Here Is A Huge Influx Of Tourists In Shimla Himachal, Occupancy Reached 90 Percent, More Than 8000 Vehicles Entered – शिमला सैलानियों से पैक : 90 फीसदी तक पहुंची ऑक्यूपेंसी, 8000 से अधिक वाहनों ने किया प्रवेश


विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 20 Jun 2021 02:26 AM IST

सार

शहर की सबसे बड़ी लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर ढाई बजे पैक हो गई जिसके बाद संचालकों को एंट्री प्वाइंट चेन लगाकर बंद करना पड़ा। शनिवार को रिज मैदान और मालरोड पर सैलानियों की खूब चहल-पहल रही। 

शिमला में सैलानियों की भीड़।
– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के होटलों में वीकेंड पर सैलानियों का सैलाब उमड़ आया है। शहर के होटलों में शनिवार को ऑक्यूपेंसी 70 से 90 फीसदी तक पहुंच गई। कुछ होटल 100 फीसदी पैक हो गए। अगले हफ्ते के वीकेंड के लिए अभी से कुछ होटलों में 50 फीसदी तक बुकिंग हो चुकी है। शनिवार को  शहर की सबसे बड़ी लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर ढाई बजे पैक हो गई जिसके बाद संचालकों को एंट्री प्वाइंट चेन लगाकर बंद करना पड़ा। शनिवार को रिज मैदान और मालरोड पर सैलानियों की खूब चहलपहल रही। शिमला के अलावा सैलानियों ने मशोबरा, नालदेहरा, कुफरी और नारकंडा का भी रुख किया। 

कॉम्बरमेयर होटल के महाप्रबंधक पुरुषोत्तम राणा ने बताया कि शनिवार को होटल 100 फीसदी पैक रहा। होटल विलो बैंक फ्रंट ऑफिस के मैनेजर संजय शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम तक ऑक्यूपेंसी  95 फीसदी पहुंचने की उम्मीद है। होटल मरीना के प्रबंधक सुनील चंदेल ने बताया कि शनिवार के लिए होटल 90 फीसदी बुक हैं। होटल रेडीसन के वाइस प्रेजीडेंट विकास कपूर ने बताया कि वीकेंड पर होटलों की आक्यूपेंसी 75 फीसदी है। कुफरी के गलू स्थित होटल स्टर्लिंग के ऑपरेशन मैनेजर जीआर शर्मा ने बताया कि वीकेंड पर होटल में 80 फीसदी आक्यूपेंसी रही।

ई-पास के अप्रूवल में  पेश आ रही दिक्कत
शहर के होटल कारोबारियों का कहना है कि सैलानियों को शिमला आने के लिए ई-पास अप्रूव करवाने में दिक्कत पेश आ रही है। कई बार दो से तीन दिन बाद पास अप्रूव हो रहे हैं। कुछ होटलों में सैलानियों के ई-पास अप्रूव न होने के कारण सैलानियों को एडवांस बुकिंग रद्द भी करवानी पड़ी है।

36 घंटे में शोघी बैरियर से 8000 वाहनों की शहर में एंट्री
बीते 36 घंटों में शहर के प्रवेशद्वार शोघी बैरियर से करीब 8000 वाहनों की शहर में एंट्री हुई है। डीएसपी ट्रैफिक शिमला अजय भारद्वाज ने बताया कि शुक्रवार 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक 3828 वाहन शोघी बैरियर से शिमला की ओर प्रविष्ट हुए। रात 8 से सुबह 8 बजे के बीच 326 वाहन और शनिवार सुबह 8 से शाम 8 बजे तक 3836 वाहनों शहर में प्रविष्ट हुए। शहर में पर्यटक वाहनों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के होटलों में वीकेंड पर सैलानियों का सैलाब उमड़ आया है। शहर के होटलों में शनिवार को ऑक्यूपेंसी 70 से 90 फीसदी तक पहुंच गई। कुछ होटल 100 फीसदी पैक हो गए। अगले हफ्ते के वीकेंड के लिए अभी से कुछ होटलों में 50 फीसदी तक बुकिंग हो चुकी है। शनिवार को  शहर की सबसे बड़ी लिफ्ट कार पार्किंग दोपहर ढाई बजे पैक हो गई जिसके बाद संचालकों को एंट्री प्वाइंट चेन लगाकर बंद करना पड़ा। शनिवार को रिज मैदान और मालरोड पर सैलानियों की खूब चहलपहल रही। शिमला के अलावा सैलानियों ने मशोबरा, नालदेहरा, कुफरी और नारकंडा का भी रुख किया। 

कॉम्बरमेयर होटल के महाप्रबंधक पुरुषोत्तम राणा ने बताया कि शनिवार को होटल 100 फीसदी पैक रहा। होटल विलो बैंक फ्रंट ऑफिस के मैनेजर संजय शर्मा ने बताया कि शनिवार शाम तक ऑक्यूपेंसी  95 फीसदी पहुंचने की उम्मीद है। होटल मरीना के प्रबंधक सुनील चंदेल ने बताया कि शनिवार के लिए होटल 90 फीसदी बुक हैं। होटल रेडीसन के वाइस प्रेजीडेंट विकास कपूर ने बताया कि वीकेंड पर होटलों की आक्यूपेंसी 75 फीसदी है। कुफरी के गलू स्थित होटल स्टर्लिंग के ऑपरेशन मैनेजर जीआर शर्मा ने बताया कि वीकेंड पर होटल में 80 फीसदी आक्यूपेंसी रही।

ई-पास के अप्रूवल में  पेश आ रही दिक्कत

शहर के होटल कारोबारियों का कहना है कि सैलानियों को शिमला आने के लिए ई-पास अप्रूव करवाने में दिक्कत पेश आ रही है। कई बार दो से तीन दिन बाद पास अप्रूव हो रहे हैं। कुछ होटलों में सैलानियों के ई-पास अप्रूव न होने के कारण सैलानियों को एडवांस बुकिंग रद्द भी करवानी पड़ी है।

36 घंटे में शोघी बैरियर से 8000 वाहनों की शहर में एंट्री

बीते 36 घंटों में शहर के प्रवेशद्वार शोघी बैरियर से करीब 8000 वाहनों की शहर में एंट्री हुई है। डीएसपी ट्रैफिक शिमला अजय भारद्वाज ने बताया कि शुक्रवार 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक 3828 वाहन शोघी बैरियर से शिमला की ओर प्रविष्ट हुए। रात 8 से सुबह 8 बजे के बीच 326 वाहन और शनिवार सुबह 8 से शाम 8 बजे तक 3836 वाहनों शहर में प्रविष्ट हुए। शहर में पर्यटक वाहनों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।



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President Joe Biden Signed A Bill Passed By Congress To Set Aside Juneteenth June 19th As A Federal Holiday – अमेरिका: ‘जुनेटीथ राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस’ पर अब संघीय अवकाश, जानिए क्या है इसका इतिहास


अमेरिका में ‘जुनेटीथ’ को गुलामी प्रथा के अंत का जश्न मनाने के लिए व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। अब अमेरिका की बाइडन सरकार उन अश्वेत लोगों के बीच अपनी पैठ बना रही है, जो पीढ़ियों से संयुक्त राज्य अमेरिका में दासता के अंत की स्मृति में “जुनेटीथ” नामक एक दिन मनाते आ रहे हैं।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए, जिसे अमेरिकी कांग्रेस में ‘जुनेटीथ’, या 19 जून को संघीय अवकाश के रूप में घोषित करने के लिए पारित किया गया था। इस मौके पर बाइडन ने कहा कि ‘मुझे उम्मीद है कि यह एक दूसरे के साथ व्यवहार करने के तरीके में बदलाव की शुरुआत है।’ सीनेट ने सर्वसम्मति से इस विधेयक को मंजूरी दी। केवल 14 रिपब्लिकन सदस्यों ने इसका विरोध किया। 

संयुक्त राज्य अमेरिका में दासता के अंत को चिह्नित करते हुए जुनेटीथ को एक संघीय अवकाश स्थापित करने वाला एक विधेयक बुधवार को सदन में पारित किया गया था, जो गुरुवार को राष्ट्रपति बाइडन के हस्ताक्षर के साथ अब एक विधेयक बन गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका में अब दासता की समाप्ति के उपलक्ष्य में 19 जून को एक नया संघीय अवकाश घोषित हो गया है। अब यह संघीय सरकार द्वारा प्रतिवर्ष मान्यता प्राप्त 11वां राष्ट्रीय अवकाश बन गया है। सदन ने बुधवार को 415-14 मतों में विधेयक पारित किया, केवल रिपब्लिकन ने इसके खिलाफ मतदान किया। 1983 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर डे की स्थापना के बाद से यह पहला नया संघीय अवकाश है।

क्या है जुनेटीथ का इतिहास?
जुनेटीथ, 19 जून को पड़ता है, यह उस तारीख को चिह्नित करता है जब अंतिम गुलाम अफ्रीकी अमेरिकियों को स्वतंत्रता दी गई थी। कई राज्यों ने जुनेटीथ को मान्यता दी है, लेकिन दशकों तक केवल कुछ ही राज्य इसे आधिकारिक अवकाश के रूप में मनाते हैं। 19 जून को पहले से ही 47 राज्यों और कोलंबिया जिले में छुट्टी मनाई जाती है, लेकिन अभी तक राष्ट्रीय अवकाश के रूप में संघीय मान्यता प्राप्त नहीं हुई थी।

जुनेटीथ वह दिन है, जिसे मुक्ति दिवस के रूप में भी जाना जाता है, 19 जून, 1865 की याद दिलाता है। इस दिन गुलामों की भीड़, गैलावेस्टन, टेक्सास में यूनियन आर्मी जनरल गॉर्डन ग्रेंजर की एक घोषणा सुनने के लिए एकत्रित हुई थी। गॉर्डन ग्रेंजर ने कहा, ‘टेक्सास के लोगों, सूचित किया जाता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के कार्यकारी से एक घोषणा के अनुसार, सभी दास स्वतंत्र हैं।’ 

वह ‘उद्घोषणा’ मुक्ति उद्घोषणा थी, हालांकि यह माना जाता था कि एक जनवरी, 1863 को दक्षिण के दासों को मुक्त कर दिया गया था, लेकिन करीब 2,50,000 अश्वेत टेक्सियन 1865 में अभी भी जंजीरों में जकड़े हुए थे। मुक्ति उद्घोषणा, जिस पर 22 सितंबर, 1862 में राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। उसने केवल उन राज्यों में दासता को समाप्त किया जो अलग हो गए थे, पूरे देश में दासता का अंत दिसंबर 1865 तक इंतजार कर रहा था, जब संविधान में 13 वां संशोधन अपनाया गया। टेक्सास पहला राज्य था, जिसने 1980 में जुनेटीथ को आधिकारिक अवकाश के रूप में मनाया। 19 जून, 1865 को टेक्सास के अंतिम दासों के मुक्त होने के बाद से जुनेटीथ एक स्थानीय उत्सव के रूप में शुरू हुआ, यह तब से आजादी के विश्वव्यापी उत्सव में विकसित हुआ है।
 

क्या है जयंती और कैसे मनाया जाता है?
जुुनेटीथ दासता के अंत का जश्न मनाने के लिए व्यापक रूप से स्वीकार किए जाते हैं। 19 जून, 1865 को टेक्सास में मुक्त हुए लोग वस्तुतः बंधन से मुक्त किए गए अंतिम अमेरिकी नहीं थे, लेकिन उनके उद्धार की कहानी आज तक लोगों के लिए स्वतंत्रता की खुशी का प्रतिनिधित्व करती है। इसे जुबली दिवस या स्वतंत्रता दिवस के रूप में भी जाना जाता है, जुनेटीथ को व्यापक रूप से शोक और उमंग के क्षण के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि उत्सव के दिन के रूप में देखा जाता है।

पारंपरिक उत्सवों में स्ट्रॉबेरी सोडा (छुट्टी का अनौपचारिक पेय) और पार्कों में आयोजित बारबेक्यू शामिल हैं। इस बीच, विस्तृत और रंगीन वेशभूषा के साथ-साथ रोडियो से लेकर, सड़क के मेलों से लेकर ऐतिहासिक पुनर्मूल्यांकन तक सभी तरह की परेड होती हैं।

इनमें से किसी भी जगहों पर, आपको लाल रंग का एक पूर्वसर्ग मिलने की संभावना है। स्ट्रॉबेरी सोडा से लेकर लाल मखमली केक तक सभी तरह के कपड़ों में, लाल रंग कई जुनेटीथ समारोहों को परिभाषित करता है। लाल रंग उन लाखों गुलामों के खून को याद करता है जो संस्थागत क्रूरता के साथ-साथ पश्चिम अफ्रीकी समुदायों के अपने पूर्वजों से पीड़ित थे, जहां लाल अक्सर ताकत का प्रतीक था।

भले ही जुनेटीथ उत्सव का दिन है, लेकिन यह अपने इतिहास और इसकी सांस्कृतिक जड़ों से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। उत्सवों में काले संस्कृति और ऐतिहासिक नाटकों और पेजेंट्स पर व्याख्यान और प्रदर्शनियों को शामिल करने की परंपरा है। 

‘जुनेटीथ’ का क्या अर्थ है?
जुनेटीथ शब्द जून और उन्नीसवीं शब्दों का मिश्रण है। इस छुट्टी को ‘जुनेटीथ स्वतंत्रता दिवस’ या अमेरिका का दूसरा स्वतंत्रता दिवस भी कहा जाता है।यह चर्च में प्रार्थना, पिकनिक और भाषणों के साथ पहली बार मनाया गया था, अब यह अवकाश पूरे देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गया क्योंकि अश्वेत टेक्सास के लोग अब हर जगह रहने लगे हैं। अधिकांश राज्य जुनेटीथ को एक छुट्टी के दिन के रूप में मान्यता देते हैं, जैसे झंडा दिवस, और अधिकांश राज्य समारोह आयोजित करते हैं। जूनेटीथ टेक्सास, न्यूयॉर्क, वर्जीनिया और वाशिंगटन में राज्य के कर्मचारियों के लिए एक छुट्टी का दिन है, और सैकड़ों कंपनियां श्रमिकों को जुनेटीथ के लिए एक दिन की छुट्टी देती हैं।



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Politics Of Punjab: Speculation Of Alliance Ends, Search For Candidates Begins In Bjp – पंजाब की सियासत : गठबंधन की अटकलों पर विराम, भाजपा में प्रत्याशियों की खोज शुरू


अमर उजाला नेटवर्क,चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Jun 2021 02:02 AM IST

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पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने की अटकलों पर अब विराम लग गया है। पार्टी अब 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। राज्य की 117 सीटों पर प्रत्याशियों की खोज के साथ ही केंद्रीय नेतृत्व 12 से अधिक बिंदुओं पर आधारित सर्वे कराया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी जाएगी।

सितंबर 2020 में भाजपा-शिअद का गठबंधन टूटने के बाद अब शिअद, बसपा के साथ हो गया है। दोनों के गठबंधन के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा भी गठबंधन के लिए साथी की खोज कर रही है, लेकिन सभी 117 विधानसभा सीटों पर सर्वे शुरू कराने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। पार्टी की ओर से राज्यभर में कराए जा रहे सर्वे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। 

इन बिंदुओं को पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ दिल्ली में बैठे राजनीतिक विश्लेषकों की राय शुमारी के शामिल किया गया है। सर्वे का यह काम 45 दिन में पूरा करने का लक्ष्य केंद्रीय नेतृत्व ने निर्धारित किया है। सर्वे की रिपोर्ट तैयार होने के बाद अंतिम फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी। भाजपा राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव में अकेले 117 सीटों पर लड़ेगी। इससे पहले वह शिअद के द्वारा दी जाने वाली 23 सीटों पर ही अपने प्रत्याशियों को खड़ा करती थी। इसलिए पार्टी चुनावी अखाड़े में कूदने से पहले सभी तैयारियां पूरी करना चाहती है।
चौतरफा होगा मुकाबला

2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों का चौतरफा मुकाबला होगा। कांग्रेस, अकाली दल-बसपा (गठबंधन), आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी चुनाव में उतरेंगी।

पंजाब में चुनावी माहौल बनने लगा है। भाजपा भी इस बार सभी 117 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी। केंद्र के साथ मिलकर संभावित प्रत्याशियों की खोज शुरू हो चुकी है। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही चुनावी रणनीति को लेकर सार्वजनिक घोषणाएं की जाएंगी।
-दुष्यंत गौतम, प्रभारी, पंजाब भाजपा

विस्तार

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने की अटकलों पर अब विराम लग गया है। पार्टी अब 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। राज्य की 117 सीटों पर प्रत्याशियों की खोज के साथ ही केंद्रीय नेतृत्व 12 से अधिक बिंदुओं पर आधारित सर्वे कराया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी जाएगी।

सितंबर 2020 में भाजपा-शिअद का गठबंधन टूटने के बाद अब शिअद, बसपा के साथ हो गया है। दोनों के गठबंधन के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा भी गठबंधन के लिए साथी की खोज कर रही है, लेकिन सभी 117 विधानसभा सीटों पर सर्वे शुरू कराने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। पार्टी की ओर से राज्यभर में कराए जा रहे सर्वे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। 

इन बिंदुओं को पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ दिल्ली में बैठे राजनीतिक विश्लेषकों की राय शुमारी के शामिल किया गया है। सर्वे का यह काम 45 दिन में पूरा करने का लक्ष्य केंद्रीय नेतृत्व ने निर्धारित किया है। सर्वे की रिपोर्ट तैयार होने के बाद अंतिम फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी। भाजपा राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव में अकेले 117 सीटों पर लड़ेगी। इससे पहले वह शिअद के द्वारा दी जाने वाली 23 सीटों पर ही अपने प्रत्याशियों को खड़ा करती थी। इसलिए पार्टी चुनावी अखाड़े में कूदने से पहले सभी तैयारियां पूरी करना चाहती है।

चौतरफा होगा मुकाबला

2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों का चौतरफा मुकाबला होगा। कांग्रेस, अकाली दल-बसपा (गठबंधन), आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी चुनाव में उतरेंगी।

पंजाब में चुनावी माहौल बनने लगा है। भाजपा भी इस बार सभी 117 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी। केंद्र के साथ मिलकर संभावित प्रत्याशियों की खोज शुरू हो चुकी है। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही चुनावी रणनीति को लेकर सार्वजनिक घोषणाएं की जाएंगी।

-दुष्यंत गौतम, प्रभारी, पंजाब भाजपा



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Pakistan Blames India Of Presenting Icj Decision Wrongly On Kulbhushan Jadhav – पाकिस्तान का आरोप: जाधव मामले में आईसीजे का फैसला गलत ढंग से पेश कर रहा भारत


सार

भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान से उस विधेयक में मौजूद खामियों को दूर करने को कहा था, जो जाधव के मामले की समीक्षा के लिए लाया गया है। भारत ने कहा था कि प्रस्तावित कानून इस पर पुनर्विचार करने का तंत्र नहीं गठित करता है, जबकि आईसीजे के आदेश में इसके लिए कहा गया है। भारत ने कहा था कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायित्वों का निर्वहन किया है या नहीं, इसे देश की अदालतें तय नहीं कर सकतीं। 

भारत-पाकिस्तान
– फोटो : सोशल मीडिया

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पाकिस्तान ने शनिवार को कुलभूषण जाधव मामले में भारत पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, जोर देते हुए कहा कि हम (पाकिस्तान) अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी दायित्वों को पूरा करने को तैयार है।

इससे पहले गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिल्ली में कहा था कि समीक्षा एवं पुनर्विचार विधेयक 2020 आईसीजे के फैसले के अनुरूप जाधव के मामले में प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक तंत्र गठित नहीं करता है।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को कहा कि इस्लामाबाद अपने सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पूर्णत: निर्वहन कर रहा है और यह कुलभूषण जाधव के मामले में आईसीजे के फैसले पर भी लागू होता है। इसे लेकर उसने भारत की अपील को अफसोसजनक करार दिया।

इसने कहा, ‘यह अफसोसजनक है कि भारत सरकार ने आईसीजे के फैसले को गलत ढंग से पेश करने का विकल्प चुना, जिसने पैरा 147 में स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा व पुनर्विचार का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए आबद्ध है।’

विदेश कार्यालय ने कहा, ‘आईसीजे के फैसले के पैराग्राफ 146 के अनुरूप पाकिस्तान ने (समीक्षा एवं पुनर्विचार) अध्यादेश, 2020 के जरिए अपने यहां कुलभूषण जाधव को ऊपरी अदातलों में समीक्षा औक पुनर्विचार का अधिकार उपलब्ध कराने का विकल्प चुना है।’

कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, आईसीजे के फैसले के पैराग्राफ 118 के अनुसार भारत को भलमनसाहत के साथ कार्य करने और जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व का इंतजाम करने की जरूरत है।

बता दें कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव (51) साल 2016 से ही पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के कथित आरोपों केहत दोषी ठहराते हुए अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। 

वहीं, भारत ने पाक के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) का रुख किया था। आईसीजे ने जुलाई 2019 के अपने फैसले में कहा था कि पाकिस्तान जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा व पुनिर्वचार करे और बिना विलंब राजनयिक पहुंच प्रदान करे।

विस्तार

पाकिस्तान ने शनिवार को कुलभूषण जाधव मामले में भारत पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, जोर देते हुए कहा कि हम (पाकिस्तान) अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी दायित्वों को पूरा करने को तैयार है।

इससे पहले गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने दिल्ली में कहा था कि समीक्षा एवं पुनर्विचार विधेयक 2020 आईसीजे के फैसले के अनुरूप जाधव के मामले में प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार का मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक तंत्र गठित नहीं करता है।

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने शनिवार को कहा कि इस्लामाबाद अपने सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पूर्णत: निर्वहन कर रहा है और यह कुलभूषण जाधव के मामले में आईसीजे के फैसले पर भी लागू होता है। इसे लेकर उसने भारत की अपील को अफसोसजनक करार दिया।

इसने कहा, ‘यह अफसोसजनक है कि भारत सरकार ने आईसीजे के फैसले को गलत ढंग से पेश करने का विकल्प चुना, जिसने पैरा 147 में स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा व पुनर्विचार का विकल्प उपलब्ध कराने के लिए आबद्ध है।’

विदेश कार्यालय ने कहा, ‘आईसीजे के फैसले के पैराग्राफ 146 के अनुरूप पाकिस्तान ने (समीक्षा एवं पुनर्विचार) अध्यादेश, 2020 के जरिए अपने यहां कुलभूषण जाधव को ऊपरी अदातलों में समीक्षा औक पुनर्विचार का अधिकार उपलब्ध कराने का विकल्प चुना है।’

कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, आईसीजे के फैसले के पैराग्राफ 118 के अनुसार भारत को भलमनसाहत के साथ कार्य करने और जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व का इंतजाम करने की जरूरत है।

बता दें कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव (51) साल 2016 से ही पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के कथित आरोपों केहत दोषी ठहराते हुए अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी। 

वहीं, भारत ने पाक के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) का रुख किया था। आईसीजे ने जुलाई 2019 के अपने फैसले में कहा था कि पाकिस्तान जाधव की दोषसिद्धि और सजा की प्रभावी समीक्षा व पुनिर्वचार करे और बिना विलंब राजनयिक पहुंच प्रदान करे।



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Wtc Final, Kohli Rahane At Crease And Second Day Affected By Bed Light – विश्व टेस्ट चैंपियनशिप : कोहली-रहाणे ने संभाला जिम्मा, खराब रोशनी से प्रभावित रहा दूसरा दिन


कप्तान विराट कोहली ने धैर्य और कौशल का अच्छा नमूना पेश करके एक छोर संभाले रखा लेकिन भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल का दूसरा दिन खराब रोशनी से प्रभावित रहा जिसमें 64.4 ओवर ही हो पाए। अंपायरों ने रोशनी की स्थिति का आकलन करने के बाद भारतीय समयानुसार रात दस बजकर 40 मिनट (स्थानीय समयानुसार शाम छह बजकर 10 मिनट) पर दिन का खेल समाप्त करने की घोषणा की।

कोहली पहले सत्र में ही क्रीज पर उतर गए थे क्योंकि टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित भारतीय टीम ने रोहित शर्मा (68 गेंदों पर 34 रन) और शुभमन गिल (64 गेंदों पर 28 रन) के विकेट लंच से पहले ही गंवा दिए थे। इन दोनों ने हालांकि पहले विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी की थी लेकिन वे एक रन के अंदर पवेलियन लौट गए थे।

ख्रराब रोशनी के कारण जब दिन का खेल रोका गया तब कोहली 124 गेंदों पर 44 रन बनाकर खेल रहे थे और उन्होंने उप कप्तान अंजिक्य रहाणे (79 गेदों पर नाबाद 29 रन) के साथ 58 रन की अटूट साझेदारी की है। रहाणे ने दूसरे सत्र में चेतेश्वर पुजारा (54 गेंदों पर आठ रन) के ट्रेंट बोल्ट (32 रन देकर एक) की इनस्विंगर पर पगबाधा आउट होने के बाद क्रीज पर कदम रखा था।

बारिश के कारण पहले दिन का खेल नहीं हो पाया था। दूसरे दिन पहले सत्र में मौसम ने कोई खलल नहीं डाला लेकिन खराब रोशनी के कारण चाय का विश्राम जल्दी लेना पड़ा और तीसरे सत्र में तो खराब रोशनी ही चर्चा का विषय रही। बीच में एक मौके पर दोनों कप्तान अंपायरों के फैसले से नाखुश भी दिखे।

भारत ने पहले सत्र में दो विकेट 69 रन बनाये थे लेकिन दूसरे सत्र में वह 27.3 ओवर में 51 रन ही जोड़ पाया और इसका सबसे बड़ा कारण था कीवी गेंदबाजों की बेहद अनुशासित गेंदबाजी। कोहली तक ने उन्हें पूरा सम्मान दिया और यहां तक उन्होंने कोलिन डि ग्रैंडहोम के लगातार तीन ओवर मेडन खेले।

दूसरी तरफ पुजारा ने 36 गेंदों पर अपना खाता खोला लेकिन नील वैगनर (28 रन देकर एक) पर कट शॉट से लगाया गया उनका चौका दर्शनीय था। वैगनर का बाउंसर पुजारा के हेलमेट पर भी लगा और इसके तुरंत बाद बायें हाथ के तेज गेंदबाज बोल्ट ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया।

कोहली ने अपनी प्रतिबद्धता और दृढ़ता का अच्छा परिचय दिया और शॉट खेलने के लिये ढीली गेंदों का इंतजार किया। रहाणे ने भी अपने कप्तान का अनुसरण किया लेकिन उन्होंने कुछ आकर्षक शॉट भी लगाए। रहाणे अब तक चार चौके लगा चुके हैं जबकि कोहली ने केवल एक बार गेंद बाउंड्री तक पहुंचाई।

इससे पहले इंग्लैंड में पहली पारी टेस्ट मैचों में पारी का आगाज करने वाले रोहित और गिल स्पष्ट रणनीति के साथ क्रीज पर उतरे थे और उन्होंने बोल्ट और टिम साउदी के सामने इसे अच्छी तरह से लागू भी किया।

रोहित ने बोल्ट की इनस्विंगर से निबटने के लिये खुले स्टान्स के साथ खेल रहे थे जबकि गिल ने साउदी की आउटस्विंगर से पार पाने के लिये अपनी क्रीज से थोड़ा बाहर खड़े थे।

गिल ने बोल्ट की गेंद पुल करके भारत की तरफ से पहला चौका लगाया। जिसके बाद रोहित ने साउदी पर दो चौके जमाये। गिल ने काइल जैमीसन (14 रन देकर एक) का स्वागत उनकी इन स्विंगर को चार रन के लिये भेजकर किया। पहले 11 ओवर में एक भी मेडन नहीं था लेकिन अगले तीन ओवरों में कोई रन नहीं बना।

जैमीसन की शार्ट पिच गेंद गिल के हेलमेट की ग्रिल पर भी लगी। इसी तेज गेंदबाज ने आखिर में रोहित को आउट करके न्यूजीलैंड को पहली सफलता दिलायी। साउदी ने तीसरी स्लिप में उनका शानदार कैच लिया। रोहित शॉट खेलने को लेकर असमंजस की स्थिति में आ गये थे जिसका फायदा गेंदबाज और कीवी टीम को मिला।

वैगनर ने अपने पहले ओवर में कोण लेती गेंद पर गिल को विकेटकीपर बी जे वाटलिंग के हाथों कैच कराया।

पहला दिन बारिश की भेंट चढ़ने के बाद हैंपशर बाउल में सर्द मौसम और बादलों से भरे आसमान को देखते हुए न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखायी।

भारत ने दो दिन पहले जो टीम चुनी थी उसमें कोई बदलाव नहीं किया जबकि न्यूजीलैंड चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरा। उसके पास पांचवां तेज गेंदबाज आलराउंडर डि ग्रैंडहोम हैं। मतलब न्यूजीलैंड ने किसी स्पिनर को अंतिम एकादश में नहीं रखा।



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Ganga River Water Level Increasing In Kasganj Due To Heavy Rain – कासगंज में अलर्ट: गंगा में आ सकता है उफान, हरिद्वार से छोड़ा गया 3.87 लाख क्यूसेक पानी


सार

पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसको देखते हुए कासगंज जिले में अलर्ट जारी किया गया है। 

कासगंज: कछला घाट पर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
– फोटो : अमर उजाला

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कासगंज जिले में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नदी में अभी और उफान आने की संभावना है। हरिद्वार से 3.87 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बांधों का डिस्चार्ज बढ़ गया है। सिंचाई विभाग ने गंगा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है।

गंगा नदी में शुक्रवार को कछला पुल पर जलस्तर 161.60 मीटर के निशान पर था। 24 घंटे में यह जलस्तर बढ़कर 161.90 मीटर के निशान पर आ गया। नरौरा बैराज से शुक्रवार को करीब 7 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था, जो बढ़कर शुक्रवार को 13850 क्यूसेक पर पहुंच गया। अभी जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है। 

हरिद्वार से छोड़ा गया 3.87 लाख क्यूसेक पानी
हरिद्वार से छोड़ा गया 3.87 लाख क्यूसेक पानी बिजनौर तक आ चुका है। अब बिजनौर से नरौरा की ओर करीब 2 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज है। हालांकि गंगा का फाटा सूखा होने के कारण अभी यह पानी गंगा के फाटे को ही भर पाएगा क्योंकि हरिद्वार से बिजनौर तक गंगा का फाटा सकरा है। 

बिजनौर से नरौरा तक गंगा का फाटा कुछ और बढ़ जाता है, लेकिन नरौरा से कछला तक गंगा का फाटा काफी चौड़ा है, जिसके कारण यह गंगा के पानी लबालब कर देगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का मानना है कि गंगा में उफान तो आएगा, लेकिन इससे पानी की दस्तक गांव तक नहीं हो पाएगी। 

यह बढ़ा हुआ डिस्चार्ज पास हो जाएगा, लेकिन इस जिले में पटियाली के कादरगंज में गंगा की धारा कछला के मुकाबले नीची है। जिससे इस इलाके में पानी के तटवर्ती गांव तक दस्तक देने या कच्चे बांधों को क्षति पहुंचने की आशंका बनी हुई है। सिंचाई विभाग ने गंगा के बढ़ते पानी को देखकर अलर्ट कर दिया है।

शनिवार को छोड़ा गया पानी 
– हरिद्वार- 387544 क्यूसेक।
– बिजनौर- 199778 क्यूसेक।
– नरौरा- 13850 क्यूसेक।
– कछला पुल- 161.90 के निशान पर।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अरूण कुमार ने बताया कि पहाड़ों पर बारिश के कारण बांध पर पानी का दबाव बढ़ने के कारण गंगा नदी में हरिद्वार से 3.87 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ है। अधिक डिस्चार्ज होने के कारण सतर्कता बरती जा रही है। अलर्ट किया गया है, लेकिन यह पानी गंगा के फाटे में ही आ जाएगा। आगामी समय में जलस्तर में और वृद्धि होगी। लोग सतर्क रहें। 
 

विस्तार

कासगंज जिले में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नदी में अभी और उफान आने की संभावना है। हरिद्वार से 3.87 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बांधों का डिस्चार्ज बढ़ गया है। सिंचाई विभाग ने गंगा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है।

गंगा नदी में शुक्रवार को कछला पुल पर जलस्तर 161.60 मीटर के निशान पर था। 24 घंटे में यह जलस्तर बढ़कर 161.90 मीटर के निशान पर आ गया। नरौरा बैराज से शुक्रवार को करीब 7 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था, जो बढ़कर शुक्रवार को 13850 क्यूसेक पर पहुंच गया। अभी जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है। 

हरिद्वार से छोड़ा गया 3.87 लाख क्यूसेक पानी

हरिद्वार से छोड़ा गया 3.87 लाख क्यूसेक पानी बिजनौर तक आ चुका है। अब बिजनौर से नरौरा की ओर करीब 2 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज है। हालांकि गंगा का फाटा सूखा होने के कारण अभी यह पानी गंगा के फाटे को ही भर पाएगा क्योंकि हरिद्वार से बिजनौर तक गंगा का फाटा सकरा है। 



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कोरोना: वरुण धवन ने लिया कोरोना वैक्सीन का पहला डोज, फैंस से की खास अपील


एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजयाश्री गौर
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:22 AM IST

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देश में कोरोना की दूसरी लहर ने भारी तबाही मचाई है। पिछले कुछ वक्त से इसका असर कम हुआ है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में अभी भी लोगों को ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ नियम को मानना है। वहीं दूसरी तरफ इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। मनोरंजन जगत के बहुत से सितारे कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं। हाल ही में इस लिस्ट में अभिनेता वरुण धवन का नाम भी शामिल हो गया है। वरुण ने शनिवार को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगवाया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीर भी साझा की।

 

34 वर्षीय अभिनेता वरुण धवन ने सर एचएन फाउंडेशन अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लिया। उन्होंने तस्वीर साझा की जिसमें वो गुलाबी टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘वैक्सीनेटेड, शानदार डॉक्टरों का धन्यवाद। अब फैंस उनकी तस्वीर पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बता दें कि पिछले साल दिसबंर में वरुण धवन कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे। उन्होंने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया था और फिर ठीक होने की जानकारी भी सोशल मीडिया पर दी थी। 

वरुण धवन ने इसी साल नताशा दलाल से शादी की है। शादी के बाद से वो लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में वरुण फाडरहुड पर प्रतिक्रिया देने को लेकर चर्चा में आ गए थे। उन्होंने एक वीडियो साझा किया था जिसमें वो अपने पपी के साथ खेलते नजर आ रहे थे। उन्होंने इस वीडियो को साझा करते हुए फैंस से पूछा था कि वो इसका क्या नाम रख सकते हैं? वर्कफ्रंट की बात करें तो वरुण धवन आखिरी बार फिल्म ‘कुली नंबर वन’ में नजर आए थे। ये फिल्म दर्शको को खास पसंद नहीं आई। अब वरुण बहुत जल्द फिल्म ‘मिस्टर लेले’ और ‘जुग जुग जीयो’ में नजर आने वाले हैं।

विस्तार

देश में कोरोना की दूसरी लहर ने भारी तबाही मचाई है। पिछले कुछ वक्त से इसका असर कम हुआ है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में अभी भी लोगों को ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ नियम को मानना है। वहीं दूसरी तरफ इस बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। मनोरंजन जगत के बहुत से सितारे कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं। हाल ही में इस लिस्ट में अभिनेता वरुण धवन का नाम भी शामिल हो गया है। वरुण ने शनिवार को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगवाया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर इसकी तस्वीर भी साझा की।

 

34 वर्षीय अभिनेता वरुण धवन ने सर एचएन फाउंडेशन अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लिया। उन्होंने तस्वीर साझा की जिसमें वो गुलाबी टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘वैक्सीनेटेड, शानदार डॉक्टरों का धन्यवाद। अब फैंस उनकी तस्वीर पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बता दें कि पिछले साल दिसबंर में वरुण धवन कोरोना वायरस की चपेट में आ गए थे। उन्होंने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया था और फिर ठीक होने की जानकारी भी सोशल मीडिया पर दी थी। 

वरुण धवन ने इसी साल नताशा दलाल से शादी की है। शादी के बाद से वो लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में वरुण फाडरहुड पर प्रतिक्रिया देने को लेकर चर्चा में आ गए थे। उन्होंने एक वीडियो साझा किया था जिसमें वो अपने पपी के साथ खेलते नजर आ रहे थे। उन्होंने इस वीडियो को साझा करते हुए फैंस से पूछा था कि वो इसका क्या नाम रख सकते हैं? वर्कफ्रंट की बात करें तो वरुण धवन आखिरी बार फिल्म ‘कुली नंबर वन’ में नजर आए थे। ये फिल्म दर्शको को खास पसंद नहीं आई। अब वरुण बहुत जल्द फिल्म ‘मिस्टर लेले’ और ‘जुग जुग जीयो’ में नजर आने वाले हैं।





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Who Declares An End To Second Ebola Outbreak In Guinea – राहत की खबर: डब्ल्यूएचओ ने की पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी में इबोला के खत्म होने की घोषणा


वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गिनी
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:22 AM IST

सार

इबोला बीमारी का प्रकोप पश्चिम अफ्रीकी राज्य में इस साल 14 फरवरी को शुरू हुआ था। गिनी में सबसे पहले यह वायरस 2013-2016 में फैला था। 

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को गिनी में घातक बीमारी इबोला के खत्म होने की घोषणा की। डब्ल्यूएचओ ने कहा है करीब 14 फरवरी को गिनी इबोला का प्रकोप देखा गया था जिसकी आज खत्म होने की घोषणा कर दी गई। साल 2016 में पश्चिम अफ्रीका में यह घातक वायरस खत्म हो चुका था लेकिन इसके बाद पहली बार गिनी में इस बीमारी को देखा गया था।

पश्चिम अफ्रीका में 2013-2016 में आई विनाशकारी इबोला महामारी ने गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन जैसे गरीब देशों में करीब 11,300 लोग की जान ले ली। गिनी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 14 फरवरी, 2021 को पश्चिम अफ्रीका में बीमारी के प्रकोप की सूचना दी थी।

गिनी में इस प्रकोप की घोषणा के बाद इसके दक्षिणी नजेरेकोर प्रांत में एक स्थानीय समुदाय में तीन मामले सामने आए थे। यहां 16 मामलों की पुष्टि हुई थी और सात संभावित मामले थे। इनमें 11 मरीज बच गए और 12 लोगों की जान चली गई।

इबोला को खत्म करने में  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने काफी तेजी से अभियान चलाया। डब्ल्यूएचओ ने करीब 24 हजार इबोला टीके की खुराक भेजने में मदद की साथ ही 2800 से अधिक फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं सहित उच्च जोखिमवाले करीब 11 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। हालांकि, इबोला का प्रकोप उसी क्षेत्र में फैल गया, जहां पश्चिम अफ्रीका में 11 हजार लोग मारे गए थे।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि मैं प्रभावित समुदायों, सरकार और गिनी के लोगों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, भागीदरों और अन्य सभी की सराहना करता हूं, जिनके समर्पित प्रयासों ने इबोला के प्रकोप को रोकना संभव बना दिया। 

डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा है कि गिनी ने चार महीनों में वायरस को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने कहा कि जब यह प्रकोप खत्म हो गया है, हमें संभावित दोबारा फैलने के प्रति सतर्क रहना चाहिए। डब्ल्यूएचओ आगे भी गिनी को मदद देना जारी रखेगा।

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शनिवार को गिनी में घातक बीमारी इबोला के खत्म होने की घोषणा की। डब्ल्यूएचओ ने कहा है करीब 14 फरवरी को गिनी इबोला का प्रकोप देखा गया था जिसकी आज खत्म होने की घोषणा कर दी गई। साल 2016 में पश्चिम अफ्रीका में यह घातक वायरस खत्म हो चुका था लेकिन इसके बाद पहली बार गिनी में इस बीमारी को देखा गया था।

पश्चिम अफ्रीका में 2013-2016 में आई विनाशकारी इबोला महामारी ने गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन जैसे गरीब देशों में करीब 11,300 लोग की जान ले ली। गिनी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने 14 फरवरी, 2021 को पश्चिम अफ्रीका में बीमारी के प्रकोप की सूचना दी थी।

गिनी में इस प्रकोप की घोषणा के बाद इसके दक्षिणी नजेरेकोर प्रांत में एक स्थानीय समुदाय में तीन मामले सामने आए थे। यहां 16 मामलों की पुष्टि हुई थी और सात संभावित मामले थे। इनमें 11 मरीज बच गए और 12 लोगों की जान चली गई।

इबोला को खत्म करने में  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने काफी तेजी से अभियान चलाया। डब्ल्यूएचओ ने करीब 24 हजार इबोला टीके की खुराक भेजने में मदद की साथ ही 2800 से अधिक फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं सहित उच्च जोखिमवाले करीब 11 हजार लोगों का टीकाकरण किया गया। हालांकि, इबोला का प्रकोप उसी क्षेत्र में फैल गया, जहां पश्चिम अफ्रीका में 11 हजार लोग मारे गए थे।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि मैं प्रभावित समुदायों, सरकार और गिनी के लोगों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, भागीदरों और अन्य सभी की सराहना करता हूं, जिनके समर्पित प्रयासों ने इबोला के प्रकोप को रोकना संभव बना दिया। 

डब्ल्यूएचओ के अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक ने कहा है कि गिनी ने चार महीनों में वायरस को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने कहा कि जब यह प्रकोप खत्म हो गया है, हमें संभावित दोबारा फैलने के प्रति सतर्क रहना चाहिए। डब्ल्यूएचओ आगे भी गिनी को मदद देना जारी रखेगा।



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China Top Nuclear Scientist Died After Fell From Building Under Mysterious Circumstances – चीन : रहस्यमयी परिस्थिति में शीर्ष एटमी वैज्ञानिक इमारत से गिरे, मौत


एजेंसी, बीजिंग।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:31 AM IST

चीन का झंडा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
– फोटो : सोशल मीडिया

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चीन के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक और हार्बिन इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष झांग झिजियान की रहस्यमय हालात में एक इमारत से गिरने से मौत हो गई है। वे चीन की एटमी सोसाइटी के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने कहा है कि पुलिस ने घटनास्थल पर जांच से बहुत ज्यादा जानकारी न मिलने के कारण हत्या होने से इनकार कर दिया है।

यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा कि हार्बिन इंजीनियरिंग विवि को यह बताते हुए काफी दुख हो रहा है कि प्रोफेसर झांग झिजियान एक इमारत से गिर गए और 17 जून को उनकी मृत्यु हो गई। झांग की मौत के बारे में कोई अन्य आधिकारिक बयान नहीं आया और उनका नाम शुक्रवार तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नेतृत्वकर्ता सूची में बना रहा।

झांग यहां कॉलेज ऑफ न्यूक्लियर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर थे। वे विवि में कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी की स्थायी समिति के सदस्य भी थे। उन्हें 2019 में परमाणु ऊर्जा सिमुलेशन और सुरक्षा अनुसंधान में उनके योगदान के लिए कियान सैनकियांग प्रौद्योगिकी पुरस्कार भी दिया गया था। झांग को पिछले साल मई में केंद्र सरकार से नवाचार में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था। 

दो दिन पूर्व ही विवि में हुई थी नई नियुक्ति
शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक झांग झिजियान की मृत्यु से दो दिन पहले विश्वविद्यालय ने कॉलेज ऑफ अंडरवॉटर एकोएस्टिक इंजिनियरिंग के पूर्व डीन 41 वर्षीय यिन जिंगवेई को नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। विश्वविद्यालय का सेना के साथ घनिष्ठ संबंध है।

विस्तार

चीन के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक और हार्बिन इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष झांग झिजियान की रहस्यमय हालात में एक इमारत से गिरने से मौत हो गई है। वे चीन की एटमी सोसाइटी के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक, विश्वविद्यालय ने कहा है कि पुलिस ने घटनास्थल पर जांच से बहुत ज्यादा जानकारी न मिलने के कारण हत्या होने से इनकार कर दिया है।

यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा कि हार्बिन इंजीनियरिंग विवि को यह बताते हुए काफी दुख हो रहा है कि प्रोफेसर झांग झिजियान एक इमारत से गिर गए और 17 जून को उनकी मृत्यु हो गई। झांग की मौत के बारे में कोई अन्य आधिकारिक बयान नहीं आया और उनका नाम शुक्रवार तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नेतृत्वकर्ता सूची में बना रहा।

झांग यहां कॉलेज ऑफ न्यूक्लियर साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर थे। वे विवि में कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी की स्थायी समिति के सदस्य भी थे। उन्हें 2019 में परमाणु ऊर्जा सिमुलेशन और सुरक्षा अनुसंधान में उनके योगदान के लिए कियान सैनकियांग प्रौद्योगिकी पुरस्कार भी दिया गया था। झांग को पिछले साल मई में केंद्र सरकार से नवाचार में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था। 

दो दिन पूर्व ही विवि में हुई थी नई नियुक्ति

शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक झांग झिजियान की मृत्यु से दो दिन पहले विश्वविद्यालय ने कॉलेज ऑफ अंडरवॉटर एकोएस्टिक इंजिनियरिंग के पूर्व डीन 41 वर्षीय यिन जिंगवेई को नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। विश्वविद्यालय का सेना के साथ घनिष्ठ संबंध है।



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Aaj ka rashifal 20 June 2021 Sunday today horoscope in hindi-राशिफल 20 जून 2021: मेष राशि के लोगों के लिए खुलेंगे सफलता के नए रास्ते, वहीं इनका हो सकता है प्रमोशन




Aaj ka rashifal 20 June 2021 Sunday today horoscope in hindi-राशिफल 20 जून 2021: मेष राशि के लोगों के लिए खुलेंगे सफलता के नए रास्ते, वहीं इनका हो सकता है प्रमोशन – India TV Hindi News





























































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Lucknow News : Corona Curfew Exemption From Tomorrow, New Rules Issued, All Employees Will Come To Offices In Up – यूपी : कल से कोरोना पाबंदियों कुछ कमी, नए नियम जारी, दफ्तरों में आएंगे सभी कर्मचारी


अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:39 AM IST

सार

सरकारी विभागों में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए पूर्ण उपस्थिति रहेगी। नए नियमों में शादी व धार्मिक स्थलों में 50 लोगों को अनुमति होगी।   

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कोरोना के हालात कुछ काबू में आने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने पाबंदियों में कुछ कमी की है। इस संबंध में शासन की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए नियम कल यानी सोमवार से अमल में रहेंगे। आदेश मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से जार किए गए हैं। 

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार दुकानें और बाजार सवेरे 7 बजे से रात 9 बजे तक खोलने की अनुमति होगी जबकि शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी रहेगी। 

सरकारी विभागों में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए पूर्ण उपस्थिति रहेगी। नए नियमों में शादी व धार्मिक स्थलों में 50 लोगों को अनुमति होगी।   
 

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कोरोना के हालात कुछ काबू में आने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने पाबंदियों में कुछ कमी की है। इस संबंध में शासन की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नए नियम कल यानी सोमवार से अमल में रहेंगे। आदेश मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की ओर से जार किए गए हैं। 

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार दुकानें और बाजार सवेरे 7 बजे से रात 9 बजे तक खोलने की अनुमति होगी जबकि शनिवार और रविवार की साप्ताहिक बंदी रहेगी। 

सरकारी विभागों में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए पूर्ण उपस्थिति रहेगी। नए नियमों में शादी व धार्मिक स्थलों में 50 लोगों को अनुमति होगी।   

 



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Assam government constitutes committee for results of class 10th 12th board examinations असम सरकार ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों के लिए समिति गठित की




Assam government constitutes committee for results of class 10th 12th board examinations असम सरकार ने 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों के लिए समिति गठित की – India TV Hindi News





























































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Ultraconservative Ebrahim Raisi Wins Landslide Victory In Iran Presidential Election – ईरान : कट्टरपंथी नेता इब्राहिम रईसी ने जीता राष्ट्रपति चुनाव 


न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, तेहरान/दुबई।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 20 Jun 2021 12:07 AM IST

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ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में बहुत कम वोटिंग के बीच न्यायपालिका के प्रमुख रह चुके कट्टपंथी नेता इब्राहिम रईसी बड़े अंतर से जीते हैं। वे देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई के कट्टर समर्थक हैं। रईसी को शाम तक हुई मतगणना में 62 फीसदी मत मिले जबकि एकमात्र उदारवादी प्रत्याशी अब्दुल नासिर हेम्माती पीछे रह गए। प्रतिद्वंद्वी हेम्माती व मोहसिन रेजाई ने रईसी की जीत स्वीकार कर ली है।

ईरान में राष्ट्रपति बनने के लिए 50 फीसदी से अधिक मत चाहिए होते हैं और इब्राहिम रईसी की यह जीत बड़े अंतर से हुई है। उन्हें प्रारंभिक नतीजों में ही 1.78 करोड़ मत हासिल हो चुके थे। ईरान के गृह मंत्रालय में चुनाव मुख्यालय के प्रमुख जमाल ओर्फ ने बताया कि शुरुआती नतीजों में पूर्व रेवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मोहसिन रेजाई को 33 लाख और ‘सेंट्रल बैंक’ के पूर्व प्रमुख हेम्माती को 24 लाख मत ही मिले। एक अन्य प्रत्याशी आमिर हुसैन गाजीजादा हाशमी को 10 लाख मत मिले।

हेम्माती और रेजाई ने रईसी को इस जीत पर बधाई दे दी है। हेम्माती ने कहा, मुझे आशा है कि आपका प्रशासन ईरान के इस्लामी गणराज्य को गर्व करने का कारण प्रदान करेगा। रेजाई ने कहा, मेरे आदरणीय भाई डॉ. सैयद इब्राहीम रईसी का चयन देश की समस्याओं को हल करने के लिए एक मजबूत और लोकप्रिय सरकार की स्थापना का वादा करता है।

पद संभालने से पूर्व प्रतिबंधित कर चुका है अमेरिका
इब्राहिम रईसी की जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद वे देश के ऐसे पहले ईरानी राष्ट्रपति होंगे जिन पर पदभार संभालने से पहले ही अमेरिका प्रतिबंध लगा चुका है। उन पर यह प्रतिबंध 1988 में राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया था।

ईरान में मजबूत होंगे कट्टरपंथी  
रईसी की जीत के साथ ही ईरान सरकार पर कट्टरपंथियों की पकड़ और मजबूत होना तय है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब ईरान के पटरी से उतर चुके परमाणु करार को बचाने की कोशिश के तहत वैश्विक ताकतों के साथ वियना में वार्ता जारी है। ईरान फिलहाल यूरेनियम का बड़े स्तर पर संवर्धन कर रहा है। इसे लेकर अमेरिका व इस्राइल के साथ उसका तनाव जारी है। उधर, प्रतिबंधों के तहत उसकी अर्थव्यवस्था भी तेल और गैस की बिक्री रुकने के कारण खस्ताहाल है। ऐसे में कट्टरपंथियों का मजबूत होकर उभरना समझौते की राह में बड़ा रोड़ा बन सकता है। 

मजहबी आस्था के प्रतीक हैं रईसी
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख रहे मौलवी रईसी ने ईरानी मतदाताओं वादा किया है कि वे देश में भ्रष्टाचार पर काबू पाने के साथ आर्थिक समस्याओं को दूर करेंगे। वे ईरान की सबसे समृद्ध सामाजिक संस्था और मशहाद शहर में मौजूद आठवें शिया इमाम अली रजा की पवित्र दरगाह आस्तान-ए-कुद्स के संरक्षक भी रह चुके हैं। रईसी हमेशा काली पगड़ी बांधते हैं जो इस बात का प्रतीक है कि व सैय्यद हैं।

पहले से पक्की हो चुकी थी जीत
राष्ट्रपति चुनावों से पहले गार्जियन काउंसिल ने उम्मीदवारों के लिए कड़े नियम लागू किए थे। इसके चलते केवल सात उम्मीदवार ही चुनावी दौड़ में शामिल हुए। संसद के पूर्व स्पीकर अली लारिजानी समेत कई उम्मीदवारों को राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल होने से पहले ही अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस फैसले को सर्वोच्च नेता खामनेई का भी समर्थन मिला। यह सब रईसी के लिए एक तरह से जीत पक्की कर गया।

विस्तार

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में बहुत कम वोटिंग के बीच न्यायपालिका के प्रमुख रह चुके कट्टपंथी नेता इब्राहिम रईसी बड़े अंतर से जीते हैं। वे देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई के कट्टर समर्थक हैं। रईसी को शाम तक हुई मतगणना में 62 फीसदी मत मिले जबकि एकमात्र उदारवादी प्रत्याशी अब्दुल नासिर हेम्माती पीछे रह गए। प्रतिद्वंद्वी हेम्माती व मोहसिन रेजाई ने रईसी की जीत स्वीकार कर ली है।

ईरान में राष्ट्रपति बनने के लिए 50 फीसदी से अधिक मत चाहिए होते हैं और इब्राहिम रईसी की यह जीत बड़े अंतर से हुई है। उन्हें प्रारंभिक नतीजों में ही 1.78 करोड़ मत हासिल हो चुके थे। ईरान के गृह मंत्रालय में चुनाव मुख्यालय के प्रमुख जमाल ओर्फ ने बताया कि शुरुआती नतीजों में पूर्व रेवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मोहसिन रेजाई को 33 लाख और ‘सेंट्रल बैंक’ के पूर्व प्रमुख हेम्माती को 24 लाख मत ही मिले। एक अन्य प्रत्याशी आमिर हुसैन गाजीजादा हाशमी को 10 लाख मत मिले।

हेम्माती और रेजाई ने रईसी को इस जीत पर बधाई दे दी है। हेम्माती ने कहा, मुझे आशा है कि आपका प्रशासन ईरान के इस्लामी गणराज्य को गर्व करने का कारण प्रदान करेगा। रेजाई ने कहा, मेरे आदरणीय भाई डॉ. सैयद इब्राहीम रईसी का चयन देश की समस्याओं को हल करने के लिए एक मजबूत और लोकप्रिय सरकार की स्थापना का वादा करता है।

पद संभालने से पूर्व प्रतिबंधित कर चुका है अमेरिका

इब्राहिम रईसी की जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद वे देश के ऐसे पहले ईरानी राष्ट्रपति होंगे जिन पर पदभार संभालने से पहले ही अमेरिका प्रतिबंध लगा चुका है। उन पर यह प्रतिबंध 1988 में राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या के लिए तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर लगाया गया था।

ईरान में मजबूत होंगे कट्टरपंथी  

रईसी की जीत के साथ ही ईरान सरकार पर कट्टरपंथियों की पकड़ और मजबूत होना तय है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब ईरान के पटरी से उतर चुके परमाणु करार को बचाने की कोशिश के तहत वैश्विक ताकतों के साथ वियना में वार्ता जारी है। ईरान फिलहाल यूरेनियम का बड़े स्तर पर संवर्धन कर रहा है। इसे लेकर अमेरिका व इस्राइल के साथ उसका तनाव जारी है। उधर, प्रतिबंधों के तहत उसकी अर्थव्यवस्था भी तेल और गैस की बिक्री रुकने के कारण खस्ताहाल है। ऐसे में कट्टरपंथियों का मजबूत होकर उभरना समझौते की राह में बड़ा रोड़ा बन सकता है। 

मजहबी आस्था के प्रतीक हैं रईसी

ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख रहे मौलवी रईसी ने ईरानी मतदाताओं वादा किया है कि वे देश में भ्रष्टाचार पर काबू पाने के साथ आर्थिक समस्याओं को दूर करेंगे। वे ईरान की सबसे समृद्ध सामाजिक संस्था और मशहाद शहर में मौजूद आठवें शिया इमाम अली रजा की पवित्र दरगाह आस्तान-ए-कुद्स के संरक्षक भी रह चुके हैं। रईसी हमेशा काली पगड़ी बांधते हैं जो इस बात का प्रतीक है कि व सैय्यद हैं।

पहले से पक्की हो चुकी थी जीत

राष्ट्रपति चुनावों से पहले गार्जियन काउंसिल ने उम्मीदवारों के लिए कड़े नियम लागू किए थे। इसके चलते केवल सात उम्मीदवार ही चुनावी दौड़ में शामिल हुए। संसद के पूर्व स्पीकर अली लारिजानी समेत कई उम्मीदवारों को राष्ट्रपति पद की रेस में शामिल होने से पहले ही अयोग्य घोषित कर दिया गया। इस फैसले को सर्वोच्च नेता खामनेई का भी समर्थन मिला। यह सब रईसी के लिए एक तरह से जीत पक्की कर गया।



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Adhir Ranjan said Why TMC is Not Approaching ‘President for Guv’s Removal’ । राज्यपाल को हटाने के लिए तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रपति से गुहार क्यों नहीं लगा रही: अधीर रंजन चौधरी




Adhir Ranjan said Why TMC is Not Approaching ‘President for Guv’s Removal’ । राज्यपाल को हटाने के लिए तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रपति से गुहार क्यों नहीं लगा रही: अधीर रंजन चौधरी – India TV Hindi News





























































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According To Union Health Ministry, India Cumulative Covid19 Vaccination Coverage More Than 27.62 Crores – कोरोना : देश में टीकाकरण के 155 दिन पूरे, अब तक 27.62 करोड़ से अधिक टीके लगाए गए


देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान के 155 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान देश में अब तक लगाई गई खुराकों की कुल संख्या 27.62 करोड़ से अधिक हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को 18-44 आयु वर्ग के 20,49,101 लाभार्थियों को टीकों की पहली खुराक दी गई, जबकि 78,394 लोगों को दूसरी खुराक दी गई।

मंत्रालय ने कहा कि टीकाकरण अभियान के 155वें दिन (19 जून) कुल 33,72,742  खुराक दी गई। इनमें से 29,00,953 लाभार्थियों को पहली खुराक और 4,71,789 को दूसरी खुराक दी गई। जबकि देश भर में टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से कुल मिलाकर 18-44 आयु वर्ग के 5,39,11,586 लोगों को पहली खुराक लगाई गई है जबकि 12,23,196 लोगों को दूसरी खुराक लगाई गई है। 

देश के 17 राज्यों में 10 लाख से अधिक लोगों को लगे टीके 
असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने 18 आयु वर्ग के 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को  टीके लगाए गए हैं।

शाम सात बजे संकलित की गई अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में कुल 27,62,55,304 खुराक दी गई। टीकाकरण अभियान के 155 वें दिन शनिवार को कुल 33,72,742 खुराक दी गई। कुल 29,00,953 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक दी गई, जबकि 4,71,789 को दूसरी खुराक दी गई।

केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से टीकाकरण अभियान तेज करने को कहा
केंद्र सरकार ने शनिवार को राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से अपील की है कि वह टीकाकरण अभियान को तेज करें और कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन हटाते समय कोविड अनुकूल व्यवहार, जांच-निगरानी-इलाज, टीकाकरण जैसी ‘अति महत्वपूर्ण’ पांच रणनीतियां अपनाएं। वहीं एक विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि अगर कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया गया तो भारत में छह से आठ सप्ताह में तीसरी लहर आ सकती है।

सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे संदेश में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि संक्रमण के प्रसार की कड़ी को तोड़ने के लिए मौजूदा परिदृश्य में कोविड-19 रोधी टीकाकरण बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि ऐसे में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश टीकाकरण की गति तेज करें।

गृह सचिव ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर के दौरान कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और कइयों ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाए। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने प्रतिबंधों में राहत देना शुरू किया है, ऐसे में मैं यह रेखांकित करना चाहूंगा कि लॉकडाउन हटाने की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक व्यवस्थित और जमीनी स्थिति के आकलन के आधार पर हो। 



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Joe Biden German Shepherd dog Champ has died, says White House | अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के जर्मन शेफर्ड ने तोड़ा दम, इंटरनेट पर मचा तूफान




Joe Biden German Shepherd dog Champ has died, says White House | अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के जर्मन शेफर्ड ने तोड़ा दम, इंटरनेट पर मचा तूफान – India TV Hindi News





























































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Director Of Future Maker Bansi Lal Got Interim Bail For Last Ritual Of His Mother – सुप्रीम कोर्ट: लाखों लोगों के साथ ठगी करने के आरोपी बंसी लाल को मिली अंतरिम जमानत


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 19 Jun 2021 10:01 PM IST

सार

सुप्रीम कोर्ट ने लाखों निवेशकों के साथ ठगी करने के आरोपी फ्यूचर मेकर लाइफ केअर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक बंसी लाल को उसकी मां के अंतिम क्रियाकर्म में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय
– फोटो : पीटीआई

ख़बर सुनें

शीर्ष अदालत की जस्टिस हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने बंसी लाल को 25 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। पीठ ने बंसी लाल को 26 जून को सुबह 10 से 11 बजे के बीच समर्पण करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान बंसी लाल की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल को मां के अंतिम क्रियाकर्म में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी जाए। सिब्बल ने कहा कि उन पर महज मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा है। 

इस पर पीठ ने सिब्बल से कहा कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा गंभीर नहीं है? बहरहाल पीठ ने बंसी लाल को 25 जून तक के अंतरिम जमानत देने का आदेश देते हुए कहा कि जमानत की अवधि के दौरान बंसी लाल द्वारा किसी भी गवाह और पक्षकार को धमकी देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। 

गत वर्ष बंसी लाल को तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया था। 24 महीने में दो गुना पैसा मिलने के झांसे में आकर उसकी कंपनी में लाखों लोगों ने निवेश किया था। कंपनी पर 31 लाख निवेशकों से हजारों करोड़ की ठगी करने का आरोप है।

विस्तार

शीर्ष अदालत की जस्टिस हेमंत गुप्ता की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ ने बंसी लाल को 25 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। पीठ ने बंसी लाल को 26 जून को सुबह 10 से 11 बजे के बीच समर्पण करने का आदेश दिया है।

सुनवाई के दौरान बंसी लाल की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल को मां के अंतिम क्रियाकर्म में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी जाए। सिब्बल ने कहा कि उन पर महज मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा है। 

इस पर पीठ ने सिब्बल से कहा कि क्या मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा गंभीर नहीं है? बहरहाल पीठ ने बंसी लाल को 25 जून तक के अंतरिम जमानत देने का आदेश देते हुए कहा कि जमानत की अवधि के दौरान बंसी लाल द्वारा किसी भी गवाह और पक्षकार को धमकी देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। 

गत वर्ष बंसी लाल को तेलंगाना से गिरफ्तार किया गया था। 24 महीने में दो गुना पैसा मिलने के झांसे में आकर उसकी कंपनी में लाखों लोगों ने निवेश किया था। कंपनी पर 31 लाख निवेशकों से हजारों करोड़ की ठगी करने का आरोप है।



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Maharashtra Mumbai Coronavirus cases Death Toll latest update news । महाराष्ट्र में कोरोना के 8,912 नए मामले आए, 257 मौतें हुईं, 10,373 मरीज ठीक हुए




Maharashtra Mumbai Coronavirus cases Death Toll latest update news । महाराष्ट्र में कोरोना के 8,912 नए मामले आए, 257 मौतें हुईं, 10,373 मरीज ठीक हुए – India TV Hindi News





























































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Maharashtra Cm Uddhav Thackeray Says Hindutva Is No Company, We Have To Work For Poor – महाराष्ट्र: ठाकरे का भाजपा को जवाब, हिंदुत्व कोई कंपनी नहीं है जिसे छोड़ दिया जाए


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 19 Jun 2021 10:37 PM IST

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई कंपनी नहीं है जिसे छोड़ दिया जाए, यह हृदय से आता 

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
– फोटो : Facebook

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मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व कोई कंपनी नहीं है जिसे उनके (भाजपा के) अनुसार शिवसेना ने इसलिए छोड़ दिया क्योंकि हमने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। हिंदुत्व हृदय से आता है। कुछ लोग यह जानना चाहते हैं कि यह सरकार कब तक चलेगी, यह हम देखेंगे। लेकिन, वर्तमान में हमें गरीबों के लिए काम करना है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को कमजोर समझने की भूल न करें, यह पहले से अधिक मजबूत होकर उभरी है। सत्ता खोने के बाद कुछ लोगों के पेट में दर्द होना शुरू हो गया है, उन्हें अपनी तबीयत का ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि मैं ऐसे लोगों को दवाई तो नहीं दे सकता हूं लेकिन मैं उन्हें राजनीतिक दवाई जरूर दूंगा।
 

ठाकरे ने देश के ‘सामाजिक अशांति’ की ओर बढ़ने के प्रति आगाह करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को यह तय करना चाहिए कि वे ताकत के लिए सत्ता चाहते हैं या आर्थिक मुद्दे सुलझाने के लिए। कोरोना महामारी के बीच अपनी पार्टी के 55वें स्थापना दिवस के मौके पर ठाकरे ने कहा कि देश के सामने अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के दो प्रमुख मुद्दे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल यह तय करें कि वे सत्ता के लिए राजनीतिक सफलता चाहते हैं या आर्थिक मोर्चे पर उपजी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अशांति इसका वर्णन करने के लिए एक कठोर शब्द होगा, लेकिन देश निश्चित रूप से सामाजिक अशांति की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘यह तय करने का भी समय आ गया है कि क्या हम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक ताकत पाना चाहते हैं (या किसी और चीज के लिए)। अगर हम अपने सामने आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान खोजने के तरीकों पर विचार किए बिना आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में लिप्त रहते हैं, तो हम गंभीर संकट में हैं।’ 

विस्तार

मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि हिंदुत्व कोई कंपनी नहीं है जिसे उनके (भाजपा के) अनुसार शिवसेना ने इसलिए छोड़ दिया क्योंकि हमने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। हिंदुत्व हृदय से आता है। कुछ लोग यह जानना चाहते हैं कि यह सरकार कब तक चलेगी, यह हम देखेंगे। लेकिन, वर्तमान में हमें गरीबों के लिए काम करना है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को कमजोर समझने की भूल न करें, यह पहले से अधिक मजबूत होकर उभरी है। सत्ता खोने के बाद कुछ लोगों के पेट में दर्द होना शुरू हो गया है, उन्हें अपनी तबीयत का ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि मैं ऐसे लोगों को दवाई तो नहीं दे सकता हूं लेकिन मैं उन्हें राजनीतिक दवाई जरूर दूंगा।

 

ठाकरे ने देश के ‘सामाजिक अशांति’ की ओर बढ़ने के प्रति आगाह करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को यह तय करना चाहिए कि वे ताकत के लिए सत्ता चाहते हैं या आर्थिक मुद्दे सुलझाने के लिए। कोरोना महामारी के बीच अपनी पार्टी के 55वें स्थापना दिवस के मौके पर ठाकरे ने कहा कि देश के सामने अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य के दो प्रमुख मुद्दे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल यह तय करें कि वे सत्ता के लिए राजनीतिक सफलता चाहते हैं या आर्थिक मोर्चे पर उपजी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अशांति इसका वर्णन करने के लिए एक कठोर शब्द होगा, लेकिन देश निश्चित रूप से सामाजिक अशांति की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘यह तय करने का भी समय आ गया है कि क्या हम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक ताकत पाना चाहते हैं (या किसी और चीज के लिए)। अगर हम अपने सामने आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान खोजने के तरीकों पर विचार किए बिना आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में लिप्त रहते हैं, तो हम गंभीर संकट में हैं।’ 





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Karnataka new unlock guidelines कर्नाटक के 16 जिलों में सोमवार से पाबंदियों में मिलेगी और ढील, ये हैं नई गाइडलाइन्स



कर्नाटक के 16 जिलों में सोमवार से पाबंदियों में मिलेगी और ढील, ये हैं नई गाइडलाइन्स- India TV Hindi

Image Source : PTI
कर्नाटक के 16 जिलों में सोमवार से पाबंदियों में मिलेगी और ढील, ये हैं नई गाइडलाइन्स

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य के 16 जिलों में सोमवार (21 जून से) से कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लागू पाबंदियों में और ढील दी जाएगी। राज्य सरकार ने यह फैसला इन जिलों में संक्रमण दर पांच प्रतिशत से नीचे आने के मद्देनजर किया। मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘गत एक सप्ताह में राज्य के 16 जिलों में संक्रमण की दर पांच प्रतिशत से कम रही जबकि 13 जिलों में यह दर पांच से 10 प्रतिशत के बीच रही। वहीं, मैसुरु जिले में संक्रमण की दर 10 प्रतिशत से अधिक है। हमने कोविड-19 पर बनी तकनीकी सलाहकार समिति की सलाह और मंत्रिमंडल के सहयोगियों से चर्चा के बाद पाबंदियों में कुछ ढील देने का फैसला किया है।’’ 

उन्होंने बताया कि बेलगावी, मांड्या, कोप्पल, चिकबल्लापुर, तुमकरु, कोलार, बेंगलुरु शहर (बीबीएमपी सीमा सहित), गडग, रायचूर, बागलकोटे, कलबुर्गी, हावेरी, रामनगर, यादगीर और बीदर वे 16 जिले हैं, जहां पर संक्रमण दर पांच प्रतिशत से कम है। इन जिलों में दुकानें शाम पांच बजे तक खुल सकेंगी। इन जिलों में बिना एसी के होटल, क्लब और रेस्तरां को भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति होगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों में बाहर शूटिंग, बस और मेट्रो सेवा भी 50 प्रतिशत क्षमता से चलेगी और मैदान में होने वाले खेलों को भी बिना दर्शकों के आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी। सरकारी कार्यालय भी 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ इन जिलों में खुलेंगे। लॉज, रिजॉर्ट और जिम भी बिना एसी के 50 प्रतिशत क्षमता से खुल सकेंगे। 

सीएम येदियुरप्पा ने स्पष्ट किया कि 13 जिलों, जहां पर संक्रमण दर पांच से 10 प्रतिशत के बीच है, वहां पर 11 जून को जारी पाबंदियां लागू रहेंगी। इनमें हासन, उडुपी, दक्षिण कन्नड़, शिवमोगा, चामराजनगर, चिक्कमगलुरु, बेंगलुरु ग्रामीण, दावनगेरे, कोडागु, धारवाड़, बेल्लारी, चित्रदुर्ग और विजयपुरा शामिल है। वहीं, मैसुरु में सख्त पाबंदी लागू रहेगी।





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