से मिलता है। प्लान में मिलने वाली अन्य सेवा की बात करें तो यूजर्स को इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, 2 जीबी डाटा और 300 एसएमएस मिलेंगे। इसके अलावा कंपनी यूजर्स को हेलो ट्यून और विंक म्यूजिक की सब्सक्रिप्शन मुफ्त में देगी। वहीं, इस पैक की समय सीमा 28 दिनों की है।  

इसे भी पढ़ें: Google Meet से सभी लोग फ्री में कर सकेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, जूम से होगी टक्कर

एयरटेल का 279 रुपये वाला प्लान 
एयरटेल अपने यूजर्स को इस प्लान के साथ 4 लाख रुपये का जीवन बीमा ऑफर कर रहा है। यह बीमा भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से मिलता है। प्लान में मिलने वाली अन्य सेवा की बात करें तो यूजर्स को इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, रोजाना 1.5 जीबी डाटा और 100 एसएमएस मिलेंगे। इसके अलावा कंपनी यूजर्स को हेलो ट्यून और विंक म्यूजिक की सब्सक्रिप्शन मुफ्त में देगी। वहीं, इस पैक की वैधता 28 दिनों की है। 

एयरटेल के इस प्लान में मिलेगी अमेजन प्राइम की सब्सक्रिप्शन
एयरटेल के इस प्लान की कीमत 349 रुपये है। यूजर्स को इस प्लान में अमेजन प्राइम की मुफ्त में सब्सक्रिप्शन मिली है। इसके अलावा कंपनी एयरटेल एक्सट्रीम और विंक म्यूजिक की सब्सक्रिप्शन भी मुफ्त में दे रही है। अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इस प्लान में 28 दिनों की वैधता के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग, रोजाना 2 जीबी डाटा और 100 एसएमएस मिलते हैं। 

नोट : इस प्लान के उपभोक्ताओं को FASTag की खरीदारी करने पर 150 रुपये का कैशबैक मिलेगा। 

वैसे तो दिग्गज टेलीकॉम कंपनियां अपने साथ ज्यादा-से-ज्यादा यूजर्स को जोड़ने के लिए एक से बढ़कर एक प्लान पेश कर रही हैं, जिनमें अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ डाटा की सुविधा मिली है। वहीं, अब इस कड़ी में भारती एयरटेल ने उपभोक्ताओं को लुभाने के लिए अपने प्रीपेड प्लान के साथ कई ऐसे खास बेनिफिट्स ऑफर किए हैं, जो कि दूसरी कंपनियां नहीं दे पा रही हैं। तो आइए जानते हैं एयरटेल के प्रीपेड प्लान के साथ मिलने वाले इन खास बेनेफिट के बारे में विस्तार में…

एयरटेल का 179 रुपये वाला प्लान
एयरटेल अपने यूजर्स को इस प्लान के साथ 2 लाख रुपये का जीवन बीमा ऑफर कर रहा है। यह बीमा भारती एक्सा लाइफ  इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से मिलता है। प्लान में मिलने वाली अन्य सेवा की बात करें तो यूजर्स को इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, 2 जीबी डाटा और 300 एसएमएस मिलेंगे। इसके अलावा कंपनी यूजर्स को हेलो ट्यून और विंक म्यूजिक की सब्सक्रिप्शन मुफ्त में देगी। वहीं, इस पैक की समय सीमा 28 दिनों की है।  

इसे भी पढ़ें: Google Meet से सभी लोग फ्री में कर सकेंगे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, जूम से होगी टक्कर

एयरटेल का 279 रुपये वाला प्लान 
एयरटेल अपने यूजर्स को इस प्लान के साथ 4 लाख रुपये का जीवन बीमा ऑफर कर रहा है। यह बीमा भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से मिलता है। प्लान में मिलने वाली अन्य सेवा की बात करें तो यूजर्स को इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, रोजाना 1.5 जीबी डाटा और 100 एसएमएस मिलेंगे। इसके अलावा कंपनी यूजर्स को हेलो ट्यून और विंक म्यूजिक की सब्सक्रिप्शन मुफ्त में देगी। वहीं, इस पैक की वैधता 28 दिनों की है। 

एयरटेल के इस प्लान में मिलेगी अमेजन प्राइम की सब्सक्रिप्शन
एयरटेल के इस प्लान की कीमत 349 रुपये है। यूजर्स को इस प्लान में अमेजन प्राइम की मुफ्त में सब्सक्रिप्शन मिली है। इसके अलावा कंपनी एयरटेल एक्सट्रीम और विंक म्यूजिक की सब्सक्रिप्शन भी मुफ्त में दे रही है। अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इस प्लान में 28 दिनों की वैधता के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग, रोजाना 2 जीबी डाटा और 100 एसएमएस मिलते हैं। 

नोट : इस प्लान के उपभोक्ताओं को FASTag की खरीदारी करने पर 150 रुपये का कैशबैक मिलेगा। 



Source link

Reliance Industries Head Mukesh Ambani Will Give Up Full Year Salary, Salary Of Employees Will Also Be Reduced By 10 To 50 Percent – पूरे साल का वेतन छोड़ेंगे मुकेश अंबानी, कर्मचारियों की सैलरी में भी 10 से 50 फीसदी कटौती होगी


ख़बर सुनें

कोरोना वायरस संकट के असर से देश के सबसे अमीर व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी भी अछूते नहीं रहे। अंबानी ने अपने पूरे साल का वेतन छोड़ने का निर्णय किया है। वहीं कंपनी के ज्यादातर कर्मचारियों के वेतन में भी 10 से 50 फीसदी तक कटौती करने का फैसला किया गया है।

रिफाइनरी से लेकर दूरसंचार क्षेत्र तक विविध काम करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में यह जानकारी दी। इसके साथ ही कंपनी ने कर्मचारियों का सालाना बोनस भी टाल दिया है जो सामान्यत: वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिया जाता है।

संदेश में लिखा है, ‘हमारे हाइड्रोकार्बन कारोबार पर काफी दबाव है। इसलिए हमें अपनी लागत को युक्तिसंगत बनाना होगा और हम सभी क्षेत्रों में लागत कटौती कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति की मांग है कि हम अपनी परिचालन लागत और तय लागत हो युक्ति संगत बनाएं और सभी को इसमें योगदान करने की जरूरत है।’

अंबानी अपने पूरे साल का 15 करोड़ रुपये का वेतन छोड़ रहे हैं। कार्यकारी निदेशक, कार्यकारी समिति के सदस्यों समेत रिलायंस के निदेशक मंडल के सदस्यों का वेतन 30 से 50 फीसदी तक काटा जाएगा।

जिन कर्मचारियों का पैकेज 15 लाख रुपये से कम है उनके वेतन में कोई कटौती नहीं जाएगी। लेकिन इससे ऊपर की आय वालों के वेतन में 10 फीसदी की कटौती होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख के तौर पर अंबानी सालाना 15 करोड़ रुपये का वेतन लेते हैं। उनके वेतन में 2008-09 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सार

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) जारी है। इसकी वजह से कल-कारखाने, उड़ानें, रेल, सड़क परिवहन, लोगों की आवाजाही, कार्यालय और सिनेमाघर आदि सब बंद हैं। लोग घरों में बंद हैं। इससे बाजार में मांग प्रभावित हुई है और इसका असर कारोबारों पर हो रहा है। रिलायंस का रिफाइनरी कारोबार इससे बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कंपनी की विभिन्न इकाइयों के प्रमुखों ने कर्मचारियों को वेतन कटौती की जानकारी वाला संदेश भेजा है। संदेश के मुताबिक कंपनी लगातार आर्थिक और कारोबारी हालात की समीक्षा करेगी और अपनी आय बढ़ाने के जरिए तलाशेगी।

विस्तार

कोरोना वायरस संकट के असर से देश के सबसे अमीर व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी भी अछूते नहीं रहे। अंबानी ने अपने पूरे साल का वेतन छोड़ने का निर्णय किया है। वहीं कंपनी के ज्यादातर कर्मचारियों के वेतन में भी 10 से 50 फीसदी तक कटौती करने का फैसला किया गया है।

रिफाइनरी से लेकर दूरसंचार क्षेत्र तक विविध काम करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में यह जानकारी दी। इसके साथ ही कंपनी ने कर्मचारियों का सालाना बोनस भी टाल दिया है जो सामान्यत: वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिया जाता है।
संदेश में लिखा है, ‘हमारे हाइड्रोकार्बन कारोबार पर काफी दबाव है। इसलिए हमें अपनी लागत को युक्तिसंगत बनाना होगा और हम सभी क्षेत्रों में लागत कटौती कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति की मांग है कि हम अपनी परिचालन लागत और तय लागत हो युक्ति संगत बनाएं और सभी को इसमें योगदान करने की जरूरत है।’

अंबानी अपने पूरे साल का 15 करोड़ रुपये का वेतन छोड़ रहे हैं। कार्यकारी निदेशक, कार्यकारी समिति के सदस्यों समेत रिलायंस के निदेशक मंडल के सदस्यों का वेतन 30 से 50 फीसदी तक काटा जाएगा।

जिन कर्मचारियों का पैकेज 15 लाख रुपये से कम है उनके वेतन में कोई कटौती नहीं जाएगी। लेकिन इससे ऊपर की आय वालों के वेतन में 10 फीसदी की कटौती होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख के तौर पर अंबानी सालाना 15 करोड़ रुपये का वेतन लेते हैं। उनके वेतन में 2008-09 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है।



Source link

गृह मंत्रालय का राज्यों को दिशानिर्देश, कहा- सुनिश्चित करें सामान ढोने वाले वाहनों को आने-जाने में न हो परेशानी | MHA to States Ensure free movement of trucks goods carriers incl empty trucks | nation – News in Hindi


गृह मंत्रालय का राज्यों को निर्देश, कहा-सामान ढोने वाले वाहनों को आने-जाने में न हो परेशानी

लॉकडाउन के दौरान सामान ले जा रहे ट्रकों को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्यों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की ओर से राज्यों को कहा गया है कि वह ट्रक, सामान ले जाने वाले वाहन यहां तक कि खाली ट्रकों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करें.

नई दिल्ली. गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने ट्रकों और सामान को लाने ले जाने का काम कर रहे वाहनों के लिए नए दिशानिर्देश (New Guidelines) जारी किए हैं. गृह मंत्रालय की ओर से राज्यों को कहा गया है कि वह ट्रक, सामान ले जाने वाले वाहन यहां तक कि खाली ट्रकों की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करें.

राज्यों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन देश भर में अंतर-राज्य की सीमाओं पर अलग-अलग पास पर जोर नहीं दे. राज्यों से कहा गया है कि देश में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है.

गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सभी ट्रकों और अन्य सामान ढोने वाले वाहनों को दो ड्राइवर और एक हेल्पर और वैध लाइसेंस के साथ सामान लाने और ले जाने की अनुमति है.

कई जगहों पर ड्राइवरों को हो रही थी परेशानी

ये संज्ञान में आया है कि देश में कई जगहों पर अंतरराज्यीय सीमाओं पर ट्रकों की आवाजाही ठीक से नहीं हो पा रही है और स्थानीय प्रशासन उनसे सेप्रेट पास मांग रहा है. जबकि इस मामले को पहले ही 3 अप्रैल और 12 अप्रैल को जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया जा चुका है. इसे फिर से ऊपर दिए गए दिशानिर्देशों के हिसाब से दोहराया जा रहा है कि ट्रकों और गुड्स कैरियर के लिए सेप्रेट पास की आवश्यकता नहीं है.

गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ये सुनिश्चित करें कि जिला प्रशासन और फील्ड एजेंसियों को इन दिशानिर्देशों की जानकारी दी जाए जिससे इस विषय में जमीनी स्तर पर किसी भी प्रकार की कोई अस्पष्टता की स्थिति न पैदा हो और ट्रकों, सामान ढोने वाले वाहनों और खाली ट्रकों की मुक्त आवाजाही जारी रह सके.

ये भी पढ़ें :-

देश में कोरोना केस 11 दिन में हो रहे दोगुने, कुछ राज्‍यों में दर 20 से 40 दिन

लॉकडाउन के बीच अब आपके घर तक सामान पहुंचाएगी सरकार, कर सकेंगे ऑनलाइन ऑर्डर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First published: April 30, 2020, 6:38 PM IST





Source link

West Bengal 10th Exam Result 2020 Date – West Bengal 10th exam result 2020: जानें कब जारी होंगे परिणाम, यहां पढ़ें


West Bengal 10th exam result 2020: पश्चिम बंगाल 10 वीं परीक्षा परिणाम 2020 जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे। परिणाम घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर…

West Bengal 10th exam result 2020: पश्चिम बंगाल 10 वीं परीक्षा परिणाम 2020 जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे। परिणाम घोषित होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर और नाम के अनुसार मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे। हालांकि लॉकडाउन हटा लेने और सामान्य स्थिति होने के बाद परिणाम घोषित करने की तारीख तय की जाएगी। यह बात शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कही।

मूल्यांकन प्रक्रिया तीव्र गति से की जा रही है और एक बार यह पूरी हो जाने के बाद बाकी प्रक्रिया सामान्य होने के बाद ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं के मामले में, उन्होंने कहा कि शेष दो पेपर 10 जून के बाद होंगे। कक्षा 12 की लंबित परीक्षाओं को आयोजित करना हमारी प्राथमिकता है।

परिणाम ऐसे करें डाउनलोड
विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें। आगे की टैब में विद्यार्थी को रोल नंबर संबंधी मांगी गई जानकारी भरकर सबमिट करनी होगी। मांगी गई जानकारी भरकर सबमिट करने के साथ ही परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देंगे, जिन्हे डाउनलोड या प्रिंट ले सकते हैं।









Source link

Gangs Using Pizza Boxes, Take-Aways To Home Deliver Drugs Amid Lockdown


Gangs Using Pizza Boxes, Take-Aways To Home Deliver Drugs Amid Lockdown

Interpol issued “purple notice” to warn 194 member agencies of “new modus operandi” (Representational)

Paris:

Criminal gangs are using fast-food couriers to deliver recreational drugs to people confined at home because of coronavirus lockdowns, policing agency Interpol said Thursday.

Cocaine, marijuana, ketamine and ecstasy are among the drugs being moved in pizza boxes or other takeaway containers in countries including Ireland, Malaysia, Spain and Britain, Interpol said in a statement.

The agency issued a “purple notice” to warn its 194 member agencies of “this new modus operandi” involving couriers using bikes, motorcycles or cars.

With drug buyers and their dealers under lockdown along with the rest of society in many countries, some drivers are using this time to make a quick buck, while in some cases dealers simply posed as couriers.

Others were unwitting mules.

“In one Malaysian case, a food delivery rider in the Gombak district of Kuala Lumpur contacted police and asked for his food package to be inspected after he became suspicious,” Interpol said.

“The rider had been tasked with delivering a single order of Indian flatbread yet the parcel weighed approximately 11 kilogrammes (20 pounds).”

In Spain, seven people posing as delivery drivers were arrested in Alicante and Valencia after drugs were found concealed in the false bottoms of home delivery backpacks.

In Ireland, police found eight kilogrammes of cocaine and two handguns hidden in pizza boxes.

“Country-wide lockdowns have sharply increased demand for home delivered food and delivery drivers are a common sight on otherwise deserted streets,” Interpol said.

This provides the perfect cover for home drug deliveries.

“As criminals continue to adapt their activities to a world upended by COVID-19, Interpol’s purple notices are essential tools in enabling police around the world to learn from each other’s successes and address shifting crime patterns,” said Stephen Kavanagh, the agency’s executive director of police services.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



Source link

It Is Propaganda Said India On Social Media Posts Alleging Harassment Of Muslims – सोशल मीडिया पोस्ट में मुस्लिमों के उत्पीड़न का आरोप, भारत ने कहा- यह दुष्प्रचार है


भारत में मुस्लिम समुदाय के उत्पीड़न और अत्याचार किए जाने के सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को केंद्र सरकार ने सिरे खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों पर कहा है कि यह दुष्प्रचार के अलावा और कुछ नहीं है। दरअसल, अरब देशों से कुछ ट्विटर हैंडल से की जा रही पोस्ट में आरोप लगाए जा रहे थे कि भारत में मुस्लिम समुदाय का उत्पीड़न किया जा रहा है।

केंद्र सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को ‘दुष्प्रचार’ करार दिया कि भारत के अनेक हिस्सों में मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि खाड़ी देश भारत से मित्रवत संबंधों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और वे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का समर्थन नहीं करते।

उन्होंने क्षेत्र के साथ भारत के करीबी और पारंपरिक संबंधों के बारे में बात करते हुए कहा कि देश गहन दोस्ती के चलते रमजान के दौरान इस क्षेत्र को खाद्य सामग्रियों और जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति कर रहा है।

उन्होंने कहा कि खाड़ी के कई देश तो कोविड-19 से उबरने के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए भारत से विचार-विमर्श करना चाह रहे हैं। श्रीवास्तव ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि संबंधित पक्षों का दुष्प्रचार ज्यादा दिखाई देता है। इन देशों के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों को परिभाषित करने के लिए ऐसे अनाधिकारिक ट्वीट का सहारा नहीं लिया जा सकता है।

बता दें कि भारत के अनेक हिस्सों में कोविड-19 फैलने के लिए तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों के बाद अरब के कई देशों से सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नाराजगी जाहिर की थी।

हाल ही में इस्लामी सहयोग संगठन ने भी भारत पर इस्लाम को लेकर डर पैदा करने का आरोप लगाया था, इसे भारत ने खेदजनक बताते हुए खारिज किया था। वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर क्षेत्र में अपने-अपने समकक्षों के साथ सतत संपर्क में हैं।

श्रीवास्तव ने कहा कि इन बातचीतों में इन देशों को दवाएं और चिकित्सा दल भेजने के अनुरोध होते रहे हैं। हमने पहले ही कुवैत में त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किया है। भारत से डॉक्टरों और नर्सों को भी भेजने का अनुरोध प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि ये देश भारत के साथ दोस्ताना संबंधों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। वे भारत के आंतरिक विषयों में दखलंदाजी का भी समर्थन नहीं करते। इसलिए महत्वपूर्ण है कि हमारे संबंधों की दोस्ताना और सहयोगात्मक प्रकृति को सही से पहचाना जाए और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को महत्व नहीं दिया जाए।

भारतीय श्रमिकों को निशाना नहीं बनाया
वहीं दूसरी ओर ओमान में वहां के वित्त मंत्रालय के सभी सरकारी कंपनियों को विदेशी कामगारों की जगह कुशल स्थानीय ओमानी लोगों को लगाने का आदेश जारी किए जाने संबंधों के बारे में पूछने पर श्रीवास्तव ने कहा कि यह भारतीय श्रमिकों को निशाना बनाकर नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह नीति दशकों पुरानी है और भारत के संबंध में नहीं है। इसमें कहीं भी भारतीयों को निशाना नहीं बनाया गया है। बता दें कि इन खबरों से आशंका व्यक्त की जाने लगी है कि ओमान में इस आदेश के बाद सरकारी कंपनियों में काम कर रहे हजारों भारतीय बेरोजगार हो सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वह देश भारत के साथ संबंधों को अत्यंत महत्व देता है। ओमान सरकार भारतीयों की विशेष देखभाल कर रही है जिसमें कोरोना वायरस के लिए निशुल्क जांच, उपचार, खाना मुहैया कराना आदि शामिल हैं। ओमान सरकार भारतीयों को कुछ श्रेणियों में वीजा भी दे रही है।



Source link

Ipl 2019 Virat Kohli Gautam Gambhir Rcb Sd | गौतम को विराट का ‘गंभीर जवाब, ‘बाहर बैठे लोगों के बयान की परवाह नहीं’

गौतम को  विराट का


गौतम को  विराट का 'गंभीर जवाब, 'बाहर बैठे लोगों के बयान की परवाह नहीं



विराट कोहली ने गौतम गंभीर की टिप्पणी के संबंध में शुक्रवार को पूर्व सलामी बल्लेबाज का नाम लिए बिना कहा कि अगर वह यह सोचने लगे कि बाहर बैठे लोग क्या कह रहे हैं तो वह घर पर बैठे होते.

गंभीर की टिप्पणी के बारे में कोहली ने कहा, ‘निश्चित रूप से आप आईपीएल जीतना चाहते हो. मैं वही कर रहा हूं जो मुझसे करने की उम्मीद की जाती है. मैं परवाह नहीं करता कि मेरे आईपीएल जीतने या नहीं जीतने पर आलोचना की जायेगी। आप किसी भी तरह की सीमायें नहीं बनाते। मैं कोशिश करता हूं कि अपना सर्वश्रेष्ठ करूं, जितना कर सकता हूं. मैं सभी संभावित खिताब जीतना चाहता हूं, लेकिन कभी कभार ऐसा नहीं होता.’

कोहली ने कहा, ‘हमें इसके बारे में व्यवहारिक होना चाहिए कि हम ऐसा क्यों नहीं कर सके. ऐसा दबाव भरे हालत में खराब फैसले करने से हुआ. अगर मैं बाहर बैठे लोगों की तरह सोचने लगूं तो मैं पांच मैच तक भी नहीं खेल सकूंगा और मैं घर पर बैठा होता.’

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने यह भी उन्हें आईसीसी विश्व कप के लिये फिट और तरोताजा रहने के लिए आईपीएल के एक या दो मैचों में बाहर बैठने में कोई गुरेज नहीं है.
कोहली से जब पूछा गया कि क्या वह थकान से बचने के लिए एक या दो मैच में बाहर बैठ सकते हैं तो उन्होंने कहा, ‘हां, यह बड़ी संभावना है. क्यों नहीं.’
उन्होंने कहा, ‘यह खुद की जिम्मेदारी है. यह खिलाड़ियों पर निर्भर करता है कि वे जहां तक संभव हो संबंधित लोगों को किसी भी चोट की सूचना दें और योजना के अनुसार काम करें.





Source link

ayushman bharat diwas what is ayushman bharat yojana how it works pur | health – News in Hindi


Ayushman Bharat Diwas: क्या है आयुष्मान भारत योजना, कैसे करती है ये काम

आयुष्मान भारत दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के बारे में जागरूकता पैदा करने के साथ ही सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना डेटाबेस को सत्यापित और अपडेट करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाता है.

केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश के निम्न आय वाली एक बड़ी आबादी के प्रत्येक परिवार को हर साल पांच लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सुविधा निशुल्क दी जाती है.

आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य देशवासियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना और उनकी लंबी आयु की कामना करना है. योजना के नाम से ही इसका उद्देश्य साफ नजर आता है. इस योजना को प्रत्येक वर्ष 30 अप्रैल को देश में आयुष्मान भारत दिवस के रूप में मनाया जाता है. दरअसल दो साल पहले 2018 में आज ही के दिन देश में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत हुई थी. केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश के निम्न आय वाली एक बड़ी आबादी के प्रत्येक परिवार को हर साल पांच लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सुविधा निशुल्क दी जाती है. दुनिया के दूसरे देश भी भारत की इस स्वास्थ्य योजना का लोहा मानती है.

आयुष्मान भारत योजना देश के गरीब वर्ग के लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है और लोग इसका लाभ ले पा रहे हैं. आयुष्मान भारत दिवस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के बारे में जागरूकता पैदा करने के साथ ही सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना डेटाबेस को सत्यापित और अपडेट करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाता है. हालांकि इस बार देश में जारी लॉकडाउन के कारण बहुत सारे कार्यक्रम संभव नहीं हो पा रहे हैं. देशभर के स्वास्थ्यकर्मी फिलहाल कोरोना के खिलाफ जंग में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों खासतौर पर बीपीएल कार्डधारकों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है.

कब शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना 
21 मार्च 2018 को केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन शुरू करने की मंजूरी दी थी और 30 अप्रैल 2018 से इसकी शुरुआत कर दी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में इस योजना का शुभारंभ किया था जिसके माध्यम से 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों के लगभग 50 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का दावा किया गया है. इस योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को पांच लाख तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है. इसके तहत बेहद गंभीर बीमारियों को भी इलाज के लिए बीमा कवर में शामिल किया गया है.दरअसल राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ही आयुष्मान भारत योजना में तब्दील हो चुकी है जिसके तहत केंद्र सरकार 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों के लगभग 50 करोड़ सदस्यों का स्वास्थ्य बीमा कवर कर रही है. यह योजना हर परिवार के लिए प्रत्येक साल 5 लाख की धनराशि तक को अस्पताल में देखभाल के लिए कवर करती है. आपको बता दें कि इस योजना का लाभ पूरे देश में कहीं भी सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है.

यह योजना कल्याण केंद्र योजना से भी जुड़ी है जिसके तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र में दी जाने वाली सेवाओं को शामिल किया गया है. इसमें निम्नलिखित योजनाएं शामिल हैं.

गर्भावस्था देखभाल और स्वास्थ्य सेवाएं
नवजात और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
बाल स्वास्थ्य संक्रामक रोग

मानसिक बीमारी के लिए आपातकालीन चिकित्सा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए हेल्थ & फिटनेस से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.


First published: April 30, 2020, 3:49 PM IST





Source link

Isro Communication Satellite Gsat 7a On Board Gslv F11 Launched At Satish Dhawan Space Centre In Sriharikota Ta | ISRO ने लॉन्च किया GSAT-7A सैटेलाइट, वायुसेना के लिए होगा मददगार


ISRO ने लॉन्च किया GSAT-7A सैटेलाइट, वायुसेना के लिए होगा मददगार



भारतीय अंतरीक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार शाम 4 बजकर 10 मिनट पर जियोस्टेशनरी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-7A को श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्च किया. इसे GSLV-F11 के जरिए लॉन्च किया गया.

जीसैट-7A सैटेलाइट का वजन करीब 2,250 किलोग्राम है. इसरो ने कहा कि जीसैट-7ए का निर्माण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने किया है और इसका जीवन आठ वर्ष है. यह भारतीय क्षेत्र में केयू-बैंड के उपयोगकर्ताओं को संचार क्षमताएं मुहैया कराएगा. इसी के साथ ये भी बतायाजा रहा है कि ये सैटेलाइट वायुसेना को समर्पित होगा, जो वायु शक्ति को और ज्यादा मजबूती देगा.

जीएसएलवी एफ-11 जीसैट-7A को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (जीटीओ) से छोड़ा गया और उसे ऑनबोर्ड प्रणोदन प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए फाइनल जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. जीएसएलवी-एफ11 इसरो की चौथी पीढ़ी का लॉन्चिंग वेहिकल है.

इससे पहले सबसे भारी सैटेलाइट जीसैट-11 हुई लॉन्च

इससे पहले ISRO ने भारत के सबसे भारी सैटेलाइट जीसैट-11 को एरिएयनस्पेस रॉकेट की मदद से सफलता पूर्वक लॉन्च किया था. इसरो के प्रमुख के सिवन ने सफल प्रक्षेपण के बाद कहा, ‘भारत द्वारा निर्मित अब तक के सबसे भारी, सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली उपग्रह का एरियन-5 के जरिए सफल प्रक्षेपण हुआ.’ उन्होंने कहा कि जीसैट-11 भारत की बेहरीन अंतरिक्ष संपत्ति है.

करीब 5854 किलोग्राम वजन के जीसैट-11 का निर्माण इसरो ने किया है. यह इसरो निर्मित सबसे ज्यादा वजन का उपग्रह है. जीसैट-11 अगली पीढ़ी का ‘हाई थ्रोपुट’ का संचार उपग्रह है जिसका विन्यास इसरो के आई-6के के इर्दगिर्द किया गया है. यह 15 साल से ज्यादा समय तक काम आएगा.





Source link

Economy News In Hindi : Reliance Jio gets Rs 2,331 crore profit, RIL to raise Rs 104,000 crore by first quarter | रिलायंस जियो को 2,331 करोड़ रुपए का मुनाफा, आरआईएल पहली तिमाही तक जुटाएगी 104,000 करोड़ रुपए


  • रिलायंस जियो की कुल आय 14,385 करोड़ रुपए रही
  • सउदी अरामको की डील ट्रैक पर, ड्यू डिलिजेंस जारी

दैनिक भास्कर

Apr 30, 2020, 09:55 PM IST

मुंबई. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने गुरुवार को जारी फाइनेंशियल रिजल्ट के दौरान बताया कि 2020 के जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी को 6,348 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। जबकि पिछली तिमाही में कंपनी को 11,640 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वहीं पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी को 10,362 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। मार्च तिमाही में कंपनी की आय 136,000 करोड़ रुपये रही जो पिछली तिमाही में 152,939 करोड़ रुपये रही थी। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो को चौथी तिमाही में 2,331 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। इसी अवधि में जियो की आय 14,385 करोड़ रुपए रही है।

रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स कारोबार की आय घटी

तिमाही आधार पर कंपनी की पेट्रोकेमिकल्स कारोबार से होनेवाली आय 36,909 करोड़ रुपये से घटकर 32,206 करोड़ रुपये पर आ गई है। चौथी तिमाही में कंपनी की रिफाइनिंग कारोबार से होनेवाली आय पिछली तिमाही के 1.03 लाख करोड़ रुपये से घटकर 84,854 करोड़ रुपये रही है।

रिटेल एबिट मार्जिन बढ़ा

इसी अवधि में रिफाइनिंग एबिट 6,808 करोड़ रुपये से घटकर 6,614 करोड़ रुपये और रिफाइनिंग एबिट मार्जिन 6.6 फीसदी से बढ़कर 7.8 फीसदी रही है। चौथी तिमाही में कंपनी की रिटेल कारोबार से होनेवाली आय पिछली साल की चौथी तिमाही के 36,663 करोड़ रुपये से बढ़कर 38,211 करोड़ रुपये रही है। तिमाही में कंपनी की रिटेल एबिट 1923 करोड़ रुपये से बढ़कर 2556 करोड़ रुपये रहा है। वहीं रिटेल एबिट मार्जिन पिछले साल के 5.2 फीसदी से बढ़कर 7 फीसदी रही है।

104,000 करोड़ रुपए की जुटाएगी पूंजी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की प्रति शेयर आय यानी ईपीएस में 42.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह 17.5 रुपए प्रति शेयर से घटकर 10 रुपए पर आ गया है। कंपनी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21की पहली तिमाही तक राइट इश्यू, फेसबुक के निवेश और बीपी द्वारा किए गिए निवेश को कुल मिलाकर 104,000 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाने की योजना को पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही सउदी अरामको के साथ डील को लेकर ड्यू डिलिजेंस ट्रैक पर है।



Source link

Pakistani spy, army issued instructions to target Indian soldiers with Arogyasetu app | आरोग्य सेतु ऐप से भारतीय जवानों को निशाना बनाने की ताक में पाकिस्तानी जासूस, सेना ने जारी किए निर्देश


  • आरोग्य सेतु की डिजाइन का ही ऐप विकसित किया, जवानों का फोन हैक करने की कोशिश 
  • भारतीय जवानों के वॉट्सएप ग्रुप पर पाकिस्तान ने फेक ऐप आरोग्यसेतु.एपीके भेजा

दैनिक भास्कर

May 01, 2020, 02:23 AM IST

नई दिल्ली. पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। अब वह जवानों के मोबाइल हैक करके जानकारियां निकालना चाहता है। इसके लिए वह आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल कर रहा है। इसे लेकर भारतीय सेना की ओर से चेतावनी जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि पाकिस्तान आरोग्य सेतु ऐप की डिजाइन के फेक मैलिसियस (वायरस युक्त) एप्लिकेशन बना रहा है, ताकि वह भारतीय जवानों के फोन हैक कर सके।

सेना ने कहा कि पाकिस्तान ने आरोग्य सेतु.एपीके नाम का फेक ऐप विकसित किया है। यह ऐप भारतीय जवानों के वॉट्सएप ग्रुप में पाकिस्तान के इंटेलीजेंस ऑपरेटर्स की ओर से भेजा गया है। आर्मी के वरिष्ठ सूत्रों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि पाकिस्तानी एजेंसियां भारतीय नामों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर भारतीय सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाती है। 

अनुष्का चोपड़ा’ के नाम से बना फर्जी अकाउंट
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी इंटेलीजेंस ने ‘अनुष्का चोपड़ा’ नाम से फर्जी अकाउंट बनाया है। इससे भी भारतीय सुरक्षा कर्मियों को मैलिसियस एप्लीकेशन भेजे जा रहे हैं। सेना ने अपनी चेतावनी में जवानों को ऐप डाउनलोड करते समय अधिक सतर्क रहने को कहा है। सेना ने कहा है कि आरोग्यसेतु ऐप केवल सरकारी वेबसाइट (mygov.in) या एंड्रायड प्लेस्टोर और आईओएस एप्पल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। कोरोनावायरस संक्रमण के चलते सभी सुरक्षा बलों के जवानों से आरोग्यसेतु एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा गया है। यह ऐप सरकारी एजेंसियों ने विकसित किया है और लगभग सभी सरकारी कर्मचारी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। 

इस तरह से सेंध लगाता है फेक ऐप

फेक ऐप डाउनलोड होने के बाद यूजर से कई अन्य तरह के एप्लीकेशन पैकेज इंस्टॉल करने की इजाजत मांगता है। यस क्लिक करते ही यह आपके फोन में मौजूद सारी जानकारियों तक पहुंच जाता है। ये जानकारियां पाकिस्तान में बैठी इंटेलीजेंस टीम तक पहुंच जाती है।



Source link

Anand Kumar Urges The Government, Says Channel – ‘doordarshan Education’ Starts – सरकार से आनंद कुमार ने किया आग्रह, कहा चैनल ‘दूरदर्शन शिक्षा’ हो शुरू


एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 30 Apr 2020 07:53 PM IST

ख़बर सुनें

सुपर 30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आग्रह किया है कि वे समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित छात्रों के लिए एक 24×7 शिक्षा चैनल दूरदर्शन शिक्षा शुरू करें। अब भी COVID-19 लॉकडाउन के दौरान कुछ छात्र-छात्राएं ऑनलाइन सीखने की सुविधा से वंछित हैं।

बता दें कि आनंद कुमार अपने अत्यंत सफल और प्रसिद्ध सुपर 30 कार्यक्रम के लिए जाना जाता है। ये अभूतपूर्व सफलता के साथ IIT-JEE प्रवेश परीक्षा के लिए हर साल वंचित वर्गों के 30 छात्रों को शिक्षा देते हैं। कुमार ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से एक विशेष शिक्षा चैनल की मांग की है और कहा है कि डीडी देश भर के छात्रों के लिए बहुत मददगार होगा।

दुनिया के बाकी देशों की तरह, भारत COVID-19 महामारी के कारण एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट से जूंझ रहा है। इसके लिए सरकार ने लॉकडाउन का दूसरा चरण लागू कर दिया है। लेकिन इससे हमारे छात्रों की शिक्षा में भारी नुकसान हो रहा है।

हालांकि कई संस्थान ऑनलाइन साधनों को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छात्रों के एक बड़े हिस्से की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में यह कोशिश कारगर नहीं है।

कुमार ने मानव संसाधन विकास मंत्री से दूरदर्शन का विशिष्ट 24×7 शिक्षा चैनल शुरू करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा हा कि “मैं आमतौर पर अप्रैल में अगले बैच के चयन की प्रक्रिया शुरू करता हूं लेकिन इस बार देरी के कारण ये संभव नहीं हो पाया। मैं विभिन्न माध्यमों से अलग अलग कक्षाओं का संचालन कर रहा हूं। अगले बैच के चयन को लेकर जल्द ही उचित समाधान लेकर आऊंगा।”

सुपर 30 के संस्थापक और गणितज्ञ आनंद कुमार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आग्रह किया है कि वे समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित छात्रों के लिए एक 24×7 शिक्षा चैनल दूरदर्शन शिक्षा शुरू करें। अब भी COVID-19 लॉकडाउन के दौरान कुछ छात्र-छात्राएं ऑनलाइन सीखने की सुविधा से वंछित हैं।

बता दें कि आनंद कुमार अपने अत्यंत सफल और प्रसिद्ध सुपर 30 कार्यक्रम के लिए जाना जाता है। ये अभूतपूर्व सफलता के साथ IIT-JEE प्रवेश परीक्षा के लिए हर साल वंचित वर्गों के 30 छात्रों को शिक्षा देते हैं। कुमार ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से एक विशेष शिक्षा चैनल की मांग की है और कहा है कि डीडी देश भर के छात्रों के लिए बहुत मददगार होगा।
दुनिया के बाकी देशों की तरह, भारत COVID-19 महामारी के कारण एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट से जूंझ रहा है। इसके लिए सरकार ने लॉकडाउन का दूसरा चरण लागू कर दिया है। लेकिन इससे हमारे छात्रों की शिक्षा में भारी नुकसान हो रहा है।

हालांकि कई संस्थान ऑनलाइन साधनों को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन छात्रों के एक बड़े हिस्से की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में यह कोशिश कारगर नहीं है।

कुमार ने मानव संसाधन विकास मंत्री से दूरदर्शन का विशिष्ट 24×7 शिक्षा चैनल शुरू करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा हा कि “मैं आमतौर पर अप्रैल में अगले बैच के चयन की प्रक्रिया शुरू करता हूं लेकिन इस बार देरी के कारण ये संभव नहीं हो पाया। मैं विभिन्न माध्यमों से अलग अलग कक्षाओं का संचालन कर रहा हूं। अगले बैच के चयन को लेकर जल्द ही उचित समाधान लेकर आऊंगा।”



Source link

Group Of Seven Countries Discuss Strategies To Accelerate Economic Activity After Lockdown


G7 Ministers Discuss Strategies To Accelerate Economic Activity After Lockdown

Steven Mnuchin spoke with Canada, France, Germany, Italy, Japan, Britain, the EU and the Eurogroup

WASHINGTON:

Finance ministers from the Group of Seven (G7) countries on Thursday discussed strategies to accelerate economic activity once they reopened after sweeping lockdowns aimed at containing the coronavirus pandemic, the U.S. Treasury said.

US Treasury Secretary Steven Mnuchin and his counterparts from the other G7 countries also discussed the importance of foreign direct investment and use of investment screening mechanisms to identify national security risks, a department spokesperson said.

Mnuchin spoke with top finance officials of Canada, France, Germany, Italy, Japan, Britain, the European Union and the Eurogroup by telephone early Thursday to continue coordinating “timely and effective actions” in response to the economic fallout of the pandemic, the spokesperson said in a statement.

No further details were immediately available. Washington currently leads the G7 group.

Even before the pandemic, the United States and Europe had tightened regulations on oversight of foreign direct investment, alarmed by aggressive moves by China and Chinese entities to buy potentially strategic assets.

Japanese Finance Minister Taro Aso said the G7 officials agreed on the need for policy coordination to achieve a global recovery, but gave no details. 

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



Source link

No Olympic Qualifiers In 2020 Announced World Archery – कोरोना का प्रकोप: इस साल कोई ओलंपिक क्वालीफायर नहीं, विश्व तीरंदाजी रैंकिंग पर भी रोक

No Olympic qualifiers in 2020 announced World Archery


स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 01 May 2020 12:25 AM IST

ख़बर सुनें

विश्व तीरंदाजी ने गुरुवार को यह फैसला लिया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल कोई ओलंपिक क्वालीफायर नहीं होगा और विश्व रैंकिंग पर भी रोक लगा दी। विश्व तीरंदाजी ने अगस्त के आखिर तक के लिए सारे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट स्थगित कर दिए। इस साल के आखिरी कुछ महीनों के लिए कैलेंडर भी तैयार किया गया है।

विश्व तीरंदाजी ने एक बयान में कहा, ‘इस साल आगे कोई ओलंपिक क्वालीफायर नहीं होंगे। सभी 2021 में होंगे। विश्व रैंकिंग पर भी रोक लगा दी गई है।’ पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 30 अप्रैल तक स्थगित किए गए थे जो बाद में 30 जून तक और फिर 31 अगस्त तक स्थगित कर दिए गए।

बयान में कहा गया, ‘विश्व तीरंदाजी के कार्यकारी बोर्ड ने सभी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं 31 अगस्त 2020 तक के लिए टाल दी हैं। कोरोना महामारी के कारण लागू प्रतिबंध हटने की दशा में आखिरी कुछ महीनों का कैलेंडर बनाया गया है बशर्ते हालात सुरक्षित हो।’

इसमें कहा गया कि दो महीने से कम के नोटिस पर कोई टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा। इसने यह भी कहा कि एक जुलाई से वह सारे राष्ट्रीय टूर्नामेंटों को मान्यता देगा बशर्ते वे स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाए।

विश्व तीरंदाजी ने गुरुवार को यह फैसला लिया कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल कोई ओलंपिक क्वालीफायर नहीं होगा और विश्व रैंकिंग पर भी रोक लगा दी। विश्व तीरंदाजी ने अगस्त के आखिर तक के लिए सारे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट स्थगित कर दिए। इस साल के आखिरी कुछ महीनों के लिए कैलेंडर भी तैयार किया गया है।

विश्व तीरंदाजी ने एक बयान में कहा, ‘इस साल आगे कोई ओलंपिक क्वालीफायर नहीं होंगे। सभी 2021 में होंगे। विश्व रैंकिंग पर भी रोक लगा दी गई है।’ पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 30 अप्रैल तक स्थगित किए गए थे जो बाद में 30 जून तक और फिर 31 अगस्त तक स्थगित कर दिए गए।
बयान में कहा गया, ‘विश्व तीरंदाजी के कार्यकारी बोर्ड ने सभी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं 31 अगस्त 2020 तक के लिए टाल दी हैं। कोरोना महामारी के कारण लागू प्रतिबंध हटने की दशा में आखिरी कुछ महीनों का कैलेंडर बनाया गया है बशर्ते हालात सुरक्षित हो।’

इसमें कहा गया कि दो महीने से कम के नोटिस पर कोई टूर्नामेंट नहीं खेला जाएगा। इसने यह भी कहा कि एक जुलाई से वह सारे राष्ट्रीय टूर्नामेंटों को मान्यता देगा बशर्ते वे स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाए।



Source link

Hair Growth Drink: Drink Almond Banana Smoothie For Longer And Stronger Hair (Recipe Inside)


Both almonds and bananas are great for hair health.

Highlights

  • Consuming healthy foods help promote hair growth.
  • This almond and bananas smoothie is perfect for your hair diet.
  • Both almonds and bananas are rich in biotin and other vital nutrients.

Who doesn’t want to have gorgeous, healthy hair to flaunt? They say good hair instantly makes you look good. Unless, you are blessed with good genes and have naturally long, healthy mane, you have to work hard to attain those beautiful locks you see your favourite celebrities with. A healthy diet with hair-friendly foods is a sure-shot way of getting the hair you always dreamt of. This almond banana smoothie is one drink that will surely help you reach your goal.

Biotin compound plays a significant role in keeping hair healthy. Biotin is a water-soluble vitamin of B complex that helps promote hair growth and prevents hair loss too. Both almonds and bananas are rich in biotin, making them ideal for this hair potion in the form a smoothie that is delicious and wholesome for breakfast.

(Also Read: 7 Foods for Hair Growth You Should Be Eating Daily)

nj296vt

Start your day with a handful of soaked almonds
 

Almonds are also full of nutrients like protein, vitamin A, vitamin E and zinc mineral – all of which are known as great supplements for hair growth. Vitamin E works amazingly to repair and nourish damaged hair. The nutrient may also stimulate the production of keratin that is known to prevent hair turning brittle and breaking. All of this apart, what makes almond the best food for hair health is the presence of omega fatty acids in it. The essential fatty acids are known to prevent hair thinning.

Bananas are no less when it comes to improving hair texture. They are rich in calcium, folic acids and many other nutrients that boost tensile strength of hair and delay premature greying.

(Also Read: 8 Best Smoothie Recipes You Must Try)

9j6b59r

Bananas are a nutrient-rich fruit. 
 

How To Make Almond And Banana Smoothie –

Ingredients

1 banana

2 tbsp peeled, soaked and chopped almonds

1 tbsp honey

1 tbsp mixed seeds

2 cups milk

A pinch of cinnamon powder

1-2 drops of vanilla essence

Method –

Step 1 – Soak the almonds a night before. Peel and chop them in the next morning.

Step 2 – Put all the ingredients together in a blender and blitz thoroughly. Add more milk or water if the smoothie is too dense. You can skip adding sugar if you want to. But, remember, honey is a great food for hair health too.

Step 3 – Pour in a glass and add ice cubes or chill for some time in refrigerator before serving it.

You can make the process of making this smoothie easier by replacing almonds and milk with just almond milk. You can also make almonds milk at home and store it for other uses.

Drink this almond banana smoothie regularly and let it work from within to bring out healthy, heavy and lustrous hair.
 

About Neha GroverLove for reading roused her writing instincts. Neha is guilty of having a deep-set fixation with anything caffeinated. When she is not pouring out her nest of thoughts onto the screen, you can see her reading while sipping on coffee.



Source link

Translate »
You cannot copy content of this page