IPL 2020 : एडम जम्पा की आरसीबी में हुई वापसी, केन रिचर्डसन की जगह टीम में किए गए शामिल



जम्पा इस समय लिमिटेड ओवरों की सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर हैं। ऐसे में आईपीएल के कुछ शुरुआती मैचों के बाद ही वह फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ पाएंगे।



Source link

Anant Chaturdashi 2020: अनंत चतुर्दशी के दिन राशिनुसार ऐसे करें पूजा, होगी धन-धान्य की बढ़ोत्तरी



भगवान अनन्त की कृपा पाने के लिये  कौन-से उपाय करने चाहिए और भगवान श्री विष्णु की किस प्रकार पूजा करनी चाहिए। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।



Source link

Redmi 9 To Go On Sale In India Today For The First Time – 10,000 से कम कीमत वाला Redmi 9 आज बिक्री के लिए उपलब्ध, जानें फीचर्स


  • Redmi 9 स्मार्टफोन की आज पहली सेल
  • 10,000 रुपये से कम है स्मार्टफोन की कीमत
  • स्मार्टफोन में मीडियाटेक हीलियो जी35 प्रोसेसर का इस्तेमाल

नई दिल्ली। Xiaomi के नए स्मार्टफोन Redmi 9 को आज पहली बार सेल के लिए पेश किया जा रहा है। ग्राहक स्मार्टफोन को कंपनी की आधिकारिक साइट और ई-कॉमर्स साइट अमेजन इंडिया से खरीद सकते हैं। Redmi 9 को 4GB रैम व 64GB स्टोरेज और 4GB रैम व 128GB स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया गया है। इनकी कीमत क्रमश: 8,999 रुपए और 9,999 रुपए है। स्मार्टफोन स्पोर्टी ऑरेंज, स्काई ब्लू और कार्बन ब्लैक कलर ऑप्शन में उपलब्ध है।

Redmi 9 की स्पेसिफिकेशन

स्मार्टफोन में 6.53 इंच का एचडी प्लस डिस्प्ले है, जिसका रिजॉल्यूशन 720×1600 पिक्सल है। स्पीड के लिए स्मार्टफोन में मीडियाटेक हीलियो जी35 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है और जरूरत पड़ने पर स्टोरेज को एसडी कार्ड की मदद से 512GB तक बढ़ाया जा सकता है। फोन एंड्रॉयड 10 पर आधारित MIUI 12 पर काम करता है।

ट्रिपल कैमरे वाले Moto G9 की आज भारत में पहली सेल, जानें कीमत व ऑफर्स

Redmi 9 का कैमरा

फोटोग्राफी के लिए इस स्मार्टफोन में डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें पहला 13 मेगापिक्सल का सेंसर और दूसरा 2 मेगापिक्सल का सेंसर कैमरा दिया गया है। वहीं फ्रंट में सेल्फी व वीडियो कॉलिंग के लिए 5 मेगापिक्सल का कैमरा मौजूद है। पावर के लिए Redmi 9 स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी दी गयी है जो 10वॉट फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथहै। इसके अलावा इस स्मार्टफोन में कनेक्टिविटी के लिए 4G VoLTE, वाई-फाई, जीपीएस, ब्लूटूथ, 3.5mm हेडफोन जैक और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गये हैं। स्मार्टफोन का पूरा वजन 196 ग्राम है।











Source link

Tight Security, And An Arabic Greeting, On First Israel-UAE Flight


Tight Security, And An Arabic Greeting, On First Israel-UAE Flight

The route of Israeli flag carrier EL Al airliner flying over Saudi airspace (Reuters)

Over Saudi Arabia:

On board a packed airliner taking US and Israeli delegates to the United Arab Emirates on Monday, passengers were welcomed in Arabic as well as English and Hebrew, a gesture marking the historic first Israeli direct flight from Tel Aviv to Abu Dhabi.

The El Al Boeing 737 made aviation history by cutting straight over Saudi territory en route to the UAE capital, where Israeli and Emirati officials will hold US-brokered normalisation talks on Monday.

“Wishing us all salaam, peace and shalom, have a safe flight,” the pilot, Captain Tal Becker, said on the intercom, in Arabic, English and Hebrew, using all three languages to also announce the flight number and destination.

Passengers received swag bags filled with coronavirus protection gear — disinfectant gel and wipes — and some donned face masks emblazoned with the Israeli and Emirati flags.

Delegates, who included President Donald Trump’s senior adviser and son-in-law Jared Kushner and US national security adviser Robert O’Brien and his Israeli counterpart, Meir Ben-Shabbat, sat cheek by jowl with agents from the US Secret Service and Israel’s Shin Bet domestic security agency.

A spokesman for El Al said the plane was equipped with a C-Music anti-missile system on its rear carriage — standard for the 737s in the carrier’s fleet.

A request by Reuters journalists to film inside the cockpit went up several chains of command before being approved.

“With two countries’ NSAs (national security agencies) on board, you understand the sensitivity,” an American delegate said.

There was also a bit of security flair to coronavirus checks mandated for journalists the weekend before the trip.

Upon arrival for COVID-19 testing, travelling reporters were told to give a code-phrase — “I’m here for the ‘experiment”https://www.ndtv.com/” — to be fast-tracked through by a representative of the Israeli prime minister’s office.

(This story has not been edited by NDTV staff and is auto-generated from a syndicated feed.)



Source link

Students Write Open Letter To Cji Seeking Review Of Neet-jee Order – Neet- jee 2020: परीक्षाओं को स्थगित कराने के लिए अभ्यर्थियों ने सीजेआई को लिखा खत 


एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Updated Mon, 31 Aug 2020 02:07 PM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

नीट और जेईई परीक्षाओं को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। इन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर सरकार साफ कर चुकी है कि परीक्षआओं के तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ये प्रवेश परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होंगी। वहीं, अब इन परीक्षाओं के आयोजन को स्थगित करने के लिए अभ्यर्थियों ने देश के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को खत लिखा है।

78 कानून छात्रों सहित 122 छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा को एक खुला पत्र लिखा है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त के आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। इसी आदेश के तहत कोर्ट ने NEET- JEE परीक्षा को स्थगित करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। वहीं, 17 वर्षीय जेईई परीक्षार्थी ने भी मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को खत लिया है और परीक्षा में होने वाली समस्याओं से अवगत करवाया है। यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सीजेआई के सम्मुख पेश किया है।

इसे भी पढ़ें-IGNOU Admission 2020: री -रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख आज, ऐसे करें आवेदन

छात्र ने खत में लिखा है कि इन परीक्षाओं को एक या दो महीने तक स्थगित करने से राज्यों को परीक्षाओं की तैयारी का समय मिल जाएगा। गौरतलब है कि जेईई की परीक्षा एक सितंबर से लेकर छह सितंबर के बीच होगी। जबकि, नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित होगी। इस खत में कई बिंदुओं का जिक्र किया गया है जिनमें छात्रों को परीक्षा केंद्र में 5-6 घंटे तक मास्क पहनकर बैठने से दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होना भी शामिल है।

नीट और जेईई परीक्षाओं को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। इन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर सरकार साफ कर चुकी है कि परीक्षआओं के तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ये प्रवेश परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होंगी। वहीं, अब इन परीक्षाओं के आयोजन को स्थगित करने के लिए अभ्यर्थियों ने देश के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को खत लिखा है।

78 कानून छात्रों सहित 122 छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा को एक खुला पत्र लिखा है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त के आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। इसी आदेश के तहत कोर्ट ने NEET- JEE परीक्षा को स्थगित करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। वहीं, 17 वर्षीय जेईई परीक्षार्थी ने भी मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को खत लिया है और परीक्षा में होने वाली समस्याओं से अवगत करवाया है। यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सीजेआई के सम्मुख पेश किया है।

इसे भी पढ़ें-IGNOU Admission 2020: री -रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख आज, ऐसे करें आवेदन

छात्र ने खत में लिखा है कि इन परीक्षाओं को एक या दो महीने तक स्थगित करने से राज्यों को परीक्षाओं की तैयारी का समय मिल जाएगा। गौरतलब है कि जेईई की परीक्षा एक सितंबर से लेकर छह सितंबर के बीच होगी। जबकि, नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित होगी। इस खत में कई बिंदुओं का जिक्र किया गया है जिनमें छात्रों को परीक्षा केंद्र में 5-6 घंटे तक मास्क पहनकर बैठने से दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होना भी शामिल है।





Source link

India Cricket Failure Gets Martin Guptill To Rectify Errors Against Bangladesh | टीम इंडिया के खिलाफ मिली नाकामी से पकड़ में आईं गलतियां- मार्टिन गप्टिल

टीम इंडिया के खिलाफ मिली नाकामी से पकड़ में आईं गलतियां- मार्टिन गप्टिल


टीम इंडिया के खिलाफ मिली नाकामी से पकड़ में आईं गलतियां- मार्टिन गप्टिल



हल ही में जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज के के बाद वनडे सीरीज में भी मात देकर न्यूजीलैंड का रुख किया था तब माना जा रहा था कि भारत के लिए कीवी टीम को हराना आसाम काम नही होगा. आईसीसी की रैंकिंग मे टीम इंडिया अगर दूसरी पोजिशन पर थी तो न्यूजीलैंड की टीम तीसरे पायदान पर था.

इस सीरीज को टीम ना सिर्फ जीता बल्कि 4-1 के बड़े अंतर से इस पर अपनी मोहर लगाई. न्यूजीलैंड की हाल में उसके बल्लेबाजों की नाकामी की बड़ी भूमिका थी और उन्हीं में से एक है सलामी बल्लेबाज मार्टिन गप्टिल. भारत के खिलाफ फ्ल़ॉप रहने के बाद गप्टिल ने बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज मे जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो शतक जड़कर अपनी टीम को तीन वनडे मुकाबलों की सरीज में 2-09 की अजेय बढ़त दिलाई है.

इस बेहतरीन बल्लेबाजी के बाद गप्टिल का मानना है कि भारत के खिलाफ हुई सीरीज ने उन्हें अपनी गलतियों को परखने और उन्हें सुधारने का मौका दिया. गप्टिल ने दूसरे वनडे में 88 गेदों पर 14 चौके और चार छक्कों के साथ 118 रन की  जोरदार पारी खेलकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई.

मैच के बाद उनका कहना था कि भारत के खिलाफ सीरीज के की नाकामी के बाद उन्होंने अपनी पारियों के वीडियो देखे और अपनी कमियों में सुधार करने की कोशिश की. यह कोशिश बांग्लादेश के खिलाफ कामयाब रही. गप्टिल के अब वनडे इंटरनेशनल में 16 शतक हो गए हैं और उन्होंने नैथन एस्टल की बराबरी कर ली है. उनसे आगे बस रॉस टेलर ही हैं जिनके नाम 20 शतक हैं.





Source link

Pulwama Attack Masood Azhar Had Given Instructions To The Bomb Blast From Hospital Pa | Pulwama Attack: मसूद अजहर ने अस्पताल से दिया था बम विस्फोट का निर्देश, ऑडियो टेप में भेजा था संदेश


Pulwama Attack: मसूद अजहर ने अस्पताल से दिया था बम विस्फोट का निर्देश, ऑडियो टेप में भेजा था संदेश



जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर, जो पठानकोट हमले का भी मास्टरमाइंड था, ने अपने संगठन के सदस्यों को पाकिस्तान के रावलपिंडी में आर्मी बेस अस्पताल से पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती बम विस्फोट करने के निर्देश दिए थे. इस अस्पताल में पिछले चार महीनों से उसका किसी लाइलाज बीमारी का इलाज चल रहा है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार अपनी बीमारी के चलते वह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) की पिछली छह प्रमुख बैठकों में शामिल नहीं हो पाए थे. इन जेहादी समूहों का प्रयोग पाकिस्तान भारत के खिलाफ करता है. हालांकि पुलवामा आतंकी हमले के लिए तैयार अपने आदमियों को आठ दिन पहले ही अजहर ने धीमी आवाज में एक ऑडियो संदेश जारी किया था.

भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए तैयारी कर रहा है

ऑडियो संदेश में अजहर ने उसके भतीजे उस्मान की मौत का बदला लेने के लिए कहा है, जिसे पिछले साल अक्टूबर में त्राल में सुरक्षा बलों ने मार दिया था. अजहर ने अपने टेप में यह कहा कि इस युद्ध में मौत से ज्यादा आनंददायक कुछ भी नहीं है. वह अपने आदमियों को बताता है कि कैसे वह भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए तैयारी कर रहा है. उसने ऑडियो टेप में कहा- कोई इन्हें दहशतगंज कहेगा, कोई इन्हें निकम्मा कहेगा, कोई इन्हें पागल कहेगा, कोई इन्हें अमन के लिए खतरा कहेगा. हालांकि अजहर ने यूजेसी के अन्य साथियों के साथ पुलवामा हमले की योजना साझा नहीं की थी.

कश्मीर में 60 जैश के आतंकवादी काम कर रहे हैं

इसके बजाय अजहर ने चुपके से अपने दूसरे भतीजे मोहम्मद उमैर और अब्दुल राशिद गाजी को कश्मीर घाटी में युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए इन टेपों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया और उन्हें IED विस्फोटकों के साथ फिदायीन हमले के लिए प्रेरित किया. कश्मीर के एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने कहा- कोई भी JeM का व्यक्ति आगे नहीं आएगा. वह सभी तीन शीर्ष नेताओं – उमैर, इस्माइल और अब्दुल रशीद गाजी के साथ दक्षिण कश्मीर के किसी इलाके में छिपे हुए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार कश्मीर में 60 जैश के आतंकवादी काम कर रहे हैं, जिनमें से 35 पाकिस्तान से हैं और बाकी स्थानीय हैं.

19 जनवरी को घुसपैठ के लिए नए आतंकी लॉन्चपैड पर चर्चा की गई

उनकी अनुपस्थिति के परिणामस्वरूप UJC के विचार-विमर्श की अध्यक्षता हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने की है. 19 जनवरी को आखिरी बार घुसपैठ के लिए नए आतंकी लॉन्चपैड पर चर्चा की गई थी. खुफिया सूत्रों ने बताया कि एक अन्य मीटिंग पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में टाउन हॉल में हुई थी. इसमें सईद उस्मान शाह (वरिष्ठ कमांडर) और एचएम के इम्तियाज आलम (उप प्रमुख), झेलम घाटी में लॉन्चिंग प्रमुख डॉ. अबू खालिद, शेख जमीलुल रहमान, तहरीक-उल-मुजाहिदीन के प्रमुख बिलाल कश्मीरी, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख और आईएसआई के ब्रिगेडियर जुबैर ने भाग लिया था.





Source link

कोरोना संक्रमण में कमी नहीं लेकिन खत्म हो रहा डर, जानें क्या है इसके पीछे का मनोविज्ञान | health – News in Hindi


कोरोना संक्रमण में कमी नहीं लेकिन खत्म हो रहा डर, जानें क्या है इसके पीछे का मनोविज्ञान

कोरोना रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है, फिर भी सड़क पर पहले से ज्यादा लोग नजर आ रहे हैं.

तमाम कोशिशों के बाद भी कोरोना (Corona) महामारी थमने का नाम नहीं ले रही है. लोगों के सामने दोतरफा चुनौती है. पहली खुद को इससे बचाना है और दूसरा लॉकडाउन (Lockdown) से मुकाबला करते हुए कामकाज चलाना है.




  • Last Updated:
    August 31, 2020, 12:57 PM IST

केंद्र सरकार ने अनलॉक 4.0 (Unlock-4) की गाईडलाइन जारी करते हुए जान भी जहान भी फॉर्मूले पर फोकस किया है और लोगों के आम जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए कई जगह रियायतें दी हैं और कई चीजों को खोल दिया है. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी कोरोना (Corona) महामारी थमने का नाम नहीं ले रही है. लोगों के सामने दोतरफा चुनौती है. पहली खुद को इससे बचाना है और दूसरा लॉकडाउन (Lockdown) से मुकाबला करते हुए कामकाज चलाना है. इस बीच, गौर किया जा रहा है कि लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर पहले जितना डर था, अब उतना डर नहीं है यानी पहले लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. अधिकांश लोगों ने मान लिया है कि उन्हें कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा. यही कारण है कि लोग पूरी सावधानी बरतते हुए नौकरी या कामकाज पर जा रहे हैं. इस सब के पीछे मनोविज्ञान है.

पिछले दिनों हुए अध्ययनों में भारतीयों की यह राय सामने आ चुकी है कि उन्हें कोरोना से नहीं, बल्कि आर्थिक बदहाली से ज्यादा डर लगता है. यही कारण है कि कोरोना रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है, फिर भी सड़क पर पहले से ज्यादा लोग नजर आ रहे हैं. फोर्टिस हेल्थ केयर में मेंटल हेल्थ एंड बिहेवरियल साइंसेस के डायरेक्टर डॉ. समीर पारिख के अनुसार, ‘आर्थिक स्थिति अच्छे जीवन का आधार है और कई लोगों को लॉकडउन में सब कुछ बंद होने के कारण कठिन स्थितियों का सामना करना पड़ा है. लेकिन विपरीत हालात में परिजनों का आपसी सपोर्ट सबसे अहम् है. जो लोग कोविड19 के बदली जिंदगी के असर के बीच अगर डिप्रेशन में हैं, तो उन्हें ऐसे सपोर्ट सिस्टम की सबसे ज्यादा जरूरत है.’

डॉ. समीर पारिख आगे कहते हैं, आर्थिक स्थिति पर मार पड़ने से इन्सान सबसे ज्यादा टूट रहा है. उसने जब लोन लिया था, तब सोचा नहीं था कि कभी ईएमआई के पैसे भी नहीं होंगे. ऐसे लोगों को मदद की जरूरत है. आर्थिक मदद भले ही न की जाए, लेकिन भावनात्मक सपोर्ट जरूर करें. परिवार और दोस्त इसमें सबसे अहम भूमिका निभा सकते हैं. यदि ऐसे हालात का असर दिमाग पर पड़ रहा है तो डॉक्टर की मदद ले सकते हैं. मरीज को यह बताएं कि डॉक्टरों के पास उनकी इस मनोदशा का इलाज है. इसलिए मजबूती से आगे बढ़ें. कोरोना महामारी महज वक्त की बात है. कुछ समय बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा.लॉकडाउन ने दिमाग पर डाला बुरा असर

लॉकडाउन के कारण कामकाज तो ठप्प हुए ही, लोगों को 2-3 महीने तक घरों में कैद रहना बहुत मुश्किल भरा रहा. इसका मनोवैज्ञानिक कारण कई लोगों पर पड़ा. खासतौर पर युवाओं पर. आज भी कई युवा ऐसे हैं, जो लॉकडाउन के कारण अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं. कई लोग इतना संवेदनशील हो गए हैं कि सेनेटाइजर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अजय मोहन के अनुसार, जब तक इलाज नहीं मिल जाता, तब तक सावधानी ही कोरोना का इलाज है. इसलिए घर से बाहर निकल रहे हैं, ऑफिस जा रहे हैं तो सभी जरूरी बातों का ध्यान रखें. अपने हाथों को समय-समय पर सेनेटाइज करें. फिजिकल डिस्टेंसिंग यानी शारीरिक दूरी का पालन करें. कोरोना या इस जैसी बीमारियों से दूर रहना है तो स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं. पौष्टिक चीजें खाएं. योग और प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं. सर्दी-जुकाम, बुखार जैसी आम बीमारियों के लिए घरेलू उपायों का इस्तेमाल करें. अस्पताल जाने से बचें, क्योंकि कोरोना का सबसे ज्यादा खतरा वहां है. घर में सकारात्मकता बनाए रखें. अच्छी किताबें पढ़ें, अच्छा संगीत सुनें. इस बातों का ध्यान रखेंगे तो कोरोना काल में भी सामान्य जीवन जी सकेंगे.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल,  क्रोनिक डिप्रेशन की वजह से आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं लोग पढ़ें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।





Source link

जीडीपी में गिरावट पर बोले राहुल गांधी, चेतावनी को नजरअंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण



कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘GDP 24 प्रतिशत गिरी, स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट। सरकार का हर चेतावनी को नजरअंदाज करते रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’



Source link

Experts Raise Doubts Over Top COVID-19 Vaccines From China, Russia


Experts Raise Doubts Over Top COVID-19 Vaccines From China, Russia

A logo of China’s vaccine specialist CanSino Biologics Inc. (Reuters)

Toronto/Chicago:

High-profile COVID-19 vaccines developed in Russia and China share a potential shortcoming: They are based on a common cold virus that many people have been exposed to, potentially limiting their effectiveness, some experts say.

CanSino Biologics’ vaccine, approved for military use in China, is a modified form of adenovirus type 5, or Ad5. The company is in talks to get emergency approval in several countries before completing large-scale trials, the Wall Street Journal reported last week.

A vaccine developed by Moscow’s Gamaleya Institute, approved in Russia earlier this month despite limited testing, is based on Ad5 and a second less common adenovirus.

“The Ad5 concerns me just because a lot of people have immunity,” said Anna Durbin, a vaccine researcher at Johns Hopkins University. “I’m not sure what their strategy is … maybe it won’t have 70% efficacy. It might have 40% efficacy, and that’s better than nothing, until something else comes along.”

Vaccines are seen as essential to ending the pandemic that has claimed over 845,000 lives worldwide. Gamaleya has said its two-virus approach will address Ad5 immunity issues.

Both developers have years of experience and approved Ebola vaccines based on Ad5. Neither CanSino nor Gamaleya responded to requests for comment.

Researchers have experimented with Ad5-based vaccines against a variety of infections for decades, but none are widely used. They employ harmless viruses as “vectors” to ferry genes from the target virus – in this case the novel coronavirus – into human cells, prompting an immune response to fight the actual virus.

But many people already have antibodies against Ad5, which could cause the immune system to attack the vector instead of responding to the coronavirus, making these vaccines less effective.

Several researchers have chosen alternative adenoviruses or delivery mechanisms. Oxford University and AstraZeneca based their COVID-19 vaccine on a chimpanzee adenovirus, avoiding the Ad5 issue. Johnson & Johnson’s candidate uses Ad26, a comparatively rare strain.

Dr. Zhou Xing, from Canada’s McMaster University, worked with CanSino on its first Ad5-based vaccine, for tuberculosis, in 2011. His team is developing an inhaled Ad5 COVID-19 vaccine, theorizing it could circumvent pre-existing immunity issues.

“The Oxford vaccine candidate has quite an advantage” over the injected CanSino vaccine, he said.

Xing also worries that high doses of the Ad5 vector in the CanSino vaccine could induce fever, fueling vaccine skepticism.

“I think they will get good immunity in people that don’t have antibodies to the vaccine, but a lot of people do,” said Dr. Hildegund Ertl, director of the Wistar Institute Vaccine Center in Philadelphia.

In China and the United States, about 40% of people have high levels of antibodies from prior Ad5 exposure. In Africa, it could be has high as 80%, experts said.

HIV RISK

Some scientists also worry an Ad5-based vaccine could increase chances of contracting HIV.

In a 2004 trial of a Merck & Co Ad5-based HIV vaccine, people with pre-existing immunity became more, not less, susceptible to the virus that causes AIDS.

Researchers, including top US infectious diseases expert Dr. Anthony Fauci, in a 2015 paper, said the side effect was likely unique to HIV vaccines. But they cautioned that HIV incidence should be monitored during and after trials of all Ad5-based vaccines in at-risk populations.

“I would be worried about the use of those vaccines in any country or any population that was at risk of HIV, and I put our country as one of them,” said Dr. Larry Corey, co-leader of the US Coronavirus Vaccine Prevention Network, who was a lead researcher on the Merck trial.

Gamaleya’s vaccine will be administered in two doses: The first based on Ad26, similar to J&J’s candidate, and the second on Ad5.

Alexander Gintsburg, Gamaleya’s director, has said the two-vector approach addresses the immunity issue. Ertl said it might work well enough in individuals who have been exposed to one of the two adenoviruses.

Many experts expressed skepticism about the Russian vaccine after the government declared its intention to give it to high-risk groups in October without data from large pivotal trials.

“Demonstrating safety and efficacy of a vaccine is very important,” said Dr Dan Barouch, a Harvard vaccine researcher who helped design J&J’s COVID-19 vaccine. Often, he noted, large-scale trials “do not give the result that is expected or required.”

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



Source link

School In Rajasthan Prepares For Opening, Parents Permission Required – स्कूल में मिलेगी गाइडेंस, पैरेंट्स की परमिशन होगी जरूरी


भारत सरकार की गाइडलाइन के बाद स्कूल्स ने 9वीं से 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए गाइडेंस क्लासेज की तैयारी शुरू की, जाने पूरी डिटेल्स

कोरोना के चलते स्टूडेंट्स को कई तरह की समस्याएं आ रही हैं, लॉकडाउन के बाद से पूरी तरह बंद स्कूल्स अब धीरे-धीरे फिर से खुलने की तैयारी में लग गए हैं। अनलॉक-4 में 9वीं से 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स के लिए स्कूलों में गाइडेंस क्लासेज शुरू होंगी।

इसके तहत यदि किसी स्टूडेंट को सिलेबस या एकेडमिक्स सवाल हो तो वे स्कूल में अपनी टीचर्स से गाइडेंस ले सकेंगे। हालांकि अभी स्कूल प्रशासन इस विषय पर काफी सोच-विचार कर कदम रख रहा है और बच्चों व टीचर्स की सिक्योरिटी का ध्यान रखकर फैसले लेने पर विचार कर रहा है। सीबीएसई में जुड़ी कई स्कूलों में गाइडेंस क्लासेज को लेकर इनिशियल तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, वहीं अभी कई स्कूलों को गवर्नमेंट के दिशा-निर्देशों का इंतजार है। स्कूल आने के लिए बच्चों को पैरेंट्स की अनुमति लेनी होगी।

प्रेक्टिकल प्रॉब्लम्स होंगी दूर
स्कूलों में गाइडेंस क्लासेज को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। इसके तहत एंट्री से लेकर क्लासरूम तक बच्चों और टीचर्स को कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो करवाया जाएगा। बच्चों को घर पर कई सब्जेक्ट और टॉपिक्स में समस्या आ रही हैं, वे इन समस्याओं को लेकर टीचर्स के साथ डिस्कस कर सकते हैं। यह प्रेक्टिकल के लिए भी सही कदम होगा, क्योंकि बहुत से बच्चों को प्रेक्टिकल से जुड़ी कई थ्योरेटिकल नॉलेज को समझने में दिक्कत आई हैं, ऐसे में वे टीचर्स के सामने इन प्रॉब्लम्स पर चर्चा कर सकते हैं।







Show More











Source link

Lyon Wins Fifth Straight Women Champions League Title – वोल्फ्सबर्ग को हराकर लियोन ने पांचवी बार जीता महिला चैंपियंस लीग का खिताब

Lyon


स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 31 Aug 2020 08:32 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

फ्रांसीसी फुटबॉल क्लब लियोन ने यूरोप में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए रविवार को यहां खेले गए फाइनल में वोल्फ्सबर्ग को 3-1 से हराकर लगातार पांचवीं बार महिला चैंपियंस लीग का खिताब जीता।

लियोन की तरफ से इयुगेनी ली सोमर, साकी कुमागाइ और सारा ब्योर्क गुनार्सडोटिर ने गोल किए, जिससे लियोन रिकॉर्ड सातवां खिताब अपने नाम करने में सफल रहा। वोल्फ्सबर्ग अपने तीसरे खिताब की कवायद में था। उसकी तरफ से एकमात्र गोल अलेक्स पोप ने किया। वोल्फ्सबर्ग ने इससे 2013 और 2014 में खिताब जीते थे। वोल्फ्सबर्ग को इससे पहले 2016 और 2018 में भी फाइनल में लियोन से हार का सामना करना पड़ा था।

फ्रांसीसी फुटबॉल क्लब लियोन ने यूरोप में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए रविवार को यहां खेले गए फाइनल में वोल्फ्सबर्ग को 3-1 से हराकर लगातार पांचवीं बार महिला चैंपियंस लीग का खिताब जीता।

लियोन की तरफ से इयुगेनी ली सोमर, साकी कुमागाइ और सारा ब्योर्क गुनार्सडोटिर ने गोल किए, जिससे लियोन रिकॉर्ड सातवां खिताब अपने नाम करने में सफल रहा। वोल्फ्सबर्ग अपने तीसरे खिताब की कवायद में था। उसकी तरफ से एकमात्र गोल अलेक्स पोप ने किया। वोल्फ्सबर्ग ने इससे 2013 और 2014 में खिताब जीते थे। वोल्फ्सबर्ग को इससे पहले 2016 और 2018 में भी फाइनल में लियोन से हार का सामना करना पड़ा था।



Source link

What Is Caffeine-Nap? How Is It Helpful For Night-Shift Workers? Heres What Experts Reveal


For any coffee lover, there’s nothing better than a hot cup of freshly brewed coffee! Be it to kick-start the morning or to refuel energy on a busy work-day – coffee is the ultimate solution to refresh ourselves at any time of the day. A new study has shown that a cup of coffee, along with a quick nap can help you stay alert on a night shift. For the unversed, this process of drinking coffee before a nap is referred to as ‘caffeine-nap’.

A research conducted by a team of experts from the University of South Australia finds that caffeine nap not only keeps you alert, but also helps improve attention and performance levels.

“The finding could help counteract the kind of sleep inertia that is experienced by many shift workers,” said the lead researcher of the study, Dr. Stephanie Centofanti from UniSA Online and the Sleep and Chronobiology Laboratory at UniSA.

Dr Centofanti further stated, “Caffeine-nap (or ‘caff-nap’) is a “win-win” as shift workers can gain the benefits of a 20-30-minute nap and the perk of the caffeine when they wake. It’s a win-win.”

However, too much coffee may harm our overall sleep and health, the researchers added, as per a report in ANI.

Speaking in this regard, Nutritionist and Macrobiotic Health Coach, Shilpa Arora ND explained that caffeine can work both as a stimulant and relaxant and have different effects on different individuals. “While coffee for someone with high blood pressure can be detrimental, it has an opposite effect on the ones with low blood pressure,” she said.

“But for individuals working on night shifts, the combination of coffee and nap makes total sense as both of these help a person boost energy and reboot body and mind,” she added.

Taking all these points under consideration, we say that caffeine-nap can be of much help to the night-shift workers, only if the coffee is taken in moderation.



Source link

Samsung Galaxy M51 Launched With A 7000mah Battery, Know Its Specifications – 7000mah की धाकड़ बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Samsung Galaxy M51, जानें आपके लिए क्या है खास


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

Samsung Galaxy M51 जर्मनी में लॉन्च हो गया है। यह फोन खास कर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो लंबे समय तक फोन पर बात करते हैं या फिर इस पर ऑफिशियल काम करते हैं। कंपनी ने इसमें 7000mAh की पावरफुल बैटरी दी है। इसके अलावा इसमें फोटोग्राफी के लिए रियर में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है। भारत में इस स्मार्टफोन को पहले ही अमेजन इंडिया पर टीज कर दिया गया था। ऐसे में अब इसके भारत में लॉन्च होने का इंतजार है। 

भारत में कब होगा लॉन्च

रिपोर्ट्स के मुताबिक Samsung अपने Galaxy M51 को सितंबर के दूसरे हफ्ते में भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकता है।

Samsung Galaxy M51: कीमत

जर्मनी में लॉन्च हुए Samsung Galaxy M51 की कीमत EUR 360 है, जो भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 31,500 रुपये है। कंपनी ने इसे ब्लैक और व्हाइट कलर वेरिएंट्स में लॉन्च किया है। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इसे भारत में 25,000 से 30,000 रुपये के बीच लॉन्च कर सकती है।
 

Samsung Galaxy M51: डिस्प्ले 

इस स्मार्टफोन में 6.7 इंच फुल HD+ सुपर एमोलेड प्लस इनफिनिटी O डिस्प्ले दिया गया है। 

Samsung Galaxy M51: परफॉर्मेंस

इसमें पावर के लिए ऑक्टा कोर प्रोसेसर दिया गया है। हालांकि, कंपनी ने इसमें दिए गए चिपसेट का खुलासा नहीं किया है। इसमें 6GB की रैम और 128GB की स्टोरेज दी गई है। यूजर्स इसकी इंटरनल स्टोरेज को माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए बढ़ा सकते हैं। यह स्मार्टफोन एंड्रॉयड 10 बेस्ड OneUI पर रन करता है। 

Samsung Galaxy M51: कैमरा

फोटोग्राफी के लिए इसके रियर में चार कैमरे का सेटअप दिया गया है। इसके रियर में 64 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लैंस, 2 मेगापिक्सल का डेफ्थ सेंसर और 2 मेगापिक्स का मैक्रो लेंस दिया गया है। सेल्फी के लिए इस फोन में 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है।

Samsung Galaxy M51: बैटरी और चार्जिंग  

इस स्मार्टफोन में 7,000mAh की पावरफुल बैटरी दी गई है, जो 25 वॉट फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। 

Samsung Galaxy M51 जर्मनी में लॉन्च हो गया है। यह फोन खास कर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जो लंबे समय तक फोन पर बात करते हैं या फिर इस पर ऑफिशियल काम करते हैं। कंपनी ने इसमें 7000mAh की पावरफुल बैटरी दी है। इसके अलावा इसमें फोटोग्राफी के लिए रियर में क्वाड कैमरा सेटअप दिया गया है। भारत में इस स्मार्टफोन को पहले ही अमेजन इंडिया पर टीज कर दिया गया था। ऐसे में अब इसके भारत में लॉन्च होने का इंतजार है। 



Source link

Former Radio Announcer Ameen Sayani Fake Death News Viral On Social Media, Son Rajil Sayani Quashes Death Rumours – रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी के निधन की अफवाह, बेटे ने बताया- वह बिल्कुल ठीक हैं..


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 01 Sep 2020 12:11 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

रेडियो की दुनिया में आवाज के जादूगर कहे जाने वाले रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी के निधन की अफवाह सोमवार को सोशल मीडिया पर फैल गई। इसके साथ ही लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। हालांकि सयानी के बेटे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने पिता के ठीक होने की जानकारी दी, जिसके बाद अफवाह पर विराम लग सका।

रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी को रेडियो सीलोन और बिनाका गीतमाला के प्रस्तोता के तौर पर हम सभी जानते हैं। ऐसे में उनके निधन की झूठी खबर रेडियो श्रोताओं के लिए किसी आघात से कम नहीं थी। हालांकि यह पूरी तरह से अफवाह निकली।

सयानी के बेटे राजिल सयानी ने फेसबुक पर की गई एक पोस्ट के जरिए बताया कि उनके पिता पूरी तरह से ठीक हैं और 31 अगस्त 2020 की रात 10 बजे टीवी देख रहे थे। उन्होंने पोस्ट में यह भी बताया कि अमीन सयानी बीती 16 मार्च से घर से बाहर नहीं गए हैं।

रेडियो की दुनिया में आवाज के जादूगर कहे जाने वाले रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी के निधन की अफवाह सोमवार को सोशल मीडिया पर फैल गई। इसके साथ ही लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया। हालांकि सयानी के बेटे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने पिता के ठीक होने की जानकारी दी, जिसके बाद अफवाह पर विराम लग सका।

रेडियो उद्घोषक अमीन सयानी को रेडियो सीलोन और बिनाका गीतमाला के प्रस्तोता के तौर पर हम सभी जानते हैं। ऐसे में उनके निधन की झूठी खबर रेडियो श्रोताओं के लिए किसी आघात से कम नहीं थी। हालांकि यह पूरी तरह से अफवाह निकली।

सयानी के बेटे राजिल सयानी ने फेसबुक पर की गई एक पोस्ट के जरिए बताया कि उनके पिता पूरी तरह से ठीक हैं और 31 अगस्त 2020 की रात 10 बजे टीवी देख रहे थे। उन्होंने पोस्ट में यह भी बताया कि अमीन सयानी बीती 16 मार्च से घर से बाहर नहीं गए हैं।



Source link

British Sikh Soldier’s Promotion Makes Waves On Social Media


British Sikh Soldier's Promotion Makes Waves On Social Media

Corporal Chamandeep Singh attended a military school in India for 12 years

London:

A British Sikh soldier’s promotion within the UK Army ranks has become a social media sensation after the news posted by his proud wife attracted thousands of messages and comments.

Corporal Chamandeep Singh, a Punjab-born soldier in the Royal Logistic Corps (RLC) of the British Army, attended a military school in India for 12 years.

During this period, he read about another Indian soldier, Havildar Major Rajinder Singh Dhatt, and his heroic involvement in the Burma campaign of World War II.

The story of this Sikh war veteran, along with Mr Singh’s own father having served in the Indian Army, inspired him to move to the UK and join the British Army.

He is now a Twitter sensation after his wife, Ceese Kaur Seera, posted the news of his promotion earlier this month, which attracted over 7,300 likes and 500 retweets and comments.

“The person who has supported me throughout my journey is my wife, Ceese,” said Cpl Singh, who has been amazed by the worldwide response, including from India.

“I just couldn’t believe how many people from all around the world shared and commented on her tweet; it made me feel so proud to be a Sikh soldier and serve this country,” he said.

His wife herself works in a challenging role, as a Forensic Scene Investigations Officer, and is also the National Lead for the National Sikh Police Association.

“We support each other by having a mutual understanding that is built on teamwork and trust. I am always incredibly proud of my husband’s achievements and getting promoted is a huge deal to any soldier, but as a Sikh, it’s so wonderful for our community to see soldiers going up the ranks and achieving so much,” said Ceese Kaur Seera.

“I wanted to share this incredible news with my friends through social media; I didn’t think for a second the tweet would do as well as it did – the number of messages we had was amazing,” she said.

Her soldier husband was posted to 22 Signals Regiment in October 2017 where he now works as part of the Unit Spares Account providing first-line equipment support to the Light Aid Detachment, the UK Ministry of Defence (MoD) said in a statement marking his promotion.

Mr Singh is part of 150 Sikhs serving in Britain’s Regular Army, amid soldiers famed for their fierce fighting ability, bravery and loyalty, the MoD said.

“I have always been supported throughout my career in the Army, particularly by Staff Sergeant Rogers and Sergeant Adeboga from 22 Signals Regiment. These individuals, in particular, have shown me a huge amount of support, I cannot thank them enough; they are true examples of excellent Army leadership and mentoring,” he said.

In addition to his military role, the MoD highlighted that Mr Singh thrives as an Engagement Representative for the Defence Sikh Network, of which he has been a part of for the last five years.

Formerly known as the British Armed Forces Sikh Association, the Defence Sikh Network aims to unite and support Sikh personnel, veterans and MoD civil servants in order to maximise operational effectiveness and support the Sikh community.

The Network follows five key objectives – engage, mentor, educate, encourage and connect and these objectives also promote Britain’s defence and the key role Sikhs play within the UK Armed Forces, the MoD said.

“A particular highlight for the RLC soldier is his work with the youth of the community, where he connects with and supports young adults in their future career choices. Alongside his work with the Network, Cpl Mr Singh also assists with events run by the BAME (black, Asian and minority ethnic) Network and he is overwhelmingly positive about the support he has received from the British Army,” the MoD said.

The statement also praised Mr Singh for his “immeasurable amount of support” to the community, from organising countless charity events to working with gurdwaras and supporting the homeless, through his role as an Engagement Representative.

(This story has not been edited by NDTV staff and is auto-generated from a syndicated feed.)



Source link

How Exam Amid Pandemic Poses Challenge For Both Students & Govt



Despite massive stir raised by lakhs of students, parents and politicians demanding postponement of exams, the National Testing Agency (NTA) is set to conduct the Joint Entrance Exam (JEE) and National Eligibility cum Entrance Test (NEET) as per the schedule. ALSO READ | JEE Main 2020 Exams From Tuesday – Here’s List Of Items Allowed & Prohibited Inside Examination Hall

Around 8.67 lakh candidates who have registered for the entrance exam are likely to appear for the test which would be held from Tuesday, September 1, 2020 till September 6, 2020 across India at different time slots.

Challenge For Students & Government As India Records 36,21,245 COVID-19 Cases

It is to be noted that the exams are being conducted at the time when India is fighting a Coronavirus pandemic. India registered 78,512 cases in the last 24 hours (Sunday, August 30), pushing the total COVID-19 Tally to 36,21,245. As per the latest health bulletin, there are as many as 7,81,975 active cases in the country.

The figures pose a great challenge to both the government as well as the students as the risk of contracting the deadly COVID-19 continues to prevail in the society. Moreover, many students residing in remote places may face hardship in travelling as the government buses are accommodating fewer passengers.

However Union Education Minister Ramesh Pokhriyal ‘Nishank’ on Sunday assured students and parents that the Education Ministry is fully prepared for safe conduct of both these exams and is committed to ensuring the safety of the students.

ALSO READ | NEET 2020, JEE Mains, UGC NET Exam Dates: Here Are All Important Dates, Links For The September Exams

Here How Centre & State Governments Have Planned To Face The Challenge

Proper Sanitization At Exam Centres: Before each shift starts (and after last shift of the candidate) seating area will be thoroughly sanitized – monitor keyboard, mouse, webcam, desk and the chair. Candidates can further sanitize the same with sanitizers that will be made available in the examination lab/room/hall.

Hand Sanitizers & Masks To Be Provided By Govt: Candidate will be offered a fresh 3 Ply mask before entry. In order to stop chances of any UFM being used in the examination, the candidate is expected to wear the freshly provided mask at the centre. Besides masks, the government has also ensured the availability of Hand Sanitizers at various locations in the exam centre. Candidates and staff members will be required to sanitize hands by washing with soap and with Hand Sanitizer before entry in centre.

Thermal Screening: At time of entry, body temperature of staff, invigilators and students will be checked using Thermo Guns. In case, any staff person and candidate is observed to be having above normal temperature or displaying any symptom of COVID-19 suspect, they will be placed in separate Isolation Room. Candidates will be allowed to write their exam in isolation rooms.

Touch-Free Functioning: Frisking through Handheld Metal Detector (HHMD) will be carried out without touching body. Rough sheets will be kept at all desks before start of exam by invigilators wearing gloves to ensure hygiene.

Free Transport In Odisha: The Odisha Chief Secretary AK Tripathy on Friday announced that all candidates who are appearing for the JEE Main and NEET 2020 in the month of September, will be provided with free-of-cost transport and accommodation to reduce the difficulties amid coronavirus pandemic.



Source link

Indian Premier League IPL 2020 Corona Positive Broadcaster Star TV team member Indian Cricketers COVID-19 Positive News Updates | ब्रॉडकास्टर स्टार टीवी टीम के सदस्य का टेस्ट पॉजिटिव, कंपनी का प्लान बदला; 2 प्लेयर और 11 स्टाफ भी संक्रमित हो चुके


  • Hindi News
  • Sports
  • Cricket
  • Indian Premier League IPL 2020 Corona Positive Broadcaster Star TV Team Member Indian Cricketers COVID 19 Positive News Updates

11 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

टूर्नामेंट का पहला मैच चेन्नई और मुंबई के बीच होना तय माना जा रहा था, लेकिन सीएसके टीम में कोरोना केस मिलने के बाद यह शेड्यूल बदल सकता है। -फाइल फोटो

  • इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स टीम के 2 खिलाड़ी और 11 सपोर्ट स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाए गए
  • इस बार आईपीएल कोरोनावायरस के कारण यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होना है

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) शुरू होने में अब सिर्फ 19 दिन रह गए हैं, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। नया मामला आईपीएल की ब्रॉडकास्टिंग कंपनी स्टार प्रोडक्शन से जुड़ा है। उसके एक क्रू मेंबर की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह टीम सोमवार को यूएई के लिए रवाना होने वाली थी। अब कपंनी ने यूएई की यात्रा को फिलहाल टाल दिया है।

इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के 2 खिलाड़ी और 11 स्पोर्ट स्टाफ का कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद टीम के सदस्य सुरेश रैना ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया। आईपीएल का 13 वां सीजन इस बार यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होना है।

8 दिन में 1988 कोरोना टेस्ट हुए
बीसीसीआई ने शनिवार को कहा था कि 20 से 28 अगस्त के बीच कोरोना की जांच के लिए कुल 1988 आरटी-पीसीआर टेस्ट हुए। इसमें खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, टीम मैनेजमेंट, आईपीएल की ऑपरेशनल टीम के मेंबर्स शामिल हैं। इसमें से 13 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

शनिवार को हुआ था कोरोना टेस्ट
ब्रॉडकास्टिंग कंपनी स्टार ने 31 अगस्त को अपनी पहली टीम यूएई भेजने प्लान बनाया था। इसको लेकर टीम के सभी सदस्यों का कोरोना टेस्ट कराया जाना जरूरी था। कंपनी के आदेश के बाद शनिवार को कोरोना टेस्ट कराया गया। इसमें एक रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कंपनी ने फिलहाल यात्रा रोक दी है। वहीं, स्टार कंपनी की टीम को यूएई पहुंचने के बाद क्वारैंटाइन में जाना था।

टूर्नामेंट के पहले 20 मैच दुबई में हो सकते हैं
बीसीसीआई ने आईपीएल का शेड्यूल अब तक जारी नहीं किया गया है। अबुधाबी में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लीग के पहले 20 मुकाबले दुबई में कराए जा सकते हैं। 8 में से 6 टीमें दुबई में ही प्रैक्टिस कर रही हैं। केकेआर और मुंबई इंडियंस अबुधाबी में तैयारी कर रही हैं। वहीं, सौरव गांगुली कह चुके है कि टूर्नामेंट समय से शुरू होगा। क्लस्टर में भी मैच कराए जा सकते हैं।

टूर्नामेंट में हर 5वें दिन कोरोना टेस्ट भी होगा
इस बार बायो-सिक्योर माहौल में आईपीएल 53 दिन का होगा। 8 टीमों के बीच 60 मैच खेले जाएंगे। यह सभी मुकाबले यूएई के तीन स्टेडियम दुबई, अबु धाबी और शारजाह में होंगे। खिलाड़ियों और स्टाफ को बायो-सिक्योर माहौल तोड़ने पर सख्त सजा भी मिलेगी। टूर्नामेंट के दौरान सभी का हर 5वें दिन कोरोना टेस्ट भी होगा।

0



Source link

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, आज 2:30 बजे अंतिम संस्कार, 7 दिन का राष्ट्रीय शोक | nation – News in Hindi


नई दिल्ली. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) का निधन हो गया है. वह 84 साल के थे. उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी (Abhijit Mukherjee) ने ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति के निधन की पुष्टि की है. प्रणब मुखर्जी के निधन के बाद केंद्र सरकार ने 7 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. मुखर्जी ने सैन्य अस्पताल में अंतिम सांस ली. पूर्व राष्ट्रपति का अंतिम संस्कार मंगलवार को दिल्ली में किया जाएगा.

प्रणब मुखर्जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. सोमवार सुबह ही प्रणब मुखर्जी के फेफड़ों में इंफेक्शन की पुष्टि हुई थी. फेफड़ों में इंफेक्शन के बाद से ही उनकी हालात बिगड़ती जा रही थी.

प्रणब मुखर्जी को 10 अगस्त को दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल (आर एंड आर) हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. इसी दिन ब्रेन से क्लॉटिंग हटाने के लिए इमरजेंसी में सर्जरी की गई थी. इसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी. प्रणब ने 10 तारीख को ही खुद के कोरोना पॉजिटिव होने की बात भी कही थी.

Pranab Mukherjee Death News Updates:– पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को उन्हें संघ के लिये एक “मार्गदर्शक” करार दिया और कहा कि वह राजनीतिक छुआछूत में विश्वास नहीं करते थे.

– पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को उन्हें संघ के लिये एक “मार्गदर्शक” करार दिया और कहा कि वह राजनीतिक छुआछूत में विश्वास नहीं करते थे.

-पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन का समाचार सुनकर अत्यंत दुख हुआ. वह प्रज्ञावान और कार्य क्षमता वाले थे. उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.

– कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि मैं पूरे देश के साथ शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं.

राष्ट्रपति समेत कई दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
प्रणब मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी. रामनाथ कोविंद ने ट्वीट में लिखा कि प्रणब मुखर्जी के निधन की खबर सुनकर दुख हुआ. उनका जाना एक युग का अंत है. प्रणब मुखर्जी ने देश की सेवा की, आज उनके जाने पर पूरा देश दुखी है.

ये भी पढ़ेंः- जमीन से जुड़ी सोच वाले व्यक्ति थे प्रणब मुखर्जी, क्लर्क से भारत रत्न तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने जाहिर किया शोकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रणब मुखर्जी के निधन पर शोक जाहिर किया है. पीएम मोदी ने लिखा कि प्रणब मुखर्जी के निधन पर पूरा देश दुखी है, वह एक स्टेट्समैन थे. जिन्होंने राजनीतिक क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र के हर तबके की सेवा की है. प्रणब मुखर्जी ने अपने राजनीतिक करियर के दौरान आर्थिक और सामरिक क्षेत्र में योगदान दिया. वह एक शानदार सांसद थे, जो हमेशा पूरी तैयारी के साथ जवाब देते थे.

2012 में बनें थे देश के राष्ट्रपति
प्रणब मुखर्जी ने जुलाई 2012 में भारत के 13वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली थी. वह 25 जुलाई 2017 तक इस पद पर रहे थे. प्रणब मुखर्जी को 26 जनवरी 2019 में भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया गया था. प्रणब मुखर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय (Calcutta University) से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर के साथ साथ कानून की डिग्री हासिल की थी. वे एक वकील और कॉलेज प्राध्यापक भी रहे और उन्हें मानद डी.लिट उपाधि भी दी गई. मुखर्जी ने पहले एक कॉलेज प्राध्यापक के रूप में और बाद में एक पत्रकार के रूप में अपना कैरियर शुरू किया. 11 दिसम्बर 1935, को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के वीरभूम जिले में प्रणब मुखर्जी का जन्म हुआ था. उनके पिता 1920 से ही कांग्रेस पार्टी में सक्रिय थे. मुखर्जी के पिता एक सम्मानित स्वतन्त्रता सेनानी थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन की खिलाफत के परिणामस्वरूप 10 वर्षो से अधिक जेल की सजा भी काटी थी.

1969 में पहली बार पहुंचे थे राज्यसभा
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे मुखर्जी का संसदीय करियर करीब पांच दशक पुराना है. वह पहली बार 1969 में राज्यसभा पहुंचे थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) ने इनकी योग्यता से प्रभावित होकर मात्र 35 वर्ष की अवस्था में, 1969 में कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्य सभा का सदस्य बना दिया. उसके बाद वे, 1975, 1981, 1993 और 1999 में राज्यसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए. प्रणब मुखर्जी अपनी योग्यता के चलते सन् 1982 से 1984 तक कई कैबिनेट पदों के लिए चुने जाते रहे और और सन् 1984 में भारत के वित्त मंत्री बने.

जब कांग्रेस से अलग हो गए थे मुखर्जी
वित्त मंत्री के रूप में प्रणब मुखर्जी के कार्यकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर थे. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव के बाद मुखर्जी  राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की समर्थक मण्डली के षड्यन्त्र के शिकार हुए जिसके चलते उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया. यही नहीं कुछ समय के लिए उन्हें कांग्रेस पार्टी से निकाल दिया गया. उस दौरान उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस का गठन किया, लेकिन सन् 1989 में राजीव गांधी के साथ समझौता होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस पार्टी में विलय कर दिया.





Source link

Translate »
You cannot copy content of this page