Russia’s Sputnik V Developers Asks AstraZeneca To Try Combining Vaccines


Russia's Sputnik V Developers Asks AstraZeneca To Try Combining Vaccines

In August, Russia became the first country to register a COVID-19 vaccine (Representational)

Moscow:

The Russian Gamaleya research institute has suggested UK pharmaceutical company AstraZeneca try to boost the efficacy of its COVID-19 vaccine, combining it with a shot of Russian COVID-19 vaccine Sputnik V.

On Monday, AstraZeneca released interim results of its candidate vaccine showing two different levels of efficacy depending on the dosing regimen. Efficacy in patients administered two full doses one month apart was 62 per cent, while in those administered a half-dose and then a full dose it reached 90 per cent. The UK company is planning additional vaccine trials.

“Current full dose AstraZeneca regimen resulted in 62% efficacy. If they go for a new clinical trial, we suggest trying a regimen of combining the AZ shot with the #SputnikV human adenoviral vector shot to boost efficacy. Combining vaccines may prove important for revaccinations,” the Gamaleya research institute wrote on Twitter.

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In August, Russia became the first country to register a COVID-19 vaccine, which was named Sputnik V. The clinical trials of the Sputnik V vaccine, developed by the Gamaleya research institute, have demonstrated that its efficacy rate is over 90 per cent.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



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डिएगो माराडोना को इन रिकॉर्ड्स ने बनाया महान



दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार और 1986 विश्व कप में अर्जेंटीना की जीत के नायक डिएगो माराडोना का बुधवार को निधन हो गया। पेले के साथ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिने जाने वाले माराडोना 60 वर्ष के थे।



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Keep yourself fit and healthy in winter body will remain healthy | सेहत बनाने के लिए परफेक्ट मौसम है Winters, फॉलो करें ये जरूरी Tips


नई दिल्लीः सर्दियों (Winter) ने उत्तर भारत में दस्तक दे दी है. सर्दी का मौसम आते ही इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर दिखना शुरू हो जाता है. जैसे त्वचा संबंधी परेशानी, आलस्य, सर्दी-जुकाम और खांसी. गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में ज्यादा खाना खाते हैं. साथ ही शरीर आलस्य भी करने लगता है. आपको बताते हैं कि सर्दियों में किस तरह से अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए.

एक्सरसाइज या लंबी वॉक करें (excercise)
फिट रहने के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है. इससे आप अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं. साथ ही आलस्य कम होता है और फुर्ती बनी रहती है. आप चाहें तो लंबी वॉक भी कर सकते हैं. इससे बॉडी में गर्मी पैदा होती है और खून का संचालन तेज हो जाता है. 

नमक का सेवन कम करें
सर्दियों में नमक का सेवन कम करना चाहिए. क्योंकि ज्यादा नमक दिल की बीमारियों को दावत देता है. इस मौसम में ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल करना चाहिए.

खुद को ठंड से बचाएं
इस मौसम में खुद को ठंड से बचाकर रखें. ज्यादा से ज्यादा गर्म कपड़ों से तन को ढककर रखना चाहिए. पैर, सिर और कानों को ठंडी हवा बिल्कुल न छुए. 8 घंटे की नींद जरूर लें. खाने में गर्म चीजों का सेवन भी करें. सर्दियों में स्किन फटने लगती है, तो तेल या बॉडी लोशन लगा लें.

डाइट का रखें विशेष ख्याल:
सर्दियों में कई बीमारियां बॉडी को घेरने के लिए तैयार रहती हैं. इसलिए अच्छी डाइट का हमेशा ख्याल रखें. साबुत अनाज, दलिया का सेवन करना काफी फायदेमंद रहता है, जो वजन तो कम करता ही है, सात ही दिल की बीमारियों के खतरों को कम करता है. सर्दियों में सब्जी और फल खूब खाने चाहिए. इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स सर्दियों में बीमारियों के प्रभाव को कम कर देते हैं. फ्राइड और सैचुरेटेड फूड्स का सेवन न करें.

पानी और ड्रिंक
सर्दियों में आवश्यकतानुसार ही पानी पीना चाहिए. हर्बल-टी पी सकते हैं, तो वो जरूर पीएं, क्योंकि इससे एलडीएल कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड का लेवल कम हो जाता है.

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(नोट: कोई भी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें)

 





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Moto G 5G India Launch On 30 November Know Price And Features – भारत में 30 नवंबर को लॉन्च होगा Moto G 5G स्मार्टफोन, जानिए इसकी संभावित कीमत और फीचर्स


स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Motorola जल्द ही भारत में अपना 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने वाला है। इसे Moto G 5G के नाम से लॉन्च किया जाएगा। यह स्मार्टफोन 30 नवंबर को एक इवेंट में लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा मोटरोला एक और स्मार्टफोन भारत में लॉन्च करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार Moto G9 Power को भी कंपनी अगले महीने भारत में लॉन्च करेगी।

बताया जा रहा है Moto G9 Power को दिसंबर के दूसरे सप्ताह में लॉन्च किया जा सकता है। बता दें कि मोटरोला के ये दोनों स्मार्टफोन इस वर्ष की शुरुआत में यूरोपीयन मार्केट में लॉन्च किए जा चुके हैं।

Moto G 5G के फीचर्स
यूरोपियन मार्केट में लॉन्च हुए Moto G 5G के आधार पर फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.7 इंच का फुल HD+ LTPS डिस्प्ले पैनल मिलेगा। यह स्मार्टफोन Android 10 पर काम करता है। प्रोसेसर की बात करें तो इसमें Qualcomm Snapdragon 750G SoC प्रोसेसर दिया गया है। मोटरोला का यह स्मार्टफोन सिंगल वेरिएंट 4GB RAM + 64GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया जा सकता है। इसकी स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड की सहायता से 1TB तक बढ़ाया जा सकता है।

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कैमरा
इस फोन को ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ लॉन्च किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार इसका मेन लेंस 48MP का हो सकता है। इसके अलावा 8MP का वाइड एंगल सेंसर और 2MP का मैक्रो सेंसर दिया जा सकता है। वहीं वीडियो कॉलिंग और सेल्फी के लिए फ्रंट में 16MP का कैमरा मिल सकता है। वहीं फोन को पॉवर देने के लिए इसमें 5,000mAh की बैटरी होगी, जो 20W का टर्बो पॉवर फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी।

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संभावित कीमत
Motorola अपने Moto G 5G को अर्फोडेबल 5जी फोन के रूप में प्रमोट कर रही है। बता दें कि यूरोपीय बाजार में इसे EUR 299.99 में लॉन्च किया गया था। भारत में इसे 22,000 से 24,000 रुपए की कीमत में लॉन्च किए जाने की संभावना है। भारत में मोटरोला के इस स्मार्टफोन का मुकाबला OnePlus Nord 5G स्मार्टफोन से होगा।











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Australia’s COVID-19 Hotspot, Victoria Goes 28 Days Without An Infection


Australia's COVID-19 Hotspot Goes 28 Days Without An Infection

People walk past a cafe after COVID-19 restrictions were eased for the state of Victoria.

Sydney:

Australia’s second-largest state, Victoria, once the country’s COVID-19 hotspot, said on Friday it has gone 28 days without detecting any new infections, a benchmark widely cited as eliminating the virus from the community.

The state also has zero active cases after the last COVID-19 patient was discharged from hospital this week, a far cry from August when Victoria recorded more than 700 cases in one day and active infections totalled nearly 8,000.

The spread of the virus was only contained after a lockdown lasting more than 100 days, leaving some 5 million people in Melbourne, Australia’s second largest city, largely confined to their homes.

While the lockdown has seen infections wane, it slowed Australia’s economic recovery from its first recession in three decades after large swathes of the country’s economy were shut down in March.

Australia’s economy shrank 7% in the three months to the end of June, the biggest quarterly decline since records began in 1959. The unemployment rate hit a 22-year high of 7.5% in July as businesses and borders closed to deal with the coronavirus.

The slowdown in cases, however, has seen Australian states and territories remove social distancing restrictions.

Australia’s southern island state, Tasmania, on Friday became the latest to open its border to Victoria, reuniting families who had been apart for months.

“It has been very difficult, but we are going to make up for it. We are going to go to the beach and have beautiful Tasmanian seafood and some pinot noir,” Allison Park, a Victoria resident visiting family in Tasmania, told reporters in the city of Hobart after arriving on a plane from Melbourne.

Victoria is the last state to gain access to Tasmania, which closed its borders in March.

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COVID NORMAL

While Australia is removing restrictions in contrast to other countries in Europe, which are imposing curbs to counter a surge of infections, local lawmakers have said only an effective vaccine will restore longstanding normalcy.

Australia has secured access to four vaccine candidates, but its best hope for a quick vaccination programme lies with the AstraZeneca vaccine, which is already being manufactured locally.

The Australian Government has committed to buying 33.8 million doses of the vaccine.

A speedy roll-out of the AstraZeneca came under the microscope, however, when the company said it will likely run an additional global trial to assess the efficacy of its COVID-19 vaccine.

Still, Australia’s Minister for Health Greg Hunt said this would not delay Canberra’s expected timetable to begin vaccinations from March.

Australia’s nearly 28,000 COVID-19 infections recorded to date, according to health ministry data, are far fewer than many other developed countries. Victoria accounts for more than 90% of the country’s 905 deaths.

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India VS Australia 1st ODI Update ; IND VS AUS sydney LIVE Score News | Australia vs India Score from SCG 2020 | ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी, ओपनर वॉर्नर और फिंच क्रीज पर


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सिडनी6 मिनट पहले

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टॉस के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कैप्टन एरॉन फिंच और भारतीय कप्तान विराट कोहली। टीम इंडिया सीरीज में नई जर्सी के साथ उतरी है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 3 वनडे की सीरीज का पहला मैच सिडनी में खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। कोरोना के बीच पहली बार स्टेडियम में क्रिकेट फैंस को भी एंट्री मिलेगी। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर और एरॉन फिंच क्रीज पर हैं।

दोनों टीमें 21 महीने बाद ऑस्ट्रेलिया में आमने-सामने होंगी। ऑस्ट्रेलिया में दोनों के बीच पिछला मुकाबला 15 जनवरी 2019 को खेला गया था। एडिलेड में खेले गए इस वनडे में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हराया था।

दोनों टीम का बेयरफुट सर्कल
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने नस्लवाद के खिलाफ और एबओरिजनल कल्चर के प्रति समर्थन दिखाने के लिए बेयरफुट सर्कल यानी नंगे पैर एक सर्कल बनाया। टीम इंडिया ने भी उनका साथ दिया।

दोनों टीमें:
भारत: शिखर धवन, मयंक अग्रवाल, विराट कोहली (कप्तान), श्रेयस अय्यर, लोकेश राहुल (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रविंद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, युजवेंद्र चहल, नवदीप सैनी और जसप्रीत बुमराह।
ऑस्ट्रेलिया: डेविड वॉर्नर, एरॉन फिंच (कप्तान), स्टीव स्मिथ, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), मार्कस स्टोइनिस, मार्नस लाबुशाने, ग्लेन मैक्सवेल, पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, एडम जम्पा और जोश हेजलवुड।

जनवरी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराया था

दोनों के बीच खेले गए पिछले दोनों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की थी। ऑस्ट्रेलिया इस साल जनवरी में भारत दौरे पर आई थी। तब 3 वनडे की सीरीज के आखिरी दो मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी। ऐसे में टीम इंडिया के पास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरा मैच जीतने का मौका है।

पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत ने जीती थी सीरीज

पिछली बार भारतीय टीम ने जनवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 3 वनडे की सीरीज खेली थी। पहला वनडे हारने के बाद टीम इंडिया ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। तब भी भारतीय टीम की कमान विराट कोहली के हाथ में ही थी। ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी भी एरॉन फिंच के ही पास थी। इस बार भी दोनों टीम के बीच 3 ही वनडे की सीरीज खेली जाएगी। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के घर में भी कोहली की टीम के पास लगातार तीसरा वनडे जीतने का मौका है।

पिच रिपोर्ट

सिडनी में पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। स्पिनर्स भी अहम भूमिका निभा सकते है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का सक्सेस रेट 56.05% है।

सिडनी स्टेडियम का रिकॉर्ड

  • कुल खेले गए वनडे: 157
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 88
  • बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 62
  • पहली पारी का औसत स्कोर: 222
  • दूसरी पारी का औसत स्कोर: 187

हेड-टु-हेड

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक 140 वनडे खेले गए। इसमें टीम इंडिया ने 52 मैच जीते और 78 हारे हैं, जबकि 10 मुकाबले बेनतीजा रहे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसी के घर में भारतीय टीम ने 51 वनडे खेले, जिसमें से 13 जीते और 36 मैच हारे हैं। 2 वनडे बेनतीजा रहे।

धवन के साथ दूसरे ओपनर पर मंथन

धवन के साथ दूसरे ओपनर के लिए टीम को माथापच्ची करनी होगी। मयंक अग्रवाल और शुभमन गिल इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। वहीं, टीम के पास लोकेश राहुल के रूप में तीसरा विकल्प भी मौजूद है, लेकिन टीम उन्हें विकेटकीपिंग के साथ मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करा सकती है।

बुमराह-शमी पर गेंदबाजी का दारोमदार

गेंदबाजी का जिम्मा जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी पर रहेगा। दोनों ने IPL में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा स्पिन बॉलर्स में युजवेंद्र चहल और रविंद्र जडेजा मोर्चा संभालते नजर आ सकते हैं।

रोहित की कमी खलेगी

टीम इंडिया को ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा की कमी खलेगी। हैम-स्ट्रिंग इंज्युरी की वजह से रोहित वनडे और टी-20 टीम का हिस्सा नहीं हैं। रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले 40 मैचों में 2208 रन बनाए हैं। इसमें 8 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं। ऐसे में टीम को उनकी कमी खली सकती है।

कोहली-धवन पर रहेगा दारोमदार

रोहित के बिना टीम की बल्लेबाजी का दारोमदार शिखर धवन और कप्तान विराट कोहली पर होगा। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1900+ और धवन ने 1100+ रन बनाए हैं। इसके अलावा श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे और हार्दिक पंड्या जैसे बल्लेबाजों पर मिडिल ऑर्डर में रन बनाने का जिम्मा होगा।

वॉर्नर-स्मिथ की वापसी से ऑस्ट्रेलिया मजबूत

डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ की टीम में वापसी से ऑस्ट्रेलिया टीम मजबूत हुई है। वहीं, एरॉन फिंच और मार्कस स्टोइनिस भी भारतीय गेंदबाजों के लिए चुनौती बन सकते हैं। मार्नस लाबुशाने के लिए टीम इंडिया को खास रणनीति बनानी होगी।

स्टार्क-हेजलवुड पर बॉलिंग का जिम्मा

ऑस्ट्रेलियाई बॉलिंग अटैक में मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे फास्ट बॉलर्स टीम इंडिया के सामने चुनौती पेश करेंगे। होम कंडीशन में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और भी खतरनाक हो जाते हैं। इनके अलावा एडम जम्पा स्पिन बॉलिंग का जिम्मा संभाल सकते हैं।





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Weight Loss: How To Make Low-Carb Paneer Kathi Roll With Besan Ki Roti


Highlights

  • Low carb diet requires you limit your ‘bad’ carbohydrate intake
  • Carbohydrates get digested quickly, leaving you hungry short after
  • Scientists have found certain links between low-carb diet and weight loss

We all want to lose those extra kilos, but the moment we start to think about dieting and workout, we tend to develop cold feet. Will your life just become about salads and burpees, would you never get to indulge in your favourite treats? Are you even ready to say goodbye to fries yet? Guess what, a weight loss diet may not be as daunting an affair as you are making it to be. It does involve making tough choices, but even among those limited options, you can make quite a few tempting treats for yourself.

(Also Read: 

If you are trying to follow a low carbohydrate diet, you are in for a treat. But first let us understand what a low-carb diet is. According to some weight-loss experts and fitness coaches, carbs get metabolised too soon, leaving you hungry soon after. You start craving for a quick snack which results in calorie-overload. Now a low-carb diet, does not restrict the consumption of carbs, but asks you to monitor it. Another interesting feature about this diet is choosing the ‘right’ kind of carb. Foods rich in fibre and complex carbs do not breakdown too soon and thus keep you satiated for long.

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Vegetables are an essential part of low carb diet

(Also Read: )

There are many interesting low-carb options right around you if you are willing to explore and experiment. Paneer, non-starchy greens, seasonal vegetables, and healthy flours could help you cut down on your carb intake very easily. We decided to club the goodness of these in a super satiating kathi roll. Here goes the recipe.

Besan Kathi Roll With Paneer Recipe:

Ingredients:

  • For besan ki roti:
  • 200 gram Gram Flour (Besan)
  • 100 gram Whole wheat Flour
  • 1 tbsp Onions, chopped
  • 1/2 tsp Green Chilli, chopped
  • 1 tbsp Fresh Coriander, chopped
  • 1 tsp Red Chilli Powder
  • Oil as required
  • Salt as required

For Kathi Roll Stuffing:

  • Tawa Paneer Tikka, handful
  • 1 medium Onion, sliced
  • 3 tbsp of Mint Chutney
  • Chaat masala for taste

Method:

1. Make the dough of besan roti, by combining besan, atta, onions, green chillies, coriander, red chilli powder, salt and pinch of oil. Make a nice firm dough.

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2. Pull out small units from the dough and roll them out flat according to the desired thickness; do not roll them too thin, or else the roti can break.

3. Once all rotis are made, start assembling the rolls. Apply a smattering of chutney on the roti, then sneak in the onions, tawa paneer tikka (recipe here) and chaat masala for taste. Roll it up and repeat.

(This content including advice provides generic information only. It is in no way a substitute for qualified medical opinion. Always consult a specialist or your own doctor for more information. NDTV does not claim responsibility for this information.)

About Sushmita SenguptaSharing a strong penchant for food, Sushmita loves all things good, cheesy and greasy. Her other favourite pastime activities other than discussing food includes, reading, watching movies and binge-watching TV shows.



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Q2 GDP Data July September Data Indian Economy Covid 19 आज जारी होंगे जुलाई-सितंबर तिमाही के GDP आंकड़े, अर्थव्यवस्था में जोरदार रिकवरी की उम्मीद



GDP- India TV Paisa
Photo:FILE

GDP


कोविड 19 से जंग के बीच राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (NSO) आज वित्त वर्ष 2020—21 के जीडीपी के आंकड़े जारी करने जा रहा है। सरकार और शेयर बाजार से लेकर पूरे आर्थिक जगत को इन जीडीपी आकड़ों का बेसब्री से इंतजार है। बता दें कि अप्रैल जून तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पा में एतिहासिक गिरावट दर्ज की गई थी। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट -23.9 फीसदी दर्ज की गई थी। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बात करें तो यह अमेरिका के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे बुरी परफॉर्मर रही थी। 

हालांकि अर्थशास्त्री और अन्य जानकार इस बार अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी की उम्मीद जता रहे हैं।  आरबीआई ने अनुमान जताया है कि वित्‍त वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट रह सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि  कोरोना वायरस महामारी के कारण राष्‍ट्रव्‍यापी लॉकडाउन के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से अधिक जोरदार वापसी की है। उन्‍होंने कहा कि पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी वृद्धि में गिरावट आने का जोखिम अभी भी बना हुआ है। उन्‍होंने कहा कि हालांकि ग्रोथ आउटलुक बेहतर हुआ है, लेकिन यूरोप और भारत के कुछ हिस्‍सों में कोरोना वायरस संक्रमण के दोबारा फैलने के कारण ग्रोथ के लिए डाउनसाइड रिस्‍क अभी भी बरकरार है। 

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के अंशकालिक सदस्य नीलेश शाह ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट पहली तिमाही के मुकाबले कम होगी और यह ऊपरी स्तर के एक अंक में रह सकती है। शाह ने कहा कि बाजार में दीर्घकाल में तेजी आनी तय है। शाह ने कहा, ‘‘जून तिमाही में 23.9 प्रतिशत की गिरावट आयी। यह अबतक की सबसे बड़ी गिरावट थी। सितंबर तिमाही में भी जीडीपी में गिरावट का अनुमान है लेकिन यह दहाई अंक के मुकाबले ऊपर स्तर के एकल अंक में होगी। वहीं अक्टूबर दिसंबर तिमाही में गिरावट और कम होगी तथा जनवरी-मार्च, 2021 तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सकारात्मक रहनी चाहिए।’’

अप्रैल जून तिमाही में एतिहासिक गिरावट 

वित्त वर्ष 2021 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ में उम्मीद से ज्यादा गिरावट आई थी। पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट -23.9 फीसदी दर्ज की गई थी। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बात करें तो यह अमेरिका के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था सबसे बुरी परफॉर्मर रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था में बीते 40 साल में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट आई थी। असल में कोरोना महामारी के चलते देशभर में 2 महीने संपूर्ण लॉकडाउन रहा, जिससे आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ गईं। बता दें, सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन का एलान किया था। वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.1 फीसदी की दर से बढ़ी थी. जबकि 2019-20 में अर्थव्यवस्था की विकास दर 4.2 फीसदी रही थी।





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क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की तरह आप भी घर बैठे शुरू करें मटर की खेती, होगी लाखों में कमाई


नई दिल्ली. देश में इस समय मटर की खेती (Pea Farming) को लेकर खूब चर्चा हो रही है. इसका कारण भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) का मटर की खेती के प्रति प्रेम है. क्रिकेट के मैदान में कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी को सब्जियों में सबसे ज्यादा मटर खाना पसंद है. धोनी की इच्छा है कि जब पौधों में मटर निकलना शुरू हो जाए, तब वे सुकून के साथ अपने फार्म हाउस में मटर को छीलकर खाएं. इसके लिए धोनी ने बाकायदा रांची के अपने फार्म हाउस में बड़े पैमाने पर मटर की खेती शुरू कर दी है. बता दें कि देश के कई हिस्सों में मटर की खेती होती है और मटर की कई किस्म भी उगाए जाते हैं. आइए जानते हैं मटर की खेती देश के किन-किन राज्यों में होती है और यह क्यों फायदे का सौदा बनता जा रहा है.

मटर की खेती की क्या है अहमियत
भारत में सितंबर महीने में मटर की बुआई शुरू हो जाती है और नवंबर के दूसरे सप्ताह में मटर की फसल आ जाती है. दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में मटर की शुरुआती कीमत 60 से लेकर 80 रुपये किलो तक होती है. हाल के वर्षों में मटर की खेती कई किसानों की जिंदगी को बदल कर रख दिया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और झारखंड जैसे राज्यों में मटर की खेती बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है.

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धोनी ने बाकायदा रांची के अपने फार्म हाउस में बड़े पैमाने पर मटर की खेती शुरू कर दी है.

मटर की फसल में नुकसान कितना
मटर की खेती की करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान फसल में लगने वाले रोग और कीट से होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने मटर की कई किस्में विकसित किया है, जो रोग प्रतिरोधी होने के साथ-साथ सस्ती भी है. वैज्ञानिकों ने मटर की नई किस्म पंत मटर-399 विकसित की है, जो मटर की अन्य किस्में एचएफपी-530 और पंत मटर-74 से विकसित किया गया है. पंत मटर-399 की खासियत है कि ये फफूंदी, रतुआ, रस्ट, चूर्णील जैसे बीमारियों की प्रतिरोधी है.

ये राज्य सबसे ज्यादा मटर पैदावार करता है
भारत में तकरीबन 5,415 हजार टन मटर का उत्पादन होता है. मटर की खेती करने वाले देश के प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, झारखंड, और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं. खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मटर की खेती खूब होती है. उत्तर प्रदेश में ही तकरीबन देश का आधा मटर का उत्पादन होता है.

किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान फसल में लगने वाले रोग और कीट से होता है.

चब्बेवाल मटर क्यों है फेमस
पंजाब के होशियारपुर का चब्बेवाल मटर देश में काफी चर्चित है. पूरे देश में मटर की फसल सबसे पहले यहीं तैयार होती है. मीठे स्वाद के कारण देश के तमाम राज्यों में चब्बेवाल के मटर की मांग खूब है. दिल्ली-एनसीआर में ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के मटर मिलते हैं. कुछ साल पहले तक आर्थिक तंगी से जूझने वाले यहां के हजारों किसान परिवारों के जीवन में मटर ने समृद्धि ला दी है. इस इलाके के 100 गांवों में इस समय मटर की खेती हो रही है और हजारों किसान मटर की खेती से आत्मनिर्भर हो चुके हैं. एशिया की एकमात्र मटर मंडी भी होशियारपुर में है.

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कुलमिलाकर मटर की खेती के लिए अधिक पानी नहीं चाहिए. 27 से 30 डिग्री तापमान में मटर की फसल अच्छी होती है. शायद यही कारण है देश के महान क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ने झारखंड के रांची स्थित अपने फॉर्म हाउस में मटर की खेती शुरू की है. हाल के वर्षों में मटर की खेती मुनाफे का सौदा बनता जा रहा है. आने वाले सालों में मटर की खेती को लेकर किसान और जागरूक हो सकते हैं.





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Gujarat Many People Died After Fire Broke Out At Shivanand Covid Hospital In Rajkot Cm Rupani Ordered Probe – गुजरात: राजकोट के कोविड अस्पताल में आग से पांच मरीजों की जिंदा जलकर मौत, कई झुलसे


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
Updated Fri, 27 Nov 2020 08:11 AM IST

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गुजरात के राजकोट में शुक्रवार अल सुबह एक निजी कोविड अस्पताल में भीषण आग लगने से पांच मरीजों की जिंदा जलकर मौत हो गई। कई अन्य मरीज भी झुलस गए, उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग का कारण अभी पता नहीं चल सका है।

यह दर्दनाक घटना राजकोट के मावड़ी इलाके में स्थित शिवानंद अस्पताल के आईसीयू में हुई। कोविड अस्पताल होने की वजह से अस्पताल के आईसीयू में 11 मरीज भर्ती थे। इन्हें मिलाकर अस्पताल में कुल 33 मरीज भर्ती थे। कई मरीज आग की ऊंची लपटों में घिरकर झुलस गए। उन्हें घायल अवस्था में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।

आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया गया है कि आग की शुरुआत अस्पताल के आईसीयू से हुई थी।
 

मुख्यमंत्री रुपाणी ने दिए जांच के आदेश
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है। वहीं अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने और अन्य कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। 

गुजरात के राजकोट में शुक्रवार अल सुबह एक निजी कोविड अस्पताल में भीषण आग लगने से पांच मरीजों की जिंदा जलकर मौत हो गई। कई अन्य मरीज भी झुलस गए, उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग का कारण अभी पता नहीं चल सका है।

यह दर्दनाक घटना राजकोट के मावड़ी इलाके में स्थित शिवानंद अस्पताल के आईसीयू में हुई। कोविड अस्पताल होने की वजह से अस्पताल के आईसीयू में 11 मरीज भर्ती थे। इन्हें मिलाकर अस्पताल में कुल 33 मरीज भर्ती थे। कई मरीज आग की ऊंची लपटों में घिरकर झुलस गए। उन्हें घायल अवस्था में दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।

आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को मौके पर भेजा गया, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया गया है कि आग की शुरुआत अस्पताल के आईसीयू से हुई थी।

 

मुख्यमंत्री रुपाणी ने दिए जांच के आदेश
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है। वहीं अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने और अन्य कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। 





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Union Ministry Of Education Sent Final School Bag Policy To States – हर 10 दिन बिना बैग से कक्षा में आएंगे छात्र, शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों को भेजी स्कूल बैग पॉलिसी


स्कूल से लौटते बच्चे
– फोटो : पीटीआई

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पहली से 12वीं कक्षा के सभी छात्रों को दस दिन बिना बैग के कक्षा में आना होगा। इस दौरान छठीं से आठवीं कक्षा के छात्रों को वोकेशनल ट्रेनिंग के तहत कारपेंटर, कृषि, गार्डनिंग,लोकल आर्टिस्ट आदि की इंटर्नशिप करवायी जाएगी। जबकि छठीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को ऑनलाइन छुटिट्यों में वोकेशनल कोर्स करवाये जा सकते हैं। इसके अलावा छात्रों को क्विज और खेलकूद से भी जोडना है। 

 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की उप-सचिव सुनीता शर्मा की ओर से नई शिक्षा नीति 2020 के तहत फानइल स्कूल पॉलिसी 2020 सभी राज्यों के शिक्षा सचिव को भेजी गयी है। यह पॉलिसी देश के सभी स्कूलों में लागू करनी अनिवार्य होगी।

हालांकि पॉलिसी करने से पहले राज्य इस पर अपने सुझाव भेज सकते हैं। स्कूल बैग पॉलिसी में स्कूल और पेरेंट्स  की अहम जिम्मेदारी तय की गई है। पहली से दसवीं कक्षा तक के छात्रों को स्कूल बैग छात्र के कुल वजन का दस फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।

प्री प्राइमरी के छात्रों के लिए कोई बैग नहीं होगा। हर स्कूल को बैग का वजन जांचने के लिए डिजिटल मशीन लगानी अनिवार्य होगी। उसमें शिक्षक बैग का वजन जांचेंगे। स्कूल बैग हल्के और दोनों कंधो पर लटकने वाले होने चाहिए, ताकि बच्चे आसानी से  उसे उठा सके। स्कूलों में मिड-डे-मील देना होगा, ताकि उन्हें लंच न लाना पड़े।

साथ ही वाटर बोतल की बजाय स्कूल में स्वच्छ पानी की व्यवस्था करनी होगी। टाइम -टेबल के आधार पर नो बैग का समय निर्धारित करना होगा, ताकि बच्चे उसी आधार पर किताब लाएं। विशेष छात्र(स्पेशल निड फॉर चिल्ड्रन) छात्रों के लिए स्कूल में किताब बैंक रखना होगा, ताकि उन्हें घर से किताब न लानी पड़े। 
 

प्री- प्राइमरी  कोई बैग नहीं 
पहली कक्षा 1.6 से 2.2 किलो
दूसरी कक्षा 1.6 से 2.2 किलो
तीसरी कक्षा 1.7 से 2.5 किलो
चौथी कक्षा 1.7 से 2.5 किलो
पांचवीं कक्षा 1.7 से 2.5 किलो
छठीं कक्षा 2 से 3 किलो
सातवीं कक्षा 2 से 3 किलो
आठवीं कक्षा 2.5  से 4 किलो
नौंवी कक्षा 2.5 से 4.5 किलो
दसवीं कक्षा 2.5 से 4.5 किलो 
11वीं कक्षा 3.5 से 5 किलो
12वीं कक्षा 3.5 से 5 किलो 

पहली और दूसरी कक्षा में एक ही नोटबुक होगी प्रयोग: 
पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों को क्लासवर्क के लिए एक ही नोटबुक प्रयोग करनी होगी। जबकि तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों को दो नोटबुक होगी। इसमें से एक वो कक्षा में ही छोड़कर जाएगा।

छठीं से आठवीं कक्षा के छात्रों को क्लासवर्क और होमवर्क के लिए खुली फाइल में कागज रखने होंगे। छठीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को बार-बार कागज पर लिखकर उसे गुम करने की बजाय संभालने की आदत सीखानी होगी। छात्रों को एक-दूसरे के साथ किताब शेयर कर पढ़ाई करने की आदत डालनी होगी। 

पहली से 12वीं कक्षा के सभी छात्रों को दस दिन बिना बैग के कक्षा में आना होगा। इस दौरान छठीं से आठवीं कक्षा के छात्रों को वोकेशनल ट्रेनिंग के तहत कारपेंटर, कृषि, गार्डनिंग,लोकल आर्टिस्ट आदि की इंटर्नशिप करवायी जाएगी। जबकि छठीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को ऑनलाइन छुटिट्यों में वोकेशनल कोर्स करवाये जा सकते हैं। इसके अलावा छात्रों को क्विज और खेलकूद से भी जोडना है। 

 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की उप-सचिव सुनीता शर्मा की ओर से नई शिक्षा नीति 2020 के तहत फानइल स्कूल पॉलिसी 2020 सभी राज्यों के शिक्षा सचिव को भेजी गयी है। यह पॉलिसी देश के सभी स्कूलों में लागू करनी अनिवार्य होगी।

हालांकि पॉलिसी करने से पहले राज्य इस पर अपने सुझाव भेज सकते हैं। स्कूल बैग पॉलिसी में स्कूल और पेरेंट्स  की अहम जिम्मेदारी तय की गई है। पहली से दसवीं कक्षा तक के छात्रों को स्कूल बैग छात्र के कुल वजन का दस फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।

प्री प्राइमरी के छात्रों के लिए कोई बैग नहीं होगा। हर स्कूल को बैग का वजन जांचने के लिए डिजिटल मशीन लगानी अनिवार्य होगी। उसमें शिक्षक बैग का वजन जांचेंगे। स्कूल बैग हल्के और दोनों कंधो पर लटकने वाले होने चाहिए, ताकि बच्चे आसानी से  उसे उठा सके। स्कूलों में मिड-डे-मील देना होगा, ताकि उन्हें लंच न लाना पड़े।

साथ ही वाटर बोतल की बजाय स्कूल में स्वच्छ पानी की व्यवस्था करनी होगी। टाइम -टेबल के आधार पर नो बैग का समय निर्धारित करना होगा, ताकि बच्चे उसी आधार पर किताब लाएं। विशेष छात्र(स्पेशल निड फॉर चिल्ड्रन) छात्रों के लिए स्कूल में किताब बैंक रखना होगा, ताकि उन्हें घर से किताब न लानी पड़े। 
 

प्री- प्राइमरी  कोई बैग नहीं 
पहली कक्षा 1.6 से 2.2 किलो
दूसरी कक्षा 1.6 से 2.2 किलो
तीसरी कक्षा 1.7 से 2.5 किलो
चौथी कक्षा 1.7 से 2.5 किलो
पांचवीं कक्षा 1.7 से 2.5 किलो
छठीं कक्षा 2 से 3 किलो
सातवीं कक्षा 2 से 3 किलो
आठवीं कक्षा 2.5  से 4 किलो
नौंवी कक्षा 2.5 से 4.5 किलो
दसवीं कक्षा 2.5 से 4.5 किलो 
11वीं कक्षा 3.5 से 5 किलो
12वीं कक्षा 3.5 से 5 किलो 

पहली और दूसरी कक्षा में एक ही नोटबुक होगी प्रयोग: 
पहली और दूसरी कक्षा के छात्रों को क्लासवर्क के लिए एक ही नोटबुक प्रयोग करनी होगी। जबकि तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों को दो नोटबुक होगी। इसमें से एक वो कक्षा में ही छोड़कर जाएगा।

छठीं से आठवीं कक्षा के छात्रों को क्लासवर्क और होमवर्क के लिए खुली फाइल में कागज रखने होंगे। छठीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को बार-बार कागज पर लिखकर उसे गुम करने की बजाय संभालने की आदत सीखानी होगी। छात्रों को एक-दूसरे के साथ किताब शेयर कर पढ़ाई करने की आदत डालनी होगी। 



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Six Members Of Pak Squad In NZ Test Positive For Covid-19 – मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड ने लगाई पाकिस्तान की क्लास, टीम के 6 खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव

मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड ने लगाई पाकिस्तान की क्लास, टीम के 6 खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव


-पाकिस्तान टीम 10 दिसंबर से न्यूजीलैंड में तीन टी-20 और दो टेस्ट मैच खेलने वाली है।
-न्यूजीलैंड दौरे से पहले पाकिस्तानी टीम के 6 खिलाड़ियों को हुआ कोरोना।
-पहले न्यूजीलैंड के लिए रवाना होने से पहले पाकिस्तान टीम के चार टेस्ट निगेटिव आए थे।
-न्यूजीलैंड ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर लगाया आइसोलेशन के दौरान प्रोटोकॉल्स तोड़ने के आरोप।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी (covid pandemic) के कारण खेल जगत पर काफी असर पड़ा है, लेकिन सभी खिलाड़ी और बोर्ड सुरक्षा पर खास ध्यान देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इसी बीच एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। न्यूजीलैंड दौरे (newzeland tour) पर गई पाकिस्तान क्रिकेट टीम (Pakistan cricket team) के 6 खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव (Covid-19) पाए गए हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।

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खिलाड़ियों ने किया प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन
एनजेडसी को बताया गया था कि पाकिस्तान टीम (Pakistani Team) के कुछ खिलाड़ियों ने आइसोलेशन के पहले दिन प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन किया। एनजेडसी ने बयान में कहा है, इन छह में से दो परिणाम पुराने हैं जबकि चार नए। इसका मतलब है कि न्यूजीलैंड में टीम के आने संबंधी जो नियम हैं उसके मुताबिक छह सदस्य क्वारंटीन में रहेंगे।

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आइसोलेशन में ट्रेनिंग की इजाजत नहीं
पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों को आइसोलेशन में ट्रेनिंग करने की इजाजत को तब तक रोक दिया गया है जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती। इससे पहले न्यूजीलैंड के लिए रवाना होने से पहले पाकिस्तान टीम के चार टेस्ट निगेटिव आए थे। एनजेडसी ने कहा, एनजेडसी को इस बारे में पता है कि पाकिस्तान टीम के कुछ खिलाड़ियों ने आइसोलेशन के पहले दिन प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन किया। हम इसे लेकर चर्चा करेंगे कि मेहमान टीम को जरूरी बातों से अवगत करा दिया जाए।

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10 दिसंबर से शुरू होगा दौरा
न्यीजीलैंड को पाकिस्तान के साथ अपने घर में तीन टी-20 और दो टेस्ट मैच खेलने हैं। इस दौरे की शुरुआत 10 दिसंबर से हो रही है। इसे पहले न्यूजीलैंड वेस्टइंडीज के साथ दो टेस्ट और तीन टी-20 मैच खेलेगी।





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Donald Trump Says He Will Leave White House If Joe Biden Victory Confirmed


Trump Says He Will Leave White House If Biden Victory Confirmed

Donald Trump: It’s going to be a very hard thing to concede. (File)

Washington:

President Donald Trump said Thursday for the first time that he would leave the White House if Joe Biden is officially confirmed the winner of the US election, even as he railed against the “rigged” vote.

Trump has made an unprecedented attempt to defy the results of the election by refusing to concede, spreading wild theories about stolen ballots and launching baseless legal challenges that have been thrown out by courts.

Answering his first questions from reporters since the November 3 vote, the president moved closer to accepting that he would serve only one term in office before Biden is inaugurated on January 20.

When asked if he would leave the White House if the Electoral College confirmed Biden’s victory, Trump said, “Certainly I will. And you know that.” 

But “if they do, they made a mistake,” he said, adding, “It’s going to be a very hard thing to concede.”

“I think that there will be a lot of things happening between now and (January) 20th,” he said.

The Electoral College, which determines the White House winner, will meet on December 14 to certify Biden’s victory, with Biden receiving 306 votes to Trump’s 232.

“This election was a fraud,” Trump said, again without providing any evidence during his remarks to reporters at the White House after he spoke to military personnel via video-link on the Thanksgiving holiday.

He described the US voting infrastructure as “like a third-world country.”

Earlier in the day he tweeted that “this was a 100% RIGGED ELECTION,” while on Wednesday he called on his Republican supporters “to turn the election over.”

No proof of fraud

Newsbeep

President-elect Biden has said that Americans “won’t stand” for attempts to derail the vote outcome, and urged for Americans to unite to fight the worsening pandemic.

More than 260,000 people have died in the US from Covid-19, with daily death tolls surging to 2,000 on recent days.

Trump’s refusal to concede the election to Biden has added to the countless norms he has torn up during his four years in power.

Supporters suggest he is already eyeing a run for president in 2024.

Trump, 74, is alleging — among other conspiracy theories — that voting machines deliberately deleted millions of his votes, though the government election security agency declared it “the most secure” election in US history.

Under pressure from some senior Republicans, Trump this week ended his blockade of government assistance to ease Biden’s preparation for assuming the presidency.

Trump said Thursday he would soon travel to Georgia to campaign ahead of two key runoff elections that will decide which party controls the Senate.

Biden, 78, this week introduced a slate of veteran diplomats and policy-makers who will make up his national security and foreign policy team, saying: “America is back, ready to lead the world.”

He said that in his first 100 days in office, he would tackle the Covid crisis, scrap Trump policies “damaging” the environment and push legislation offering millions of undocumented US residents a route to citizenship.

(This story has not been edited by NDTV staff and is auto-generated from a syndicated feed.)



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Micromax In 1b Sale Today In India Price And Specifications – Micromax In 1b की पहली सेल आज, जानें कीमत से लेकर फीचर्स तक


टेक, डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Nov 2020 10:19 AM IST

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घरेलू मोबाइल निर्माता कंपनी माइक्रोमैक्स ने लंबे समय बाद बाजार में वापसी करते हुए हाल ही में दो नए स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं जिनमें से Micromax In 1b की आज यानी 26 नवंबर को पहली सेल है। Micromax In 1b में मीडियाटेक का ऑक्टाकोर प्रोसेसर है। इसके अलावा Micromax In 1b में 6.52 इंच की फुल एचडी प्लस डिस्प्ले है। डिस्प्ले में वाटरड्रॉप नॉच दिया गया है।

Micromax In 1b की बिक्री आज दोपहर 12 बजे फ्लिपकार्ट और माइक्रोमैक्स की आधिकारिक वेबसाइट से होगी। इस फोन के 2 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 6,999 रुपये है। वहीं 4 जीबी रैम के साथ 64 जीबी स्टोरेज वेरियंट की कीमत 7,999 रुपये है। Micromax In 1b ग्रीन, ब्लू और पर्पल तीन कलर वेरियंट में मिलेगा।

इस फोन में 6.52 इंच की एचडी प्लस डिस्प्ले है। इसके अलावा इस फोन में मीडियाटेक हीलियोG35 प्रोसेसर, 2GB/4GB रैम और 32GB/64GB की स्टोरेज है। इस फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप है जिसमें एक लेंस 13 मेगापिक्सल का और दूसरा 2 मेगापिक्सल का है।

ये भी पढ़ें: Micromax In 1b Vs Redmi 9A: कौन है मैदान का असली खिलाड़ी

सेल्फी के लिए इसमें 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में 5,000एमएएच की बैटरी है जो 10 वॉट की फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग के साथ आती है। इसके अलावा फोन में 4जी, वाई-फाई, टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट और 3.5एमएम का हेडफोन जैक है।

घरेलू मोबाइल निर्माता कंपनी माइक्रोमैक्स ने लंबे समय बाद बाजार में वापसी करते हुए हाल ही में दो नए स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं जिनमें से Micromax In 1b की आज यानी 26 नवंबर को पहली सेल है। Micromax In 1b में मीडियाटेक का ऑक्टाकोर प्रोसेसर है। इसके अलावा Micromax In 1b में 6.52 इंच की फुल एचडी प्लस डिस्प्ले है। डिस्प्ले में वाटरड्रॉप नॉच दिया गया है।


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Micromax In 1b की कीमत



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पत्नी के झगड़ों से परेशान शख्स दूर रहने के लिए MNC की जॉब छोड़कर बन गया ड्राइवर


प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 35 साल का शख्स मंगलवार को अपने परिवार के पास लौट आया है. क्राइम ब्रांच की डिप्टी कमिश्नर मोनिका भारद्वाज कहती हैं, ‘गुरुवार को शायद उनकी शादी को 10 साल पूरे हुए थे. हमने पति और पत्नी दोनों की काउंसलिंग कराई है, ताकि पति फिर से भाग न जाए.’


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 27, 2020, 7:45 AM IST

नई दिल्ली. शादी के बाद अक्सर पति-पत्नी के झगड़ों की खबरें तो आपने जरूर पढ़ी होंगी. नोकझोंक से शुरू हुए ये झगड़े कब जी का जंजाल बन जाते हैं, पता नहीं चलता. दिल्ली में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक शख्स अपनी बीवी के साथ हो रहे रोज-रोज के झगड़ों से इस कदर तंग आ गया कि उसे मल्टीनेशनल कंपनी की अच्छी खासी जॉब छोड़ दी. नौकरी छोड़ने के बाद ये शख्स हरियाणा के मेवात (Haryana’s Mewat) में जाकर कैब ड्राइवर बन गया, ताकि परिवार से अलग और शांति से रह सके. परिवार को इसकी जानकारी भी नहीं दी. हालांकि, पत्नी के कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद ये शख्स अपने परिवार के पास वापस लौट आया है.

दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 35 साल का शख्स मंगलवार को अपने परिवार के पास लौट आया है. क्राइम ब्रांच की डिप्टी कमिश्नर मोनिका भारद्वाज कहती हैं, ‘गुरुवार को शायद उनकी शादी को 10 साल पूरे हुए थे. हमने पति और पत्नी दोनों की काउंसलिंग कराई है, ताकि पति फिर से भाग न जाए. फिलहाल दोनों राजी-खुशी से साथ रहने के लिए तैयार हो गए हैं.’

शादी में क्यों लिए जाते हैं 7 फेरे, जानें क्या है इसका महत्व

पुलिस के मुताबिक, पिछले साल 12 अप्रैल तक दोनों के बीच सबकुछ ठीक चल रहा था. शख्स पत्नी और आठ महीने के बच्चे के साथ ही रह रहा था और उनकी हर जरूरत को पूरा कर रहा था. तब वह एक पेंट फर्म में नौकरी करता था. उनकी सैलरी 25000 रुपये महीना थी.लेकिन, इसके बाद धीरे-धीरे दोनों में कहासुनी और छोटी-छोटी बात पर बहस होने लगी. जिसके बाद शख्स ने नोएडा छोड़ दिया और हरियाणा के मेवात जाकर रहने लगा. परिवार को इसकी जानकारी तक नहीं थी. पत्नी ने नोएडा थाने में पति की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी.

ब्रेकअप से टूट गया है दिल, इन 5 टिप्स से संभल जाएगी जिंदगी

डीसीपी ने कहा, ‘उस पति के ऐसे गायब होने के पीछे पत्नी को उसके करीबी दोस्त पर शक था. इसलिए उसने कोर्ट का सहारा लिया और पति के दोस्त की पॉलिग्राफ टेस्ट की मांग की.’ फिलहाल इसकी नौबत नहीं आई. दोस्त के जरिए पत्नी के कोर्ट जाने की खबर पाते ही शख्स लौट आया है.





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ऑस्ट्रेलिया में शानदार, लेकिन सिडनी में फिसड्डी विराट कोहली

नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australai) के बीच सीरीज का आगाज आज यानी 27 नवंबर से होने जा रहा है. सीरीज की शुरुआत वनडे मैचों के साथ होगी. इसके बाद तीन मैचों की टी20 और फिर चार मैचों की टेस्ट सीरीज (बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी) खेली जाएगी. भारत जब आज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी करेगा तो उसके साथ हिटमैन रोहित शर्मा (Rohit Sharma) नहीं होंगे. विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में कुछ नए चेहरों के साथ टीम इंडिया प्लेइंग इलेवन उतार सकती है. सीरीज में रोहित शर्मा की कमी खलेगी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली के रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम आत्मविश्वास से उतरेगी. (Virat Kohli/Instagram)


वहीं, इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली के फॉर्म की बात करें तो उन्होंने पिछले एक साल से इंटरनेशनल शतक नहीं ठोका है. आखिरी बार बांग्लादेश के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट में पिछले साल नवंबर में शतक जड़ा था. इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले दो टेस्ट मैचों की चार पारियों में विराट का स्कोर रहा था- 2, 19, 3, 14. (Virat Kohli/Instagram)





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Watch: How To Make Bhindi Ka Salan To Spruce Up Your Meal


Highlights

  • Salan is an Urdu word that stands for curry
  • Salan is best enjoyed with biryani across the country
  • This bhindi ka salan recipe is a unique twist to the traditional recipe

No desi meal seems complete without some raita, chutney or pickle to pair with. These side dishes not only complement the rice, roti or paratha that we are eating, but also help cleanse the palate during a meal. And when it is about pairing with biryani, then first thing that comes to our mind is salan. A designated side dish for biryani across India, salan is an Urdu word that stands for curry. Here, chilli is the main ingredient that is dunked in yogurt-based gravy made with a pool of spices.

Adding some variation to this traditional dish, we bring you a unique salan recipe that includes bhindi (okra) in place of mirchi (chillies). Bhindi ka salan comprises crispy fried okra with thick spicy gravy made with curd, onion, ginger, garlic, fennel seeds, mace powder etc.

You may pair it with paratha and make your meal a delicious affair!

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Here’s The Written Recipe Of Bhindi Ka Salan:

Ingredients:

10 bhindis

Half cup curd

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2 onions

2 tsp ginger-garlic paste

Half tsp cardamom powder

Half tsp fennel seeds

1/4 tsp turmeric powder

Half tsp coriander powder

Half tsp white pepper powder

Half tsp cumin powder

Salt, as per taste

One pinch mace powder

Method:

Add white pepper, coriander powder, turmeric powder and cumin powder in curd and whisk well. Keep aside.

Boil water with some salt and add the onions to it. Boil for 5 minutes.

Grind the onions into smooth paste. Keep aside.

Heat oil in a pan and fry the bhindi till it turns crispy. Transfer the bhindis to a plate.

Add ginger-garlic paste in the same kadhai and fry till it starts releasing aroma.

Add the onion paste and mix.

Add the curd paste, mix and add a cup of water, cardamom powder, mace powder, fennel seeds and salt in it. Cook everything together.

Add the fried bhindis and simmer for 10 minutes.

And a bowl of spicy bhindi ka salan is ready to be served. Meal

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About Somdatta SahaExplorer- this is what Somdatta likes to call herself. Be it in terms of food, people or places, all she craves for is to know the unknown. A simple aglio olio pasta or daal-chawal and a good movie can make her day.



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UK Asks Regulator To Study AstraZeneca Vaccine


UK Asks Regulator To Study AstraZeneca Vaccine

The AstraZeneca vaccine has shown an average 70-percent effectiveness (Representational)

London, United Kingdom:

The British government said on Friday it has asked its independent medicines regulator to assess AstraZeneca’s coronavirus vaccine as part of the formal approval process for the drug to be rolled out by the end of the year.

More than 1.4 million people have died since the novel coronavirus emerged in China late last year, and three drug developers — Pfizer/BioNTech, Moderna and AstraZeneca/Oxford University — are currently applying for approval for their vaccines to be used as early as December.

AstraZeneca has completed Phase III clinical trials of its vaccine, the last stage before regulatory approval.

But under British rules, the government must also ask the independent Medicines and Healthcare products Regulatory Agency (MHRA) to green light the drug.

“We have formally asked the regulator to assess the Oxford/AstraZeneca vaccine, to understand the data and determine whether it meets rigorous safety standards,” said Health Secretary Matt Hancock.

Britain has secured access to 100 million doses of the vaccine produced by the British drug manufacturer in partnership with the University of Oxford.

The department of health has said it expects four million doses of the shot to be ready for Britain by the end of the year and 40 million by the end of March 2021.

Earlier on Thursday, AstraZeneca said further research was needed on the vaccine, but the additional testing was unlikely to affect the approval process.

Newsbeep

The AstraZeneca vaccine has shown an average 70-percent effectiveness.

But that rate jumped to 90 percent when an initial half-dose then a full dose was given, similar to that in rival vaccines in development by Pfizer/BioNTech and Moderna.

US scientists have said the higher rate of effectiveness came during tests in people aged 55 and under, and was discovered by accident during the clinical trials.

“Now that we’ve found what looks like a better efficacy, we have to validate this, so we need to do an additional study,” AstraZeneca chief executive Pascal Soriot told Bloomberg.

The UK government has already formally asked the MHRA to assess the Pfizer/BioNTech vaccine for its suitability.

(This story has not been edited by NDTV staff and is auto-generated from a syndicated feed.)



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Icmr Survey Report By August, 2020 74 Million People In India Were Infected By The Coronavirus – भारत में अगस्त तक 7.4 करोड़ लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके थे: आईसीएमआर सर्वे


कोरोना वायरस: जांच के लिए सैंपल देते लोग
– फोटो : अमर उजाला

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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दूसरे राष्ट्रीय सीरो-सर्वे में कहा गया है कि भारत में अगस्त तक 10 साल या उससे अधिक आयु के लगभग 7.43 करोड़ लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके थे। इनमें सबसे अधिक लोग शहरी झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में थे। इसके बाद गैर झुग्गी-झोपड़ी वाले और ग्रामीण इलाकों में मिले।

‘लैंसेट ग्लोबल हेल्थ’ में प्रकाशित सर्वेक्षण परिणामों के अनुसार भारत में 10 साल से कम आयु के लोगों पर किए गए सीरो सर्वे से पता चला है कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने के मामले में अतिसंवेदनशील है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘भारत के अधिकतर राज्यों में संक्रमण का प्रसार तब तक जारी रहने की आशंका है जब तक सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल नहीं कर लिया जाता। अब यह काम प्राकृतिक तरीके से संक्रमण से हो या टीकाकरण से।’

रिपोर्ट के अनुसार, ‘अगस्त 2020 तक दस साल या उससे अधिक आयु के लगभग 15 लोगों में से एक व्यक्ति सार्व-सीओवी-2 के संक्रमण की चपेट में था। मई और अगस्त 2020 के बीच संक्रमण के प्रसार में 10 गुणा तक वृद्धि हुई।’

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दूसरे राष्ट्रीय सीरो-सर्वे में कहा गया है कि भारत में अगस्त तक 10 साल या उससे अधिक आयु के लगभग 7.43 करोड़ लोग कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुके थे। इनमें सबसे अधिक लोग शहरी झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में थे। इसके बाद गैर झुग्गी-झोपड़ी वाले और ग्रामीण इलाकों में मिले।

‘लैंसेट ग्लोबल हेल्थ’ में प्रकाशित सर्वेक्षण परिणामों के अनुसार भारत में 10 साल से कम आयु के लोगों पर किए गए सीरो सर्वे से पता चला है कि आबादी का एक बड़ा हिस्सा नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने के मामले में अतिसंवेदनशील है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘भारत के अधिकतर राज्यों में संक्रमण का प्रसार तब तक जारी रहने की आशंका है जब तक सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल नहीं कर लिया जाता। अब यह काम प्राकृतिक तरीके से संक्रमण से हो या टीकाकरण से।’

रिपोर्ट के अनुसार, ‘अगस्त 2020 तक दस साल या उससे अधिक आयु के लगभग 15 लोगों में से एक व्यक्ति सार्व-सीओवी-2 के संक्रमण की चपेट में था। मई और अगस्त 2020 के बीच संक्रमण के प्रसार में 10 गुणा तक वृद्धि हुई।’



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