Jnu Will Open In A Phased Manner From November 2, Know Which Students Will Be Allowed To Come In The First Phase – Jnu: इस दिन से चरणबद्ध तरीके से खुलेगा जेएनयू, पहले चरण में इन छात्रों को मिलेगी आने की अनुमति


एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला

Updated Thu, 22 Oct 2020 11:33 AM IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
– फोटो : AMAR UJALA

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JNU Reopening 2020: प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दो नवंबर से चरणबद्ध तरीके से फिर से खुलेगा। बता दें कि वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से जेएनयू मार्च से ही बंद है और अब विश्वविद्यालय को चरणबद्ध तरीके से छात्रों के लिए खोला जाएगा। एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी गई है।

 

पहले चरण में इन शोधार्थियों और पीएचडी छात्रों के लिए खुलेगा
आधिकारिक बयान के मुताबिक, पहले चरण में जेएनयू उन शोधार्थियों और पीएचडी अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए खुलेगा जिन्हें प्रयोगशालाओं में जाना अनिवार्य है और अपनी थीसीज जमा करानी है।

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दूसरे चरण के लिए 16 नवंबर से खुलेगा विश्वविद्यालय

वहीं, जेएनयू प्रशासन की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दूसरे चरण के विश्वविद्यालय 16 नवंबर से खुलेगा। दूसरे चरण में हॉस्टल में रहने वाले अंतिम वर्ष के पीएचडी छात्रों को विश्वविद्यालय आने की अनुमति  मिलेगी। हालांकि, इस दौरान केंद्रीय पुस्तकालय और कैंटीन व ढाबे बंद रहेंगे। बता दें कि जेएनयू छात्र संघ मांग कर रहा है कि परिसर में शोधार्थियों की चरणबद्ध तरीके से वापसी की अनुमति दी जाए। इसे लेकर जेएनयू छात्र संघ के सदस्य पिछले शनिवार से विश्वविद्यालय गेट पर धरने पर बैठे हैं।

JNU Reopening 2020: प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दो नवंबर से चरणबद्ध तरीके से फिर से खुलेगा। बता दें कि वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से जेएनयू मार्च से ही बंद है और अब विश्वविद्यालय को चरणबद्ध तरीके से छात्रों के लिए खोला जाएगा। एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी गई है।

 



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टोक्यो ओलंपिक के लिए हॉकी टीम अच्छी स्थिति में है – डिफेंडर कोथाजीत सिंह



भारत के लिए 200 से अधिक मैच खेल चुके कोथाजीत ने आगे कहा कि भारतीय टीम सही समय पर मैदान पर लौटी है और प्रत्येक खेल गतिविधियों के सत्र के साथ आगे बढ़ रही है।



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मास्‍क पहनने में की लापरवाही तो हो सकता है फेफड़ों पर डबल अटैक


मास्‍क न पहनने से कोरोना और प्रदूषण का फेफड़ों पर हो सकता है डबल अटैक. कॉन्‍सेप्‍ट इमेज.

मास्‍क न पहनने से कोरोना और प्रदूषण का फेफड़ों पर हो सकता है डबल अटैक. कॉन्‍सेप्‍ट इमेज.

दिल्‍ली सफदरजंग अस्‍पताल (Delhi Safdarjung Hospital) में रेस्पिरेटरी विभाग में ऑफिसर डॉ. नीरज कुमार गुप्‍ता का कहना है कि कोरोना तो एक बड़ा फैक्‍टर है ही लेकिन अब प्रदूषण (Pollution) की वजह से भी मास्‍क लगाना बेहद जरूरी है. अगर लोग मास्‍क लगाने में ढील बरत रहे हैं तो प्रदूषण कोरोना के साथ मिलकर लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर डबल अटैक कर सकता है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 22, 2020, 2:51 PM IST

नई दिल्‍ली. दिल्‍ली में प्रदूषण का स्‍तर दिनोंदिन बढ़ रहा है. राजधानी में पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा बढ़ने से हवा की गुणवत्‍ता भी खराब हो रही है और इस हवा में सांस लेना मुश्किल हो रहा है. आज सिर्फ कोरोना की वजह से ही नहीं बल्कि प्रदूषण और धुंध से बचने के लिए भी मास्‍क पहनने की अपील की जा रही है. जबकि कई जगहों पर लोगों को बिना मास्‍क के देखा जा रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो मास्‍क न पहनना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है.

दिल्‍ली सफदरजंग अस्‍पताल में रेस्पिरेटरी विभाग में ऑफिसर डॉ. नीरज कुमार गुप्‍ता का कहना है कि कोरोना तो एक बड़ा फैक्‍टर है ही लेकिन अब प्रदूषण की वजह से भी मास्‍क लगाना बेहद जरूरी है. अगर लोग मास्‍क लगाने में ढील बरत रहे हैं तो प्रदूषण कोरोना के साथ मिलकर लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य पर डबल अटैक कर सकता है.

डॉ. गुप्‍ता बताते हैं कि प्रदूषण सांस की नली में मौजूद प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है साथ ही अंदर सूजन को जन्‍म देता है या उसे बढ़ाने का काम करता है. ऐसी स्थिति में अगर प्रदूषण की चपेट में आए व्‍यक्ति को कोरोना हो जाता है तो उस स्थिति में पीड़ि‍त व्‍यक्ति की हालत ज्‍यादा खराब हो सकती है बजाय उसके जो बिना प्रदूषण के कोरोना की चपेट में आया है. प्रदूषण के साथ कोरोना होने से फेफड़ों की हालत ज्‍यादा खराब होने की संभावना है. मास्‍क के बिना संक्रमण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ सकती है. देखा गया है कि पार्टिकुलेट मैटर कोरोना को शरीर में प्रवेश कराने के लिए वाहन का काम कर सकते हैं. जो काफी खतरनाक है.

डॉ. नीरज कहते हैं कि इटली के अनुभव से यह देखा गया है कि जहां प्रदूषण ज्‍यादा था, वहां पर कोरोना की वजह से मौतें ज्‍यादा हुई हैं. वहां मौतों के लिए प्रदूषण को बड़ा फैक्‍टर माना गया है. तो यह कहा जा सकता है कि प्रदूषण के साथ कोरोना की चपेट में आने से लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य को बड़ी हानि हो सकती है.ट्रिपल लेयर मास्‍क पहनना इसलिए सबसे ठीक

बाजार में मौजूद कई प्रकार के मास्‍क पर वे कहते हैं कि दिल्ली में जो प्रदूषण की चादर तन रही है, उसमें पीएम 2.5 सबसे ज्‍यादा है. इसे रोकने के लिए एन 95 मास्‍क सबसे अच्‍छा है क्‍योंकि यह पार्टिकुलेट मैटर को रोकने में सक्षम है लेकिन सभी के लिए एन-95 मास्‍क पहन पाना भी संभव नहीं है क्‍योंकि इसकी भी अपनी परेशानियां हैं, ज्‍यादा देर तक लगाने से घबराहट और बेचैनी जैसी समस्‍याएं लोगों को होती हैं. ऐसे में ट्रिपल लेयर मास्‍क लगाना ठीक है. कपड़े के तीन लेयर के मास्‍क पहनना भी उपयोगी रहेगा.

सरकार तय कर चुकी है मास्‍क के दाम

बता दें कि केंद्र सरकार मास्‍क के दाम भी तय कर चुकी है. इससे ज्‍यादा कीमत पर मास्‍क की बिक्री नहीं की जा सकती है. केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के ट्विटर हैंडल से जारी किए गए बयान में कहा गया कि खुदरा बाजार में दो प्‍लाई मास्‍क आठ रुपये जबकि तीन प्‍लाई मास्‍क 10 रुपये से ज्‍यादा कीमत पर नहीं बेचा जा सकता है. वहीं मास्‍क के फैब्रिक के दाम भी फरवरी 2020 के अनुसार ही रहेंगे.





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Mira Kapoors Desi Avocado Toast Is All Things Healthy, Green And Delicious!


Mira Kapoor's <i>Desi</i> Avocado Toast Is All Things Healthy, Green And Delicious!

Mira Kapoor made an interesting green Avocado toast with some unique toppings.

Highlights

  • Mira Kapoor brought her own twist to the Avocado toast recipe
  • The diva garnished her toast with fresh homegrown greens
  • Take a look at the dish she made

There is an abundance of creativity on the internet, especially when it comes to food and fusion dishes. Netizens never cease to amaze us by reinventing a number of dishes and creatively customising them to make them their own. For instance, recently, a picture of Chai ice cream with sugar parantha had gone viral. Mira Kapoor too hopped on the fusion food bandwagon, with an Avocado toast that had an interesting Desi twist. Take a look at the picture she shared:

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(Also Read: )

“Not just another Avo-Toast,” wrote Mira Kapoor describing her dish. The delicious creation comprised slices of bread topped with an interesting looking tomato sauce. Slices of fresh avocado were drizzled with pepper and put on the Avocado toast, and then Mira Kapoor added the Desi touch to her dish. She used homegrown greens as garnish on her toast, including methi and saunf leaves. The entire dish looked refreshing and gorgeous!

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The healthy Avocado toast was not just pleasing to the eyes, but also loaded with good nutrition. Methi is enriched with Iron and many important vitamins that are essential for overall health. Saunf or fennel leaves also highly nutritious as they contain good quantities of fibre, potassium and Vitamin C. Avocado itself is considered a very healthy ingredient to include in the diet, since it is a heart-healthy food which contains good fats.

Kudos to Mira Kapoor for taking the Avocado toast and innovating with it. We hope to see more such posts from her foodie diaries soon!

About Aditi AhujaAditi loves talking to and meeting like-minded foodies (especially the kind who like veg momos). Plus points if you get her bad jokes and sitcom references, or if you recommend a new place to eat at.



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Truecaller Apps New Version Update News: Truecaller Brings A Feature Callled Call Reason Feature To Let You Know Why Someone Is Calling You – काम की खबर: रिसीव करने से पहले ही पता चलेगा, कोई क्यों कर रहा आपको फोन


टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली, Updated Thu, 22 Oct 2020 10:53 AM IST

जरा सोचिए, यदि आपको कॉल रिसीव करने से पहले ही पता चल जाए कि आपको कोई फोन क्यों कर रहा है? अभी तक यह मुमकिन नहीं था लेकिन अब ऐसा हो सकता है। Truecaller ने एक ऐसा फीचर पेश किया है जो पहले ही बता देगा कि आपके दोस्त आपको क्यों कॉल कर रहा है।



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AstraZeneca COVID-19 Vaccine Trial Will Continue, Says Oxford After Volunteer Dies


COVID-19 Vaccine Trial Will Continue, Says Oxford After Volunteer Dies

Oxford confirmed the plan to continue testing. (Representational)

Sao Paulo/Frankfurt:

Brazilian health authority Anvisa said on Wednesday that a volunteer in a clinical trial of the COVID-19 vaccine developed by AstraZeneca and Oxford University had died but added that the trial would continue.

Oxford confirmed the plan to keep testing, saying in a statement that after careful assessment “there have been no concerns about safety of the clinical trial.”

AstraZeneca declined to comment immediately.

A source familiar with the matter told Reuters the trial would have been suspended if the volunteer who died had received the COVID-19 vaccine, suggesting the person was part of the control group that was given a meningitis jab.

The Federal University of Sao Paulo, which is helping coordinate phase 3 clinical trials in Brazil, said an independent review committee had also recommended the trial continue. The university earlier confirmed the volunteer was Brazilian but gave no further personal details.

“Everything is proceeding as expected, without any record of serious vaccine-related complications involving any of the participating volunteers,” the Brazilian university said in a statement.

So far, 8,000 of the planned 10,000 volunteers in the trial have been recruited and given the first dose in six cities in Brazil, and many have already received the second shot, said a university spokesman.

CNN Brasil reported that the volunteer was a 28-year-old man who lived in Rio de Janeiro and died from COVID-19 complications.

Anvisa provided no further details, citing medical confidentiality of those involved in trials.

AstraZeneca shares fell 1.8%.

Brazil’s federal government has plans to purchase the UK vaccine and produce it at biomedical research center FioCruz in Rio de Janeiro, while a competing vaccine from China’s Sinovac Biotech Ltd is being tested by Sao Paulo state’s research center Butantan Institute.

Brazil’s President Jair Bolsonaro said on Wednesday the federal government will not buy the Sinovac vaccine.

Brazil has the second deadliest outbreak of the coronavirus, after the United States, with more than 154,000 killed. It has the third largest number of cases, with more than 5.2 million infected, after the United States and India.



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P Chidambaram Targets Government Says Economy Will Not Improve Without Giving Money In The Hands Of The People – चिदंबरम का सरकार पर निशाना: लोगों के हाथ में पैसा दिए बिना अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं होगा


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, सेबी प्रमुख एवं आर्थिक मामलों के सचिव के ताजा बयानों को लेकर गुरूवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीचे की आधी आबादी के हाथों में पैसा और गरीबों की थाली में भोजन पहुंचाए बिना अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं किया जा सकता। 

पूर्व वित्त मंत्री ने ट्वीट किया, “क्या यह पेचीदा बात नहीं है कि आरबीआई के गवर्नर, सेबी के अध्यक्ष और आर्थिक मामलों के सचिव एक ही विषय पर, एक ही दिन बोलते हैं? इन तीनों ने अर्थव्यवस्था पर बात करने की कोशिश की है।”

चिदंबरम ने तंज कसते हुए कहा कि काश! अर्थव्यवस्था एक सर्कस का शेर होता जो रिंगमास्टर की छड़ी के हिसाब से चलता। 

उनके मुताबिक, जब तक सरकार नीचे के आधे परिवारों के हाथों में पैसा नहीं देती है और गरीबों की थाली में खाना नहीं पहुंचाती है, तब तक अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं होगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्रालय को टैग करते हुए कहा, “जो मैं कह रहा हूं, उस पर यदि आपको संदेह है तो बस आप बिहार के मतदाताओं की आवाज सुनें। उनके पास कोई काम नहीं या पर्याप्त काम नहीं है, कोई आमदनी नहीं या थोड़ी आय है और फिलहाल उनकी सोच जीवित बचे रहने पर केंद्रित है, खर्च करने पर नहीं।” 

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख अजय त्यागी और आर्थिक मामलों के सचिव तरूण बजाज ने बुधवार को अलग अलग मौकों पर अर्थव्यवस्था के संदर्भ में बयान दिए। 

दास ने कहा कि सरकार और केंद्रीय बैंक की उदार एवं अनुकूल मौद्रिक एवं राजकोषीय नीतियों के चलते भारत आर्थिक पुनरूत्थान की देहली पर खड़ा है।

त्यागी ने कहा कि महामारी के झटके के बाद पूंजी बाजारों में व्यापक आधार पर सुधार हुआ है। शेयर बाजारों में तेजी और सुस्त अर्थव्यवस्था के बीच ‘किसी तरह का तालमेल’ नहीं होने की आलोचनाओं के बीच सेबी प्रमुख का यह बयान आया।

बजाज ने कहा कि कोरोना वायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार आगे और प्रोत्साहन उपाय करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने बताया कि नई सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम नीति पर केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही विचार करेगा। 



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Nikon Scholarship Program 2020 – Scholarship Program 2020: 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए 1 लाख रुपये की स्कॉलरशिप, आज ही करें अप्लाई


Nikon Scholarship Program 2020: इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम 2020 का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को संबंधित कोर्स करने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह स्कॉलरशिप उन विद्यार्थियों के लिए हैं, जो 12वीं पास कर चुके हैं और 3 महीने या उससे ज्यादा…

Nikon Scholarship Program 2020: निकॉन स्कॉलरशिप प्रोग्राम 2020 का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को फोटोग्राफी संबंधित कोर्स करने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। यह स्कॉलरशिप उन विद्यार्थियों के लिए हैं, जो 12वीं पास कर चुके हैं और 3 महीने या उससे ज्यादा की अवधि का फोटोग्राफी संबंधित कोर्स करना चाहते हैं। यह स्कॉलरशिप निकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की पहल है। निकॉन इंडिया कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के हिस्से के तौर पर स्कॉलरशिप ऑफर कर रही है। बीते सालों से कंपनी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कई गतिविधियों का आयोजन कर रही है। इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने का इच्छुक विद्यार्थी 30 अक्टूबर 2020 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्रता संबंधी सभी जरुरी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या निचे दिए गए डाइरेक्ट लिंक पर क्लिक करें।

Nikon Scholarship Program 2020 के लिए यहां क्लिक करें

पात्रता
* विद्यार्थी 3 महीने या उससे ज्यादा की अवधि वाला फोटोग्राफी का कोर्स कर रहा हो।
* 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चूका हो। कर लिया हो।
* परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये सालाना से कम हो।
* निकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चे इसके पात्र नहीं हैं।

स्कॉलरशिप की राशि
चयनित छात्रों को 1 लाख रुपये तक स्कॉलरशिप के तौर पर मिलेंगे।

आवेदन की आखिरी तारीख
निकॉन इंडिया स्कॉलरशिप प्रोग्राम के लिए आप 30 अक्टूबर, 2020 तक आवेदन कर सकते हैं।

ऐसे करें आवेदन
आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर दिए गए अप्लाई नाउ के लिंक पर क्लिक करें। अपने ईमेल/फेसबुक/जीमेल अकाउंट से लॉगिन करें। आप इसके बाद निकॉन स्कॉलरशिप प्रोग्राम के डीटेल पेज पर पहुंच जाएंगे। ऑनलाइन ऐप्लिकेशन फॉर्म में जरूरी डीटेल्स भर दें। ऐप्लिकेशन प्रोसेस के हिस्से के तौर पर जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दें। ऐप्लिकेशन प्रोसेस को पूरा करने के लिए Submit बटन पर क्लिक करें।









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Children Soccer Team Of Forced Sex Workers, Is The Champion Of Kolkata Zone In Under-13 I League – मजदूरी को मजबूर सेक्स वर्करों के बच्चों की फुटबाल टीम, अंडर-13 आई लीग में कोलकोता जोन की है चैंपियन

सांकेतिक तस्वीर


अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

Updated Thu, 22 Oct 2020 05:58 AM IST

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कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना स्थित रेड लाइट एरिया के सेक्स वर्करों के बच्चों से सात साल पहले बनाई गई दुरबार स्पोर्ट्स अकादमी की फुटबॉल टीम को पहले अंफन तूफान और अब कोरोना ने बिखेर कर रख दिया है। इन आपदाओं ने न सिर्फ इन बच्चों की फुटबॉल गतिविधियों को बंद कर दिया है बल्कि कई बच्चे रोजाना के जीवन-यापन के लिए अपने मां-बाप के साथ मजदूरी को मजबूर हैं। कोई सब्जी बेच रहा है कोई सड़क पर ठेला लगा रहा है तो कोई अपनी मां के साथ घरों पर जाकर काम कर रहा है।

ये वही बच्चे हैं जिन्होंने इस साल फरवरी माह में कोलकोता जोन का अंडर-13 आई लीग खिताब अपने नाम किया। क्लब को चलाने वाली दुरबार महिला समन्वय समिति इन बच्चों के परिवारों को राशन मुहैया कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन सहायता के आभाव में इन बच्चों का काम नहीं छुड़वा पा रही है। हालांकि गांधी जयंती पर क्लब ने किसी तरह से इन बच्चों की सात माह से बंद पड़ी फुटबाल की प्रैक्टिस को जरूर शुरू कराया है।

डेनमार्क में डाना कप खेलने गई थी टीम

दुरबार स्पोट्र्स अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सौरजीत जना अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि बच्चों के परिवारों की स्थिति काफी खराब है। तूफान ने पहले इन परिवारों के घर उजाड़ दिए अब कोरोना ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। समिति ने मकान के लिए पांच हजार रुपये परिवारों को मुहैया कराए लेकिन ये नाकाफी हैं। यही कारण है कि बच्चे मजदूरी को मजबूर हैं। इस वक्त अकादमी की अंडर-13, 15 और अंडर-14 आईएफए नर्सरी की टीम है, जबकि लड़कियों की अंडर-17 टीम है। 2016 में क्लब की टीम डेनमार्क में डाना कप खेलने गई थी, जहां वह प्री क्वार्टर फाइनल तक पहुंची। उसके 18 में से 16 बच्चे ईस्ट बंगाल, मोहन बागान क्लबों से जुड़ चुके हैं। 

पीके, चु्न्नी जैसे दिग्गजों ने की थी मदद

डॉ. जना बताते हैं कि उन्होंने 2013 में सेक्स वर्करों के बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए इस क्लब की शुरूआत की। इसमें पीके बनर्जी, चुन्नी गोस्वामी, बलराम और प्रसून बनर्जी जैसे दिग्गज फुटबालरों ने काफी मदद की। कुछ वर्ष पूर्व ही अकादमी में सेक्स वर्करों के अलावा बेहद गरीब परिवार के बच्चों को भी जोड़ा गया। इनके लिए 24 परगना जिले के बुरुईपुर इलाके में राहुल विद्यानिकेतन के नाम से हॉस्टल बनाया गया है। यहीं से बच्चे रहते हैं और इनकी पढ़ाई का सारा खर्च अकादमी उठाती है, लेकिन लॉकडाउन और उसके बाद से पढ़ाई से लेकर सब कुछ बंद है। फंडिंग नहीं आने से भी दिक्कत हो रही है। लेकिन उन्हें विश्वास है वह फिर से चीजों को पटरी पर लाएंगे।

अब तो स्थितियों के सामान्य होने का इंतजार

अकादमी के कोच बिश्वजीत मजूमदार के अनुसार जब उनकी टीम ने इस साल अंडर-13 का जोनल खिताब जीता तो उन्हें लगा इस बार मुख्य टूर्नामेंट कमाल दिखाएंगे, लेकिन यह टूर्नामेंट कोरोना के चलते हुआ ही नहीं। तब से टीम खाली बैठी है। इस वक्त हॉस्टल में सिर्फ 25 बच्चे बचे हैं, जबकि क्षमता 120 की है। इन बच्चों को न्यूट्रीशन सपोर्ट भी अब उतना नहीं मिल पा रहा है जितना पहले मिलता था। वह तो बस स्थितियों के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

सार

  • अंफन के बाद कोरोना ने सेक्स वर्करों के बच्चों की चैंपियन टीम दुरबार स्पोट्र्स अकादमी को बिखेरा
  • कोई सब्जी बेच रहा, कोई सड़क पर काम कर रहा कोई कर रहा मजदूरी

विस्तार

कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना स्थित रेड लाइट एरिया के सेक्स वर्करों के बच्चों से सात साल पहले बनाई गई दुरबार स्पोर्ट्स अकादमी की फुटबॉल टीम को पहले अंफन तूफान और अब कोरोना ने बिखेर कर रख दिया है। इन आपदाओं ने न सिर्फ इन बच्चों की फुटबॉल गतिविधियों को बंद कर दिया है बल्कि कई बच्चे रोजाना के जीवन-यापन के लिए अपने मां-बाप के साथ मजदूरी को मजबूर हैं। कोई सब्जी बेच रहा है कोई सड़क पर ठेला लगा रहा है तो कोई अपनी मां के साथ घरों पर जाकर काम कर रहा है।

ये वही बच्चे हैं जिन्होंने इस साल फरवरी माह में कोलकोता जोन का अंडर-13 आई लीग खिताब अपने नाम किया। क्लब को चलाने वाली दुरबार महिला समन्वय समिति इन बच्चों के परिवारों को राशन मुहैया कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन सहायता के आभाव में इन बच्चों का काम नहीं छुड़वा पा रही है। हालांकि गांधी जयंती पर क्लब ने किसी तरह से इन बच्चों की सात माह से बंद पड़ी फुटबाल की प्रैक्टिस को जरूर शुरू कराया है।

डेनमार्क में डाना कप खेलने गई थी टीम

दुरबार स्पोट्र्स अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सौरजीत जना अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि बच्चों के परिवारों की स्थिति काफी खराब है। तूफान ने पहले इन परिवारों के घर उजाड़ दिए अब कोरोना ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। समिति ने मकान के लिए पांच हजार रुपये परिवारों को मुहैया कराए लेकिन ये नाकाफी हैं। यही कारण है कि बच्चे मजदूरी को मजबूर हैं। इस वक्त अकादमी की अंडर-13, 15 और अंडर-14 आईएफए नर्सरी की टीम है, जबकि लड़कियों की अंडर-17 टीम है। 2016 में क्लब की टीम डेनमार्क में डाना कप खेलने गई थी, जहां वह प्री क्वार्टर फाइनल तक पहुंची। उसके 18 में से 16 बच्चे ईस्ट बंगाल, मोहन बागान क्लबों से जुड़ चुके हैं। 

पीके, चु्न्नी जैसे दिग्गजों ने की थी मदद

डॉ. जना बताते हैं कि उन्होंने 2013 में सेक्स वर्करों के बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए इस क्लब की शुरूआत की। इसमें पीके बनर्जी, चुन्नी गोस्वामी, बलराम और प्रसून बनर्जी जैसे दिग्गज फुटबालरों ने काफी मदद की। कुछ वर्ष पूर्व ही अकादमी में सेक्स वर्करों के अलावा बेहद गरीब परिवार के बच्चों को भी जोड़ा गया। इनके लिए 24 परगना जिले के बुरुईपुर इलाके में राहुल विद्यानिकेतन के नाम से हॉस्टल बनाया गया है। यहीं से बच्चे रहते हैं और इनकी पढ़ाई का सारा खर्च अकादमी उठाती है, लेकिन लॉकडाउन और उसके बाद से पढ़ाई से लेकर सब कुछ बंद है। फंडिंग नहीं आने से भी दिक्कत हो रही है। लेकिन उन्हें विश्वास है वह फिर से चीजों को पटरी पर लाएंगे।

अब तो स्थितियों के सामान्य होने का इंतजार

अकादमी के कोच बिश्वजीत मजूमदार के अनुसार जब उनकी टीम ने इस साल अंडर-13 का जोनल खिताब जीता तो उन्हें लगा इस बार मुख्य टूर्नामेंट कमाल दिखाएंगे, लेकिन यह टूर्नामेंट कोरोना के चलते हुआ ही नहीं। तब से टीम खाली बैठी है। इस वक्त हॉस्टल में सिर्फ 25 बच्चे बचे हैं, जबकि क्षमता 120 की है। इन बच्चों को न्यूट्रीशन सपोर्ट भी अब उतना नहीं मिल पा रहा है जितना पहले मिलता था। वह तो बस स्थितियों के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।



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Coronavirus vaccine update: astrazeneca oxford vaccine trials brazil volunteer dies but not took dose trial to continue say brazil authority | एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन से जिस वॉलंटियर की मौत हुई उसे नहीं दी गई थी वैक्सीन की डोज; वॉलंटियर की उम्र 28 साल थी और कोरोना के मरीजों का इलाज करता था


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साओ पाउलो20 मिनट पहले

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  • भारत में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की इस वैक्सीन का प्रोडक्शन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रहा है
  • सितंबर में ब्रिटेन में वैक्सीन के ट्रायल के दौरान एक वॉलंटियर में साइडइफेक्ट दिखने पर ट्रायल रोका गया था

कोरोना वैक्सीन के जल्द आने की खबरों के बीच ब्राजील ने झटका दिया है। ब्राजील की स्वास्थ्य एजेंसी एनविसा ने बुधवार को कहा कि देश में चल रहे एस्ट्रेजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में एक ब्राजीली वॉलंटियर की मौत हो गई है लेकिन गोपनीयता का हवाला देकर इस बारे अधिक जानकारी नहीं जारी की।

ब्राजील की मीडिया रिपोर्ट में किया गया दावा

इस पूरे मामले पर ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वॉलंटियर की मौत हुई है उसे वैक्सीन नहीं दी गई थी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को वैक्सीन ट्रायल से जुड़े एक सूत्र ने बताया है कि जिस वॉलंटियर की मौत हुई है उसे वैक्सीन दी गई होती है तो ट्रायल रोक दिया जाता। वॉलंटियर कंट्रोल ग्रुप का हिस्सा था जिसे मेनिनजाइटिस की दवा दी गई थी।

ब्राजील के एक अखबार ओ-ग्लोबो ने भी सूत्र के हवाले से यही बात कंफर्म की है। न्यूज एजेंसी G1 के मुताबिक जिस वॉलंटियर की मौत हुई उसकी उम्र 28 साल थी और वह रियो डी जेनेरियो में कोरोना के मरीजों का इलाज करता था।

ब्राजील सरकार ने वॉलंटियर के बारे में अधिक जानकारी नहीं जारी की
वैक्सीन की दौड़ में आगे चल रही इस वैक्सीन पर भारत सहित दुनियाभर के देशों की उम्मीद टिकी हैं। पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में इसी वैक्सीन का प्रोडक्शन हो रहा है। तीसरे चरण के ट्रायल का कोआर्डिनेट कर रही फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो ने यह नहीं बताया है कि जिस वॉलंटियर की मौत हुई है, वह कहां का रहने वाला है।

जारी रहेगा ट्रायल

फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो के प्रवक्ता के मुताबिक, ट्रायल में शामिल हुए 10,000 वॉलंटियर्स में से 8,000 को ब्राजील के छह शहरों में वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। इनमें से कई लोगों को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। वॉलंटियर की मौत के बाद भी वैक्सीन का ट्रायल जारी रहेगा। ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने कहा है कि वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

अमेरिका में बंद थे ट्रायल
इससे पहले सितंबर में ब्रिटेन में वैक्सीन के ट्रायल के दौरान एक वॉलंटियर को अस्पताल ले जाना पड़ा था। इसके बाद दुनियाभर में ट्रायल रोक दिए गए थे। हालांकि, अमेरिका को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर ट्रायल फिर से शुरू हो गए।



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क्यों आ रहा किसी नंबर से कॉल, फोन उठाने से पहले ही चलेगा पता! Truecaller में आया नया फीचर


Truecaller में जुड़े तीन नए फीचर

Truecaller में जुड़े तीन नए फीचर

Truecaller में एक नया फीचर ऐड हुआ है जिसकी मदद से आपके पास किसी नंबर से कॉल क्यों आ रहा है इसका फोन उठाने से पहले ही पता चल जाएगा.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 22, 2020, 12:48 PM IST

Truecaller एक ऐसा ऐप है जो आज के टाइम में लगभग सभी लोगों के फोन में होता है. यह ऐप यूजर्स को उन कॉन्टैक्ट नंबर्स की जानकारी देता है जो आपके स्मार्टफोन में सेव नहीं होते हैं. कंपनी अपने यूजर्स के लिए एक ऐसा फीचर लेकर आ रहा है जिसकी मदद से आप पता लगा सकेंगे कि सामने वाला आपको क्यों कॉल कर रहा है. यानी कि कॉल रिसीव करने से पहले ही आपको पता चल जाएगा कि कॉल क्यों कर रहा है. कंपनी इस फीचर को एंड्रॉयड यूजर्स के लिए ग्लोबल रोलआउट कर रही है.

ऐप पर जुड़ेंगे तीन नए फीचर्स Truecaller ने तीन नए फीचर कॉल रीजन, शेड्यूल एसएमएस और एसएमएस ट्रांसलेशन रोलआउट किए गए हैं. तो आइए जानते हैं इन फीचर्स के बारे में कि यह कैसे काम करते हैं.

Call Reason- इस फीचर की मदद से यूजर्स कॉल करने से पहले ही उसकी वजह सेट कर पाएंगे. ताकि कॉल रिसीव करने वाले यूजर को कॉल रिसीव करने से पहले उसकी वजह का पता चल जाए. यानी ये कॉल पर्सनल, बिजनेस या फिर अर्जेंट रीजन से किया गया है. इस फीचर की मदद से कॉल के दौरान एक नोट भी भेजा जा सकेगा, जिसमें इसकी वजह लिखी होगी. ऐसे में जिन लोगों के पास नए नंबर से कॉल आ रहा है उनके लिए ये फीचर काफी मददगार होगा.

ये भी पढ़ें: Flipkart Quiz: फ्लिपकार्ट दे रहा आकर्षक उपहार जीतने का मौका! आज रात 12 बजे तक दें इन 5 आसान सवालों के जवाबSchedule SMS- Schedule SMS फीचर की मदद से यूजर्स किसी इवेंट, मीटिंग या फिर किसी और वजह से मैसेज रिमाइंडर को शेड्यूल कर पाएंगे. इसका फीचर का इस्तेमाल करने के लिए यूजर को मैसेज भेजते वक्त डेट और टाइम भी सेट करना होगा. ऐसा करने से आपके द्वारा तय किए गए टाइम पर SMS सेंड हो जाएगा.

SMS Translate- इस फीचर की मदद से किसी अन्य भाषा में मिलने वाले मैसेज को आप अपनी भाषा में ट्रांसलेट करके पढ़ पाएंगे. यह फीचर गूगल की ML Kit से पावर्ड है, ऐसे में सभी मैसेज फोन पर ही लोकली प्रोसेस और ट्रांसलेट किए जाएंगे. यह फीचर 59 भाषाओं को सपोर्ट करता है, जिसमें आठ भारतीय भाषाएं हैं. इस फीचर उन लोगों को काफी मदद मिलेगी जिन्हें अंग्रेजी में मैसेज आते रहते हैं, लेकिन यूजर उन मैसेज को समझ नहीं पाते. फोन में आया SMS अगर किसी विदेशी भाषा में होगा तो उसे ऑटोमैटिकली डिटेक्ट करके नया फीचर दिखाएगा कि ट्रांसलेशन अवेलेबल है.





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US Astronaut After Returning To Earth From Space Station: “How Are Things?”


https://www.ndtv.com/

An American astronaut and two Russian cosmonauts touched down on the Kazakhstan steppe today.

Almaty, Kazakhstan:

An American astronaut and two Russian cosmonauts touched down safely on the Kazakhstan steppe on Thursday, completing a 196-day mission that began with the first launch under lockdown conditions.

NASA astronaut Chris Cassidy and Russian cosmonauts Anatoly Ivanishin and Ivan Vagner landed around 150 kilometres (90 miles) southeast of the Kazakh city of Zhezkazgan at 0254 GMT, footage broadcast by the Russian space agency Roscosmos showed.

Footage from the landing site showed a seated Cassidy bumping elbows with one member of the crew at the recovery site and saluting another after they exited the Soyuz MS-16 spacecraft, before they were taken to medical tents ahead of their onward journeys to Moscow and Houston.

“How are things?” asked Cassidy in Russian, smiling.

The three-man crew had blasted off minus the unusual fanfare in April with around half the world’s population living under national lockdowns imposed to contain the spread of the coronavirus.

They did not face questions from a press pack in Baikonur and were not waved off by family and friends — both time-honoured traditions before the pandemic.

Their pre-flight quarantine was also intensified as they eschewed customary sightseeing trips to Moscow from their training base outside the Russian capital.

Their mission also coincided with the arrival at the space station in May of the first astronauts to blast off from US soil for almost a decade.

The mission, carried out by tycoon Elon Musk’s SpaceX company as part of NASA’s commercial Commercial Crew Program, has helped fuel talk of a new “space race” between a number of countries.

But Russia’s Roscosmos, which enjoyed a lucrative monopoloy on travel to and from the space station from 2011, remains the fastest player in the game in terms of travel to and from the ISS.

Robert Behnken and Doug Hurley’s May journey to the space station and August return to Earth in the SpaceX craft saw the pair spend the best part of two days in transit.

Cassidy, Ivanishin and Vagner’s touchdown on Thursday by contrast came less than three-and-a-half hours after undocking, while a three-person crew reached the ISS from Baikonur in just three hours and three minutes last week, setting a new absolute record.

Prior to returning from his third mission in space, former US Navy SEAL Cassidy, 50, tweeted a picture of blood samples that astronauts have to submit at various points in their mission, including just before undocking.

“What is the price of a return ride back to Earth?….8 tubes of blood!! The 7 shown in this picture were taken in the morning to be placed in our deep freezer, and the 8th will be drawn just prior to undock for ground processing soon after landing,” sudoku puzzle fan Cassidy wrote.

First-time-flyer Vagner was a rare Roscosmos presence on the micro-blogging platform, where most NASA astronauts have a profile.

“Mama, I’m coming home,” the 35-year-old tweeted on Wednesday.

Ivanishin, 51, is wrapping up his third mission, after NASA’s Kathleen Rubins, with whom he launched to the ISS in 2016, arrived for a second stint aboard the station last Wednesday along with Sergey Ryzhikov and Sergey Kud-Sverchkov of Roscosmos.

The ISS has been a rare example of cooperation between Moscow and Washington.

Members recently reported issues with the oxygen production system, a toilet and the oven for preparing food.

But Roscosmos said in a statement on Tuesday that the issues had been “fully resolved by the crew”.

“All the systems of the station are working well and there is no danger to the crew or the ISS.”

Next month will mark the 20th anniversary of the orbital lab being permanently occupied by humans, but the station is expected to be decommissioned in the next decade due to structural fatigue.



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Fact Check: Did people attack Nitish Kumar’s convoy for seeking votes in Bihar elections? Viral Video is actually 2 years old | बिहार में वोट मांगने गए नीतीश के काफिले पर जनता ने हमला किया? 2 साल पुराना है वीडियो


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8 मिनट पहले

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क्या हो रहा है वायरल : सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में भीड़ एक वीआईपी काफिले पर हमला करती दिख रही है। काफिले के साथ मौजूद पुलिस बल भीड़ पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।

28 अक्टूबर से बिहार विधानसभा चुनावों की वोटिंग शुरू होनी है। दावा है कि इसी चुनाव के लिए जब जदयू प्रमुख नीतीश कुमार वोट मांगने गए। तो जनता ने उन पर इस तरह अपना गुस्सा निकाला। वीडियो के साथ कैप्शन शेयर किया जा रहा है – नीतीश कुमारजी आप इतना अच्छा काम करते ही क्यों हो

बिहार की जनता आपका न जाने कब से स्वागत करने के लिए खड़ी इंतज़ार कर रही थी…

और जैसे ही स्वागत करने का समय आया आप जनता के बीच से भाग खड़े हुए।

ऐसे कैसे चलेगा सुशासन बाबू

और सच क्या है ?

  • इंटरनेट पर हमें हाल की ऐसी कोई खबर नहीं मिली। जिससे पुष्टि होती हो कि बिहार चुनाव में प्रचार के दौरान नीतीश कुमार पर हमला हुआ।
  • वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें ‘आज तक’ न्यूज चैनल के फेसबुक पेज पर भी यही वीडियो मिला। यहां वीडियो 2 साल पहले अपलोड किया गया है। हालांकि, ये बात सच है कि जिस काफिले पर हमला हुआ वो नीतीश कुमार का ही था।
  • पड़ताल के दौरान हमें न्यूज एजेंसी ANI का एक ट्वीट भी मिला। जिससे पुष्टि होती है कि नीतीश के काफिले पर हमले का मामला 2 साल पुराना है।
  • साफ है कि वायरल वीडियो में भीड़ नीतीश कुमार के काफिले पर ही हमला कर रही है। लेकिन, ये घटना 2 साल पुरानी है। इसे हाल ही का बताकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।





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Jkbose 10th Result 2020 Jammu Division Declared On Jkbose.ac.in – Jkbose 10th Result 2020 Declared: जम्मू डिवीजन का दसवीं का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक


एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला

Updated Thu, 22 Oct 2020 12:26 PM IST

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JKBOSE 10th Result 2020 Declared: जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने जम्मू डिवीजन के लिए दसवीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। दसवीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं। जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की आधिकारिक वेबसाइट  jkbose.ac.in है।

 

छात्र अपने रोल नंबर के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं।आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, समर जोन जम्मू डिवीजन कक्षा 10 के परिणाम 21 अक्तूबर  शाम 7:30 बजे जारी किया गया था। छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए नीचे डायरेक्ट लिंक दिया जा रहा है और इसके अलावा चरणबद्ध तरीके से रिजल्ट देखने की प्रक्रिया भी बताई जा रही है।

केवल उन्हीं उम्मीदवारों के रिजल्ट घोषित किए जा रहे हैं. जो पहले से अधिसूचित किए गए नोटिफिकेशन F (Acad-C) BA-Pvy / IX / XIISZ.29m2929 परीक्षा के जारी किए गए नोटिफिकेशन के अनुसार लाभ के लिए योग्य हैं।

ऐसे देखें रिजल्ट

-सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

-आधिकारिक वेबसाइट Jkbose.ac.in है।

-यहां होम पेज पर आपको रिजल्ट का लिंक मिलेगा।

-जिसे क्लिक करने के बाद नई विंडो खुलेगी।

-जहां आपको अपना रोल नंबर दर्ज करके सबमिट करना होगा।

-इसके बाद आपका रिजल्ट खुल जाएगा।

JKBOSE 10th Result 2020 Declared: जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने जम्मू डिवीजन के लिए दसवीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। दसवीं कक्षा की परीक्षा देने वाले छात्र आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपना रिजल्ट देख सकते हैं। जम्मू और कश्मीर स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन की आधिकारिक वेबसाइट  jkbose.ac.in है।

 



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South Africa Government approved; England have to play three ODIs and T20 series | साउथ अफ्रीका गवर्नमेंट ने दी मंजूरी; तीन वनडे और टी-20 सीरीज खेलेगा इंग्लैंड


एक घंटा पहले

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इंग्लैंड की टीम अगले महीने साउथ अफ्रीका के दौरे जाएगी। वहां पर तीन वनडे और तीन टी-20 सीरीज खेलेगी। 16 नवंबर को टीम साउथ अफ्रीका पहुंचेगी।

  • इंग्लैंड अगले महीने 27 नवंबर से 9 दिसंबर तक साउथ अफ्रीका में खेलेगी सीरीज
  • सीरीज दो शहरों केपटाउन के न्यूलैंड्स और बोलैंड के पार्ल पार्क में ही खेला जाएगा

साउथ अफ्रीका गवर्नमेंट ने इंग्लैंड के दौरे को मंजूरी दे दी है। गवर्नमेंट ने इंग्लैंड को कोरोना के हाई रिस्क जोन में शामिल किया हुआ है। ऐसे में माना जा रहा था, कि इंग्लैंड का साउथ अफ्रीका दौरा टल सकता है।

इंग्लैंड अगले महीने 27 नवंबर से 9 दिसंबर तक तीन वनडे और तीन टी-20 सीरीज खेलेगी। इंग्लैंड की टीम 16 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में पहुंचेगी। कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के बाद साउथ अफ्रीका में पहला क्रिकेट टूर्नामेंट है। दोनों ही सीरीज केवल दो स्थानों केपटाउन के न्यूलैंड्स और बोलैंड के पार्ल पार्क में ही खेला जाएगा।

क्रिकेट साउथ अफ्रीका(सीएसए) के मुख्य कार्यवाहक अधिकारी कुगांडी गोवेंडर ने कहा- क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। सभी मैच दर्शकों के बिना खेला जाएगा। मुझे विश्वास है कि फैन्स टीम को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये उनका उत्साह बढ़ाएंगे। उन्होंने अागे कहा- इंग्लैंड अभी वनडे का वर्ल्ड चैम्पियन है। उनके साथ दो सीरीज खेलने से टीम का मनोबल बढ़ेगा। क्योंकि टीम वर्ल्ड चैम्पियन को चुनौती देने और बेहतर करने के लिए प्रेरित होगी।

गोवेंडकर ने कहा- वह इंग्लैंड टीम के दौरे को मंजूरी देने के लिए सरकार के शुक्रगुजार हैं। खास तौर से स्पोर्ट्स, आर्ट्स और कल्चर, हेल्थ और होम डिपार्टमेंट के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। जिन्होंने क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए सीएसए का सपोर्ट किया।

शेड्यूल

– 27 नवंबर को पहला टी-20, न्यूलैंड्स, केप टाउन

– 29 नवंबर को दूसरा टी-20, बोलैंड पार्क, पार्ल

– 01 दिसंबर को तीसरा टी-20,न्यूलैंड्स, केप टाउन

-04 दिसंबर को पहला वनडे,न्यूलैंड्स, केप टाउन

-06 दिसंबर को दूसरा वनडे, बोलैंड पार्क, पार्ल

-09 दिसंबर को तीसरा वनडे, न्यूलैंड्स, केप टाउन



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अफगानिस्तान में अमेरिका के लिए 19 साल रहना काफी : डोनाल्ड ट्रम्प



अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिका के लिए 19 साल रहना काफी है। इसके साथ ही उन्होंने युद्ध प्रभावित देश से अपने सैनिकों की वापसी की बात एक बार फिर दोहराई। 



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From PM To Cricketers, Wishes Pour In For BJP’s ‘Chanakya’



As India takes a firm stand against neighbouring countries to exert its strategic prowess, all the credit goes to BJP’s ‘Chanakya’ Amit Shah, who turned 56 on Thursday. Also Read: PM Modi To Virtually Perform Puja In ‘Durga Pandal’ Of West Bengal, Will Kickstart BJP’s Poll Campaign

In Gujarat, Shah served as the Home Minister in the BJP government led by PM Modi when he was Chief Minister. Shah held the position of BJP president for more than five-and-a-half years from 2014, and the party prospered under him, capturing power in many states and returning to power at the Centre in 2019 with a bigger win than in 2014.

Born in 1964 in Mumbai, Shah has been associated with the Rashtriya Swayamsevak Sangh or RSS from his younger days.

Shah is behind the BJP’s electoral fortunes, when he headed the party’s biggest membership drive when it crossed 100 million in 2015, the highest ever. It is under the BJP-led government that India witnessed revocation of Article 370 and 35A in Jammu and Kashmir. Amit Shah had pushed the bill to bifurcate J-K into two union territories in Parliament

In August, the 56-year-old BJP leader had tested positive for coronavirus on August 2 when he was taken to private hospital Medanta in Gurgaon. On August 14, he had tweeted that he would be in-home isolation for a few more days on the advice of his doctors.

Later he was admitted to the AIIMS and was discharged after 13 days. Despite his busy schedule and public engagements, Shah enjoys listening to classical music, playing chess, and watching a game of cricket.

Wishes pour in from all corners for the Home Minister

Everyone from cricket fraternity to political leaders are wishing the leader on his birthday. Prime Minister Narendra Modi took to twitter wishing him a long and healthy life in service of nation.

BJP’s Gautam Gambhir and former cricketer also congratulated the leader.

Cricketer Yuvraj Singh and Suresh Raina also wished the leader on Twitter.

Even Bollywood actress Kangana Ranaut team also wished on his birthday.



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Durga Puja 2020 Calendar: आज से दुर्गा पूजा प्रारंभ, जानें 5 दिन के इस त्योहार के बारे में सबकुछ



हिंदू कैलेंडर के अनुसार शारदीय नवरात्रि की षष्ठी से दुर्गा पूजा की शुरुआत हो जाती हैं। जानिए दुर्गा पूजा की तिथियां और पूजा विधि।



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This Cheap Smart FitBand Zebronics ZEB-FIT920CH Will Give the Feel of Expensive Smartwatch, price less than 2 thousand rupees | महंगी स्मार्टवॉच का फील देगा भारतीय ब्रांड का यह सस्ता फिटनेस बैंड, कीमत 2 हजार रुपए से भी कम


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नई दिल्ली41 मिनट पहले

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बैंड में फाइंड माय फोन फीचर भी मिलेगा, जिससे बैंड से दूर होने पर फोन को ढूंढा जा सकेगा

  • आउटडोर यूज के लिए स्पोर्ट्स मोड भी है, जिसमें बैडमिंटन, साइकिलिंग और फुटबॉल शामिल हैं
  • इसमें 1.37 इंच का टीएफटी स्क्वायर शेप डिस्प्ले और 100+ प्री-लोडेड वॉच फेसेस मिलेंगे

जेब्रोनिक्स ने अपने लेटेस्ट स्मार्ट फिटनेस बैंड को लॉन्च किया है। डिवाइस का नाम है ZEB-FIT920CH। यह सात स्पोर्ट्स मोड के साथ आता है। इसकी कीमत 1699 रुपए है। फिटबैंड में हार्ट-रेट मॉनिटर, स्लीप मॉनिटर, स्टेप और कैलोरी ट्रैकिंग जैसे फीचर्स मिलेंगे। इसकी खास बात यह है कि पारंपरिक फिटबैंड डिजाइन से विपरीत कंपनी ने इसे स्मार्टवॉच जैसा डिजाइन दिया है। बैंड दो कलर ऑप्शन- रेड और ब्लैक में उपलब्ध होगा। यह अमेजन पर उपलब्ध है।

जेब्रोनिक्स ZEB-FIT920CH के खास फीचर्स

  • फिटबैंड में 1.37 इंच का टीएफटी स्क्वायर शेप डिस्प्ले दिया गया है और यह 100+ प्री-लोडेड वॉच फेसेस के साथ आता है।
  • ZEB-FIT 20 सीरीज़ ऐप का उपयोग करके स्मार्टफोन के साथ फिटनेस बैंड को कनेक्ट किया जा सकता है।
  • ऐप के उपयोग से यूजर स्मार्टफोन पर स्लीप पैटर्न, हार्ट-रेट और स्टेप काउंट की निगरानी कर सकते हैं।
  • कंपनी का दावा है कि ZEB-FIT920CH वॉटरप्रूफ ड्यूरेबिलिटी के साथ आता है।
  • इसके अलावा आउटडोर यूज के लिए स्पोर्ट्स मोड भी है, जिसमें बैडमिंटन, साइकिलिंग और फुटबॉल शामिल हैं।
  • स्मार्ट वियरेबल योग्य होने के नाते इससे फोन के कैमरा को भी कंट्रोल किया जा सकेगा।
  • बैंड में फाइंड फोन का फीचर भी मिलेगा, जिससे स्मार्टवॉच से दूर होने पर फोन को ढूंढा जा सकेगा।



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US Proposal On H-1B For Speciality Jobs May Affect Hundreds Of Indians – H-1B स्पेशलिटी वीजा पर US विदेश विभाग का नया प्रस्ताव- सैकड़ों भारतीय हो सकते हैं प्रभावित


अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक इस नियम से प्रतिवर्ष लगभग 8000 विदेशी कामगार प्रभावित होंगे.

वाशिंगटन:

अमेरिकी विदेश विभाग ने H-1B स्पेशलिटी अस्थायी व्यापार वीजा जारी नहीं करने का प्रस्ताव दिया है. यह वीजा अमेरिकी कंपनियों को देश में प्रौद्योगिकी पेशेवरों को छोटे से कार्यकाल के लिए साइट पर जाकर काम करने की अनुमति देता है. डोनाल्ड ट्रम्प सरकार ने अगर इस प्रस्ताव को मान लिया तो सैकड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक इस नियम से प्रतिवर्ष लगभग 8000 विदेशी कामगार प्रभावित होंगे.

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अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि अगर इस प्रस्ताव पर मुहर लगता है तो उन संभावनाओं और शंकाओं पर पूर्ण विराम लग जाएगा जो “बी-1 एच पॉलिसी के तहत” विदेशी पेशेवरों को कुशल श्रम के लिए अमेरिका में प्रवेश करने के लिए एक वैकल्पिक अवसर की इजाजत देता है. इससे अमेरिकी नियोक्ताओं को संभवत: अपने कुशल श्रमिकों को प्रोत्साहित करने का मौका मिल सकता है. इससे अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा के लिए कांग्रेस द्वारा स्थापित “एच” गैर-आप्रवासी वर्गीकरण से संबंधित प्रतिबंधों और आवश्यकताओं को दरकिनार किया जा सकेगा.

अमेरिका चुनाव : H-1B वीजा धारकों पर नजर, कार्यबल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 1100 करोड़ की घोषणा

विदेश मंत्रालय का यह कदम, बुधवार को तब सार्वजनिक किया गया, जब 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में दो हफ्ते से भी कम समय रह गया है. इससे कई भारतीय कंपनियों के प्रभावित होने की संभावना है जो अमेरिका में साइट पर नौकरियों को पूरा करने के लिए अपने तकनीकी पेशेवरों को बी-1 वीजा पर थोड़े समय के लिए भेजती हैं.

आइटी पेशेवरों के लिए एच 1 बी वीजा को लेकर जानिए क्या है ट्रंप प्रशासन का प्लान

दिसंबर 2019 में, कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल ने इन्फोसिस लिमिटेड के खिलाफ $ 800,000 के जुर्माने की घोषणा की थी और कहा था कि लगभग 500 इंफोसिस कर्मचारियों ने राज्य में एच-1 बी वीजा की बजाय कंपनी द्वारा प्रायोजित बी-1 वीजा पर काम किया है. विदेश मंत्रालय के इस प्रस्ताव से अमेरिका में विदेशी कार्यबल की संख्या कम हो सकेगी.



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