चीन में ‘‘वैश्विक महामारी फैलाने में सक्षम” स्वाइन फ्लू वायरस की नई प्रजाति की पहचान


चीन में ‘‘वैश्विक...- India TV Hindi
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चीन में ‘‘वैश्विक महामारी फैलाने में सक्षम” स्वाइन फ्लू वायरस की नई प्रजाति की पहचान

बीजिंग: चीन में सुअरों के बीच पाई जा रही फ्लू वायरस की नई प्रजाति शूकर उद्योग से जुड़े कर्मचारियों को तेजी से प्रभावित कर रही है और इसमें वैश्विक महामारी फैलाने वाले विषाणु जैसी सारी अनिवार्य विशेषताएं हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। यह अध्ययन 2011 से 2018 के बीच चीन में सुअरों की निगरानी पर आधारित है और इसमें पाया गया कि इंफ्लुएंजा वायरस का यह प्रकार, जिसमें जी4 जीनोटाइप आनुवंशिक सामग्री है, 2016 से सुअरों में प्रमुखता से नजर आ रहा है।

‘चीनी रोग नियंत्रण एवं बचाव केंद्र’ के वैज्ञानिकों समेत अन्य के मुताबिक ये जी4 विषाणु मानव कोशिकाओं में रिसेप्टर अणुओं (प्रोटीन अणु) से बंध जाते हैं और श्वसन तंत्र की बाहरी सतह में अपनी संख्या बढ़ाते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने दिखाया कि नया पहचाना गया यह विषाणु एयरोसोल ट्रांसमिशन के माध्यम से फेरेट (नेवले की जाति का एक जानवर) को संक्रमित कर सकता है जिससे उनमें छींक, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण नजर आने के साथ ही उनके शरीर का 7.3 से 9.8 प्रतिशत द्रवमान के बराबर वजन कम हो सकता है।

अध्ययन में यह भी पाया गया कि इंसान को अन्य ‘मानव इंफ्लुएंजा टीकों’ से मिलने वाली रोग प्रतिरोधक क्षमता जी4 वायरस से नहीं बचा सकती। यह इस बात का संकेत है कि वायरस के प्रति शरीर में पहले से कोई प्रतिरक्षा मौजूद नहीं है। शूकर उद्योग में काम करने वाले कर्मचारियों के खून के नमूनों का आकलन दिखाता है कि करीब 10.4 प्रतिशत लोग जी4 फ्लू वायरस से संक्रमित थे।

अध्ययन के मुताबिक 2016 और 2019 में सामने आए जी4 वायरस संक्रमण के दो मरीजों के पड़ोसी सूअर पालते थे। इससे संकेत मिलता है कि यह वायरस सुअरों से मनुष्य में फैल सकता है और इससे गंभीर संक्रमण और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। यह अध्ययन ‘पीएनएएस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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Women Under Represented In School Textbooks, Shown Mostly In Traditional Roles: Unesco Report – महिलाओं को स्कूल पाठ्यपुस्तकों में दिया गया है कम प्रतिनिधित्व: यूनेस्को


एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 30 Jun 2020 07:06 PM IST

स्कूल पाठ्यपुस्तकों में महिलाओं को कम प्रतिनिधित्व दिया गया है: यूनेस्को
– फोटो : books

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यूनेस्को की तरफ से जारी वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कूल पाठ्यपुस्तकों में महिलाओं को कम प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस रिपोर्ट का कहना है कि महिलाओं को अगर स्कूल पाठ्यपुस्तकों में शामिल भी किया गया है, तो उन्हें पारंपरिक भूमिकाओं में ही दर्शाया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पाठ्यपुस्तकों में शामिल महिला पात्रों की छवियों की संख्या न सिर्फ पुरुषों की छवियों की तुलना में कम होती हैं बल्कि महिलाओं को कम प्रतिष्ठित पेशों में दर्शाया गया है। महिलाओं को अंतर्मुखी एवं दब्बू लोगों की तरह पाठ्यपुस्तकों में दर्शाया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में 1990 के दशक में प्रकाशित पहली कक्षा के पाठ्यपुस्तकों से महिलाएं लगभग नदारद थीं। 2001 के बाद से उनकी उपस्थिति ज्यादा दिखने लगी लेकिन वो ज्यादातर घरेलू भूमिका में ही रहीं। उनका अधिकतर प्रतिनिधित्व उनके लिए केवल शिक्षण का विकल्प उपलब्ध दिखाकर किया गया। ईरान इस्लामी गणराज्य की 90 फीसदी प्राथमिक एवं माध्यमिक अनिवार्य शिक्षा पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा में महिलाओं की केवल 37 फीसदी छवियां देखी गईं। फारसी और विदेशी भाषा की 60 फीसदी, विज्ञान की 63 प्रतिशत और सामाजिक विज्ञान की 74 प्रतिशत किताबों में महिलाओं की कोई तस्वीर नहीं थी। ग्लोबल एजुकेशन मॉनीटरिंग रिपोर्ट (जीईएम रिपोर्ट) एक स्वतंत्र टीम बनाती है और इसे यूनेस्को ने प्रकाशित किया है। इसे शिक्षा पर सतत विकास लक्ष्य पूरा करने में हुई प्रगति की निगरानी का आधिकारिक आदेश प्राप्त है।

 

यूनेस्को की तरफ से जारी वैश्विक शिक्षा निगरानी रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कूल पाठ्यपुस्तकों में महिलाओं को कम प्रतिनिधित्व दिया गया है। इस रिपोर्ट का कहना है कि महिलाओं को अगर स्कूल पाठ्यपुस्तकों में शामिल भी किया गया है, तो उन्हें पारंपरिक भूमिकाओं में ही दर्शाया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पाठ्यपुस्तकों में शामिल महिला पात्रों की छवियों की संख्या न सिर्फ पुरुषों की छवियों की तुलना में कम होती हैं बल्कि महिलाओं को कम प्रतिष्ठित पेशों में दर्शाया गया है। महिलाओं को अंतर्मुखी एवं दब्बू लोगों की तरह पाठ्यपुस्तकों में दर्शाया गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में 1990 के दशक में प्रकाशित पहली कक्षा के पाठ्यपुस्तकों से महिलाएं लगभग नदारद थीं। 2001 के बाद से उनकी उपस्थिति ज्यादा दिखने लगी लेकिन वो ज्यादातर घरेलू भूमिका में ही रहीं। उनका अधिकतर प्रतिनिधित्व उनके लिए केवल शिक्षण का विकल्प उपलब्ध दिखाकर किया गया। ईरान इस्लामी गणराज्य की 90 फीसदी प्राथमिक एवं माध्यमिक अनिवार्य शिक्षा पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा में महिलाओं की केवल 37 फीसदी छवियां देखी गईं। फारसी और विदेशी भाषा की 60 फीसदी, विज्ञान की 63 प्रतिशत और सामाजिक विज्ञान की 74 प्रतिशत किताबों में महिलाओं की कोई तस्वीर नहीं थी। ग्लोबल एजुकेशन मॉनीटरिंग रिपोर्ट (जीईएम रिपोर्ट) एक स्वतंत्र टीम बनाती है और इसे यूनेस्को ने प्रकाशित किया है। इसे शिक्षा पर सतत विकास लक्ष्य पूरा करने में हुई प्रगति की निगरानी का आधिकारिक आदेश प्राप्त है।

 



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ब्रेट ली की वो यॉर्कर जिसने आकाश चोपड़ा को चित कर दिया, देखिए वीडियो|cricket Videos in Hindi


चिंता के विचार आपकी ख़ुशी को बर्बाद कर सकते हैं। ऐसा न होने दें, क्योंकि इनमें अच्छी चीज़ों को ख़त्म करने की और समझदारी में निराशा का ज़हरीला बीज बोने की क्षमता होती है। ख़ुद को हमेशा अच्छा परिणाम पाने के लिए प्रोत्साहित करें और ख़राब हालात में भी कुछ-न-कुछ अच्छा देखने का गुण विकसित करें। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। भूमि से जुड़ा विवाद लड़ाई में बदल सकता है। मामले को सुलझाने के लिए अपने माता-पिता की मदद लें। उनकी सलाह से काम करें, तो आप निश्चित तौर पर मुश्किल का हल ढूंढने में क़ामयाब रहेंगे। किसी से अचानक हुई रुमानी मुलाक़ात आपका दिन बना देगी। काम के लिए समर्पित पेशेवर लोग रुपये-पैसे और करिअर के मोर्चे पर फ़ायदे में रहेंगे। सफ़र के लिए दिन ज़्यादा अच्छा नहीं है। जीवनसाथी के ख़राब व्यवहार का नकारात्मक असर आपके ऊपर पड़ सकता है। स्वयंसेवी कार्य या किसी की मदद करना आपकी मानसिक शांति के लिए अच्छे टॉनिक का काम कर सकता है। परेशान? आप पंडित जी से प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।





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Metformin Drug | Coronavirus Vaccine Treatment Latest Research News Updates; Metformin Drug Tied To Lower Risk Of Covid-19 Death In Women | डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित महिलाओं में कोरोना से मौत का खतरा 24% तक घटाती है मेटफॉर्मिन ड्रग, जबकि पुरुषों में ऐसा नहीं


  • मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 15 हजार कोरोना पीड़ितों पर रिसर्च के बाद जारी किए नतीजे, इनमें 6200 से अधिक महिलाएं मोटापे या डायबिटीज से परेशान थीं
  • शोधकर्ताओं का मानना है कि डायबिटीज से परेशान पुरुषों में अधिक सूजन दवा के असर को कम कर सकती है

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 01:39 PM IST

डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित वो महिलाएं जो कोरोना से भी जूझ रही है, उनमें मौत का खतरा घटाने वाली दवा का नाम सामने आया है। रिसर्च को करने वाली मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, मेटफॉर्मिन ड्रग कोरोना से जूझ रही महिलाओं में मौत का खतरा 24 फीसदी तक घटा सकती है, जबकि पुरुषों में ऐसा नहीं होता।

मेटफॉर्मिन दवा आमतौर पर तब दी जाती जब डायबिटीज के मरीजों में लिवर अधिक शुगर रिलीज करता है। शोधकर्ताओं का मानना हे कि उम्मीद है कि यह दवा रिस्क फैक्टर को कम करेगी। 

15 हजार मरीजों पर हुई रिसर्च
शोधकर्ताओं ने यह रिसर्च 15 हजार कोरोना मरीजों पर की है। इनमें 6200 से अधिक महिलाएं मोटापे से परेशान थीं। इनमें दवा के जरिए 24 फीसदी तक मौत का रिस्क कम होने की बात सामने आई। शोधकर्ताओं का कहना है कि उम्र और मरीज की गंभीर स्थिति ऐसे रिस्क फैक्टर हैं जो मौत का खतरा बढ़ाते हैं। रिसर्च में साबित हो चुका है कि पहले से बीमार, मोटापे से परेशान और डायबिटीज से जूझ रहे मरीज संक्रमण के हाईरिस्क जोन में हैं। 

शरीर में सूजन का स्तर जितना अधिक, मौत का खतरा उतना ज्यादा
शोधकर्ताओं का कहना है, ऐसे मरीजों में होने वाली सूजन इम्यूनिटी पर असर डालती है जिसकी वजह से कोविड-19 से मौत की दर बढ़ती है। शरीर के सूजन का स्तर जितना ज्यादा होगा मौत का खतरा भी उतना ही बढ़ेगा। कोविड-19 होने पर यह दवा ऐसे मरीजों के इलाज का पहला चरण साबित हो सकती है। मेयो क्लीनिक के मुताबिक, मेटफॉर्मिन अमेरिका में प्रिस्क्राइब की जाने वाली चौथी सबसे कॉमन दवा है। 

पुरुषों में इसलिए फायदा नहीं
शोधकर्ताओं के मुताबिक, महिलाओं में मौत का खतरा घटा, लेकिन पुरुषों में क्यों नहीं यह साफतौर पर सामने नहीं आ पाया है लेकिन एक बात जरूर है कि जेंडर का फर्क संक्रमण की गंभीरता पर पड़ता है। यह भी देखा गया है कि पुरुषों में सूजन का स्तर अधिक रहता है जो दवा के असर को घटा सकता है।

पुरुषों में संक्रमण अधिक गंभीर होने या मौत होने का प्रतिशत भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि पुरुषों का स्मोकिंग करना जान का जोखिम बढ़ने की बड़ी वजह हो सकती है। 

ऐसे काम करती है दवा
शोधकर्ताओं के मुताबिक, मेटफॉर्मिन दवा देने पर मरीज का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होने लगता है इस वजह से शरीर में सूजन घटती है। रिसर्च के लिए हॉस्पिटल में 15,380 कोविड-19 के मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें से 6256 महिलाएं डायबिटीज या मोटापे से जूझ रही थीं, इनमें से 2333 महिलाओं को यह दवा दी गई। इनमें 24 फीसदी महिलाओं में मौत का खतरा 21 से 24 फीसदी तक कम हो गया।



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TikTok statement over removal from Google Play Store । Google प्ले स्टोर से हटने के बाद आया TikTok का पहला बयान, जानिए क्या कहा


Google प्ले स्टोर से हटने के बाद आया TikTok का पहला बयान, जानिए क्या कहा- India TV Hindi
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Google प्ले स्टोर से हटने के बाद आया TikTok का पहला बयान, जानिए क्या कहा

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने चीन के टिकटॉक समेत कुल 59 चाइनीज मोबाइल एप बैन किए हैं। इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT मंत्रालय) ने सोमवार को ऐसे 59 चीनी ऐप की लिस्ट जारी की, जो अब भारत में प्रतिबंधित हैं। ऐसे में टिकटॉक को गूगल प्ले स्टोर से भी हटा दिया है। इसी बीच टिकटॉक ने आधिकारिक बयान भी जारी किया है।

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टिकटॉक ने बयान में कहा कि एप को बंद करने के लिए सरकार के आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया में हैं। हालांकि, इसके साथ ही टिकटॉक ने यह भी कहा कि उसने एप इस्तेमाल करने वाले किसी भी भारतीय की जानकारी चीन सहित किसी भी विदेशी सरकार के साथ साझा नहीं की है। टिकटॉक ने कहा कि उसे संबंधित सरकारी पक्षों से मिलने और स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया गया।

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आईटी मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एप ‘‘उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें भारत के बाहर स्थित सर्वर को अनधिकृत तरीके से भेजते हैं।’’

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गृह मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने इन दुर्भावनापूर्ण एप्स पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की सिफारिश भी की थी। बयान में कहा गया है, ‘‘इनके आधार पर और हाल ही में विश्वसनीय सूचनाएं मिलने पर कि ऐसे ऐप भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा हैं, भारत सरकार ने मोबाइल और गैर-मोबाइल इंटरनेट सक्षम उपकरणों में उपयोग किए जाने वाले कुछ एप के इस्तेमाल को बंद करने का निर्णय लिया है।’’

ये एप हुए बैन

1. TikTok


2. Shareit

3. Kwai

4. UC Browser

5. Baidu map 

6. Shein 

7. Clash of Kings 

8. DU battery saver 

9. Helo 

10. Likee

11. YouCam makeup 

12. Mi Community 

13. CM Browers 

14. Virus Cleaner 

15. APUS Browser 

16. ROMWE 

17. Club Factory 

18. Newsdog 

19. Beutry Plus 

20. WeChat 

21. UC News 

22. QQ Mail 

23. Weibo 

24. Xender 

25. QQ Music 

26. QQ Newsfeed 

27. Bigo Live 

28. SelfieCity 

29. Mail Master 

30. Parallel Space 31. Mi Video Call – Xiaomi 

32. WeSync 

33. ES File Explorer 

34. Viva Video – QU Video Inc 

35. Meitu 

36. Vigo Video 

37. New Video Status 

38. DU Recorder 

39. Vault- Hide 

40. Cache Cleaner DU App studio 

41. DU Cleaner 

42. DU Browser 

43. Hago Play With New Friends 

44. Cam Scanner 

45. Clean Master – Cheetah Mobile 

46. Wonder Camera 

47. Photo Wonder 

48. QQ Player 

49. We Meet 

50. Sweet Selfie 

51. Baidu Translate 

52. Vmate 

53. QQ International 

54. QQ Security Center 

55. QQ Launcher 

56. U Video 

57. V fly Status Video 

58. Mobile Legends 

59. DU Privacy

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White House Says US President Donald Trump Briefed On Russia Bounties: President Does Read


https://www.ndtv.com/

White House said the claim had been kept from Trump because the intelligence was unverified. (File)

Washington:

US President Donald Trump “does read” intelligence briefs, the White House said Tuesday in response to backlash over his professed ignorance of an alleged Russian program to pay the Taliban bounties for killing US troops.

The New York Times, citing two unnamed officials, reported the president had received a written briefing about the bounties at the end of February, undercutting his assertion that he was not told of the threat.

Democrats demanded more information from intelligence officials earlier Tuesday, as questions have been raised about Trump’s degree of involvement with sensitive files and the attention he pays to the confidential documents sent to him.

“The president does read,” said White House press secretary Kayleigh McEnany during a press briefing.

“He is constantly being informed and briefed on intelligence matters.”

“The president is the most informed person on planet Earth when it comes to the threats that we face,” she added.

The White House said Monday the claim had been kept from Trump because the intelligence underpinning it was unverified.

Democrats asked John Ratcliffe, the director of national intelligence, and CIA director Gina Haspel to provide more information and to explain why Congress had not been briefed on the issue.

“We need to know whether or not President Trump was told this information, and if so, when,” Senate Minority Leader Chuck Schumer said Monday.

With Trump, “all roads lead to Putin,” said Nancy Pelosi, the speaker of the House of Representatives.

Suspicion towards the president stems from his campaign trail promise to improve relations with Russian President Vladimir Putin, as well as from suspected collusion between the Kremlin and Trump’s election team that has occupied attention for most of his term.



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IIT Madras will now offer an online degree in data science; Country’s first institute, 125 million jobs in this sector | आईआईटी मद्रास अब डेटा साइंस में ऑनलाइन डिग्री देगा; देश का पहला इंस्टीट्यूट बना, इस सेक्टर में सवा करोड़ नौकरियां


  • आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. राममूर्ति बोले- यह प्रोग्राम शिक्षा के क्षेत्र में गेमचेंजर होगा
  • इस कोर्स के लिए रेगुलर डिग्री कोर्स का विद्यार्थी होना जरूरी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:03 AM IST

चेन्नई. आईआईटी मद्रास ने कोरोना काल में बीएससी का ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। ये डिग्री प्रोगामिंग एंड डेटा साइंस में कराई जाएगी। इस तरह आईआईटी मद्रास ऑनलाइन बीएससी डिग्री प्रोग्राम चलाने वाला देश का पहला इंस्टीट्यूट बन गया है।

आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. भास्कर राममूर्ति ने दैनिक भास्कर को बताया कि डेटा साइंस डिग्री कोर्स आज के समय की जरूरत है, जो रोजगार को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। डेटा वैज्ञानिकों की मांग और जॉब मार्केट में उपयुक्त योग्य मानव संसाधन की कमी को देखते हुए इसे लॉन्च किया है। यह प्रोग्राम भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले समय में गेमचेंजर साबित होगा। साल 2026 तक इस सेक्टर में सवा करोड़ रोजगार भी पैदा होंगे।

स्नातक के बाद ही कर सकेंगे कोर्स
प्रोफेसर राममूर्ति ने कहा कि यह कोर्स स्कूलिंग पूरी करके निकले बच्चों के लिए नहीं है। इस कोर्स के लिए आपको किसी भी विषय में रेगुलर डिग्री कोर्स से पास होना जरूरी है। ये कोर्स उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जो पहले से कहीं काम कर रहे हैं। खासतौर पर पढ़ाई छोड़ चुके हों। इसके अलावा इस ऑनलाइन कोर्स के लिए आपको लैब की जरूरत नहीं पड़ती और घर पर ही आसानी से प्रोग्रामिंग की जा सकती है। बीएससी डिग्री प्राप्त करने के लिए स्टूडेंट को फाउंडेशन स्तर, डिप्लोमा और डिग्री स्तर को पूरा करना होगा। इसके अलावा, तीन निकास स्तर भी हैं। स्टूडेंट किसी भी स्तर पर पाठ्यक्रम से बाहर निकल सकते हैं। वे या तो डिग्री के तीनों स्तरों को पूरा कर सकते हैं, या फिर फाउंडेशन या डिप्लोमा पूरा करने के बाद बाहर निकल सकते हैं।

कई एनआईआईटी के साथ ऑनलाइन कोर्स

आईआईटी मद्रास देशभर के कई एनआईआईटी के साथ अनेक ऑनलाइन कोर्स 2005 से ही चला रहा है। लेकिन यह पहला डिग्री कोर्स है। इसके एडमिशन की तारीख अभी तय नहीं है।

एडमिशन के लिए 4 हफ्ते का ऑनलाइन कोर्स और असाइनमेंट मिलेगा
एडमिशन के लिए चार हफ्ते का ऑनलाइन कोर्स और असाइनमेंट पूरे करने होंगे। जो छात्र वीकली असाइमेंट में पासिंग मार्क्स ला पाएंगे, उन्हें क्वालीफायर एग्जाम का मौका दिया जाएगा। जो छात्र क्वालिफायर एग्जाम में पासिंग मार्क्स लाएंगे, उन्हें फाउंडेशनल लेवल में रजिस्ट्रेशन का मौका मिलेगा। फाउंडेशनल लेवल में 8 कोर्स होंगे जबकि डिप्लोमा लेवल पर 6 प्रोग्रामिंग कोर्स और 6 डेटा साइंस कोर्स रहेंगे। डिग्री लेवल पर 11 कोर्स रखे गए हैं।



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people of Pakistan condemned Prime Minister Imran Khan for calling Laden a martyr लादेन को ‘शहीद’ कहने पर पाकिस्तान के इन लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान की निंदा की


लादेन को 'शहीद' कहने पर पाकिस्तान के लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान की निंदा की - India TV Hindi
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लादेन को ‘शहीद’ कहने पर पाकिस्तान के लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान की निंदा की 

वाशिंगटन: अमेरिका में पाकिस्तानी असंतुष्टों के एक समूह ने मारे गये अल-कायदा प्रमुख और 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को ‘‘शहीद’’ कहने पर प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना की और उनके इस बयान को लेकर नाराजगी जतायी। साउथ एशियन्स अगेंस्ट टेररिज्म एंड फोर ह्यूमन राइट्स (साथ) फोरम के बैनर तले समूह ने संसद में इस तरह का बयान देने के लिए खान की निंदा की। समूह में अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत रहे हुसैन हक्कानी भी शामिल हैं। 

समूह के बयान में कहा गया, ‘‘इससे दुखद बात क्या हो सकती है कि इमरान खान ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के अंदर यह दावा किया। पाकिस्तान के एक अन्य प्रधानमंत्री, यूसुफ रजा गिलानी ने 9 मई, 2011 को नेशनल असेंबली में बिन लादेन को आतंकवादी घोषित किया था और उसके मारे जाने का स्वागत किया था 25 जून को बजट सत्र के दौरान संसद में अपने संबोधन में खान ने लादेन को शहीद कहा था और कहा कि आतंक के खिलाफ अमेरिकी हमले के बाद पाकिस्तान को ‘‘शर्मिंदगी’’ का सामना करना पड़ा था। 

खान ने कहा था, ‘‘दुनिया भर में पाकिस्तानियों के लिए, यह एक शर्मनाक पल था जब अमेरिकियों ने एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार डाला। उसे शहीद कर दिया। उसके बाद पूरी दुनिया ने हमें गाली देना शुरू कर दिया। हमारा सहयोगी हमारे देश के अंदर आया और बिना हमें बताए किसी को मार कर चला गया। आतंकवादियों के खिलाफ अमेरिका के हमले के कारण अब तक 70,000 पाकिस्तानी मारे गए हैं।’’ 

गौरतलब है कि ओसामा बिन लादेन को यूएस नेवी सील्स ने मई, 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में मार गिराया था। खान के बयान की आलोचना करते हुए, साथ ने कहा, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 9/11 को हुए कहर के अलावा, पूरी दुनिया में, कई हमलों को अंजाम देने वाले बिन लादेन ने हजारों पाकिस्तानियों और अफगानों की जान ली थी। पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में छिपे रहने के दौरान वह अपनी भयानक योजनाओं की साजिश रच रहा था। 

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Kerala SSLC Result 2020 – Kerala SSLC Result 2020 जारी, नतीजे यहां से करें चेक


Kerala Class 10th Result 2020: केरल एसएसएलसी रिजल्ट 2 बजे जारी कर दिया गया है। 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट keralapareeksahabhavan.in और results.kerala.nic.in पर

Kerala Class 10 Result 2020: केरल एसएसएलसी रिजल्ट 2 बजे जारी कर दिया गया है। 10वीं की परीक्षा का रिजल्ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट keralapareeksahabhavan.in और results.kerala.nic.in पर जारी हो चूका है । स्टूडेंट्स अपना रिजल्ट इन वेबसाइट्स पर जाकर ही चेक कर सकते हैं। केरल एसएसएलसी की परीक्षा में उपस्थित होने वाले छात्रों को अपना रिजल्ट देखने के लिए रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ की जरूरत होगी।

लगभग 4.22 लाख छात्र जो माध्यमिक बोर्ड परीक्षा (एसएसएलसी) में उपस्थित हुए थे, अब अपना परिणाम देख सकते हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री सी रवींद्रनाथ ने कक्षा 10 का परिणाम घोषित किया। SSLC के परिणाम के साथ, आर्ट हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट परीक्षा (AHSLC), THSLC (श्रवण बाधित) का परिणाम भी उपलब्ध है।

हालांकि पिछले साल, परिणाम मई में जारी किया गया था, लेकिन इस साल परीक्षा 30 मई को संपन्न हुई थी। मार्च में आयोजित एसएसएलसी परीक्षा को कोरोनोवायरस के चलते लॉकडाउन के कारण बीच-बीच में स्थगित कर दिया गया था।

पिछले साल केरल बोर्ड ने दसवीं का परिणाम 6 मई को जारी कर दिया गया था, लेकिन इस बार कोरोना महामारी संकट के कारण रिजल्ट जारी करने में देरी हो रही है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण कुछ परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। केरल में 10वीं की ये शेष परीक्षाएं 26 से 30 जून के बीच आयोजित की गईं। बता दें कि पिछले साल 10वीं कक्षा में 97.84 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए थे।

Kerala SSLC Result 2020 ऐसे करें चेक

स्टेप 1: स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट results.kerala.nic.in पर जाएं।
स्टेप 2: वेबसाइट पर दिए गए रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अब रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ सबमिट कर दें।
स्टेप 4: आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।
स्टेप 5: अब आप अपने रिजल्ट का प्रिंट ले लें।





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Michael Hussey Expresses Hope From Rohit Sharma, Says – Can Be Successful In Australia – ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने रोहित शर्मा से जताई उम्मीद, कहा- ऑस्ट्रेलिया में हो सकते हैं सफल

रोहित शर्मा


स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 30 Jun 2020 11:33 PM IST

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ऑस्ट्रेलिया के स्टार क्रिकेटर माइकल हस्सी का मानना है कि रोहित शर्मा अपनी क्षमता और कौशल के दम पर ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर सफल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘इस साल के आखिर में होने वाले दौरे में आस्ट्रेलिया की मुश्किल परिस्थितियों में भी रोहित सफल हो सकते हैं।

हस्सी ने कहा, ‘आस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज की परीक्षा होती है लेकिन मेरा मानना है कि उसने (रोहित) एकदिवसीय क्रिकेट में शीर्ष क्रम में काफी मैच खेले हैं और उसे अब टेस्ट मैचों में भी सफलता मिली है और इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा होगा।’

उन्होंने सोनी टेन पिट स्टॉप में कहा, ‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि उसके पास वह क्षमता और कौशल है जिससे वह वहां की परिस्थितियों में सफल हो सकता है।’ 

हस्सी का इसके साथ ही मानना है कि स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर की वापसी से भारत के लिए आगामी श्रृंखला काफी मुश्किल होगी। भारत ने 2018 में आस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीती थी तब स्मिथ और वार्नर प्रतिबंधित होने के कारण उसमें नहीं खेल पाए थे।

उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर स्मिथ और वार्नर की वापसी से टीम मजबूत हुई है लेकिन दो साल पहले जो खिलाड़ी खेले थे तब वे पूरी तरह से तैयार नहीं थे। अब वे अनुभवी हो गए हैं और इसलिए भारत को इन गर्मियों में आस्ट्रेलिया में कड़ी चुनौती मिलेगी।’

गौरतलब है कि भारत को चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए आस्ट्रेलिया का दौरा करना है जिसका पहला मैच ब्रिस्बेन में तीन दिसंबर से खेला जाएगा।

इस श्रृंखला के दौरान रोहित पर निगाहें टिकी रहेंगी जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पहली बार सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरकर शानदार प्रदर्शन किया था। वह पिंडली के चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों टेस्ट में नहीं खेल पाए थे।

ऑस्ट्रेलिया के स्टार क्रिकेटर माइकल हस्सी का मानना है कि रोहित शर्मा अपनी क्षमता और कौशल के दम पर ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर सफल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘इस साल के आखिर में होने वाले दौरे में आस्ट्रेलिया की मुश्किल परिस्थितियों में भी रोहित सफल हो सकते हैं।

हस्सी ने कहा, ‘आस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में दुनिया के किसी भी बल्लेबाज की परीक्षा होती है लेकिन मेरा मानना है कि उसने (रोहित) एकदिवसीय क्रिकेट में शीर्ष क्रम में काफी मैच खेले हैं और उसे अब टेस्ट मैचों में भी सफलता मिली है और इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा होगा।’

उन्होंने सोनी टेन पिट स्टॉप में कहा, ‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं कि उसके पास वह क्षमता और कौशल है जिससे वह वहां की परिस्थितियों में सफल हो सकता है।’ 

हस्सी का इसके साथ ही मानना है कि स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर की वापसी से भारत के लिए आगामी श्रृंखला काफी मुश्किल होगी। भारत ने 2018 में आस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीती थी तब स्मिथ और वार्नर प्रतिबंधित होने के कारण उसमें नहीं खेल पाए थे।

उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर स्मिथ और वार्नर की वापसी से टीम मजबूत हुई है लेकिन दो साल पहले जो खिलाड़ी खेले थे तब वे पूरी तरह से तैयार नहीं थे। अब वे अनुभवी हो गए हैं और इसलिए भारत को इन गर्मियों में आस्ट्रेलिया में कड़ी चुनौती मिलेगी।’

गौरतलब है कि भारत को चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए आस्ट्रेलिया का दौरा करना है जिसका पहला मैच ब्रिस्बेन में तीन दिसंबर से खेला जाएगा।

इस श्रृंखला के दौरान रोहित पर निगाहें टिकी रहेंगी जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पहली बार सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरकर शानदार प्रदर्शन किया था। वह पिंडली के चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ दोनों टेस्ट में नहीं खेल पाए थे।



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Devshayani Ekadashi 2020 Shubh Muhurat Puja Vidhi And Vrat Katha Lord Vishnu: चातुर्मास में पाताल में निवास करेंगे भगवान विष्णु, जानिए देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा


Auspicious time, worship method and fast story of Devshayani Ekadashi, Lord Vishnu will reside in Ha- India TV Hindi
Image Source : INSTRAGRAM/LORDVISHNU_SE
देवशयनी एकादशी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा, चातुर्मास में पाताल में निवास करेंगे भगवान विष्णु

आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को हरिशयनी एकादशी के अलावा देवशयनी, योगनिद्रा और ‘पद्मनाभा’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु विश्राम के लिए क्षीर सागर में चले जाएंगे और पूरे चार महीनों तक वहीं पर रहेंगे। भगवान श्री हरि के शयनकाल के इन चार महीनों को चातुर्मास के नाम से जाना जाता है | चातुर्मास के आरंभ होने के साथ ही अगले चार महीनों तक शादी-ब्याह आदि सभी शुभ कार्य बंद हो जायेंगे। आज के दिन भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख समृद्धि की वृद्धि होती है तथा श्रीहरि का आशीर्वाद सदैव मिलता रहता है |

एकादशी का शुभ मुहूर्त

एकादशी तिथि शुरू:  30 जून 7 बजकर  50 मिनट तक। 


एकादशी समाप्त: 1 जुलाई को शाम 5 बजकर 30 मिनट तक।

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देवशयनी एकादशी की पूजा विधि

शास्त्रों के अनुसार एकादशी शुरू होने के एक दिन पहले से ही इसके नियमों का पालन करना पड़ता है। इस दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान करें। फिर स्वच्छ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। घी का दीप अवश्य जलाए। जाने-अनजाने में आपसे जो भी पाप हुए हैं उनसे मुक्ति पाने के लिए भगवान विष्णु से हाथ जोड़कर प्रार्थना करें। इस दौरान ‘ऊं नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप निरंतर करते रहें। एकादशी की रात्रि प्रभु भक्ति में जागरण करे, उनके भजन गाएं। साथ ही भगवान विष्णु की कथाओं का पाठ करें। द्वादशी के दिन उपयुक्त समय पर कथा सुनने के बाद व्रत खोलें।

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एकादशी

एकादशी

देवशयनी एकादशी व्रत कथा

धर्मराज युधिष्ठिर ने कहा- हे केशव! आषाढ़ शुक्ल एकादशी का क्या नाम है? इस व्रत के करने की विधि क्या है और किस देवता का पूजन किया जाता है? श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे युधिष्ठिर जिस कथा को ब्रह्माजी ने नारदजी से कहा था वही मैं तुमसे कहता हूं।

एक बार देवऋषि नारदजी ने ब्रह्माजी से इस एकादशी के विषय में जानने की उत्सुकता प्रकट की, तब ब्रह्माजी ने उन्हें बताया  सतयुग में मांधाता नामक एक चक्रवर्ती सम्राट राज्य करते थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत सुखी थी। किंतु भविष्य में क्या हो जाए, यह कोई नहीं जानता। अतः वे भी इस बात से अनभिज्ञ थे कि उनके राज्य में शीघ्र ही भयंकर अकाल पड़ने वाला है।

उनके राज्य में पूरे तीन वर्ष तक वर्षा न होने के कारण भयंकर अकाल पड़ा। इस अकाल से चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई। धर्म पक्ष के यज्ञ, हवन, पिंडदान, कथा-व्रत आदि में कमी हो गई। जब मुसीबत पड़ी हो तो धार्मिक कार्यों में प्राणी की रुचि कहाँ रह जाती है। प्रजा ने राजा के पास जाकर अपनी वेदना की दुहाई दी।

राजा तो इस स्थिति को लेकर पहले से ही दुःखी थे। वे सोचने लगे कि आखिर मैंने ऐसा कौन सा पाप-कर्म किया है, जिसका दंड मुझे इस रूप में मिल रहा है? फिर इस कष्ट से मुक्ति पाने का कोई साधन करने के उद्देश्य से राजा सेना को लेकर जंगल की ओर चल दिए।

वहाँ विचरण करते-करते एक दिन वे ब्रह्माजी के पुत्र अंगिरा ऋषि के आश्रम में पहुँचे और उन्हें साष्टांग प्रणाम किया। ऋषिवर ने आशीर्वचनोपरांत कुशल मंगल पूछा। फिर जंगल में विचरने व अपने आश्रम में आने का प्रयोजन जानना चाहा।

तब राजा ने हाथ जोड़कर कहा-  महात्मन्‌ सभी प्रकार से धर्म का पालन करता हुआ भी मैं अपने राज्य में दुर्भिक्ष का दृश्य देख रहा हूँ। आखिर किस कारण से ऐसा हो रहा है, कृपया इसका समाधान करें। यह सुनकर महर्षि अंगिरा ने कहा: हे राजन! सब युगों से उत्तम यह सतयुग है। इसमें छोटे से पाप का भी बड़ा भयंकर दंड मिलता है।

इसमें धर्म अपने चारों चरणों में व्याप्त रहता है। ब्राह्मण के अतिरिक्त किसी अन्य जाति को तप करने का अधिकार नहीं है जबकि आपके राज्य में एक शूद्र तपस्या कर रहा है। यही कारण है कि आपके राज्य में वर्षा नहीं हो रही है। जब तक वह काल को प्राप्त नहीं होगा, तब तक यह दुर्भिक्ष शांत नहीं होगा। दुर्भिक्ष की शांति उसे मारने से ही संभव है।

किंतु राजा का हृदय एक नरपराधशूद्र तपस्वी का शमन करने को तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा: हे देव मैं उस निरपराध को मार दूं, यह बात मेरा मन स्वीकार नहीं कर रहा है। कृपा करके आप कोई और उपाय बताएं। महर्षि अंगिरा ने बताया- आषाढ़ माह के शुक्लपक्ष की एकादशी का व्रत करें। इस व्रत के प्रभाव से अवश्य ही वर्षा होगी।

राजा अपने राज्य की राजधानी लौट आए और चारों वर्णों सहित पद्मा एकादशी का विधिपूर्वक व्रत किया। व्रत के प्रभाव से उनके राज्य में मूसलधार वर्षा हुई और पूरा राज्य धन-धान्य से परिपूर्ण हो गया।

ब्रह्म वैवर्त पुराण में देवशयनी एकादशी के विशेष माहात्म्य का वर्णन किया गया है। इस व्रत से प्राणी की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

 

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हलवाई के बेटे का कमाल! 5 महीने में बंधन बैंक को बनाया 8वां सबसे बड़ा बैंक | innovation – News in Hindi


हलवाई के बेटे का कमाल! 5 महीने में बंधन बैंक को बनाया 8वां सबसे बड़ा बैंक

चंद्रशेखर घोष (फाइल फोटो)

शेयर बाजार में लिस्ट होने के 5 महीने में ही बंधन बैंक का शेयर 87 फीसदी चढ़ चुका है. शेयर में तेजी से बंधन बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन यस बैंक के करीब पहुंच गया है, बंधन बैंक अब देश का आठवां सबसे बड़ा बैंक है.

अगर दिल में कुछ करने का हौसला हो तो आपको दुनिया की कोई ताकत सफल होने से नहीं रोक सकती है. ऐसी ही एक कहानी चंद्रशेखर घोष की है. चंद्रशेखर घोष और उनकी कंपनी बंधन की यह यात्रा बेहद दिलचस्प है. आपको बता दें कि शेयर बाजार में लिस्ट होने के 5 महीने में ही बंधन बैंक का शेयर 87 फीसदी चढ़ चुका है. इसका आईपीओ 375 रुपये पर आया था. इस तेजी की वजह से बंधन बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन यस बैंक के करीब पहुंच गया है, जिसकी लोन बुक उससे 6 गुना और कुल इनकम साढ़े चार गुना अधिक है.

बना देश का आठवां सबसे बड़ा बैंक- शेयर प्राइस में तेजी की वजह से बंधन बैंक प्राइस टु बुक वैल्यू रेशियो के आधार पर देश के 10 सबसे महंगे बैंकों में शामिल हो गया है. पिछले शुक्रवार को बंधन बैंक का मार्केट कैप 83,787 करोड़ रुपये था. यह देश का 8वां सबसे बड़ा बैंक बन गया. यस बैंक 90,628 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ देश का सातवां सबसे बड़ा बैंक है. बंधन बैंक के शेयर में 8.9 की प्राइस टु बुक वैल्यू पर ट्रेडिंग हो रही है. प्राइवेट सेक्टर बैंकों की टॉप 10 लिस्ट के लिए यह आंकड़ा 2.5-5.1 है, जबकि सरकारी बैंकों के लिए यह 0.9-1.4 है. मार्केट कैप के लिहाज से देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक में 5.1 की प्राइस टु बुक वैल्यू पर ट्रेडिंग हो रही है. (ये भी पढ़ें-घुमक्कड़ों के लिए SBI का खास अकाउंट, ट्रिप प्लानिंग को बनाता है आसान)

पैसा लगाने की सलाह दे रहे हैं एक्सपर्ट- बंधन बैंक की इनकम वित्त वर्ष 2018 में 5,508 करोड़ रुपये थी और उसकी कुल लोन बुक 32,339 करोड़ रुपये की थी. इनमें से हर एक मानक पर वह सैंपल में शामिल सबसे छोटा बैंक है.  6 में से 5 एनालिस्टों ने बैंक को बाय रेटिंग दी हुई है, जबकि एक ने इसे होल्ड करने को कहा है. ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज ने एक हालिया रिपोर्ट में लिखा था, ‘हमें लगता है कि बंधन की प्रॉफिट लंबे समय तक तेज बनी रहेगी. रूरल मार्केट में इसके लिए काफी मौके हैं. इसका रिटर्न रेशियो शानदार है. इसलिए बैंक से लंबे समय तक निवेशकों को बढ़िया रिटर्न मिल सकता है.

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ऐसे हुई थी शुरुआत-1960 में त्रिपुरा के अगरतला में जन्मे घोष के पिता मिठाई की एक छोटी सी दुकान चलाते थे. इसमें मुश्किल से ही उनके नौ सदस्यों के परिवार का गुजारा चल पाता था. घोष ने बचपन से आर्थिक तंगी देखी. वे इसी दुकान में काम करते हुए बड़े हुए, लेकिन कभी अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. घोष ने बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में मास्टर्स की डिग्री ली है. उनका परिवार मूल रूप से बांग्लादेश का ही है और आजादी के समय वे शरणार्थी बनकर त्रिपुरा में आ गए थे. ढाका में अपनी पढ़ाई पूरी करने बाद उन्होंने पहला काम भी वहीं शुरू किया. (ये भी पढ़ें-अगले साल से रात 9 बजे के बाद ATM में नहीं डाली जाएगी नकदी)

नौकरी छोड़कर खुद की कंपनी शुरू की –समाज में महिलाओं की खराब स्थिति को देखते हुए घोष ने महिलाओं को लोन देने के लिए माइक्रोफाइनेंस कंपनी बनाई. लेकिन उस वक्त नौकरी छोड़कर खुद की कंपनी खोलना आसान काम नहीं था. यह जानते हुए भी कि नौकरी छोड़ने पर उनकी माता, पत्नी और बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, उन्होंने नौकरी छोड़ दी. चंद्रशेखर घोष ने अपने साले और कुछ लोगों से 2 लाख रुपये उधार लेकर अपनी कंपनी शुरू थी. हालांकि उस वक्त उनके करीबी लोगों ने उन्हें समझाया कि वह नौकरी न छोड़ें, लेकिन घोष को खुद पर यकीन था और इसी यकीन पर उन्होंने बंधन नाम से एक स्वयंसेवी संस्था शुरू की.

First published: August 21, 2018, 1:39 PM IST





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US Democrat Joe Biden Says, Won’t Hold Any Campaign Rallies Due To COVID-19 Pandemic


Won't Hold Any Campaign Rallies Due To Pandemic, Says Joe Biden

Joe Biden is currently leading in national polling. (File)

Wilmington:

US Democrat Joe Biden said Tuesday he will not hold presidential campaign rallies during the coronavirus pandemic, an extraordinary declaration that stands in stark contrast with Donald Trump who has already held large campaign gatherings.

“This is the most unusual campaign I think in modern history,” the former vice president said during a question-and-answer session with reporters in Delaware to discuss the pandemic and ways to mitigate its spread.

“I’m going to follow the doc’s orders — not just for me but for the country — and that means that I am not going to be holding rallies,” said Biden, adding he has not yet been tested for COVID-19.

It was not clear if Biden, 77, was referring to a personal physician who has recommended he stay off the trail out of health concerns for him and attendees, or the US government guidelines that urge Americans to not participate in events where large crowds gather.

And he did not say whether his decision could change pending an improvement in mitigation efforts in the coming months.

Biden’s announcement comes amid growing alarm about America’s failure to contain a crisis which has already killed more than 126,000 people nationwide, with top infectious disease expert Anthony Fauci warning Congress that daily infections could more than double to 100,000 without a sufficiently robust response.

Biden did say he would miss the personal connections that he makes out on the trail — something for which the veteran Democrat is well known.

In the few trips he has made, such as to Texas or Pennsylvania, the events have been small, and participants were masked and adhering to social distancing recommendations.

During such trips “I get in, make my case, take questions and leave,” Biden said. “But you know me: I’d much rather be out there with people because that’s where I get the greatest feel.”

Instead, the vast majority of Biden’s campaign since March has been virtual, as he undergoes the challenging task of seeking to project engagement through remote interviews, online gatherings and fundraisers, and television appearances from a studio in his Delaware home.

But he suggested that, unconventional as it has been, such a process has helped him connect with voters in an unprecedented way.

“They tell me 200 million people have watched what I have done from home and the half a dozen things we’ve gone out and done,” Biden said. 

“And so the irony is I think we’re probably communicating directly, in detail, with more people than we would have otherwise. But I’d much rather be doing it in-person.”

Biden is currently leading in national polling, as well as in surveys conducted in several swing states like Michigan, Wisconsin and Pennsylvania, battlegrounds that were critical to Trump’s victory in 2016.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



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Golden State Killer Former California cop pleads guilty to 13 murders in US । पूर्व पुलिस अधिकारी ने दर्जनों बलात्कारों और 13 हत्याओं की बात कबूली


Former California cop pleads guilty to 13 murders in US- India TV Hindi
Image Source : GOOGLE
Former California cop pleads guilty to 13 murders in US

सैक्रोमेंटो (अमेरिका)। अमेरिका में ‘गोल्डन स्टेट किलर’ के नाम से चर्चित पूर्व पुलिस अधिकारी जोसफ जेम्स डिएंजेलो जूनियर ने सोमवार को हत्याओं को अपना दोष स्वीकार किया। जोसफ ने 1970 के दशक में कुख्यात सेंधमार, बलात्कारी और एक दर्जन से अधिक लोगों के हत्यारे के तौर पर कैलिफॉर्निया में आतंक मचा रखा था। वह दशकों तक फरार रहा था। जोसफ (74) ने अमेरिकी अभियोजकों के साथ इकबालिया बयान के समझौते के तहत 13 लोगों की हत्या का जुर्म कबूल किया है।

इस समझौते के तहत उसके मृत्युदंड को आजीवन कारावास में तब्दील किया जाएगा, लेकिन उसे पेरोल नहीं दी जाएगी। वह 2018 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से ही अदालत में लगभग खामोश था। इस दौरान वह बार-बार “https://www.indiatv.in/”दोषी”https://www.indiatv.in/” और “https://www.indiatv.in/”मैं स्वीकार करता हूं”https://www.indiatv.in/” कहता रहा। वेंच्यूरा काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ग्रेग टोटेन ने कहा कि उसने 161 अपराधों में संलिप्तता की बात स्वीकार की है। (इनपुट- भाषा)

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Up Madrasa Board Result 2020 Releasing On July 1 On Madarsaboard.upsdc.gov.in – Up Madrasa Board Result 2020: जानिए कब जारी होंगे यूपी मदरसा बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम


एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 30 Jun 2020 07:07 PM IST

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उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन (UPBME) अब एक जुलाई को यूपी मदरसा बोर्ड रिजल्ट 2020 जारी करेगा। पहले यूपी मदरसा बोर्ड की तरफ से आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के नतीजों की घोषणा आज होने वाली थी। लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है और मुंशी/मौलवी/आलिम/कामिल एवं फाजिल परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा कल की जाएगी। विद्यार्थी उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद  की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने नतीजे देख सकते हैं।

इसे भी पढ़ें-MPPSC Result 2019: लोक सेवा आयोग ने जारी किया राज्य सेवा परीक्षा 2019 का स्कोर कार्ड, ऐसे चेक करें

आधिकारिक वेबसाइट
madarsaboard.upsdc.gov.in

रिजल्ट की घोषणा के बाद विद्यार्थी मदरसा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट madarsaboard.upsdc.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की हाल ही में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि परिषद की वर्ष 2020 की वार्षिक परीक्षाओं के नतीजों की घोषणा 30 जून को होगी, लेकिन अब िन परीक्षाओं के परिणाम कल यानी एक जुलाई को जारी होंगे। इस साल यूपी मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन 19 फरवरी से 5 मार्च के बीच किया गया था। इन परीक्षाओं में 1.5 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे। विद्यार्थी जैसे ही मदरसा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएंगे, वहां उनको रिजल्ट का लिंक मिलेगा जिसे खोलने के बाद अपना रोल नंबर एवं अन्य विवरण डालते ही रिजल्ट खुल जाएगा।

उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन (UPBME) अब एक जुलाई को यूपी मदरसा बोर्ड रिजल्ट 2020 जारी करेगा। पहले यूपी मदरसा बोर्ड की तरफ से आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के नतीजों की घोषणा आज होने वाली थी। लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है और मुंशी/मौलवी/आलिम/कामिल एवं फाजिल परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा कल की जाएगी। विद्यार्थी उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद  की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने नतीजे देख सकते हैं।

इसे भी पढ़ें-MPPSC Result 2019: लोक सेवा आयोग ने जारी किया राज्य सेवा परीक्षा 2019 का स्कोर कार्ड, ऐसे चेक करें

आधिकारिक वेबसाइट

madarsaboard.upsdc.gov.in

रिजल्ट की घोषणा के बाद विद्यार्थी मदरसा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट madarsaboard.upsdc.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की हाल ही में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि परिषद की वर्ष 2020 की वार्षिक परीक्षाओं के नतीजों की घोषणा 30 जून को होगी, लेकिन अब िन परीक्षाओं के परिणाम कल यानी एक जुलाई को जारी होंगे। इस साल यूपी मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन 19 फरवरी से 5 मार्च के बीच किया गया था। इन परीक्षाओं में 1.5 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे। विद्यार्थी जैसे ही मदरसा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएंगे, वहां उनको रिजल्ट का लिंक मिलेगा जिसे खोलने के बाद अपना रोल नंबर एवं अन्य विवरण डालते ही रिजल्ट खुल जाएगा।



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African Nations Cup postponed until January 2022 due to Corona – कोरोना के चलते अफ्रीकन नेशंस कप जनवरी 2022 तक के लिए स्थगित


कोरोना के चलते...- India TV Hindi
Image Source : TWITTER/@INDIANFOOTBALL
कोरोना के चलते अफ्रीकन नेशंस कप जनवरी 2022 तक के लिए स्थगित

याओंडे| अफ्रीकी फुटबाल परिसंघ (सीएएफ) ने 2021 अफ्रीका कप आफ नेशंस को जनवरी 2022 तक के लिए स्थगित करने की मंगलवार को घोषणा की। वहीं, महिला वर्ग के टूर्नामेंट को रद्द कर दिया गया है।

सीएएफ ने अपने आधिकारिक वेबसाइट पर एक बयान में कहा, हितधारकों के साथ परामर्श करने और मौजूदा परिस्थितियों (कोविड-19 महामारी) को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट को जनवरी 2022 तक के लिए टाला गया है। अंतिम टूर्नामेंट और क्वालीफायर के शेष मैचों की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी।

परिसंघ ने कहा, “चुनौतीपूर्ण परिस्थिति के कारण 2020 महिला अफ्रीका कप आफ नेशंस को रद्द कर दिया गया है। सीएएफ की महिला चैंपियंस लीग की शुरुआत 2021 में होगी और इसके प्रारूप तथा अन्य की जानकारी बाद में दी जाएगी।” बयान में कहा गया है कि अफ्रीकन नेशंस चैंपियनशिप अब जनवरी 2021 में होगी, जोकि अप्रैल में होनी थी।

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कोरोना वैक्सीन पर टकराव और ड्रग कंपनियों के गंदे खेल! | america – News in Hindi


दुनिया में Corona Virus संक्रमितों की संख्या एक करोड़ और पांच लाख से ज़्यादा मौतें होने के बीच वैक्सीन को लेकर दुनिया भर में घमासान है. Covid-19 को लेकर USA और पश्चिमी देशों ने चीन के खिलाफ जो नैरेटिव तैयार किया, उसी क्रम में इस सियासत को देखा जाना चाहिए. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक 100 से ज़्यादा संभावित वैक्सीन हैं लेकिन टॉप 7 या 8 वैक्सीनों पर एक सियासत ज़ोरों पर है.

चीन पर आरोप लगाए गए कि वो वैक्सीन के लिए पश्चिमी देशों में हो रही रिसर्च के डेटा में सेंधमारी कर रहा है. इन आरोपों का खंडन चीन में कई तरह से किया भी ​गया, लेकिन यह मुद्दा लगातार बना हुआ है. इस पूरे मामले के साथ ही, ये भी जानिए कि ड्रग कंपनियां किसी नई दवा या वैक्सीन को लेकर किस तरह के अनैतिक और झूठे खेल खेलने में माहिर रही हैं.

किस तरह लगाए जा रहे हैं चीन पर आरोप?वैक्सीन को लेकर चल रही रिसर्च चुराने संबंधी आरोप चीन पर लगाए जाने का सिलसिला ज़ोरों पर है. बाते 6 मई को एक ब्रिटिश टैबलॉयड ने ‘हमारी वैक्सीन लैब में सेंध लगाने की चीन की हिम्मत कैसे हुई?’ शीर्षक से विस्तृत रिपोर्ट छापी थी. उसके बाद अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने एक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि चीन वैक्सीन और कोविड 19 के इलाज के लिए चल रहे शोध चुराने के लिए सायबर अटैक कर सकता है.

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हालांकि एफबीआई ने इसे गंभीर चेतावनी करार दिया लेकिन सीएनएन ने इस बारे में रिपोर्ट छापते हुए दावा किया था कि इस तरह की चेतावनी देते हुए एफबीआई ने इस आरोप के पीछे कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.

क्यों लगाए गए इस तरह के आरोप?
पहला कारण तो यही है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के रवैये से सख्त नाराज़ हैं इसलिए वो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चीन को हर तरफ से घेरने की फिराक में रहे हैं. दूसरी वजह है कि दुनिया में जो टॉप 8 वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल फेज़ में रहीं, उनमें से 4 चीन, 3 अमेरिका और 1 यूनाइटेड किंगडम की हैं.

इसके अलावा, चीन की वैक्सीन के लिए ट्रायल को लेकर ऑस्ट्रेलिया और कनाडा न केवल मंज़ूरी दी, बल्कि उत्साह भी जताया इसलिए रेस में शामिल दुनिया भर की कंपनियां अपनी वैक्सीन को बढ़त दिलाने के लिए अन्य वैक्सीनों के खिलाफ माहौल तैयार करने में लग गईं.

इन इल्ज़ामों पर चीन का जवाब
चीन के स्टेट मीडिया सीजीटीएन पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया कि यह चीन के खिलाफ षडयंत्र है​ कि वह रिसर्च चुराने की फिराक में है. इस रिपोर्ट में आरोपों को बकवास बताने के तर्क के रूप में सबसे पहले तो यही है चूंकि चीन वैक्सीन विकास में अग्रणी दिख रहा है, इसलिए उसे बेवजह घेरा जा रहा है. दूसरी तरफ, यह भी कहा गया कि चीन वैक्सीन विकास को पूरी मानवता के लिए देखता है, इसलिए ऐसे आरोप लापरवाही और हेकड़ी की ही मिसालें हैं.

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चीन और पश्चिमी देशों के बीच वैक्सीन को लेकर आरोपों प्रत्यारोपों का दौर जारी है.

चीन ने बताई प्रक्रिया और किए पलटवार
इस तरह के आरोपों को खारिज करने वाली सीजीटीएन की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन वैक्सीन को लेकर कठोर कानूनों का पालन करने वाला देश है. एक सख्त नियम तो दिसंबर 2019 में ही लागू हुआ था यानी कोविड 19 के फैलने से ऐन पहले ही. दूसरी तरफ, इसी महीने चीन ने अमेरिकी सीनेटर को चुनौती दी थी कि वो ‘अमेरिकी रिसर्च चुराने या बर्बाद करने’ संबंधी आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश करें.

क्या है ये पूरा माजरा?
एक तरफ चीन ने आरोपों प्रत्यारोपों से कुछ हासिल न होने और वैक्सीन को मानवता के हित में इस्तेमाल किए जाने की बातें कही हैं तो दूसरी तरफ, जिस तरह अमेरिका और चीन के बीच जिस तरह की जियोपॉलिटिक्स जारी है, उससे इतना तो साफ है कि वैक्सीन के विकास का पूरा खेल मानवता के लिए नहीं बल्कि मुनाफे के लिए शुरू हो चुका है. संभव है कि शुरूआती समय में कोई भी कामयाब वैक्सीन वाकई मानवता के लिए इस्तेमाल होती दिखे भी, लेकिन मांग बढ़ते ही जल्द ही यह मुनाफा केंद्रित व्यापार का रूप ले ही सकती है.

नई दवाओं के गंदे खेल को समझना चाहिए
इस तरह की राजनीति और आरोपों को एक साज़िश की तरह इस्तेमाल किया जाता है और किसी वैक्सीन के प्रचार के लिए दूसरी वैक्सीन को बदनाम करने की तरकीबें मार्केटिंग का हिस्सा ही होती हैं. इसके अलावा दवा कंपनियां किस तरह के हथकंडों से मुनाफे संबंधी अपना उल्लू सीधा करती हैं, देखिए.

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कॉंसेप्ट इमेज

1. कीमतों पर ढोंग : किसी भी नई दवा के पहले फेज़ ​के रिसर्च तक की लागत का 84% हिस्सा टैक्सदाताओं की रकम से सरकारी मदद के तौर पर कवर होता है. कंपनियां जितनी लागत बताती हैं, उसका करीब 39% ही वास्तविक खर्च होता है. मसलन, कंपनी कहती है कि एक नई दवा की लागत 1.32 अरब डॉलर आएगी तो उसकी वास्तविक लागत करीब साढ़े पांच करोड़ डॉलर ही होगी.

2. प्रचार हथकंडा : रिसर्च की तुलना में ढाई गुना ज़्यादा खर्च मार्केटिंग पर होता है और विज्ञापनों पर फार्मा कंपनियां भारी खर्च करती हैं.

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3. डॉक्टरों की लॉबिंग : ताकि डॉक्टर इस नई दवा को प्रमोट करें और प्रेस्क्रिप्शन में लिखें, इसके लिए फार्मा कंपनियां एक पूरा प्रबंधन तैयार कर अरबों खरबों रुपए सालाना खर्च करती हैं.

4. टेस्टिंग का रैकेट : अगर अमेरिका में कोई दवा तैयार हो रही है या अमेरिकियों के लिए तो भी उसकी टेस्टिंग दूसरे देशों में क्यों? अफ्रीका, भारत और एशिया के गरीब देशों में टेस्टिंग की लागत कम पड़ती है और जोखिम के लिहाज़ से भी इन देशों को चुना जाता है.

5. अन्य अनैतिकताएं : फार्मा कंपनियां इस तथ्य को छुपाती हैं कि वैक्सीन या नई दवाओं के फॉर्मूले में कितने घातक केमिकल्स या तत्वों को मिलाया जाता है. इसके अलावा, वास्तविक कीमत से कई गुना कीमत वसूल कर अरबों खरबों का हेरफेर होता है.





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59 Apps Banned In India: Tik Tok Removed From Apple’s App Store And Google Play Store – Tiktok Ban: एप और प्ले-स्टोर से हटा टिकटॉक, कंपनी ने कहा- अस्थायी है प्रतिबंध


टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Jun 2020 10:10 AM IST

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सोमवार को सरकार ने 59 चाइनीज एप पर प्रतिबंध लगा दिया है। कुछ दिन पहले ही भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार को 52 एप्स को लेकर अलर्ट जारी किया था और देश के नागरिकों को भी एप्स को इस्तेमाल करने से मना किया था। खुफिया एजेंसियों के इस अलर्ट के बाद सरकार ने इन 52 एप्स समेत 59 एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने इन चाइनीज एप्स को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

सरकार द्वारा बैन लगाने के 12 घंटे के अंदर भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय एप टिकटॉक गूगल प्ले-स्टोर और एपल के स्टोर से हटा दिया गया है। इस प्रतिबंध पर टिकटॉक इंडिया ने ट्वीट करके कहा है कि सरकार द्वारा लगाया गया यह बैन अस्थायी है और वह सरकार के साथ इस मसले पर बात कर रही है।

टिकटॉक इंडिया के हेड निखिल गांधी ने कहा, ‘सरकार ने 59 एप्स पर अंतरिम प्रतिबंध लगाया है जिनमें टिकटॉक भी शामिल है। हम इस प्रतिबंध के लिए सरकार से जल्द ही बात करने वाले हैं। टिकटॉक हमेशा की तरह डाटा और प्राइवेसी की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। हम भारतीय यूजर्स का डाटा चीनी या किसी अन्य सरकार के साथ साझा नही करते हैं।’
 

ये भी पढ़ें: सरकार ने इन 59 चाइनीज एप पर लगाया प्रतिबंध, देखें पूरी लिस्ट

गूगल प्ले-स्टोर और एपल स्टोर पर टिकटॉक सर्च करने पर कई सारे क्लोन एप के लिंक मिल रह हैं। गूगल इंडिया ने भी टिकटॉक के हटाए जाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, वहीं प्रतिबंध लगाए गए 59 एप्स में से CamScanner, UC Browser, Shareit, WeChat और Clash of Kings जैसे एप्स अभी भी प्ले-स्टोर और एप स्टोर पर मौजूद हैं। इन्हें हटाए जाने को लेकर कोई टाइमलाइन सामने नहीं आई है।

सोमवार को सरकार ने 59 चाइनीज एप पर प्रतिबंध लगा दिया है। कुछ दिन पहले ही भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार को 52 एप्स को लेकर अलर्ट जारी किया था और देश के नागरिकों को भी एप्स को इस्तेमाल करने से मना किया था। खुफिया एजेंसियों के इस अलर्ट के बाद सरकार ने इन 52 एप्स समेत 59 एप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने इन चाइनीज एप्स को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

सरकार द्वारा बैन लगाने के 12 घंटे के अंदर भारत में सबसे ज्यादा लोकप्रिय एप टिकटॉक गूगल प्ले-स्टोर और एपल के स्टोर से हटा दिया गया है। इस प्रतिबंध पर टिकटॉक इंडिया ने ट्वीट करके कहा है कि सरकार द्वारा लगाया गया यह बैन अस्थायी है और वह सरकार के साथ इस मसले पर बात कर रही है।

टिकटॉक इंडिया के हेड निखिल गांधी ने कहा, ‘सरकार ने 59 एप्स पर अंतरिम प्रतिबंध लगाया है जिनमें टिकटॉक भी शामिल है। हम इस प्रतिबंध के लिए सरकार से जल्द ही बात करने वाले हैं। टिकटॉक हमेशा की तरह डाटा और प्राइवेसी की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। हम भारतीय यूजर्स का डाटा चीनी या किसी अन्य सरकार के साथ साझा नही करते हैं।’
 

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गूगल प्ले-स्टोर और एपल स्टोर पर टिकटॉक सर्च करने पर कई सारे क्लोन एप के लिंक मिल रह हैं। गूगल इंडिया ने भी टिकटॉक के हटाए जाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, वहीं प्रतिबंध लगाए गए 59 एप्स में से CamScanner, UC Browser, Shareit, WeChat और Clash of Kings जैसे एप्स अभी भी प्ले-स्टोर और एप स्टोर पर मौजूद हैं। इन्हें हटाए जाने को लेकर कोई टाइमलाइन सामने नहीं आई है।





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Excluding China, US European Union reopened borders of 15 nations – यूरोपीय संघ ने चीन, अमेरिका को छोड़कर 15 राष्ट्रों की सीमाओं को फिर से खोला


संयुक्त राज्य अमेरिका, जहां कोरोनोवायरस अभी भी फैल रहा है उसे इस सूची से बाहर रखा गया है (फाइल फोटो)

ब्रसेल्स:

यूरोपीय संघ मंगलवार को 1 जुलाई से 15 देशों में अपनी सीमाएं खोलने पर सहमत हो गया, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका को इससे बाहर रखा जाएगा. क्योंकि वहां कोरोनोवायरस अभी भी फैल रहा है. ऐसा बताया जा रहा है कि ज्यादातर अमेरिकी नागरिकों को कम से कम दो हफ्तों तक एंट्री नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही इंडिया, रूस और ब्राजील समेत कई और देशों को भी प्रवेश की इजाजत नहीं है. चीन ने इस सूची में जगह बनाई, जिसे हर दो सप्ताह में अपडेट किया जाएगा, लेकिन इस शर्त पर कि बीजिंग यूरोपीय लोगों के लिए ऐसा ही करता है, एक बयान में कहा गया है. 

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एक बयान में कहा गया है, ‘चीन ने इस सूची में जगह बनाई, जिसे हर दो सप्ताह में अपडेट किया जाएगा, लेकिन इस शर्त पर कि बीजिंग यूरोपीय लोगों के लिए ऐसा ही करता है.’ 

ईयू यानि यूरोपीय यूनियन के ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, उरुग्वे, ट्यूनीशिया, साउथ कोरिया, सर्बिया, रवांडा, न्यूजीलैंड, मोरक्को,मोंटेनेग्रो, जापान, जॉर्जिया, कनाडा और थाइलैंड जैसे देशों के नागरिकों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. 

ऐसा बताया जा रहा है कि इस लिस्ट को हर दो हफ्ते में अपडेट किया जाएगा. इसके अलावा जो देश अपने यहां कोरोनावायरस पर नियंत्रण पाने में जिस स्तर तक कामयाब होंगे उसी आधार पर इस लिस्ट में निरंतर बदलाव भी होगा, जैसे किसी देश का नाम काटा जा सकता है तो किसी देश का नाम जोड़ा जा सकता है.

गौरतलब है कि कोरोनावायरस का यूरोप की अर्थव्यवस्था पर भी बुरी तरह असर पड़ा है. यूरोपीय संघ के देश अपने पर्यटन उद्योग को दोबारा से खड़ा करने के लिए बेताब है. दक्षिण यूरोप के ग्रीस, स्पेन और इटली जैसे देश पर्यटकों को खासे आकर्षित करते हैं. ऐसा बताया जाता है कि यूरोप की यात्रा करने वालों में अमेरिका के लोगों की अच्छी खासी संख्या है. खबरों की माने से हर करीब डेढ़ करोड़ से ज्यादा यूएस नागरिक यूरोप घूमने के लिए आते हैं. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)



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IBPS RRB PO, Clerk Recruitment 2020 : Apply For Various Posts – IBPS RRB PO/Clerk recruitment 2020 : अधिकारी पदों के लिए निकली भर्ती, 1 जुलाई से करें आवेदन


IBPS RRB PO/Clerk recruitment 2020 : बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (Institute of Banking Personnel Selection) (आईबीपीएस) (IBPS) ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Banks) में भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवारों का चयन अधिकारी पद (scale I, II, and III) के लिए होगा। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

IBPS RRB PO/Clerk recruitment 2020 : बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (Institute of Banking Personnel Selection) (आईबीपीएस) (IBPS) ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Banks) में भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवारों का चयन अधिकारी पद (scale I, II, and III) के लिए होगा। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू राउंड में सफल होंगे, उन्हें देशभर में स्थित बैंकों में नियुक्ति दी जाएगी। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 43 बैंकों ने नौकरियों के लिए अधिसूचना जारी की थी। आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होकर 27 जुलाई तक चलेगी।

IBPS RRB PO/Clerk recruitment 2020 : पात्रता मानदंड
उम्र सीमा : स्केल II या वरिष्ठ मैनेजर पद के लिए उम्मीदवारों की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, scale II या मैनेजर स्तर के पदों के लिए 21 से 32 साल के बीच के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। scale I या सहायक मैनेजर पद के लिए उम्मीदवार की उम्र सीमा 21 से 30 साल के बीच होनी चाहिए। कार्यालय सहायक पदों के लिए आवेदक की उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए, जबकि ऊपरी आयु सीमा 28 साल रखी गई है। उम्र सीमा की गणना 1 जुलाई, 2020 के अनुसार की जाएगी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के तहत उम्र सीमा में छूट दी जाएगी।

शैक्षिक योग्यता : इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को के पास कम से कम बैचलर डिग्री होनी चाहिए। कुछ पदों के लिए कार्य अनुभव भी मांगा गया है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन का अध्ययन कर लें।

IBPS RRB officer, office assistant recruitment 2020 : फी
उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म के साथ 850 रुपए का शुल्क भी देना होगा। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को शुल्क के रूप में 175 रुपए देने होंगे।







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