Abnormalities spotted in lungs of 60 percent coronavirus patients months later Oxford University study | रिकवरी के बाद मरीजों के फेफड़े, हार्ट, किडनी पर बुरा असर, 64% सांस की तकलीफ से जूझ रहे


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2 घंटे पहले

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  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का दावा- डिस्चार्ज होने के बाद कोरोना मरीजों में सांस की दिक्कत, डिप्रेशन और बेचैनी जैसे लक्षण
  • मरीजों में लॉन्ग कोविड के मामले सामने आ रहे हैं, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना का असर लम्बे समय तक दिख रहा है

कोरोना से रिकवर होने वाले 64% मरीजों में कई महीनों तक वायरस का असर दिख रहा है। इलाज के बाद भी मरीज सांस लेने की दिक्कत, थकान, बेचैनी और डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। यह रिसर्च करने वाली ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है- कोरोना का संक्रमण होने के 2 से 3 महीने बाद ये असर दिखना शुरू हो रहा है। रिसर्च के दौरान पाया गया कि 64% मरीज सांस लेने की तकलीफ से जूझ रहे थे। वहीं, 55% थकान से परेशान थे।

ज्यादातर मरीजों में फेफड़े ठीक से काम नहीं कर रहे
रिसर्च के मुताबिक, मरीजों की MRI करने पर पता चला कि कोरोना के 60% मरीजों के फेफड़े एब्नॉर्मल मिले। 29% मरीजों की किडनी में दिक्कतें मिलीं। वहीं, 26% में हार्ट प्रॉब्लम्स और 10% को लिवर से जुड़ी समस्याएं हुईं।

55% थकान से जूझ रहे
रिकवरी के बाद 55% मरीज थकान से जूझ रहे हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रेडक्लिफ डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के डॉक्टर बैटी रमन कहते हैं- आंकड़े बताते हैं कि रिकवरी के बाद शरीर की जांच करने की जरूरत है। डिस्चार्ज के बाद उन्हें मेडिकल केयर देने के लिए एक मॉडल डेवलप किया जाना चाहिए।

ऑर्गेन फेल्योर और सूजन के बीच कनेक्शन मिला
डॉक्टर बैटी रमन कहते हैं, “मरीजों में एब्नॉर्मेलिटी देखी जा रही है। इसका सीधा कनेक्शन अंगों की सूजन से है। शरीर के अंगों में यह गंभीर सूजन और ऑर्गेन फेल्योर के बीच कनेक्शन मिला है। सूजन ही शरीर के अंगों को डैमेज करने का काम कर रही है। कोरोना से रिकवर होने वाले मरीज इससे जूझ रहे हैं।”

लॉन्ग कोविड के मामले दिख रहे
पिछले हफ्ते ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च ने बताया था कि मरीजों में लॉन्ग कोविड के मामले सामने आ रहे हैं। वे रिकवरी के बाद पहले की तरह सेहतमंद नहीं दिख पा रहे। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना का असर लम्बे समय तक दिख रहा है।



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जानिए कौन-कौन से Aadhaar Card हैं मान्य, UIDAI ने दी इसकी पूरी जानकारी


UIDAI ने साफ किया कि देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ होंगे मान्य. (फोटो सौजन्य से सोशल मीडिया)

UIDAI ने साफ किया कि देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ होंगे मान्य. (फोटो सौजन्य से सोशल मीडिया)

UIDAI ने ट्वीट (Tweet) के जरिए स्पष्ट किया कि PVC आधार कार्ड (Aadhaar Card) के जारी होने से पुराने आधार कार्ड अमान्य नहीं होंगे साथ ही अपने ट्वीट में UIDAI ने कहा की देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ मान्य रहेंगे.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 22, 2020, 8:26 AM IST

नई दिल्ली. आधार कार्ड जारी करने वाली और उससे जुड़ी सर्विसेज देखने वाली अथॉरिटी UIDAI ने पिछले दिनों नए PVC आधार कार्ड जारी किए थे. जिसके बाद से देशवासियों को भ्रम होने लगा था कि उनके पुराने आधार कार्ड़ मान्य नहीं होंगे. लेकिन UIDAI ने बुधवार को ट्वीट के जरिए स्पष्ट किया कि PVC आधार कार्ड के जारी होने से पुराने आधार कार्ड अमान्य नहीं होंगे साथ ही अपने ट्वीट में UIDAI ने कहा की देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ मान्य रहेंगे.

PVC आधार कार्ड़- UIDAI ने बीते दिनों क्रेडिट और डेबिट कार्ड़ की तरह दिखने वाले आधार कार्ड़ जारी किए थे. ये आधार कार्ड़ कैरी करने में आसान होते है और इनकी लाइफ भी ज्यादा होती है. UIDAI के अनुसार कोई भी व्यक्ति PVC आधार कार्ड़ बनवा सकता है. इसके लिए UIDAI ने 50 रुपये का शुल्क निर्धारित की है इसे आप UIDAI की वेबसाइट uidai.gov.in या resident.uidai.gov.in के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं. यह आधार कार्ड स्पीड पोस्ट से निवासी को घर पर डिलीवर होगा. PVC आधार कार्ड़ में होलोग्राम, Guilloche Pattern, घोस्ट इमेज और माइक्रोटेक्स्ट जैसे लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स से लैस है. जो प्लास्टिक का बना होता है. इस पर आपकी सारी डिटेल्स रहती है.

आधार लेटर जो कि UIDAI की ओर से भेजा जाता है- यह वह आधार कार्ड़ है जो अभी तक डाक के जरिए आप के घर तक आता था. यह आधार कार्ड़ कई बार डाक में देरी की वजह से उपभोक्ता तक सही समय पर नहीं पहुंच पता था. इसलिए UIDAI नागरिकों को आधार कार्ड की सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा देती है.

यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार का फेस्टिवल गिफ्ट! 15 दिन के भीतर नौकरीपेशा के लिए कीं 15,312 करोड़ रुपये की घोषणाएं

e-Aadhaar- ई-आधार को आप UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है साथ ही आप इसका प्रिंट निकाल कर किसी भी योजना या सरकारी परिचय पत्र के तौर पर कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं





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MP Board Class 12th Supplementary Exam Result 2020 Declared – MPBSE Class 12th Supplementary Result 2020 जारी, यहां से करें चेक


MPBSE Class 12th Supplementary Result 2020: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। जो विद्यार्थी, एमपीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा में…

MPBSE Class 12th Supplementary Result 2020: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा 2020 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। जो विद्यार्थी, एमपीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट चेक कर सकते हैं। रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर उपलब्ध है।

Click Here For Check MP Board 12th Supplementary Result 2020

बता दें इस साल एमपी बोर्ड बारहवीं कंपार्टमेंट परीक्षा 14 सितंबर 2020 से आयोजित हुई थी। परीक्षा अपने तय समय पर कोविड गाइडलाइंस को फॉलो करते हुए आयोजित हुई। वे कैंडिडेट्स जो एक या अधिकतम दो विषयों में फेल थे, वे इस पीरक्षा में बैठे थे. आज डिक्लेयर रिजल्ट इन्हीं स्टूडेंट्स का है।

MPBSE Class 12th Compartment Result 2020 ऐसे करें चेक –
रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
यहां होमपेज पर Alerts सेक्शन पर जाएं
आगे की टैब में HSSC या क्लास 12 Supplementary Result Sept 2020 Exam के लिंक पर क्लिक करें
यहाँ अपना नौ डिजिट का रोल नंबर डालें.
सेकेंड फील्ड में आठ डिजिट का एप्लीकेशन नंबर डालें.
अब सारे डिटेल्स वैरीफाई कर लें और सबमिट का बटन दबा दें.
जानकारी सबमिट करने के साथ ही रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट ले सकते हैं।













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Except Corona Infected Lovlina Borgohain, Five Other Boxers Leave For Italy – कोरोना से संक्रमित लवलीना को छोड़कर अन्य पांच मुक्केबाज इटली रवाना

लवलीना बौरगैन


अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

Updated Thu, 22 Oct 2020 06:10 AM IST

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विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता बॉक्सर लवलीना के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इटली जाने से रोक दी गई महिला बॉक्सिंग टीम बुधवार देर रात रवाना हो गई। चीफ कोच मोहम्मद अली कमर की अगुवाई में पांच मुक्केबाज एक कोच, फीजियो समेत आठ सदस्यीय दल असिसी गया। साक्षी, मनीषा मोन, सिमरनजीत कौर, सोनिया लाथेर और पूजा रानी समेत सपोर्ट स्टाफ का पहले कोरोना टेस्ट कराया गया। देर शाम सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई और उसके बाद ही टीम को भेजने का फैसला ले लिया गया। लवलीना 14 दिन के एकांतवास में है।

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Rajasthan Royals vs Sunrisers Hyderabad Head To Head Today Match 40 Preview RR vs SRH – तेवतिया-पराग से मिली पिछली हार का बदला चुकता करना चाहेगी हैदराबाद



Rajasthan Royals vs Sunrisers Hyderabad Head To Head Today Match 40 Preview RR vs SRH- India TV Hindi

Image Source : IPLT20.COM
Rajasthan Royals vs Sunrisers Hyderabad Head To Head Today Match 40 Preview RR vs SRH

आईपीएल 2020 का 40वां मुकाबला आज राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। प्लेऑफ की दौड़ में बना रहने के लिए दोनों टीमों के लिए यह मैच काफी जरूरी है। प्वॉइंट्स टेबल में राजस्थान की टीम जहां 10 में से 4 मैच जीतकर 6ठें स्थान पर है, वहीं हैदराबाद की टीम 9 में से 3 मैच जीतकर 7वें स्थान पर है। अगर आज हैदराबाद की टीम हारती है तो उनका प्लेऑफ में पहुंचने का समीकरण चेन्नई सुपर किंग्स की तरह सिर्फ कागजों में ही रह जाएगा।

दोनों टीमों का आकलन

राजस्थान रॉयल्स की टीम अपने पिछले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को मात देने के बाद यहां पहुंची है। राजस्थान ने पहले कसी हुई गेंदबाजी से सीएसके को 125 के स्कोर पर रोक दिया था, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए बेन स्टोक्स, रॉबिन उथप्पा और संजू सैमसन ने एक बार फिर निराश किया। शुरुआती दो मैचों में अर्धशतक लगाने के बाद सैमसन ने कोई बड़ी और प्रभावशाली पारी नहीं खेली है, वहीं स्टोक्स भी अभी तक वो कमाल नहीं दिखा पाए हैं जिसके लिए वो जाने जाते हैं। अगर ऐसे ही राजस्थान के उपरी क्रम के बल्लेबाज निराश करते रहे तो राजस्थान का प्लेऑफ में पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।

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कब तक बटलर संभालेंगे रनों का दरोमदार

चाहे सलामी बल्लेबाजी हो या फिनिशर को रोल अदा करना होगा, राजस्थान रॉयल्स के लिए पिछले कुछ समय से किसी भी पोजिशन पर रन बनाने का जिम्मा जॉस बटलर ने उठा रखा है। चेन्नई के खिलाफ भी बटलर ने 70 रन की नाबाद पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। वहीं उनका इस पारी में साथ स्टीव स्मिथ ने दिया जिन्होंने 34 गेंदों पर मात्र 26 रन बनाए। अगर बटलर किसी भी समय आउट हो जाते तो चेन्नई के आगे राजस्थान का जीतना मुश्किल हो जाता।

हैदराबाद के युवा खिलाड़ियों को करना होगा प्रदर्शन

वहीं बात सनराइजर्स हैदराबाद की करें तो वह अपने पिछले मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स से सुपर ओवर में हारकर यहां पहुंची है। केन विलियमसन और जॉनी बेयरस्टो द्वारा मिली अच्छी शुरुआत के बावजूद प्रियम गर्ग, मनीष पांडे और विजय शंकर जैसे खिलाड़ियों ने मिडिल ऑर्डर में फेल होकर एक बार फिर निराश किया। इस दौरान वॉर्नर ने ही 47 रन की पारी खेलकर स्कोर टाई करवाया। इन सभी युवा भारतीय खिलाड़ियों को सिलसिलेवार तरीके से रन बनाने की जरूरत है।

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विलियमसन की चोट बन सकती है समस्या

पिछले मैच में केन विलियमसन को लगी चोट हैदराबाद के लिए सिरदर्दी बन सकती है। फील्डिंग के दौरान चोटिल होने के कारण उन्होंने सलामी बल्लेबाजी की थी, लेकिन वह उस समय भी ठीक नजर नहीं आ रहे थे। अभी तक वैसे उनकी चोट पर कोई अपडेट नहीं आया है, लेकिन अगर वह आज के मैच में नहीं खेलते तो हैदराबाद के लिए काफी समस्या खड़ी हो सकती है। 

पिछली भिड़ंत में तेवतिया-पराग की जोड़ी ने बिखेरे थे जलवे

आईपीएल 2020 में पिछली बार 11 अक्टुबर को जब यह दोनों टीमें आपस में भिड़ी थी तो राजस्थान के राहुल तेवतिया और रियान पराग ने 85 रन की शानदरा साझेदारी कर हैदराबाद के मुंह से जीत छीन ली थी। 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान ने 78 रन पर अपने 5 खिलाड़ी खो दिए थे तब इन दोनों युवाओं ने लाजवाब बल्लेबाजी का प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाई थी। हैदराबाद की टीम इस गलती से सीख लेगी और आज मैच के किसी भी मोड़ पर ढ़िलाई नहीं बरतना चाहेगी।

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हेड टू हेड 

आईपीएल में अभी तक यह दोनों टीमें 12 बार एक दूसरे से भिड़ी है जिसमें मुकाबला टक्कर का रहा है। दोनों ही टीमों ने कुल 6-6 मैच जीते हैं। वहीं पिछले 6 मुकाबलों में भी दोनों टीमें 3-3 मैच जीतने में सफल रही है। इससे यह साफ होता है कि आज दोनों टीमों के बीच 2 अंक के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

दोनों टीमें 

सनराइजर्स हैदराबाद टीम: जॉनी बेयरस्टो (w), केन विलियमसन, प्रियम गर्ग, डेविड वॉर्नर (c), मनीष पांडे, विजय शंकर, अब्दुल समद, राशिद खान, संदीप शर्मा, टी नटराजन, बासिल थम्पी, रिद्धिमान साहा, श्रीवत्स गोस्वामी, सिद्धार्थ कौल, मोहम्मद नबी, शाहबाज़ नदीम, जेसन होल्डर, बावनका संदीप, बिली स्टानलेक, फैबियन एलेन, विराट सिंह, खलील अहमद, संजय यादव, अभिषेक शर्मा, पृथ्वी राज यारा

राजस्थान रॉयल्स की टीम: बेन स्टोक्स, रॉबिन उथप्पा, संजू सैमसन (w), स्टीवन स्मिथ (c), जोस बटलर, रियान पराग, राहुल तेवतिया, जोफ्रा आर्चर, श्रेयस गोपाल, अंकित राजपूत, कार्तिक त्यागी, वरुण आरोन, जयदेव उनादकट डेविड। मिलर, अनिरुद्ध जोशी, मनन वोहरा, टॉम कुरेन, एंड्रयू टाई, शशांक सिंह, महिपाल लोमरोर, ओशन थॉमस, मयंक मारकंडे, अनुज रावत, यशस्वी जायसवाल, आकाश सिंह

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US Sues Google In Biggest Antitrust Case In Decades, Explores Breakup


US Sues Google In Biggest Antitrust Case In Decades, Explores Breakup

US accused Google of illegally using its market muscle.

Washington:

The US sued Google on Tuesday, accusing the $1 trillion company of illegally using its market muscle to hobble rivals in the biggest challenge to the power and influence of Big Tech in decades.

The Justice Department lawsuit could lead to the break-up of an iconic company that has become all but synonymous with the internet and assumed a central role in the day-to-day lives of billions of people around the globe.

Such an outcome is far from assured, however, and the case is likely to take years to resolve.

The lawsuit marks the first time the U.S. has cracked down on a major tech company since it sued Microsoft Corp for anti-competitive practices in 1998. A settlement left the company intact, though the government’s prior foray into Big Tech anti-trust – the 1974 case against AT&T – led to the breakup of the Bell System.

The federal government’s complaint against Alphabet Inc’s , which alleges that Google acted unlawfully to maintain its position in search and search advertising on the internet, was joined by 11 states. “Absent a court order, Google will continue executing its anticompetitive strategy, crippling the competitive process, reducing consumer choice, and stifling innovation,” the lawsuit states.

The government said Google has nearly 90% of all general search engine queries in the United States and almost 95% of searches on mobile.

Attorney General Bill Barr said his investigators had found Google does not compete on the quality of its search results but instead bought its success through payments to mobile phone makers and others.

“The end result is that no one can feasibly challenge Google’s dominance in search and search advertising,” Barr said.

When asked on a conference call if the department was seeking a breakup or another remedy, Ryan Shores, a Justice Department official, said, “Nothing is off the table, but a question of remedies is best addressed by the court after it’s had a chance to hear all the evidence.”

In its complaint, the Justice Department said that Americans were hurt by Google’s actions. In its “request for relief,” it said it was seeking “structural relief as needed to cure any anti-competitive harm.”https://www.ndtv.com/”Structural relief” in antitrust matters generally means the sale of an asset.

“Ultimately it is consumers and advertisers that suffer from less choice, less innovation and less competitive advertising prices,” the lawsuit states. “So we are asking the court to break Google’s grip on search distribution so the competition and innovation can take hold.”

Google called the lawsuit “deeply flawed,” adding that people “use Google because they choose to – not because they’re forced to or because they can’t find alternatives.”

Investors seemed to shrug off news of the lawsuit, sending shares Alphabet up 1.9% to $1,563.51 on Tuesday afternoon.

“It’s like locking the proverbial door after the horse has bolted,” said Neil Campling, head of tech media and telecom research at Mirabaud Securities in London, who added Google has already invested billions of dollars in infrastructure, technologies and talent. “You can’t simply unwind a decade of significant progress.”

POLITICAL ELEMENT

Tuesday’s federal lawsuit marks a rare moment of agreement between the Trump administration and progressive Democrats. U.S. Senator Elizabeth Warren tweeted on Sept. 10, using the hash tag #BreakUpBigTech, that she wanted “swift, aggressive action.”

Still, coming just days before the U.S. presidential election, the filing’s timing could be seen as a political gesture since it fulfills a promise made by President Donald Trump to his supporters to hold certain companies to account for allegedly stifling conservative voices.

Republicans often complain that social media companies including Google take action to reduce the spread of conservative viewpoints on their platforms. Lawmakers have sought, without explaining how, to use antitrust laws to compel Big Tech to stop these alleged limitations.

The complaint pointed to the billions of dollars that Google pays to smartphone makers such as Apple Inc , Samsung and others to make Google’s search engine the default on their devices.

This means that rival search engines never get the scale they need to improve their algorithms, and grow, the complaint said.

“General search services, search advertising, and general search text advertising require complex algorithms that are constantly learning which organic results and ads best respond to user queries,” the government said in its complaint. “By using distribution agreements to lock up scale for itself and deny it to others, Google unlawfully maintains its monopolies.”

Google has been successful at protecting its profit derived from the Android mobile operating system, which is officially open source but companies that change it are barred from lucrative revenue-sharing agreements.

Justice Department investigators found an internal Google analysis of restrictive agreements determined that just 1% of Google’s worldwide Android search revenue was at risk of being lost to competitors.

“This analysis noted that the growth in Google’s search advertising revenue from Android distribution was ‘driven by increased platform protection efforts and agreements,”https://www.ndtv.com/” the complaint found.

OTHER CHALLENGES

The 11 states that joined the lawsuit all have Republican attorneys general.

More lawsuits could be in the offing since probes by state attorneys general into Google’s broader businesses are under way, as well as an investigation of its broader digital advertising businesses. Attorneys general led by Texas are expected to file a separate lawsuit focused on digital advertising as soon as November, while a group led by Colorado is contemplating a more expansive lawsuit against Google.

The lawsuit comes more than a year after the Justice Department and Federal Trade Commission began antitrust investigations into four big tech companies: Amazon.com Inc , Apple, Facebook Inc and Google.

Seven years ago, the FTC settled an antitrust probe into Google over alleged bias in its search function to favor its products, among other issues. The settlement came over the objections of some FTC staff attorneys.

Google has faced similar legal challenges overseas.

The European Union fined Google $1.7 billion in 2019 for stopping websites from using Google’s rivals to find advertisers, $2.6 billion in 2017 for favoring its own shopping business in search, and $4.9 billion in 2018 for blocking rivals on its wireless Android operating system.



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अगर मनुष्य इस एक चीज का नहीं जुटा पाया साहस तो सातों जन्म हो जाएंगे बेकार



खुशहाल जिंदगी के लिए आचार्य चाणक्य ने कई नीतियां बताई हैं। अगर आप भी अपनी जिंदगी में सुख और शांति चाहते हैं तो चाणक्य के इन सुविचारों को अपने जीवन में जरूर उतारिए।



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Google Search Antitrust Case (Alphabet) Update; Know-How It Will Affect You In Simple Words | सर्च में Google की दादागिरी के खिलाफ अमेरिका में केस; जानिए भारत में क्या असर पड़ेगा?


एक घंटा पहलेलेखक: रवींद्र भजनी

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  • यूरोप-अमेरिका के बाद जापान और ऑस्ट्रेलिया ने भी Google जैसी टेक कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के संकेत दिए
  • Google का जवाब- हमने किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की, लोग अपनी मर्जी से सर्च के लिए करते हैं इस्तेमाल

अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 राज्यों ने सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजिन Google पर मुकदमा दर्ज किया है। उस पर आरोप लगा है कि प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार जमाने के लिए उसने अवैध तरीके से ऐपल और स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से एक्सक्लूसिव डील्स की।

दो दशक में यह किसी टेक्नोलॉजी फर्म के खिलाफ सबसे बड़ा मुकदमा है। इससे पहले 1998 में इसी तरह का मुकदमा माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी दर्ज हुआ था। वैसे, Google पर यह आरोप पहले भी लगते रहे हैं। अब खबरें यह भी आ रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया और जापान भी यूरोप और अमेरिका के साथ बड़ी टेक कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने की तैयारी में है।

ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन मुकदमों में Google पर क्या आरोप लगे हैं? इसका क्या असर पड़ सकता है? आइए इन प्रश्नों के जवाब तलाशते हैं…

सबसे पहले, मुकदमा क्या है और किसने किया है?

  • अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 अलग-अलग राज्यों ने Google के खिलाफ यह एंटीट्रस्ट मुकदमा किया है। 54 पेज की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Google ने सर्च इंजिन बिजनेस में 90% से ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक्सक्लूसिव डील्स की। इससे इन डिवाइस पर यूजर्स के लिए Google डिफॉल्ट सर्च इंजिन बन गया।
  • Google ने मोबाइल बनाने वाली कंपनियों, कैरियर्स और ब्राउजर्स को अपनी विज्ञापनों से होने वाली कमाई से अरबों डॉलर का पेमेंट किया ताकि Google उनके डिवाइस पर प्री-सेट सर्च इंजिन बन सके। इससे Google ने लाखों डिवाइस पर टॉप पोजिशन हासिल की और अन्य सर्च इंजिन के लिए खुद को स्थापित करने से रोक दिया।
  • आरोप यह भी है कि ऐपल और Google ने एक-दूसरे का सहारा लिया और अपने प्रतिस्पर्धियों को मुकाबले से बाहर कर दिया। अमेरिका में Google के सर्च ट्रैफिक में करीब आधा ऐपल के आईफोन्स से आया। वहीं, ऐपल के प्रॉफिट का पांचवां हिस्सा Google से आया।
  • Google ने इनोवेशन को रोक दिया। यूजर्स के लिए चॉइस खत्म की और प्राइवेसी डेटा जैसी सर्विस क्वालिटी को प्रभावित किया। Google ने अपनी पोजिशन का लाभ उठाया और अन्य कंपनियों या स्टार्टअप्स को उभरने या इनोवेशन करने का मौका ही नहीं छोड़ा। जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब एक साल की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया है।

अमेरिकी सरकार के आरोपों पर Google का क्या जवाब है?

  • Google के चीफ लीगल ऑफिसर केंट वॉकर का कहना है कि यह मुकदमा बेबुनियाद है। लोग Google का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उन्होंने ऐसा करने का फैसला किया है। Google ने किसी के साथ अपनी सर्विसेस का इस्तेमाल करने के लिए जबरदस्ती नहीं की है। यदि उन्हें चाहिए तो ऑप्शन मौजूद है।
  • उनका कहना है कि एंटी ट्रस्ट कानून के बहाने ऐसी कंपनियों के पक्ष लिया जा रहा है, जो मार्केट में कॉम्पीटिशन नहीं कर पा रही है। Google ऐपल और अन्य स्मार्टफोन कंपनियों को पेमेंट करता है ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए शेल्फ स्पेस मिल सके। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
  • वॉकर ने यह भी कहा कि अमेरिकी एंटी ट्रस्ट लॉ का डिजाइन ऐसा नहीं है कि किसी कमजोर प्रतिस्पर्धी को मजबूती प्रदान करें। यहां सबके लिए बराबर मौके हैं। यह मुकदमा कोर्ट में ज्यादा टिकने वाला नहीं है। Google जो भी सर्विस यूजर्स को देता है, वह मुफ्त है। इससे किसी और को नुकसान होने की आशंका जताना गलत है।

इस मुकदमे के पीछे की राजनीति क्या है?

  • इस मुकदमे को दर्ज करने की टाइमिंग से लेकर इसमें शामिल राज्यों तक कई प्रश्न खड़े हैं। चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले यह मुकदमा दाखिल किया गया है। आम तौर पर किसी भी कदम का चुनावों पर असर पड़ने का डर होता है, इस वजह से कोई बड़ा कदम सरकार नहीं उठाती।
  • महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन 11 राज्यों ने जस्टिस डिपार्टमेंट का साथ दिया है, वह सभी रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल हैं। हकीकत तो यह है कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों ने Google के खिलाफ एक साल पहले जांच शुरू की थी।

केस का नतीजा क्या आ सकता है?

  • इस तरह के केस में सुनवाई लंबी चलती है और फैसला आने में दो-तीन साल लग जाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी 1998 में इसी तरह का मुकदमा दर्ज हुआ था, जो सेटलमेंट पर खत्म हुआ था।
  • Google पर इससे पहले यूरोप में भी इसी तरह के आरोप लगे थे। यदि कंपनी की हार होती है तो उसे कंपनी के स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव करने होंगे। वहीं, यदि वह जीत गई तो यह बड़ी टेक कंपनियों को मजबूती देगा। इससे उन पर काबू पाने की सरकारों की कोशिशों को झटका लगेगा।
  • यह तो तय है कि मुकदमे का नतीजा आने में समय लगेगा। तीन नवंबर को अमेरिका में चुनाव है और नई सरकार को ही यह केस लड़ना होगा। डेमोक्रेट्स लंबे समय से दलील दे रहे हैं कि नए डिजिटल युग में एंटी ट्रस्ट कानून के प्रावधानों को बदलने की जरूरत है।

क्या भारत में भी Google के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है?

  • भारत में कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) का काम बाजार में किसी कंपनी के एकाधिकार को खत्म करना है। वह हेल्दी कम्पीटिशन को प्रमोट करता है। अमेरिका में जो मुकदमा दाखिल हुआ है, उसी तरह की शिकायत की जांच सीसीआई पहले ही कर रहा है।
  • पिछले महीने Google बनाम पेटीएम के मुद्दे पर भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब Google ने अपनी पोजिशन का फायदा उठाते हुए पेटीएम के ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया था। तब भी पेटीएम ने यही आरोप लगाए थे कि Google अपने और दूसरे ऐप्स के बीच भेदभाव करता है।
  • न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने कुछ दिन पहले खबर दी थी कि कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ने स्मार्ट टीवी मार्केट में Google की दादागिरी की जांच करने वाली है। मामला स्मार्ट टीवी में इंस्टॉल होने वाले एंड्रॉयड ओएस के सप्लाई से जुड़ा है, जो भारत में बिक रहे ज्यादातर स्मार्ट टीवी में पहले से इंस्टॉल मिलता है।

भारत के कानून एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?

  • साइबर कानून विशेषज्ञ और सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि यदि अमेरिका में Google के कॉर्पोरेट वर्चस्व को खत्म करने की कार्रवाई हुई तो इसका असर भारत में भी पड़ेगा। अमेरिका के मुकाबले भारत में Google जैसी कंपनियों ने अपना अराजक वर्चस्व स्थापित किया है।
  • सीनियर एडवोकेट के मुताबिक, भारत में नए कानून बनाने और पुराने कानूनों में बदलाव जरूरी है। भारत ने हाल में चीन और पाकिस्तान से एफडीआई को लेकर कई प्रतिबंधात्मक नियम बनाए हैं। इसी तर्ज पर टेक कंपनियों के लिए भी कंपनी कानून, आईटी कानून और आयकर कानून के नियमों को बदलना जरूरी है।
  • गुप्ता कहते हैं कि इन कंपनियों की ओर से बड़े पैमाने पर डेटा की खरीद-फरोख्त होती है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि सरकारी राजस्व बढ़ाया जा सके। भारत में इन कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए कम्पीटिशन कमिशन की व्यवस्था को दुरूस्त करने की जरूरत है।





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E-commerce Companies Sold 22 Thousand Crore Rupees Goods In 5 Days – ई-कॉमर्स कंपनियों ने पांच दिन में बेचे 22 हजार करोड़ रुपये के सामान


बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Thu, 22 Oct 2020 06:59 AM IST

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कोविड-19 महामारी के बीच ऑनलाइन खरीदारी में जबरदस्त उछाल आया है। ई-कॉमर्स कंपनियों ने 5 दिन के त्यौहार सेल में 22 हजार करोड़ के समान बेच दिए। यह आंकड़ा 2018 और 2019 की बिक्री से ज्यादा है।

19.8 हजार करोड़ की बिक्री हुई 2019 के सेल में

परामर्श फर्म रेडसीर ने बुधवार को बताया कि अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और मित्रा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने 16 से 20 अक्टूबर तक त्योहारी सीजन सेल शुरू किया था। इस दौरान ग्राहकों ने 3.1 अरब डॉलर (22 हजार करोड़) की खरीदारी की। 2018 के त्योहारी सेल में 15.4  करोड़ और 2019 में 19 हजार करोड़ की बिक्री हुई थी।

रेडसीर ने एक हजार करोड़ की बिक्री का अनुमान लगाया था। इस साल बिक्री बढ़ने के चार प्रमुख कारण ग्राहकों की उत्पादों तक आसान पहुंच, मोबाइल सेगमेंट में नए मॉडल शामिल होने बड़ी बड़ी भूमिका निभाई। ई-कॉमर्स कंपनी ने बताया कि त्योहारी सीजन सेल के दौरान उसके प्लेटफार्म पर प्रति सेकंड 110 आर्डर मिले।

50 हजार करोड़ की बिक्री का अनुमान

रेडीसीर ने कहा कि कॉमर्स कंपनियां दशहरा और दिवाली तक और भी सेल ला सकती हैं। अनुमान है कि इस साल कुल त्योहारी सेल 50 हजार करोड़ पार कर जाएगी जो पिछले साल की समान अवधि के 28 हजार करोड़ से करीब दोगुनी रहेगी। इसके लिए कंपनियों ने विशेष तैयारियां की है। 1.1 लाख विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म से जोड़ लिया था।

स्थानीय उत्पादों की बढ़ी मांग

स्नैपडील का कहना है कि 5 दिनों में उसके प्लेटफॉर्म पर हुई कुल बिक्री में 80 फीस दी खरीदारी स्थानीय ब्रांड की रही। सिर्फ 20 फ़ीसदी ग्राहकों ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय उत्पादों में रुचि दिखाई पिछले साल 65 सीसी ग्राहकों ने स्थानीय खरीदे थे। इसके अलावा कुछ बिक्री में 70 फ़ीसदी ऑर्डर मेट्रो शहरों से बाहर के थे। उपभोक्ताओं में ऑनलाइन खरीदारी को लेकर रुझान तेजी से बढ़ रहा है।

 

कोविड-19 महामारी के बीच ऑनलाइन खरीदारी में जबरदस्त उछाल आया है। ई-कॉमर्स कंपनियों ने 5 दिन के त्यौहार सेल में 22 हजार करोड़ के समान बेच दिए। यह आंकड़ा 2018 और 2019 की बिक्री से ज्यादा है।

19.8 हजार करोड़ की बिक्री हुई 2019 के सेल में

परामर्श फर्म रेडसीर ने बुधवार को बताया कि अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील और मित्रा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने 16 से 20 अक्टूबर तक त्योहारी सीजन सेल शुरू किया था। इस दौरान ग्राहकों ने 3.1 अरब डॉलर (22 हजार करोड़) की खरीदारी की। 2018 के त्योहारी सेल में 15.4  करोड़ और 2019 में 19 हजार करोड़ की बिक्री हुई थी।

रेडसीर ने एक हजार करोड़ की बिक्री का अनुमान लगाया था। इस साल बिक्री बढ़ने के चार प्रमुख कारण ग्राहकों की उत्पादों तक आसान पहुंच, मोबाइल सेगमेंट में नए मॉडल शामिल होने बड़ी बड़ी भूमिका निभाई। ई-कॉमर्स कंपनी ने बताया कि त्योहारी सीजन सेल के दौरान उसके प्लेटफार्म पर प्रति सेकंड 110 आर्डर मिले।

50 हजार करोड़ की बिक्री का अनुमान

रेडीसीर ने कहा कि कॉमर्स कंपनियां दशहरा और दिवाली तक और भी सेल ला सकती हैं। अनुमान है कि इस साल कुल त्योहारी सेल 50 हजार करोड़ पार कर जाएगी जो पिछले साल की समान अवधि के 28 हजार करोड़ से करीब दोगुनी रहेगी। इसके लिए कंपनियों ने विशेष तैयारियां की है। 1.1 लाख विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म से जोड़ लिया था।

स्थानीय उत्पादों की बढ़ी मांग

स्नैपडील का कहना है कि 5 दिनों में उसके प्लेटफॉर्म पर हुई कुल बिक्री में 80 फीस दी खरीदारी स्थानीय ब्रांड की रही। सिर्फ 20 फ़ीसदी ग्राहकों ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय उत्पादों में रुचि दिखाई पिछले साल 65 सीसी ग्राहकों ने स्थानीय खरीदे थे। इसके अलावा कुछ बिक्री में 70 फ़ीसदी ऑर्डर मेट्रो शहरों से बाहर के थे। उपभोक्ताओं में ऑनलाइन खरीदारी को लेकर रुझान तेजी से बढ़ रहा है।

 



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RR vs SRH Head To Head Record: Playing 11 Royals Vs Sunrisers | IPL 40th Match Preview Update | Rajasthan Royals vs Sunrisers Hyderabad IPL Latest News | टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों को चाहिए जीत, पॉइंट्स टेबल में राजस्थान छठवें और हैदराबाद 7वें नंबर पर


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दुबईएक घंटा पहले

आईपीएल के 13वें सीजन का 40वां मैच राजस्थान रॉयल्स (RR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच दुबई में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। टूर्नामेंट में बने रहने के लिए दोनों टीमों को यह मैच जीतना जरूरी है। पॉइंट्स टेबल में राजस्थान 8 पॉइंट के साथ छठवें और हैदराबाद 6 पॉइंट के साथ 7वें नंबर पर है। हालांकि राजस्थान ने लीग में अब तक 10 और हैदराबाद ने 9 मैच खेले हैं।

पिछले मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को हराया था
पिछले मैच में राजस्थान ने हैदराबाद को 5 विकेट से हराया था। राहुल तेवतिया और रियान पराग ने अपने दम पर मैच हैदराबाद से छीन लिया था। राजस्थान ने पहले 9 बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 158 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद ने एक बॉल रहते 5 विकेट पर मैच जीत लिया था।

बटलर-स्मिथ राजस्थान के टॉप स्कोरर
राजस्थान के जोस बटलर और कप्तान स्टीव स्मिथ ने राजस्थान के लिए सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। बटलर ने 9 मैच में 262 रन और स्मिथ ने 10 मैच में 246 रन बनाए हैं। इसके अलावा संजू सैमसन ने 10 मैच में 236 रन बनाए हैं।

आर्चर-तेवतिया के नाम सबसे ज्यादा विकेट
राजस्थान के लिए सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में जोफ्रा आर्चर पहले और राहुल तेवतिया दूसरे नंबर पर हैं। आर्चर ने 10 मैच में 13 विकेट जबकि तेवतिया ने इतने ही मैचों में 7 विकेट लिए हैं। सीजन में आर्चर ने सबसे ज्यादा 120 डॉट बॉल डालीं हैं।

वॉर्नर-बेयरस्टो हैदराबाद के टॉप स्कोरर
हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर और जॉनी बेयरस्टो ने अपनी टीम के लिए सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। वॉर्नर ने 9 मैच में 331 और बेयरस्टो ने 9 मैच में 316 रन बनाए हैं। इसके बाद मनीष पांडे का नंबर आता है, जिन्होंने अब तक 9 मैच में 212 रन बनाए हैं।

राशिद-नटराजन ने गेंदबाजी में संभाला मोर्चा
राशिद खान और टी नटराजन ने हैदराबाद के लिए गेंदबाजी में मोर्चा संभाला हुआ है। राशिद ने 10 मैच में 13 विकेट जबकि नटराजन ने 9 मैच में 11 विकेट अपने नाम किए हैं। सीजन में डॉट बॉल डालने के मामले में राशिद (94) छठवें स्थान पर हैं।

हैदराबाद-राजस्थान के महंगे खिलाड़ी
हैदराबाद के सबसे महंगे खिलाड़ी डेविड वॉर्नर हैं। उन्हें फ्रेंचाइजी सीजन का 12.50 करोड़ रुपए देगी। इसके बाद टीम के दूसरे महंगे खिलाड़ी मनीष पांडे (11 करोड़) हैं। वहीं, राजस्थान में कप्तान स्टीव स्मिथ और बेन स्टोक्स 12.50 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं।

पिच और मौसम रिपोर्ट
दुबई में मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा। तापमान 22 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। यहां पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। यहां स्लो विकेट होने के कारण स्पिनर्स को भी काफी मदद मिलेगी। दुबई में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेगी। दुबई में इस आईपीएल से पहले हुए पिछले 61 टी-20 में पहले बल्लेबाजी वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 55.74% रहा है।

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 61
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 34
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 26
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 144
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 122

हैदराबाद ने 2 और राजस्थान ने एक बार खिताब जीता
हैदराबाद ने 3 बार (2009, 2016 और 2018) फाइनल में जगह बनाई और 2 बार (2009 और 2016) खिताब अपने नाम किया। वहीं, राजस्थान ने आईपीएल (2008) का पहला सीजन अपने नाम किया था।

आईपीएल में हैदराबाद का सक्सेस रेट राजस्थान से ज्यादा
लीग में सनराइजर्स हैदराबाद का सक्सेस रेट 52.56% है। हैदराबाद ने अब तक कुल 117 मैच खेले हैं, जिनमें उसने 61 मैच जीते और 56 हारे हैं। वहीं, राजस्थान का सक्सेस रेट 50.64% है। राजस्थान ने अब तक कुल 157 मैच खेले हैं, जिनमें उसने 79 जीते और 76 हारे हैं। 2 मैच बेनतीजा रहे।



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Chinese City Zhejiang To Offer Experimental COVID-19 Vaccine To Residents For $60


Chinese City To Offer Experimental COVID Vaccine To Residents For $60

China’s Zhejiang province will offer experimental coronavirus vaccines to its residents.

Beijing:

A city in China’s Zhejiang province will offer experimental coronavirus vaccines to its residents, as China broadens an emergency use programme to people in non-priority groups.

Residents aged between 18 and 59 in the city of Shaoxing, who are not in priority groups, can apply online for inoculation, the city’s health commission said on Tuesday on its WeChat account. It did not name the vaccine, say when inoculation would start or how many doses would be offered.

Hundreds of thousands of people have already taken experimental COVID-19 vaccines in China since it launched its emergency use programme in July aimed at essential workers and other limited groups of people at higher risk of infection. The use of shots that are still under study has raised safety concern among experts. [nL4N2G743G]

Last week, Zhejiang became the first Chinese province to offer the voluntary inoculation to non-priority residents via the emergency use programme, without specifying how many people will be vaccinated.

Shaoxing residents that choose to be inoculated will need to give reasons for wanting the vaccine on their applications and will be charged 400 yuan ($60) for two doses, with an additional inoculation fee of 28 yuan per dose, the city said.

It was not immediately clear whether the city will screen applicants based on these reasons, or whether the costs could be subsidised. Shaoxing’s health commission did not respond to requests for comment.



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मां कात्यायनी की पूजा मिलेगा योग्य जीवनसाथी, जानें पूजा विधि, मंत्र


नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है

शारदीय नवरात्रि २०२० (Shardiya Navratri 2020/Navratri Sixth Day):नवरात्रि (Navratri 2020)के छठवें दिन देवी मां कात्यायनी की पूजा करने से मन की शक्ति मजबूत होते है और साधक इन्द्रियों को वश में कर सकता है. अविवाहितों को देवी की पूजा करने से अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है..


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 22, 2020, 6:33 AM IST

शारदीय नवरात्रि २०२० (Shardiya Navratri 2020/Navratri Sixth Day): आज नवरात्रि (Navratri 2020) का 6वां दिन है. आज मां नव दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी देवी की पूजा-अर्चना (Maa Katyayani Puja) की जाती है. मान्यता है कि मां का यह स्वरूप सुख और शांति प्रदान करने वाला है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कात्यायनी की पूजा करने से मन की शक्ति मजबूत होते है और साधक इन्द्रियों को वश में कर सकता है. अविवाहितों को देवी की पूजा करने से अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. धर्म ग्रंथों के अनुसार, इन्हीं देवी ने महिषासुर का मर्दन किया था. आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन किस तरह करें देवी कात्यायनी की पूजा:
मां कात्यायनी की पूजा :
मां कात्यायनी की पूजा करने के लिए सबसे पहले पूजा की चौकी पर साफ लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर मां कात्यायनी की मूर्ति रखें. गंगाजल से पूजाघर और घर के बाकी स्थानों को पवित्र करें. वैदिक मंत्रोच्चार के साथ व्रत का संकल्प पढ़ें एवं सभी देवी-देवताओं को नमस्कार करते हुए षोडशोपचार पूजन करें. मां कात्यायनी को दूध, घी, दही और शहद से स्नान करवाएं. मां कात्यायनी को शहद अति प्रिय है. इसलिए पूजा में देवी को शुद्ध शहद अर्पित करें. इसके बाद पूरे भक्ति भाव से देवी का मंत्र पढ़ें. मन में जो मनोकामना हो उसे दोहराते हुए देवी से आशीर्वाद मांगें.

देवी कात्यायनी का मंत्र:चंद्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवर वाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनि।| (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





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आयोडीन की कमी भारत में चिंता का विषय क्यों है, जानें इसके कारण


आयोडीन (Iodine) की कमी का दिन, जिसे वैश्विक आयोडीन की कमी विकार (आयोडीन डिफिशिएंसी डिसऑर्डर IDD) रोकथाम दिवस के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 21 अक्टूबर को आयोजित होता है. इस दिन को सेलिब्रेट करने का उद्देश्य लोगों के बीच आयोडीन- इस सूक्ष्म पोषक तत्व की जरूरत के बारे में जागरुकता फैलाना है. थायराइड सही तरीके से कार्य करे, मस्तिष्क का विकास हो सके और ओवरऑल ग्रोथ भी बनी रहे इन सबके लिए शरीर को आयोडीन की जरूरत होती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि IDD, मस्तिष्क क्षति का सबसे प्रचलित कारण है, बावजूद इसके इसे आसानी से रोका जा सकता है.

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि IDD की समस्या बच्चे के जन्म से पहले ही शुरू हो सकती है और बच्चे के अस्तित्व को भी खतरे में डाल सकती है क्योंकि अगर गर्भवती महिला के शरीर में आयोडीन की कमी हो तो स्टिलबर्थ (गर्भ में ही बच्चे का मरना) का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा गर्भ में पल रहे बच्चे में विकास से जुड़ी समस्याएं, बौद्धिक कमी, जन्मजात असामान्यताएं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं.

आयोडीन की कमी पर अपने ग्लोबल डेटाबेस पर आधारित रिपोर्ट में WHO का कहना है कि वैसे तो कई देश ऐसे हैं जिन्होंने आयोडीन युक्त नमक का व्यापक इस्तेमाल कर अपने यहां आयोडीन की कमी की समस्या को दूर करने में सक्षम हो गए हैं, लेकिन 54 देश अब भी ऐसे हैं जहां आयोडीन की कमी देखने को मिलती है. IDD को कंट्रोल करने के लिए प्राथमिक रणनीति के तौर पर वैश्विक नमक आयोडीज़ेशन का काम साल 1993 में शुरू किया गया था और अधिकांश देशों ने इस स्वास्थ्य समस्या पर काबू पाने में सफलता हासिल की.भारत में आयोडीन की कमी का अदृश्य हाथ
इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IJMR) में साल 2013 में प्रकाशित एक अध्ययन से संकेत मिलता है कि भारत की संपूर्ण आबादी को आईडीडी का खतरा है क्योंकि हमारे यहां की मिट्टी में खनिज के तौर पर आयोडीन की कमी है. परिणामस्वरूप, भारत में उगाए जाने वाले विविध प्रकार के अनाज, दाल, फल, सब्जियां, सूखे मेवे और बीज में पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं होता है. इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप भारत में किस प्रकार का आहार खाते हैं क्योंकि सभी में आयोडीन की मात्रा बेहद कम है और इसलिए आयोडीन की इस कमी को पूरा करने के लिए आयोडी से फॉर्टिफाइड (मजबूत बनाए गए) नमक को सप्लिमेंट के तौर पर लेना जरूरी है.

साल 2012 में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा किए गए सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारत में करीब 35 करोड़ लोग ऐसे हैं जो पर्याप्त मात्रा में आयोडीन युक्त नमक का सेवन नहीं करते हैं और इसलिए उन्हें आईडीडी होने का खतरा बना रहता है. अध्ययन से पता चलता है कि वर्तमान समय में, करीब 91% भारतीय घरों में आयोडीन युक्त नमक की पहुंच है, लेकिन उनमें से केवल 71% ही ऐसे हैं जो इसका पर्याप्त मात्रा में सेवन करते हैं. यही वजह है कि साल 2012 तक IDD के राष्ट्रीय प्रसार को 10% से कम करने का भारत का लक्ष्य था, पूरा नहीं हो पाया था.

न्यूट्रिशन इंटरनैशनल, एम्स और इंडियन कोलिएशन फॉर कंट्रोल ऑफ आयोडीन डिफिशिएंसी डिसऑर्डर (ICCIDD)ने मिलकर एक सर्वेक्षण किया जिसके अनुसार, 2018-2019 में आयोडीन युक्त नमक का पर्याप्त मात्रा में सेवन करने वाले भारतीय परिवारों का प्रतिशत बढ़कर 82.1% हो गया. सर्वेक्षण से यह भी पता चला कि आयोडीन युक्त नमक के बारे में जागरूकता शहरी क्षेत्रों (62.2%) में ग्रामीण क्षेत्रों (50.5%) की तुलना में अधिक है और सर्वे में शामिल अधिकांश प्रतिभागियों ने आयोडीन को लेकर जागरूकता फैलाने में इलेक्ट्रॉनिक मास मीडिया अभियानों को उपयोगी माना.

आयोडीन की कमी (आईडीडी) के गंभीर प्रभाव
वैसे तो ये आंकड़े शाबाशी देने वाले हैं, बावजूद इसके आयोडीन युक्त नमक की अधिक जागरूकता और उपयोग की आवश्यकता भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है. आयोडीन युक्त नमक की अधिक से अधिक व्यापक खपत की आवश्यकता को उजागर करने के साथ-साथ, कई ऐसे अभियान भी चलाने की जरूरत है जिसमें आईडीडी के नकारात्मक प्रभावों को उजागर करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए, खासकर गर्भवती महिलाओं और परिवारों के बीच. आयोडीन की कमी (आईडीडी) के कुछ गंभीर प्रभाव निम्नलिखित हैं जिनसे भारतीय आबादी का अवगत होना जरूरी है :

1. उच्च शिशु मृत्यु दर : WHO का कहना है कि आयोडीन मां और भ्रूण के थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आवश्यक है. ये हार्मोन भ्रूण के ग्रोथ और विकास को नियंत्रित करते हैं, इसलिए यदि आयोडीन की गंभीर कमी हो जाती है, तो गर्भ में बच्चे के जीवित रहने की संभावना बहुत कम हो जाती है (स्टिलबर्थ), साथ ही जन्मजात असामान्यताएं भी पैदा हो सकती हैं.

2. गॉयटर : विश्व स्तर पर, लगभग 90% गॉयटर के मामले आयोडीन की कमी के कारण होते हैं. चूंकि आयोडीन की कमी की वजह से आवश्यक थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है, यह थायरॉयड ग्रंथि को नुकसान पहुंचाता है और गॉयटर से वृद्धि का कारण बनता है.

3. हाइपोथायरायडिज्म : आयोडीन की कमी हाइपोथायरायडिज्म का भी सबसे आम कारण है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जैसे ही शरीर में आयोडीन का स्तर गिरता है, थायराइड हार्मोन का उत्पादन गंभीर रूप से बिगड़ जाता है जिसकी वजह से लंबे समय तक रहने वाली यह बीमारी हाइपोथायरायडिज्म का विकास होता है.

4. क्रेटेनिज्म : इसे जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म के रूप में भी जाना जाता है, क्रेटेनिज्म जन्म के समय थायरायड ग्रंथि की गंभीर अंडरऐक्टिविटी से जुड़ा है, मुख्यतः गर्भावस्था और भ्रूण के विकास के दौरान आयोडीन की कमी के कारण. क्रेटेनिज्म की वजब से बच्चे का विकास मंद हो जाता है, फीचर्स असामान्य हो जाते हैं या बच्चे में कई तरह के दोष या डिफेक्ट्स भी हो सकते हैं.

5. मानसिक मंदता : आयोडीन की कमी की वजह से अपरिवर्तनीय मस्तिष्क क्षति होती है, जिसके कारण बच्चों में मानसिक मंदता (मेंटल रिटार्डेशन) की समस्या हो सकती है. मानसिक मंदता की वजह से जीवन में बाद के सालों में गंभीर बौद्धिक विकलांगता, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल आयोडीन की कमी के बारे में पढ़ें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी  खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.





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How To Use Google Maps Offline Or Without Internet – बिना इंटरनेट भी यूज कर सकते हैं Google Maps, फॉलो करने होंगे ये स्टेप


GPS का इस्तेमाल ऑफलाइन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन GPS चलाने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने डिवाइस में लोकेशन पहले से ही सेव करके रखनी होगी।

जब हम कहीं ट्रैवल कर रहे होते हैं तो (Google Maps) गूगल मैप्स का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही किसी को अपनी लोकेशन शेयर करनी हो तो भी हम स्मार्टफोन की (GPS) जीपीएस सर्विस की मदद लेते हैं। इसकी सहायता से हम मार्क की गई लोकेशन पर आसानी से पहुंच सकते है। जब हम किसी नई जगह पर जाते हैं,जहां के रास्ते हमें पता नहीं होते तो हम गूगल मैप्स की मदद लेते हैं। गूगल मैप्स को बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं। परेशानी तब आती है जब स्मार्टफोन में इंटरनेट सही न चल रहा हो या मोबाइल नेटवर्क में प्रॉब्लम आ जाए।

ऑफलाइन GPS का इस्तेमाल
कई बार गूगल मैप्स या नेविगेशन सर्विस भी धोखा दे जाती है। कई जगह ऐसी होती हैं, जहां स्मार्टफोन में नेटवर्क सही नहीं आता। ऐसे में इंटरनेट एक्सेस करने में काफी परेशानी होती है। साथ ही कई बार इंटरनेट भी डाउन हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में रास्ता भटक सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप GPS का इस्तेमाल ऑफलाइन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन GPS चलाने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने डिवाइस में लोकेशन पहले से ही सेव करके रखनी होगी।

यह भी पढ़ें—ये 5 फीचर्स आपके स्मार्टफोन को बना देंगे और भी ज्यादा स्मार्ट और कूल

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फॉलो करने होंगे ये स्टेप्स
आप कुछ आसान स्टेप्स फॉलो कर ऑफलाइन GPS की मदद से अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। गूगल मैप्स के ऑफलाइन मैप्स की मदद से आप बिना इंटरनेट के भी GPS का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी सहायता से आप उस जगह का मैप डाउनलोड या सेव कर सकते हैं, जहां आपको जाना है। इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन में गूगल मैप्स एप को ओपन करना होगा।

यह भी पढ़ें—Google assistant के जरिए कर सकते हैं whatsapp video call, जानिए सही तरीका

सलेक्ट योर मैप
गूगल मैप्स ओपन करने के बाद आपको टॉप लेफ्ट में आपकी प्रोफाइल दिखाई देगी। आपको अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करना होगा। इसके बाद ‘ऑफलाइन मैप्स’ को सलेक्ट करें। ‘ऑफलाइन मैप्स’ में जाने पर आपको सलेक्ट योर ओन मैप का ऑप्शन मिलेगा। आप उस पर टैप करें और उस जगह को चुन सकते हैं जहां आपको जाना है। इसके बाद उस जगह का मैप आपके फोन में डाउनलोड हो जाएगा और आप आसानी से उस जगह पर पहुंच सकते हैं।






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Ravichandran Ashwin Teases Chris Gayle After Defeat Vs KXIP – गेल के दोनों पैर बांधकर गेंदबाजी करनी चाहिए : अश्विन

गेल के दोनों पैर बांधकर गेंदबाजी करनी चाहिए : अश्विन


रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने ट्विटर पर एक तस्वीर साझा करते हुए क्रिस गेल (Chris Gayle) का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि ऐसे बल्लेबाज के दोनों पैर बांधकर उसे गेंदबाजी करनी चाहिए…

नई दिल्ली। किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) ने दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) को क्या हराया, खिलाड़ियों की भावनाएं सामने आने लगी हैं। इसी तरह की एक भावना दिल्ली के गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने व्यक्त की है। मंगलवार को हुए मैच में अश्विन एक पल गेल (Chris Gayle) के जूतों का फीता बांधते नजर आए थे। इस फोटो को अश्विन (Ashwin) ने ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा कि मैं तो गेल के जूतों के फीते बांध रहा था, लेकिन ऐसे बल्लेबाज के दोनों पैर बांधकर उसे गेंदबाजी करनी चाहिए।

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अश्विन ने लिखा, गेल के तो दोनों पैर बांधकर गेंदबाजी करनी चाहिए। हमारे लिए कठिन दिन था, लेकिन हम वापसी करेंगे। इस मैच में दिल्ली के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने शानदार नाबाद 106 रन बनाए। वह आईपीएल में लगातार दो शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।

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धवन ने भी स्वीकार किया है कि यह उनकी टीम के लिए कठिन मैच था, लेकिन इस मैच से काफी कुछ सीखते हुए आगे बढ़ेगी। धवन इस मैच में शतक लगाने के साथ धवन ने आईपीएल में 5000 रन पूरे किए थे। वह ऐसा करने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं।

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इस जीत के बाद पंजाब की टीम आठ अंकों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। दिल्ली के खाते में 14 अंक हैं और वह अभी भी टॉप पर है। यह मैच जीतने की स्थिति में दिल्ली की टीम प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर गई होती। इधर, पंजाब ने इस जीत के साथ प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है।











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Espionage Case, Pm Office And Other Important Ministries On Chinese Spy Radar – चीन जासूसी कांड का खुलासा: निशाने पर थे पीएम कार्यालय और दलाई लामा


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Thu, 22 Oct 2020 05:52 AM IST

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जासूसी रैकेट  मामले में पकड़े गए स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के साथ चीनी महिला और एक नेपाली व्यक्ति को पुलिस ने पिछले महीने गिरफ्तार कर लिया था। उनसे पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। 

इन चीनी जासूस के निशाने पर पीएम कार्यालय समेत कई और अहम मंत्रालयों में लगाए सुरक्षा उपकरण निशाने पर थे। पूछताछ के मुताबिक, चीन नेअपनी जासूसी टीम को प्रधानमंत्री कार्यालय सहित महत्वपूर्ण भारतीय कार्यालयों की आंतरिक जानकारी देने के लिए कहा था।

चीन के इन जासूस के मुताबिक इनकी नजर दलाई लामा पर भी थी। क्योंकि इस जासूसी कांड में एक बौद्ध भिक्षु के शामिल होने की बात सामने आ रही है। वहीं कोलकात की एक प्रभावशाली महिला का नाम की इस कांड में आ रहा है।

जासूसी रैकेट  मामले में पकड़े गए स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के साथ चीनी महिला और एक नेपाली व्यक्ति को पुलिस ने पिछले महीने गिरफ्तार कर लिया था। उनसे पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। 

इन चीनी जासूस के निशाने पर पीएम कार्यालय समेत कई और अहम मंत्रालयों में लगाए सुरक्षा उपकरण निशाने पर थे। पूछताछ के मुताबिक, चीन नेअपनी जासूसी टीम को प्रधानमंत्री कार्यालय सहित महत्वपूर्ण भारतीय कार्यालयों की आंतरिक जानकारी देने के लिए कहा था।

चीन के इन जासूस के मुताबिक इनकी नजर दलाई लामा पर भी थी। क्योंकि इस जासूसी कांड में एक बौद्ध भिक्षु के शामिल होने की बात सामने आ रही है। वहीं कोलकात की एक प्रभावशाली महिला का नाम की इस कांड में आ रहा है।



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Worst Political Crisis In Pakistan Since Imran Khan Took Over 2 Years Ago


Worst Political Crisis In Pak Since Imran Khan Took Over 2 Years Ago

Imran Khan’s pro-military government has not yet addressed the kidnapping of a top police official.

Highlights

  • A police chief’s kidnapping in Pakistan has deepened political turmoil
  • Paramilitary troops are accused of raiding Mushtaq Ahmed Mahar’s house
  • They allegedly forced him to sign an order to arrest an opposition leader

Karachi:

A high-profile kidnapping of a police chief in Pakistan — allegedly by official paramilitary troops — has signaled deepening of the political turmoil in a country bracing for further opposition protests aimed at ousting Prime Minister Imran Khan.

The paramilitary troops, known as the rangers, are accused of raiding the house of Mushtaq Ahmed Mahar, the inspector general of police in southern Sindh province. They kidnapped him and forced him to sign an order to arrest an opposition leader, Safdar Awan, Mustafa Nawaz Khokhar, a spokesman for Bilawal Bhutto Zardari — whose opposition party rules the state — said on Dunya TV Tuesday.

While Khan’s pro-military government has not yet addressed the issue, army chief Qamar Javed Bajwa ordered an inquiry. A spokesman for the prime minister was not immediately available for comment.

The unprecedented incident, where almost all top ranking police officers of the province sought leave for being “ridiculed,” provides a window into the turmoil in Pakistan which is the worst since Khan came into power about two years ago.

Pakistan Protests Gain Momentum, Putting Khan Under Pressure

An alliance of 11 top opposition parties is already holding a series of nationwide rallies seeking Khan’s ouster over food shortages and inflation as well as demanding that the military stop meddling in politics.

The army, which has directly ruled Pakistan for about half of its existence since 1947, has historically played a key role in foreign and national security policy. Lately, it has expanded its role during the current government’s tenure. The army and the judiciary cannot be criticized publicly under Pakistan’s constitution.

Since the incident, police chief Mahar ordered his officers to delay their leaves until the completion of the separate probe ordered by the army and the state government, the Sindh police posted on Twitter late Tuesday night.

The alleged kidnapping happened on Monday before the police arrested Safdar Awan — the husband of Maryam Nawaz Sharif, the daughter and political heir of three time prime minister Nawaz Sharif. Awan, who was charged for raising political slogans during a visit to the tomb of the nation’s founder Muhammad Ali Jinnah in Karachi, secured a bail from Sindh High Court.

It follows the arrest of journalists and opposition leaders, some who’ve been charged with treason by Khan’s government for criticizing the army.

(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a syndicated feed.)



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Durga Puja 2020: 6 Durga Puja Pandal Foods You Can Make At Home To Not Miss Out On Festive Fun!  


Highlights

  • Durga Puja is a five-day festival
  • Bengalis celebrate Durga Puja with much aplomb
  • Food plays an important role in the festivities

The season of festivals is here and yet there is something feels amiss. Owing to the pandemic scare, the scale of celebrations would not be the same. Many Durga Puja pandals that you love visiting every time may not be up this year and that breaks our heart, but we also know that it is for the best and also a very important measure to flatten the curve.  

So, what if your Pujo itinerary looks a bit different this year, instead of 20 pandals you are visiting only two. You can still try recreating some of the ‘pandal foods’ at home and make your festivities memorable.

Here Are 6 Durga Puja Pandal Foods You Can Make At Home:

1. Mutton Kathi Roll

Spicy chunks of mutton interfused with sauces, onions and chutney, nicely tucked inside a maida flat-bread. There, we saw you slurping. Here’s the recipe, click and cook for yourself.  

nqphvs18 Kathi rolls are loaded wraps you cannot ignore at a pandal

2. Egg devil

Egg devil or dimer devil is quite similar to scotch eggs. Boiled eggs coated with spicy mutton mince mixture. Counters selling this yummy snack always has one of the longest queues, you can try making something similar at home with this recipe.

Newsbeep

3. Fish Chop

Chops and cutlets are Durga Pujo staples that are also fairly easy to make at home. There are many kinds of chops, but one of our favourite is the fish chop. The soft fish underneath the crusty, spicy exterior is heartwarming juxtaposition of flavours.

4. Ghugni

This fiery chickpea dish is often laced with more masala, chopped onions or juicy mutton bits. This yummy dish is a show-stealer in every possible way. Do not forget to make it this Pujo season. Click here for the recipe.

ghugni

Ghugni is an interesting chickpea -based dish

5. Labra
Talk about Durga Puja and forget about the yummy bhog? Cant happen, won’t happen! Labra is an intensely satisfying mixed vegetable made with potatoes, brinjal, cabbage and Bengali spice-mix panch phoron. Pair it with hot khichdi and you are done! Click here for the recipe.

6. Payesh

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Payesh is the Bengali, slightly more milky cousin of kheer. You are sure to find it if you attend any Anondo mela, a food festival conducted either on panchami or shashti where in a bunch of home chefs bring their home-cooked delicacies to the pandal. Now, master the recipe at home with this link.

Happy Durga Puja 2020 Everyone!
 

About Sushmita SenguptaSharing a strong penchant for food, Sushmita loves all things good, cheesy and greasy. Her other favourite pastime activities other than discussing food includes, reading, watching movies and binge-watching TV shows.



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IPL 2020 KKR vs RCB Low Scoring Match Records in IPL UAE Updates Mohammed Siraj Virat Kohli | कोहली ने अचानक बॉल थमाई, सिराज ने विकेट की झड़ी लगाई, एक मैच में दो मेडन फेंकने वाले पहले बॉलर बने


3 घंटे पहले

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RCB के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने नीतीश राणा को क्लीन बोल्ड किया। राणा एक ही बॉल खेल सके।

आईपीएल के 13वें सीजन का 39वां मुकाबला पूरी तरह से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के नाम रहा। मैच में कप्तान विराट कोहली ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को अचानक दूसरा ओवर थमा दिया। इसके बाद सिराज ने सिर्फ मेडन ओवर डाला बल्कि लगातार 2 बॉल पर विकेट लेकर KKR की मुश्किलें बढ़ा दीं।

इसके बाद KKR आखिर तक इन शुरुआती झटकों से उभर नहीं पाई। टीम के लगातार विकेट गिरते रहे। KKR ने 8 विकेट गंवाकर 20 ओवर में सिर्फ 84 रन बनाए, जो इस सीजन का सबसे छोटा स्कोर है। इस बीच, सिराज एक मैच में दो मेडन फेंकने वाले पहले बॉलर बन गए।

उन्होंने 4 ओवर में 8 रन देकर 3 विकेट लिए। सिराज ने राहुल त्रिपाठी, नीतीश राणा और टॉम बेंटन को शिकार बनाया। जीत के बाद सिराज ने बताया कि मैच में उन्हें नई गेंद से बॉलिंग कराने का कोई प्लान नहीं था। कप्तान कोहली दूसरे ओवर में अचानक सिराज के पास आए और कहा- ‘‘मियां रेडी हो जाओ।’’

बता दें IPL में पहली बार किसी टीम ने 20 ओवर बैटिंग करने के बाद सबसे छोटा 84 रन का स्कोर बनाया। इससे पहले 2009 में साउथ अफ्रीका के डरबन में किंग्स इलेवन पंजाब ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 20 ओवर खेलकर 8 विकेट पर 92 रन बनाए थे।

KKR ने सीजन का सबसे छोटा 85 रन का टारगेट दिया। RCB ने 2 विकेट गंवाकर 13.3 ओवर में मैच जीत लिया। टीम के कप्तान विराट कोहली ने नाबाद 18 रन बनाए।

KKR ने सीजन का सबसे छोटा 85 रन का टारगेट दिया। RCB ने 2 विकेट गंवाकर 13.3 ओवर में मैच जीत लिया। टीम के कप्तान विराट कोहली ने नाबाद 18 रन बनाए।

RCB के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज एक मैच में दो मेडन फेंकने वाले पहले बॉलर बन गए हैं। उन्होंने 4 ओवर में 8 रन देकर 3 विकेट लिए।

RCB के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज एक मैच में दो मेडन फेंकने वाले पहले बॉलर बन गए हैं। उन्होंने 4 ओवर में 8 रन देकर 3 विकेट लिए।

RCB के गुरकीरत सिंह ने 26 बॉल पर 21 रन की नाबाद पारी खेली और टीम को जीत दिलाई।

RCB के गुरकीरत सिंह ने 26 बॉल पर 21 रन की नाबाद पारी खेली और टीम को जीत दिलाई।

KKR टीम के लिए अकेला विकेट लोकी फर्ग्यूसन ने लिया। टीम बल्लेबाजी में ज्यादा रन नहीं बना सकी, लेकिन फर्ग्यूसन का शानदार फॉर्म इस मैच में भी बरकरार रहा।

KKR टीम के लिए अकेला विकेट लोकी फर्ग्यूसन ने लिया। टीम बल्लेबाजी में ज्यादा रन नहीं बना सकी, लेकिन फर्ग्यूसन का शानदार फॉर्म इस मैच में भी बरकरार रहा।

RCB के क्रिस मॉरिस ने KKR के कुलदीप यादव को रनआउट किया।

RCB के क्रिस मॉरिस ने KKR के कुलदीप यादव को रनआउट किया।

गुरकीरत सिंह बाउंड्री पर लंबी छलांग लगाकर छक्का रोकने की नाकाम कोशिश करते हुए।

गुरकीरत सिंह बाउंड्री पर लंबी छलांग लगाकर छक्का रोकने की नाकाम कोशिश करते हुए।

छक्का रोकने की कोशिश के दौरान गुरकीरत सिंह काफी देर हवा में रहे।

छक्का रोकने की कोशिश के दौरान गुरकीरत सिंह काफी देर हवा में रहे।

RCB के युजवेंद्र चहल ने मैच में 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए।

RCB के युजवेंद्र चहल ने मैच में 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए।

KKR की खराब हालत देखते टीम के कोच ब्रेंडन मैक्कुलम और असिस्टेंट कोच अभिषेक नायर।

KKR की खराब हालत देखते टीम के कोच ब्रेंडन मैक्कुलम और असिस्टेंट कोच अभिषेक नायर।

RCB टीम को चीयर करती फैन।

RCB टीम को चीयर करती फैन।

टॉस के दौरान RCB के कप्तान विराट कोहली और KKR के कैप्टन इयोन मॉर्गन कुछ इस तरह नजर आए।

टॉस के दौरान RCB के कप्तान विराट कोहली और KKR के कैप्टन इयोन मॉर्गन कुछ इस तरह नजर आए।

शानदार प्रदर्शन के लिए मोहम्मद सिराज को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

शानदार प्रदर्शन के लिए मोहम्मद सिराज को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

मैच देखते हुए IPL गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन बृजेश पटेल और पत्नी तोरल पटेल।

मैच देखते हुए IPL गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन बृजेश पटेल और पत्नी तोरल पटेल।



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Kvs, Novodaya Vidyalaya’s Planning To Reopen Schools Across India From November 2 As Per Sops – 2 नवंबर से खोले जा सकते हैं देशभर के केंद्रीय और नवोदय विद्यालय


एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला

Updated Tue, 20 Oct 2020 01:53 PM IST

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देशभर के केंद्रीय और नवोदय विद्यालय दो नवंबर से खोले जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति ने स्कूलों को फिर से खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। दो नवंबर से देशभर के केंद्रीय और नवोदय विद्यालयों को फिर से खोला जा सकता है।

इसे भी पढ़ें-दिल्ली विश्वविद्यालय: दूसरी कट ऑफ के तहत 9 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन

गौरतलब है कि वैश्विक कोरोना महामारी की वजह से मार्च से ही केंद्रीय और नवोदय विद्यालय बंद हैं। ऐसे में अब नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए केंद्रीय और नवोदय विद्यालय फिर से खोलने की योजना है। बता दें कि कई राज्यों ने अपने यहां 15 अक्तूबर से ही नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए स्कूलों को खोल दिया है। जबकि, कई राज्य स्कूलों को फिर से खोलने की तैयारी में जुटे हैं।

देश भर में कुल 1,250 केंद्रीय विद्यालय और 650 नवोदय विद्यालय हैं। जिनमें 15 लाख से विद्यार्थी पढ़ते हैं। बता दें कि अनलॉक 5 के दिशा-निर्देशों के तहत सरकार ने 15 अक्तूबर से नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी। 

इसे भी पढ़ें-Jamia Hamdard Admissions 2020: यूजी-पीजी कोर्स के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ी

 

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देश भर में कुल 1,250 केंद्रीय विद्यालय और 650 नवोदय विद्यालय हैं। जिनमें 15 लाख से विद्यार्थी पढ़ते हैं। बता दें कि अनलॉक 5 के दिशा-निर्देशों के तहत सरकार ने 15 अक्तूबर से नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति लेनी होगी। 

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