Railway employees got increment (confirm news)

Railway employees got increment (confirm news)

There was a really huge doubt about increment for last couple of months specialy because of lockdown.Fortunately Railway has given increment  for year 2020.

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coronavirus lockdown live updates covid 19 latest news | कोरोना वायरस लाइव अपडेट्स और लॉकडाउन लेटेस्ट न्यूज


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Coronavirus Live Updates | India TV

कोरोना वायरस के कहर से दुनिया के अधिकांश देश बेहाल चल रहे हैं, और भारत भी अब इससे अछूता नहीं रह गया है। यूरोप में जहां हालात भयावह हैं, वहीं भारत में भी इस वायरस के चलते कई राज्यों में लॉकडाउन करना पड़ा है। इस वायरस के चलते पूरी दुनिया थम-सी गई हैं, लेकिन परेशान करने वाली खबरें जरूर आ रही हैं। दुनिया में 13 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं, 74 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इटली और स्पेन में मृतकों का आंकड़ा मिलाकर 29 हजार को भी पार कर चुका है और अमेरिका में संक्रमितों की संख्या लगभग 3.6 लाख तक पहुंच चुकी है।

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Coronavirus : Situation Worst In America, Death Toll Crosses 10000, Lockdown Extended For Two Weeks In New York – कोरोना: अमेरिका में हालात और खराब, न्यूयॉर्क में दो हफ्ते बढ़ा लॉकडाउन, ये देश भी झेल रहे कष्ट


कोरोना वायरस के कारण न्यूयॉर्क में लॉकडाउन दो हफ्ते बढ़ा दिया गया है।
– फोटो : PTI

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अमेरिका में कोरोना वायरस संकट सबसे बुरे सप्ताह में पहुंच चुका है। न्यूयॉर्क, मिशिगन और लुइसियाना में मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका में मृतकों की संख्या 10,000 के पार पहुंच चुकी है। देश में कुल मृतक संख्या 10369 हो चुकी है जबकि संक्रमित 3,52,160 हो चुके हैं। वहीं यूरोपीय देशों में मृतकों की संख्या घटी है।  

न्यूयॉर्क में मृतकों की संख्या 4,758 पहुंची
अमेरिका में सबसे बुरा हाल न्यूयॉर्क शहर का है जहां कुल 4,758 मौतें हो चुकी हैं। जबकि कुल संक्रमितों की तादाद 1,30,689 है। न्यूयॉर्क के गवर्नर एन्ड्रयू कूमो ने सोमवार को लॉकडाउन की अवधि दो हफ्ते यानी 29 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की। वहीं संक्रमण के प्रसार को देखते हुए अमेरिकी गवर्नरों ने व्हाइट हाउस से तुरंत राष्ट्रीय रणनीति बनाने की अपील की है। अमेरिकी वरिष्ठ वैज्ञानिक और शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फौसी ने चेताया है कि देश को बुरे सप्ताहों के लिए तैयार रहना चाहिए। 

जापान: लागू हो सकता है आपातकाल, 1,000 अरब डॉलर का राहत पैकेज भी
जापान में टोक्यो समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने पर पीएम शिंजो आबे ने सोमवार को कहा कि सरकार आपातकाल घोषित करने और बाजार को एक हजार अरब डॉलर का पैकेज देने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘सलाहकार समिति के विचार जानने के बाद हम मंगलवार से ही आपातकाल पर विचार कर रहे हैं।’ जबकि आर्थिक हानि को देखते हुए सरकार 108 हजार अरब येन (एक हजार अरब डॉलर) का राहत पैकेज भी दिया जाएगा।

पाकिस्तान : कुल 3,520 मामले, गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी कार्यक्रम रद्द 
पाकिस्तान में संक्रमण की संख्या सोमवार को 3,520 तक पहुंच गई। जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लोगों से घरों में रहने की अपील के बावजूद लोग सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते देखे गए। डॉन न्यूज के मुताबिक, अब तक देश में कुल 52 मौतें हो चुकी हैं जबकि पंजाब प्रांत में 1,684, सिंध में 932 मामले सामने आए हैं। यहां पीओके में 225 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, कोरोना के चलते पाकिस्तान ने गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी समारोहों को रद्द कर दिया है।

कोरोना की चुनौतियों से पार पाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरीशन से बात की। फोन से हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के अपनी सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया। दोनों ने इस महामारी के रोकथाम के लिए अपनी सरकारों के घरेलू स्तर पर बनाई गई रणनीतियों को भी साझा किया।

न्यूयॉर्क में चार भारतीयों की मौत
कोरोना से न्यूयॉर्क में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। मलयाली प्रवासी संगठन केरल एसोसिएशन इन नॉर्थ अमेरिका के मुताबिक, इनकी पहचान 65 वर्षीय इलियम्मा कुरियाकोसे, 51 वर्षीय थैंकचन एनचेनट्टू, 45 वर्षीय अब्राहम सैमुअल और 21 वर्षीय शॉन अब्राहम के रूप में हुई है। एजेंसी

जहाज पर संक्रमण की चिंता जताने वाले नेवी कमांडर, हटाए गए
अमेरिका में नौसेना के जंगी विमान ढोने वाले रूजवेल्ट जहाज के कमांडर ब्रेट क्रोजियर को हटा दिया गया है। नौसेना के बेहद प्रतिभावान कमांडर क्रोजियर ने जहाज पर कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चिंता जताई थी। 

इटली में पिछले 24 घंटे में कुल 636 मौत के मामले सामने आए हैं जो पिछले दो सप्ताह के दौरान सबसे कम हैं। कुल संख्या 16523 पहुंच गई है। फ्रांस में एक सप्ताह में सोमवार सुबह तक सबसे कम मौत के आंकड़े सामने आए हैं वहीं, कुल 8911 लोगों ने जान गंवाई है। स्पेन में भी 528 मौतों के साथ लगातार तीसरे दिन आंकड़ा गिरा है। 

चेतावनी…दुखी करने वाला होगा मौजूदा सप्ताह: अमेरिकी सर्जन
अमेरिकी सर्जन जनरल जेरोम एडम्स ने चेतावनी दी है कि मौजूदा सप्ताह बहुत दुखी करने वाला होगा। उन्होंने कोरोना संकट की तुलना अमेरिका पर हुए 9/11 आतंकी हमले से भी की। एडम्स ने कहा, यह पर्ल हार्बर पर हुए हमले या 9/11 जैसा हमला होगा। फर्क सिर्फ इतना होगा कि यह पूरे देश में होगा। मैं चाहता हूं कि अमेरिका इसे समझे। 

चीन में कोरोना के 39 नए मामले सामने आए हैं जिनमें से 38 मामले ऐसे हैं जहां लोग विदेशों से संक्रमित होकर आए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को नए मामलों पर कोविड-19 संक्रमणों का दूसरा दौर आने की चिंता जाहिर की। जबकि बीजिंग के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने चेताया कि बीजिंग में लंबे समय तक कोरोना वायरस महामारी हावी रह सकती है।

अधिकारी इस बात से भी चिंतित हैं कि इनमें कुछ ऐसे मामले भी हैं जिनमें व्यक्ति संक्रमित तो पाए गए जबकि उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दिए। अब तक नए मामलों में बिना लक्षणों वाले ऐसे 78 संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

भारत को भेजा 1.7 लाख निजी सुरक्षा उपकरण
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि चीन ने भारत को सहायतार्थ 1.7 लाख निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) भेजे हैं। इसके साथ ही पहले से ही मौजूद 20,000 पीपीई सहित कुल 1.9 लाख पीपीई अस्पतालों में बांटे जाएंगे। निजी सुरक्षा उपकरण कोरोना मरीजों के उपचार के लिए बेहद जरूरी है। चीन से मिली मदद के अलावा देश में पहले से ही 3,87,473 पीपीई मौजूद हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि विदेशों से सप्लाई लाइन सोमवार को खोल दी गई और इसी के तहत चीन से भारत सरकार को ये पीपीई प्राप्त हुए हैं। 

अमेरिका में कोरोना वायरस संकट सबसे बुरे सप्ताह में पहुंच चुका है। न्यूयॉर्क, मिशिगन और लुइसियाना में मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका में मृतकों की संख्या 10,000 के पार पहुंच चुकी है। देश में कुल मृतक संख्या 10369 हो चुकी है जबकि संक्रमित 3,52,160 हो चुके हैं। वहीं यूरोपीय देशों में मृतकों की संख्या घटी है।  

न्यूयॉर्क में मृतकों की संख्या 4,758 पहुंची
अमेरिका में सबसे बुरा हाल न्यूयॉर्क शहर का है जहां कुल 4,758 मौतें हो चुकी हैं। जबकि कुल संक्रमितों की तादाद 1,30,689 है। न्यूयॉर्क के गवर्नर एन्ड्रयू कूमो ने सोमवार को लॉकडाउन की अवधि दो हफ्ते यानी 29 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की। वहीं संक्रमण के प्रसार को देखते हुए अमेरिकी गवर्नरों ने व्हाइट हाउस से तुरंत राष्ट्रीय रणनीति बनाने की अपील की है। अमेरिकी वरिष्ठ वैज्ञानिक और शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फौसी ने चेताया है कि देश को बुरे सप्ताहों के लिए तैयार रहना चाहिए। 

जापान: लागू हो सकता है आपातकाल, 1,000 अरब डॉलर का राहत पैकेज भी
जापान में टोक्यो समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने पर पीएम शिंजो आबे ने सोमवार को कहा कि सरकार आपातकाल घोषित करने और बाजार को एक हजार अरब डॉलर का पैकेज देने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, ‘सलाहकार समिति के विचार जानने के बाद हम मंगलवार से ही आपातकाल पर विचार कर रहे हैं।’ जबकि आर्थिक हानि को देखते हुए सरकार 108 हजार अरब येन (एक हजार अरब डॉलर) का राहत पैकेज भी दिया जाएगा।

पाकिस्तान : कुल 3,520 मामले, गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी कार्यक्रम रद्द 
पाकिस्तान में संक्रमण की संख्या सोमवार को 3,520 तक पहुंच गई। जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लोगों से घरों में रहने की अपील के बावजूद लोग सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते देखे गए। डॉन न्यूज के मुताबिक, अब तक देश में कुल 52 मौतें हो चुकी हैं जबकि पंजाब प्रांत में 1,684, सिंध में 932 मामले सामने आए हैं। यहां पीओके में 225 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, कोरोना के चलते पाकिस्तान ने गुरुद्वारा पंजा साहिब में बैसाखी समारोहों को रद्द कर दिया है।


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मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम से की बात, साझा की रणनीति…



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Coronavirus Positive found near Matoshree in Mumbai Maharashtra Cases | मुंबई में मातोश्री के पास मिला कोरोना पॉजिटिव, सील की गई पूरी सड़क


Coronavirus- India TV
Image Source : AP
Coronavirus

आर्थिक राजधानी मुंबई देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर है। यहां कोरोना के 526 मामले सामने आ चुके हैं, वहीं 34 की मौत हो चुकी है। इस बीच इस घातक वायरस ने महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री के पास भी दस्तक दे दी है। मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित मातोश्री के पीछे की रोड पर एक कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति का पता चलने से प्रशासन में हड़कंप है। बीएमसी ने पूरे इलाके को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। साथ ही सड़क को भी सील कर दिया गया है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार बांद्रा में कलानगर के एक इलाके में सोमवार को कोरोना वायरस का एक पॉजिटिव मरीज पाया गया था। यह इलाका मातोश्री के पीछे ही स्थित है। मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मातोश्री के आसपास सैनिटाइजेशन/फॉगिंग चल रही है। इस बीच बीएमसी ने इलाके को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। वहीं पूरी सड़क ही बंद कर दी गयी है। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार का पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस भी इसी रोड पर है।


 

राज्य के ताजा आंकड़ों की बात करें तो राज्य में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 868 पहुंच गई है। जबकि कुल मौत की संख्या 52 हो चुकी है। यहां सबसे ज्यादा प्रभावित मुंबई है जहां कुल 526 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं औश्र अबतक 34 मौत हो चुकी हैं। वहीं पुणे (शहर और ग्रामीण) में 141 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और 5 मौतें हुई हैं। इसके अलावा ठाणे (MMRDA क्षेत्र मुंबई के अलावा) में 85 पॉजिटिव केस और 9 की मौतें हुई हैं। साथ ही सांगली में 25 पाजिटिव, अहमदनगर में 23 पॉजिटिव, नागपुर में 17, औरंगाबाद में 10 पॉजिटिव और 1 की मौत हुई है। 





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Seasonal Change Spoils Delhi-ncr Wind – मौसमी बदलाव ने बिगाड़ी दिल्ली-एनसीआर की हवा, एक्यूआई 142 पर


औसत पर पहुंचा एक्यूआई…
– फोटो : अमर उजाला

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मौसमी बदलावों और रविवार रात की पटाखेबाजी ने दस दिन बाद एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब की है। हवा की चाल में कमी आने और मिक्सिंग हाइट गिरने से 24 मार्च के बाद पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसत दर्जे में चला गया है। वहीं, रविवार देर रात की पटाखेबाजी ने भी इस पर असर डाला है। विशेषज्ञ इस बदलाव को अस्थायी मान रहे हैं। सफर का अनुमान है कि मंगलवार से हवा की गुणवत्ता संतोषजनक स्तर में पहुंच जाएगी।

इससे पहले, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के मकसद से किए गए लॉकडाउन के तुरंत बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार आया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 व 25 मार्च के 24 घंटों में 45 अंकों के सुधार के साथ दिल्ली का एक्यूआई संतोषजनक स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद इसमें खास फेरबदल नहीं हुआ। 28 मार्च को तो एक्यूआई अच्छे की श्रेणी में आ गया था। रविवार दोपहर बाद से हवा की गुणवत्ता में गिरावट आनी शुरू हुई। एक्यूआई शनिवार के 87 की तुलना में 102 पर पहुंच गया। सोमवार को इसका स्तर 142 रहा। इसमें सबसे प्रभावी प्रदूषक धूल के महीन कण पीएम2.5 थे।

सफर का कहना है कि हवा की चाल धीमी होने व मिक्सिंग हाइट के नीचे आने से एक्यूआई में गिरावट आई है। हालांकि यह अस्थायी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम2.5 के प्रभावी होने से जाहिर है कि पटाखेबाजी से भी हवा खराब हुई है। सफर का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मंगलवार को बारिश हो सकती है। वहीं, बाउंड्री लेयर हाइट भी ऊपर जाएगी। इससे प्रदूषक दूर-दूर तक फैल सकेंगे और एक्यूआई में तेजी से सुधार आएगा। यह अच्छी और संतोषजनक की सीमा पर पहुंच जाएगी। अगले दस दिन एक्यूआई कमोबेश इसी स्तर पर रहेगा।

पहले 5 दिन में पीएम2.5 में 49 फीसदी की गिरावट
सफर ने पहले 5 दिन लॉकडाउन के वायु गुणवत्ता पर पड़े असर का आकलन किया है। इसमें बताया गया है कि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रुकने और दिल्ली-एनसीआर में फैक्टरियों के बंद होने से नॉक्स व पीएम2.5 की मात्रा में बड़े पैमाने पर गिरावट आई है। 25-30 मार्च के बीच नॉक्स की मात्रा 63 फीसदी और पीएम2.5 हवा में 49 फीसदी कम हुआ है।

28 मार्च को सबसे तरोताजा थी हवा
लॉकडाउन के दौरान अब तक दिल्ली की हवा 28 मार्च को सबसे अच्छी थी। इस दिन एक्यूआई 45 पर था। अन्य दिनों में यह 50-90 के बीच दर्ज किया गया था।

मौसमी बदलावों और रविवार रात की पटाखेबाजी ने दस दिन बाद एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब की है। हवा की चाल में कमी आने और मिक्सिंग हाइट गिरने से 24 मार्च के बाद पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसत दर्जे में चला गया है। वहीं, रविवार देर रात की पटाखेबाजी ने भी इस पर असर डाला है। विशेषज्ञ इस बदलाव को अस्थायी मान रहे हैं। सफर का अनुमान है कि मंगलवार से हवा की गुणवत्ता संतोषजनक स्तर में पहुंच जाएगी।

इससे पहले, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के मकसद से किए गए लॉकडाउन के तुरंत बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार आया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 व 25 मार्च के 24 घंटों में 45 अंकों के सुधार के साथ दिल्ली का एक्यूआई संतोषजनक स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद इसमें खास फेरबदल नहीं हुआ। 28 मार्च को तो एक्यूआई अच्छे की श्रेणी में आ गया था। रविवार दोपहर बाद से हवा की गुणवत्ता में गिरावट आनी शुरू हुई। एक्यूआई शनिवार के 87 की तुलना में 102 पर पहुंच गया। सोमवार को इसका स्तर 142 रहा। इसमें सबसे प्रभावी प्रदूषक धूल के महीन कण पीएम2.5 थे।

सफर का कहना है कि हवा की चाल धीमी होने व मिक्सिंग हाइट के नीचे आने से एक्यूआई में गिरावट आई है। हालांकि यह अस्थायी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम2.5 के प्रभावी होने से जाहिर है कि पटाखेबाजी से भी हवा खराब हुई है। सफर का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मंगलवार को बारिश हो सकती है। वहीं, बाउंड्री लेयर हाइट भी ऊपर जाएगी। इससे प्रदूषक दूर-दूर तक फैल सकेंगे और एक्यूआई में तेजी से सुधार आएगा। यह अच्छी और संतोषजनक की सीमा पर पहुंच जाएगी। अगले दस दिन एक्यूआई कमोबेश इसी स्तर पर रहेगा।

पहले 5 दिन में पीएम2.5 में 49 फीसदी की गिरावट
सफर ने पहले 5 दिन लॉकडाउन के वायु गुणवत्ता पर पड़े असर का आकलन किया है। इसमें बताया गया है कि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रुकने और दिल्ली-एनसीआर में फैक्टरियों के बंद होने से नॉक्स व पीएम2.5 की मात्रा में बड़े पैमाने पर गिरावट आई है। 25-30 मार्च के बीच नॉक्स की मात्रा 63 फीसदी और पीएम2.5 हवा में 49 फीसदी कम हुआ है।

28 मार्च को सबसे तरोताजा थी हवा
लॉकडाउन के दौरान अब तक दिल्ली की हवा 28 मार्च को सबसे अच्छी थी। इस दिन एक्यूआई 45 पर था। अन्य दिनों में यह 50-90 के बीच दर्ज किया गया था।



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United States records 1,150 Coronavirus deaths in 24 hours | अमेरिका में कोरोना वायरस से 24 घंटे में 1150 मौतें, दुनिया भर में अब तक 74 हजार से ज्यादा की गई जान


Virus Outbreak New York- India TV
Image Source : AP
Virus Outbreak New York

दुनिया की महाशक्ति अमेरिका कोरोना वायरस से मात खाता दिख रहा है। यहां कोरोना वायरस विकराल स्वरूप ले चुका है। अमेरिका में सिर्फ सोमवार को 1150 लोगों की जान इस घातक वायरस से हुई है। वहीं एक दिन पहले रविवार को भी 1200 लोगों की मौत थी। इसके साथ ही अमेरिका में अब तक 10,871 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दूसरी ओर दुनिया भर में कोरोना वायरस के चलते मौत का आंकड़ा 74,654 पहुंच गया है। वहीं 1,346,036 लोग इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। 

दुनिया भर में कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट वर्डोमीटर के अनुसार अमेरिका में अभी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 367,004 पहुंच गई है। जिसमें से 336,462 मामले एक्टिव केसेज़ के हैं। इसमें से 8,879 लोग गंभीर रूप से बीमार हैं। अमेरिका का प्रमुख शहर न्यूयॉर्क इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां संक्रमित लोगों की संख्या 131,916 पहुंच गई है। वहीं अकेले इस शहर में 4,758 लोगों की जान जा चुकी है। 

अमेरिका से इतर दुनिया के अन्य देशों पर गौर करें तो इटली में अब तक 16,523 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं स्पेन में मौत का आंकड़ा 13,341 पर पहुंच चुका है। इसके अलावा फ्रांस में 8,911 लोग कोरोना वायरस की भेंट चढ चुके हैं। यूके का हाल भी बुरा है। यहां प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के अलावा 51,608 लोग वायरस से संक्रमित हैं वहीं 5,373 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं चीन की बात करें तो यहां पर मौत का आंकड़ा 3,331 के साथ लगभग स्थिर हो चुका है। यहां 77,167 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।





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Coronavirus : Rage On Dearness Allowance, Kamal Nath Wrote A Letter, Asked Why Government Taking Revenge With Its Employees – महंगाई भत्ते पर रार : खफा कमलनाथ ने लिखा पत्र, पूछा- सरकार कर्मचारियों से बदला क्यों ले रही


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल।
Updated Tue, 07 Apr 2020 06:25 AM IST

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मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ते पर रोक के फैसले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है। बता दें कि प्रदेश में जारी कोरोना संकट के बीच राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के पूर्ववर्ती सरकार के फैसले पर दो दिन पहले रोक लगा दी है।

राज्य में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए कांग्रेस पार्टी फिलहाल सरकार के खिलाफ मौखिक और पत्राचार के माध्यम से विरोध जता रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया के जरिए विरोध जताने के बाद यह पत्र लिखा है। 

कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं स्थाई कर्मियों को मेरी सरकार द्वारा 16 मार्च 2020 को छठवें एवं सातवें वेतनमान के प्रकाश में क्रमश: 164 फीसदी और 17 फीसदी महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया था। आपकी सरकार द्वारा इस कर्मचारी हितैषी फैसले को रद्द करने का निर्णय एकतरफा और दुराग्रहपूर्ण है।

पत्र में कमलनाथ ने आगे लिखते हुए सवाल किया है कि क्या प्रदेश के छोटे कर्मचारियों को न्याय देने का निर्णय एक गलत निर्णय है? एक चुनी हुई सरकार के फैसले को पलटकर क्या आपकी सरकार कर्मचारियों से बदला ले रही है? मैं और मेरी पार्टी ऐसे फैसलों का सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेंगे। 

पत्र में कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से इस फैसले को वापस लेने और कोरोना महामारी के कारण उपजी विषम परिस्थितियों के बीच कर्मचारियों को राहत दिए जाने की भी मांग की है। बता दें कि कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार ने उसकी सरकार गिरने से पहले 16 मार्च को ये फैसला लिया था। जबकि इसके बाद 20 मार्च को कमलनाथ ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।

महंगाई भत्ता बढ़ाने का ये फैसला एक जुलाई से लागू होना था, लेकिन शिवराज सरकार ने इसे रोकने का फैसला किया है। इससे पहले कमलनाथ ने एक ट्वीट करके भी इस फैसले को तानाशाहीपूर्ण बताया था। हालांकि तब भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इस फैसले को उचित ठहराते हुए कहा था कि शिवराज सरकार की प्राथमिकता कोरोना वायरस से लड़ने की है।

मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ते पर रोक के फैसले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखा है। बता दें कि प्रदेश में जारी कोरोना संकट के बीच राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के पूर्ववर्ती सरकार के फैसले पर दो दिन पहले रोक लगा दी है।

राज्य में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए कांग्रेस पार्टी फिलहाल सरकार के खिलाफ मौखिक और पत्राचार के माध्यम से विरोध जता रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया के जरिए विरोध जताने के बाद यह पत्र लिखा है। 

कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश के कर्मचारियों एवं स्थाई कर्मियों को मेरी सरकार द्वारा 16 मार्च 2020 को छठवें एवं सातवें वेतनमान के प्रकाश में क्रमश: 164 फीसदी और 17 फीसदी महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया था। आपकी सरकार द्वारा इस कर्मचारी हितैषी फैसले को रद्द करने का निर्णय एकतरफा और दुराग्रहपूर्ण है।

पत्र में कमलनाथ ने आगे लिखते हुए सवाल किया है कि क्या प्रदेश के छोटे कर्मचारियों को न्याय देने का निर्णय एक गलत निर्णय है? एक चुनी हुई सरकार के फैसले को पलटकर क्या आपकी सरकार कर्मचारियों से बदला ले रही है? मैं और मेरी पार्टी ऐसे फैसलों का सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेंगे। 

पत्र में कमलनाथ ने प्रदेश सरकार से इस फैसले को वापस लेने और कोरोना महामारी के कारण उपजी विषम परिस्थितियों के बीच कर्मचारियों को राहत दिए जाने की भी मांग की है। बता दें कि कमलनाथ की अगुवाई वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार ने उसकी सरकार गिरने से पहले 16 मार्च को ये फैसला लिया था। जबकि इसके बाद 20 मार्च को कमलनाथ ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।

महंगाई भत्ता बढ़ाने का ये फैसला एक जुलाई से लागू होना था, लेकिन शिवराज सरकार ने इसे रोकने का फैसला किया है। इससे पहले कमलनाथ ने एक ट्वीट करके भी इस फैसले को तानाशाहीपूर्ण बताया था। हालांकि तब भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने इस फैसले को उचित ठहराते हुए कहा था कि शिवराज सरकार की प्राथमिकता कोरोना वायरस से लड़ने की है।



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Parents Expressed Concern About The Fees During The Lockdown – लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में अभिभावकों ने फीस भरने को लेकर जताई चिंता, सरकार से गुहार


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Apr 2020 06:35 AM IST

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भारत में लॉकडाउन के दौरान कई स्कूलों द्वारा अभिभावकों से बच्चों की फीस भरने को कहा गया है। हाल ही में दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां, दो अभिभावकों ने इस पर प्रश्न उठाए हैं। 

दरअसल, वास्तुशिल्प उद्योग से जुड़े शुभम भारद्वाज का व्यवसाय लॉकडाउन के दौरान धीमा पड़ गया है और उनके बच्चों के स्कूल से दो महीने की फीस भरने का नोटिस आ गया है। इसी तरह तृषा भाटिया ने स्कूल परिसर को देर से अदा करने के संबंध में जानकारी  मांगी है क्योंकि लॉकडाउन के कारण उन्हें इस महीने 22 प्रतिशत कम वेतन मिला है। 

शुभम और तृषा उन अभिभावकों में से हैं जो इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि सरकार उन्हें फीस को लेकर कुछ राहत उपलब्ध करा सकती है। हालांकि, स्कूलों का कहना है कि बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी हैं और उन्हें भी शिक्षकों का वेतन देना है।

अभिभावकों का यह भी कहवा है कि स्कूलों द्वारा तैराकी, घुड़सवारी और अन्य खेल एक्टिविटी पर कई तरह के शुल्क लगाए गए हैं, जो कि वास्तव में लॉकडाउन के कारण आयोजित ही नहीं हो पा रहे हैं।

वहीं, गुड़गांव और नोएडा में अभिभावकों को इस संबंध में राहत मिल गई है। नोएडा प्रशासन ने रविवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित स्कूलों को आदेश दिया कि वे लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों पर फीस देने का दबाव न बनाएं। हरियाणा सरकार ने भी ऐसा ही एक आदेश पिछले सप्ताह जारी किया था। भारद्वाज ने कहा, ‘जब गुड़गांव और नोएडा में ऐसा हो सकता है तो दिल्ली के स्कूल ऐसा क्यों नहीं कर सकते। 

लॉकडाउन के दौरान राहत पैकेज की घोषणा कर सरकार को इस समस्या का निदान करना चाहिए।’ दिल्ली अभिभावक संघ ने भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर फीस पर अभी स्थगन लगाने की मांग की है।

भारत में लॉकडाउन के दौरान कई स्कूलों द्वारा अभिभावकों से बच्चों की फीस भरने को कहा गया है। हाल ही में दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां, दो अभिभावकों ने इस पर प्रश्न उठाए हैं। 

दरअसल, वास्तुशिल्प उद्योग से जुड़े शुभम भारद्वाज का व्यवसाय लॉकडाउन के दौरान धीमा पड़ गया है और उनके बच्चों के स्कूल से दो महीने की फीस भरने का नोटिस आ गया है। इसी तरह तृषा भाटिया ने स्कूल परिसर को देर से अदा करने के संबंध में जानकारी  मांगी है क्योंकि लॉकडाउन के कारण उन्हें इस महीने 22 प्रतिशत कम वेतन मिला है। 

शुभम और तृषा उन अभिभावकों में से हैं जो इस बात की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि सरकार उन्हें फीस को लेकर कुछ राहत उपलब्ध करा सकती है। हालांकि, स्कूलों का कहना है कि बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं जारी हैं और उन्हें भी शिक्षकों का वेतन देना है।

अभिभावकों का यह भी कहवा है कि स्कूलों द्वारा तैराकी, घुड़सवारी और अन्य खेल एक्टिविटी पर कई तरह के शुल्क लगाए गए हैं, जो कि वास्तव में लॉकडाउन के कारण आयोजित ही नहीं हो पा रहे हैं।

वहीं, गुड़गांव और नोएडा में अभिभावकों को इस संबंध में राहत मिल गई है। नोएडा प्रशासन ने रविवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित स्कूलों को आदेश दिया कि वे लॉकडाउन के दौरान अभिभावकों पर फीस देने का दबाव न बनाएं। हरियाणा सरकार ने भी ऐसा ही एक आदेश पिछले सप्ताह जारी किया था। भारद्वाज ने कहा, ‘जब गुड़गांव और नोएडा में ऐसा हो सकता है तो दिल्ली के स्कूल ऐसा क्यों नहीं कर सकते। 

लॉकडाउन के दौरान राहत पैकेज की घोषणा कर सरकार को इस समस्या का निदान करना चाहिए।’ दिल्ली अभिभावक संघ ने भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर फीस पर अभी स्थगन लगाने की मांग की है।



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President Donald Trump Again Asked For Help From India On Supply Of Hydroxychloroquine – अमेरिका: राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर मांगी भारत से मदद, कहा- आप दवाएं भेजें तो अच्छा, वरना..


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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति पर मदद की उम्मीद जताई है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी। अगर वे दवा की आपूर्ति की अनुमति देंगे तो हम उनके इस कदम की सराहना करेंगे। अगर वे सहयोग नहीं भी करते हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें।
 

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के तीन लाख से अधिक पुष्ट मामलों और 10,000 से अधिक मौत होने के साथ अमेरिका भी इससे बुरी तरह से प्रभावित देश के तौर पर उभरा है। इस वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। 

अब अमेरिका और दुनिया के वैज्ञानिक दिन रात एक करके इस वायरस के खिलाफ कोई टीका या सटीक इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। इस महामारी के कारण दुनिया में अब तक 64,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 11 लाख 53 हजार 142 संक्रमित हैं।

कुछ शुरुआती परिणामों के आधार पर ट्रंप प्रशासन कोरोना वायरस के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन का उपयोग करने पर जोर दे रहा है। यह दवाई दशकों से मलेरिया में उपचार के काम आती है। पिछले शनिवार को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से तुरंत मंजूरी के बाद, कुछ अन्य दवा के संयोजन के साथ मलेरिया की दवा का उपयोग करके न्यूयॉर्क में लगभग 1,500 कोरोना रोगियों का उपचार किया जा रहा है।

ट्रंप के अनुसार दवा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यदि यह सफल हो जाता है, तो यह स्वर्ग से मिले किसी तोहफे के समान होगा। अगले कई हफ्तों में, अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के कारण एक लाख से दो लाख मौतों का अनुमान लगाया है।

कोरोना वायरस के उपचार में एक सफल दवा होने की आस में, अमेरिका पहले ही लगभग 29 मिलियन खुराक का स्टॉक कर चुका है। इसी संदर्भ में ट्रंप ने मोदी से अनुरोध किया है कि वह अमेरिका के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की लाखों खुराक रिलीज कर दें। भारत बड़े पैमाने पर इस दवा का उत्पादन करता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की आपूर्ति पर मदद की उम्मीद जताई है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी। अगर वे दवा की आपूर्ति की अनुमति देंगे तो हम उनके इस कदम की सराहना करेंगे। अगर वे सहयोग नहीं भी करते हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन वे हमसे भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखें।

 

बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के तीन लाख से अधिक पुष्ट मामलों और 10,000 से अधिक मौत होने के साथ अमेरिका भी इससे बुरी तरह से प्रभावित देश के तौर पर उभरा है। इस वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। 

अब अमेरिका और दुनिया के वैज्ञानिक दिन रात एक करके इस वायरस के खिलाफ कोई टीका या सटीक इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। इस महामारी के कारण दुनिया में अब तक 64,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 11 लाख 53 हजार 142 संक्रमित हैं।

कुछ शुरुआती परिणामों के आधार पर ट्रंप प्रशासन कोरोना वायरस के इलाज के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन का उपयोग करने पर जोर दे रहा है। यह दवाई दशकों से मलेरिया में उपचार के काम आती है। पिछले शनिवार को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन से तुरंत मंजूरी के बाद, कुछ अन्य दवा के संयोजन के साथ मलेरिया की दवा का उपयोग करके न्यूयॉर्क में लगभग 1,500 कोरोना रोगियों का उपचार किया जा रहा है।

ट्रंप के अनुसार दवा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यदि यह सफल हो जाता है, तो यह स्वर्ग से मिले किसी तोहफे के समान होगा। अगले कई हफ्तों में, अमेरिका के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस के कारण एक लाख से दो लाख मौतों का अनुमान लगाया है।

कोरोना वायरस के उपचार में एक सफल दवा होने की आस में, अमेरिका पहले ही लगभग 29 मिलियन खुराक का स्टॉक कर चुका है। इसी संदर्भ में ट्रंप ने मोदी से अनुरोध किया है कि वह अमेरिका के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की लाखों खुराक रिलीज कर दें। भारत बड़े पैमाने पर इस दवा का उत्पादन करता है।





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Coronavirus : Bodies Are Lying On The Roads In Ecuador, Lack Of Coffins, Vice President Issued This Order, Latin American Country – कोरोना: इक्वाडोर में सड़कों पर पड़े हैं शव, ताबूतों की कमी, उपराष्ट्रपति ने जारी किया यह आदेश


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अमेरिका से लगा लेटिन अमेरिकी देश इक्वाडोर भी इन दिनों कोरोनावायरस की चपेट में है। यहां के पश्चिमी शहर गुयाक्विल में सड़कें वीरान हैं और मृतकों के शव सड़कों पर हैं जिन्हें उठाने वाला तक नहीं मिल रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि इस शहर में मौतों की बढ़ती संख्या ने ताबूतों की कमी पैदा कर दी है और लोग कार्डबोर्ड के डिब्बों का ताबूत बनाने को मजबूर हो रहे हैं।

देश के उपराष्ट्रपति ओटो सोनेहोल्जनर ने इन हालातों के लिए जनता से माफी मांगी है। गुयाक्विल शहर में करीब 150 लावारिस शव सड़कों और गलियों में हैं। जबकि लोग इन शवों के पास जाने तक से कतरा रहे हैं क्योंकि उन्हें भी वायरस का खौफ है। उपराष्ट्रपति ने शवों को सड़कों से हटाने का आदेश जारी किया है।

यहां आधिकारिक रूप से 3,646 लोग संक्रमित हैं और 180 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक यहां कई मौतें अपुष्ट रूप से हुई हैं क्योंकि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जगह तक नहीं मिली है। अस्पतालों में बिस्तर नहीं रहे हैं।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिकों का कहना है कि मृतकों में कोरोनावायरस के लक्षण थे लेकिन अस्पताल में जगह नहीं होने की वजह से वे अपने मरीज को वहां इलाज के लिए नहीं ले जा सके। इसलिए कई मरीजों ने सड़कों पर ही दम तोड़ दिया। मुर्दाघर और अंतिम संस्कार स्थलों में शवों को रखने की जगह नहीं बची है। यही कारण है कि अनधिकृत रूप से मरने वालों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।

प्रशांत महासागर स्थित बंदरगाह शहर गुयाक्विल में अधिकारियों ने कहा कि उन्हें स्थानीय उत्पादकों से 1,000 कार्डबोर्ड ताबूत दान में मिले हैं। इन ताबूतों को दो स्थानीय कब्रिस्तानों में इस्तेमाल के लिए भेजा जा चुका है। जबकि सच्चाई यह है कि अच्छे ताबूत शहर में बचे ही नहीं हैं। इस कारण ये बहुत महंगे हो चुके हैं। व्यवसायी सेंटियागो ने कहा कि उनकी कंपनी मांग के हिसाब से ताबूतों की आपूर्ति में सक्षम नहीं है।

अमेरिका से लगा लेटिन अमेरिकी देश इक्वाडोर भी इन दिनों कोरोनावायरस की चपेट में है। यहां के पश्चिमी शहर गुयाक्विल में सड़कें वीरान हैं और मृतकों के शव सड़कों पर हैं जिन्हें उठाने वाला तक नहीं मिल रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि इस शहर में मौतों की बढ़ती संख्या ने ताबूतों की कमी पैदा कर दी है और लोग कार्डबोर्ड के डिब्बों का ताबूत बनाने को मजबूर हो रहे हैं।

देश के उपराष्ट्रपति ओटो सोनेहोल्जनर ने इन हालातों के लिए जनता से माफी मांगी है। गुयाक्विल शहर में करीब 150 लावारिस शव सड़कों और गलियों में हैं। जबकि लोग इन शवों के पास जाने तक से कतरा रहे हैं क्योंकि उन्हें भी वायरस का खौफ है। उपराष्ट्रपति ने शवों को सड़कों से हटाने का आदेश जारी किया है।

यहां आधिकारिक रूप से 3,646 लोग संक्रमित हैं और 180 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक यहां कई मौतें अपुष्ट रूप से हुई हैं क्योंकि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जगह तक नहीं मिली है। अस्पतालों में बिस्तर नहीं रहे हैं।


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अधिकृत आंकड़ों से ज्यादा हुए मृतक



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Telangana Is In A Mood To Extend The Lockdown Two Weeks, Other States Also Thinking – लॉकडाउन दो हफ्ते बढ़ाने के पक्ष में तेलंगाना, पीएम मोदी से की अपील, अन्य राज्यों में भी चल रहा मंथन


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली 
Updated Mon, 06 Apr 2020 10:16 PM IST

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लॉकडाउन के बावजूद भी देश में कोरोना वायरस का खतरा कम नहीं हो रहा है। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। कोरोना पॉजिटिव की संख्या 4200 पार कर चुकी है और 111 लोगों की मौत भी हो गई है। ऐसे में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुलने की संभावना कम ही लग रही हैं। 

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खुलने के संकेत दिए हैं। मगर कुछ राज्यों और सरकारी अधिकारियों की ओर से जो बयान आ रहे हैं, उसे देखकर लॉकडाउन खुलने की संभावना कम हो रही है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने लॉकडाउन को दो हफ्ते तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। 

तेलंगाना में दो हफ्ते बढ़ाने का सुझाव
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 14 अप्रैल के बाद भी दो हफ्ते तक लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया है। इसके लिए उन्होंने बीसीजी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें लॉकडाउन को 3 जून तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि राज्य की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने लॉकडाउन खत्म करने पर कोई जवाब नहीं दिया है। असम और महाराष्ट्र भी अभी फैसला लेते नहीं दिख रहे हैं। 
 

संक्रमण के खिलाफ देश का एकमात्र हथियार लॉकडाउन
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख ने कहा कि देश की खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण वायरस से संक्रमण के प्रसार को रेाकना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं 15 अप्रैल के बाद भी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के पक्ष में हूं क्योंकि हम आर्थिक समस्याओं से उबर सकते हैं। मगर हम जीवन नहीं लौटा सकते। हम लोगों की जान नहीं लौटा सकते।’ उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ देश का एकमात्र हथियार लॉकडाउन है।

राव ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री, भारत सरकार से अपील करता हूं कि वे बेझिझक लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दें। किसी से भी सलाह लें, प्रत्येक मुख्यमंत्री से सलाह करें, पूरे देश के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करें, लेकिन सोच-समझकर फैसला लें क्योंकि भारत में हमारे पास इस जानलेवा वायरस से निपटने का और कोई हथियार नहीं है।’

यूपी में बढ़ सकता है लॉकडाउन 
उत्तर प्रदेश में भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के आसार हैं। यूपी सरकार के एक आला अफसर ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रदेश में एक भी मामला रहेगा, तब तक लॉकडाउन नहीं खोला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म करने के सुझाव मांग चुके हैं। 

स्वास्थ्य मंत्रालय का भी इशारा 
देश में पिछले 24 घंटे में 700 से ज्यादा नए मामले सामने आ चुके हैं। कुल संख्या 4281 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक, अब तक कोरोना वायरस के 76 प्रतिशत मामले पुरुषों में और 24 प्रतिशत मामले महिलाओं में हैं। मंत्रालय कोरोना वायरस से लंबी लड़ाई चलने की बात कह चुका है।  

लॉकडाउन के बावजूद भी देश में कोरोना वायरस का खतरा कम नहीं हो रहा है। हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। कोरोना पॉजिटिव की संख्या 4200 पार कर चुकी है और 111 लोगों की मौत भी हो गई है। ऐसे में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुलने की संभावना कम ही लग रही हैं। 

हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खुलने के संकेत दिए हैं। मगर कुछ राज्यों और सरकारी अधिकारियों की ओर से जो बयान आ रहे हैं, उसे देखकर लॉकडाउन खुलने की संभावना कम हो रही है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने लॉकडाउन को दो हफ्ते तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। 

तेलंगाना में दो हफ्ते बढ़ाने का सुझाव
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 14 अप्रैल के बाद भी दो हफ्ते तक लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया है। इसके लिए उन्होंने बीसीजी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें लॉकडाउन को 3 जून तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि राज्य की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने लॉकडाउन खत्म करने पर कोई जवाब नहीं दिया है। असम और महाराष्ट्र भी अभी फैसला लेते नहीं दिख रहे हैं। 
 

संक्रमण के खिलाफ देश का एकमात्र हथियार लॉकडाउन
तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के प्रमुख ने कहा कि देश की खराब स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण वायरस से संक्रमण के प्रसार को रेाकना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं 15 अप्रैल के बाद भी राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के पक्ष में हूं क्योंकि हम आर्थिक समस्याओं से उबर सकते हैं। मगर हम जीवन नहीं लौटा सकते। हम लोगों की जान नहीं लौटा सकते।’ उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ देश का एकमात्र हथियार लॉकडाउन है।

राव ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री, भारत सरकार से अपील करता हूं कि वे बेझिझक लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दें। किसी से भी सलाह लें, प्रत्येक मुख्यमंत्री से सलाह करें, पूरे देश के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करें, लेकिन सोच-समझकर फैसला लें क्योंकि भारत में हमारे पास इस जानलेवा वायरस से निपटने का और कोई हथियार नहीं है।’

यूपी में बढ़ सकता है लॉकडाउन 
उत्तर प्रदेश में भी लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के आसार हैं। यूपी सरकार के एक आला अफसर ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रदेश में एक भी मामला रहेगा, तब तक लॉकडाउन नहीं खोला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन खत्म करने के सुझाव मांग चुके हैं। 

स्वास्थ्य मंत्रालय का भी इशारा 
देश में पिछले 24 घंटे में 700 से ज्यादा नए मामले सामने आ चुके हैं। कुल संख्या 4281 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक, अब तक कोरोना वायरस के 76 प्रतिशत मामले पुरुषों में और 24 प्रतिशत मामले महिलाओं में हैं। मंत्रालय कोरोना वायरस से लंबी लड़ाई चलने की बात कह चुका है।  





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Coronavirus cases and deaths in America । Coronavirus: America में मौत का आंकड़ा 10 हजार के पार, 3 लाख 56 हजार से ज्यादा मामले आए सामने


death- India TV
Image Source : AP
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न्यूयार्क. अमेरिका में कोरोना वायरस की वजह से 10 हजार 40 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क में अबतक 3 लाख 56 हजार से ज्यादा कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। बात अगर पिछले 24 घंटे की करें तो यहां 19 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और 874 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिका में इस वक्त 3 लाख 26 हजार से ज्यादा कोरोना वायरस के एक्टिव केस हैं।

ड्यूटी पर तैनात 1,000 से ज्यादा सैनिक संक्रमित -पेंटागन 

अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन का कहना है कि इस सप्ताह तक ड्यूटी पर तैनात 1,000 से ज्यादा सैनिकों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। सोमवार सुबह तक 1,132 सैनिकों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। शुक्रवार को यह संख्या 978 थी। नेशनल गार्ड के 303 सदस्यों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। सैन्य सेवाओं में सबसे ज्यादा 431 मामले नौसेना के हैं। इनमें से 150 से ज्यादा कर्मी विमान वाहक पोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट के चालक दल के सदस्य हैं। 

अमेरिका में चार भारतीयों की कोरोना वायरस से मौत

अमेरिका में चार भारतीय नागरिकों की कोरोना वायरस से मौत हो गयी है। एक मलयाली प्रवासी संगठन ने यह जानकारी दी है। न्यूयार्क में अलेयम्मा कुरियाकोसे (65) की कोविड-19 से जान चली गयी। फेडरेशन ऑफ केरल एसोसिएशन इन नोर्थ अमेरिका ने तीन अन्य भारतीयों– थंकचान एनचेनाट्टू (51), अब्राहम सैम्युअल (45) और शॉन अब्राहम (21) की कोरोना वायरस से मौत हो गयी। न्यूयार्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि वह मृतकों के परिवारों के संपर्क में है। 

इनपुट- भाषा





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Coronavirus : Tea Vendor Near Uddhav Thackerays Residence Matoshree Tests Positive For Covid-19, Entire Campus Sealed, Maharashtra – कोरोना: उद्धव ठाकरे के घर के पास एक चायवाला मिला संक्रमित, पूरा ‘मातोश्री’ परिसर सील


अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Updated Mon, 06 Apr 2020 11:45 PM IST

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बांद्रा में कलानगर स्थित निजी आवास ‘मातोश्री’ के पास चाय बेचने वाले एक दुकानदार के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका(बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर क्षेत्र को संक्रमण मुक्त करने के लिए दवाओं का छिड़काव किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि जो व्यक्ति मातोश्री के पास चाय की दुकान लगाता है, उसके संक्रमित होने की पुष्टि होने पर अब उसके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। ठाकरे के आवास के पास कोरोना मरीज मिलने के बाद ‘मातोश्री’ को सील किया गया है। इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 868 हो गई।

वहीं, मुंबई में 52 सहित पूरे महाराष्ट्र में 120 कोरोना के नए संक्रमित सामने आए। बीते 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिससे सूबे में अब तक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 52 पहुंच गई है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बांद्रा में कलानगर स्थित निजी आवास ‘मातोश्री’ के पास चाय बेचने वाले एक दुकानदार के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका(बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर क्षेत्र को संक्रमण मुक्त करने के लिए दवाओं का छिड़काव किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि जो व्यक्ति मातोश्री के पास चाय की दुकान लगाता है, उसके संक्रमित होने की पुष्टि होने पर अब उसके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। ठाकरे के आवास के पास कोरोना मरीज मिलने के बाद ‘मातोश्री’ को सील किया गया है। इस बीच सोमवार को महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 868 हो गई।

वहीं, मुंबई में 52 सहित पूरे महाराष्ट्र में 120 कोरोना के नए संक्रमित सामने आए। बीते 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिससे सूबे में अब तक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 52 पहुंच गई है।



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PM narendra modi tweet boris johnson hospitalised coronavirus । Coronavirus: अस्पताल में भर्ती हैं ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन, पीएम मोदी ने की जल्द स्वस्थ होने की कामना


Boris- India TV
Image Source : AP
Boris Johnson

नई दिल्ली. ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन अस्पताल में भर्ती हैं। वो कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। उन्हें रविवार रात डॉक्टर की सलाह पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बोरिस जॉनसन के अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनके जल्द ठीक होने की कामना की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “निश्चिंत रहिए पीएम बोरिस जॉनसन! उम्मीद करते हैं कि आप जल्द ही अस्पताल से बाहर होंगे और बिलकुल स्वस्थ होंगे।”

इससे पहले ब्रिटेन के समाचार पत्र मेट्रो ने डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता के हवाले से कहा, “कोविड-19 संक्रमण की जांच में पॉजिटिव पाए जाने के दस दिनों बाद भी प्राइम मिनिस्टर में लगातार महामारी के लक्षण दिख रहे हैं। ऐसे में यह एक एहतियाती कदम है।” डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा, “प्राइम मिनिस्टर ने एनएचएस कर्मचारियों के अविश्वसनीय परिश्रम के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि एनएचएस की रक्षा करने व जीवन बचाने के लिए वह सरकार की सलाह का पालन करना जारी रखें और घर पर ही रहें।” प्रवक्ता ने स्पष्ट किया, “उन्हें आपातकालीन आधार पर अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया है और वह सरकार के प्रभारी बने रहेंगे। वह अपने मंत्री, सहयोगियों और अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं।” 

मेट्रो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के पहली बार कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित होने की पुष्टि 27 मार्च को हुई थी। उन्होंने इस बात की जानकारी देते हए कहा था कि उन्हें महामारी के ‘हल्के लक्षण’ हैं। प्रधानमंत्री जॉनसन की अनुपस्थिति में विदेश मंत्री डॉमिनिक रैब सरकार की अगली कोरोनावायरस संबंधी बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

व्हाइट हाउस में रविवार को एक दैनिक ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन वर्तमान समय में वायरस (कोविड-19) से व्यक्तिगत रूप में लड़ रहे हैं, ऐसे में मैं हमारे देश (अमेरिका) की ओर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” उन्होंने कहा, “सभी अमेरिकी उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं। वह मेरे दोस्त हैं। वह एक महान व्यक्ति व राजनेता हैं और जैसा कि आप जानते हैं, उन्हें आज (रविवार को) अस्पताल में भर्ती कराया गया है लेकिन मुझे उम्मीद और विश्वास है कि वह ठीक हो जाएंगे। वह मजबूत व्यक्ति हैं।”

जॉनसन के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ऐसे समय में आई है, जब विश्व के सभी देश कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण के ब्रिटेन में अब तक 51 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से कुल 5373 लोगों की मौत हो गई है।

इनपुट- ians





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On Tabligi Jamaat, Rss Leader Manmohan Vaidya Says, The Figures Tell The Truth, – तब्लीगी जमात पर संघ नेता मनमोहन वैद्य बोले-आंकड़े सच बोलते हैं, मुस्लिम समाज भी कर रहा विरोध 


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आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि पूरे मामले में उनका भंडाभोड़ हो गया है। साथ ही उन्होंने मुस्लिम समाज में तब्लीगी जमात के सदस्यों का विरोध होने की भी सराहना की। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम से जुड़े कोरोना वायरस के मामलों की संख्या का हवाला देते हुए सोमवार को कहा कि आंकड़े सच बोलते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि मुसलमान तब्लीगी जमात के संपर्कों का पता लगाने में सरकार की मदद कर रहे हैं, जिसकी सराहना की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा था कि भारत में 4.1 दिन में कोरोना वायरस के मामलों की दोगुनी दर देखने को मिली, लेकिन अगर तब्लीगी जमात का कार्यक्रम नहीं हुआ होता तो दोगुनी दर होने में 7.4 दिन लगते।

कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए देश के नेतृत्व द्वारा किए गए निर्णय की सराहना करते हुए वैद्य ने कहा कि भारत ने कोविड-19 की स्थिति से निपटने के लिए कई विकसित देशों की तुलना में बेहतर काम किया।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप से निपटने के लिए भारत के नेतृत्व ने कुछ निर्णायक कदम उठाए जिन्हें जनता का भी समर्थन मिला। आरएसएस के नेता ने कहा कि उनके संगठन के कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन के दौरान गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने और हेल्पलाइन जारी करने सहित 25.5 लाख लोगों की मदद की है।

उन्होंने कहा कि तब्लीगी जमात स्थिति से बेहतर ढंग से निपट सकती थी। वैद्य ने कहा कि आंकड़े सच बोलते हैं…उनका भंडाफोड़ हो गया है और मुस्लिम समुदाय में अनेक लोग उसका विरोध कर रहे हैं…और अनेक मुस्लिम उनके (तब्लीगी जमात) संपर्कों का पता लगाने में सरकार की मदद भी कर रहे हैं जिसकी सराहना की जानी चाहिए।

आरएसएस के वरिष्ठ नेता ने निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि पूरे मामले में उनका भंडाभोड़ हो गया है। साथ ही उन्होंने मुस्लिम समाज में तब्लीगी जमात के सदस्यों का विरोध होने की भी सराहना की। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह-सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम से जुड़े कोरोना वायरस के मामलों की संख्या का हवाला देते हुए सोमवार को कहा कि आंकड़े सच बोलते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि मुसलमान तब्लीगी जमात के संपर्कों का पता लगाने में सरकार की मदद कर रहे हैं, जिसकी सराहना की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा था कि भारत में 4.1 दिन में कोरोना वायरस के मामलों की दोगुनी दर देखने को मिली, लेकिन अगर तब्लीगी जमात का कार्यक्रम नहीं हुआ होता तो दोगुनी दर होने में 7.4 दिन लगते।

कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए देश के नेतृत्व द्वारा किए गए निर्णय की सराहना करते हुए वैद्य ने कहा कि भारत ने कोविड-19 की स्थिति से निपटने के लिए कई विकसित देशों की तुलना में बेहतर काम किया।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप से निपटने के लिए भारत के नेतृत्व ने कुछ निर्णायक कदम उठाए जिन्हें जनता का भी समर्थन मिला। आरएसएस के नेता ने कहा कि उनके संगठन के कार्यकर्ताओं ने लॉकडाउन के दौरान गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने और हेल्पलाइन जारी करने सहित 25.5 लाख लोगों की मदद की है।

उन्होंने कहा कि तब्लीगी जमात स्थिति से बेहतर ढंग से निपट सकती थी। वैद्य ने कहा कि आंकड़े सच बोलते हैं…उनका भंडाफोड़ हो गया है और मुस्लिम समुदाय में अनेक लोग उसका विरोध कर रहे हैं…और अनेक मुस्लिम उनके (तब्लीगी जमात) संपर्कों का पता लगाने में सरकार की मदद भी कर रहे हैं जिसकी सराहना की जानी चाहिए।



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Most Of Jamaatis Mobiles Are Closed Names And Addresses Are Also Fake – पुलिस की मुश्किल, ज्यादातर जमातियों के मोबाइल बंद, नाम-पते भी फर्जी


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 06 Apr 2020 11:17 PM IST

निजामुद्दीन में कोरोना का कहर
– फोटो : PTI

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निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोगों का जांच टीमों ने सेल डाटा तो एकत्र कर लिया गया है, लेकिन जांच अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि बरामद ज्यादातर मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। पुलिस को अब उन सभी नंबरों का पता निकालकर संबंधित राज्यों की पुलिस से जानकारी जुटानी पड़ रही है। 

सूत्रों का कहना है कि नंबर बंद करने के पीछे जमाती खुद को क्वारंटीन से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जांच में कुछ मोबाइल नंबर ऐसे भी मिले हैं, जो फर्जी नाम-पते पर लिए गए हैं। उन पते पर संबंधित शख्स रहता ही नहीं है। इन चुनौतियों के सामने आने के बाद पुलिस की परेशानी दोगुनी हो गई है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान कैसे करे? हालांकि, क्राइम ब्रांच जमातियों की तलाश के लिए क्राइम मैपिंग का भी सहारा ले रही है।

मैपिंग से पता चला है कि बड़ी संख्या में जमातियों के मोबाइल की लोकेशन कई दिन तक मरकज के आसपास आ रही है, लेकिन फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। मैपिंग प्रक्रिया में अन्य राज्यों की पुलिस से भी क्राइम ब्रांच मदद ले रही है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस संकट को नजरअंदाज करते हुए मार्च में हुए तब्लीगी जमात कार्यक्रम में करीब 9000 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनमें से हजारों लोग देश के विभिन्न हिस्सों से आए थे। कार्यक्रम में विदेश से आए लोग भी शामिल थे। इन सभी लोगों की तलाश की जा रही है और उन्हें क्वारंटीन करने का प्रयास किया जा रहा है।

उधर, डंप डाटा में मरकज या उसके आसपास सभी एक्टिव मोबाइल की डिटेल हैं, जिन मोबाइल फोन की लोकेशन यहां लंबे समय तक आ रही थी उनके यूजर्स से सपंर्क किया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि क्या वो मरकज के अंदर थे या नहीं?

सार

-निजामुद्दीन मरकज के आसपास चले सैकड़ों मोबाइल नंबरों की डिटेल से हुआ खुलासा
-मोबाइल नंबर के आधार पर जमातियों को तलाश रही है जांच टीमें, मैपिंग का भी सहारा

विस्तार

निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात में शामिल हुए लोगों का जांच टीमों ने सेल डाटा तो एकत्र कर लिया गया है, लेकिन जांच अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती यह है कि बरामद ज्यादातर मोबाइल नंबर स्विच ऑफ हैं। पुलिस को अब उन सभी नंबरों का पता निकालकर संबंधित राज्यों की पुलिस से जानकारी जुटानी पड़ रही है। 

सूत्रों का कहना है कि नंबर बंद करने के पीछे जमाती खुद को क्वारंटीन से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। जांच में कुछ मोबाइल नंबर ऐसे भी मिले हैं, जो फर्जी नाम-पते पर लिए गए हैं। उन पते पर संबंधित शख्स रहता ही नहीं है। इन चुनौतियों के सामने आने के बाद पुलिस की परेशानी दोगुनी हो गई है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान कैसे करे? हालांकि, क्राइम ब्रांच जमातियों की तलाश के लिए क्राइम मैपिंग का भी सहारा ले रही है।

मैपिंग से पता चला है कि बड़ी संख्या में जमातियों के मोबाइल की लोकेशन कई दिन तक मरकज के आसपास आ रही है, लेकिन फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। मैपिंग प्रक्रिया में अन्य राज्यों की पुलिस से भी क्राइम ब्रांच मदद ले रही है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस संकट को नजरअंदाज करते हुए मार्च में हुए तब्लीगी जमात कार्यक्रम में करीब 9000 लोगों ने हिस्सा लिया था। इनमें से हजारों लोग देश के विभिन्न हिस्सों से आए थे। कार्यक्रम में विदेश से आए लोग भी शामिल थे। इन सभी लोगों की तलाश की जा रही है और उन्हें क्वारंटीन करने का प्रयास किया जा रहा है।

उधर, डंप डाटा में मरकज या उसके आसपास सभी एक्टिव मोबाइल की डिटेल हैं, जिन मोबाइल फोन की लोकेशन यहां लंबे समय तक आ रही थी उनके यूजर्स से सपंर्क किया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि क्या वो मरकज के अंदर थे या नहीं?



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Congress Tmc Sp Bsp All Opposition Parties Reaction On Mplad Fund – एमपीलैड निलंबित करने पर भड़की कांग्रेस, टीएमसी ने फंड के निलंबन को बताया मनमाना


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कांग्रेस ने कोरोना संकट के मद्देनजर सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती के निर्णय का सोमवार को स्वागत किया। हालांकि सांसद निधि को दो साल के लिए निलंबित किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को नुकसान होगा और ऐसे में इसे बहाल किया जाना चाहिए।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि सरकार का यह फैसला देश के आपातकाल की तरफ बढ़ने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

चौधरी ने ट्वीट किया कि सांसद निधि को निलंबित करना जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं के प्रति घोर अन्याय है क्योंकि आम मतदाता की मांग पर सांसदों को अपनी निधि विकास कार्य में खर्च करने की स्वायत्तता होती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के निर्णय से साबित होता है कि देश वित्तीय आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है। 

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री जी, कांग्रेस सांसदों के वेतन में कटौती का समर्थन करती है। 30 नहीं 40 या 50 फीसदी कटौती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सांसद निधि संसदीय क्षेत्रो में विकास कार्यों के लिए बनी है। सांसद निधि को निलंबित करना संसदीय क्षेत्रों के लिए बड़ी हानि है और इससे सांसद की भूमिका एवं कामकाज प्रभावित होगा। सुरजेवाला ने कहा कि सांसद निधि को बहाल करना चाहिए और भारत सरकार के खर्च में कटौती करनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सांसद निधि को बहाल किए जाना चाहिए क्योंकि यह राशि क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च होती है। दूसरी तरफ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जयराम रमेश और राजीव गौड़ा ने पार्टी से अलग रुख जाहिर करते हुए सांसद निधि को दो साल के लिए निलंबित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है।

तृणमूल कांग्रेस ने फैसले को बताया मनमाना
वही, तृणमूल कांग्रेस ने एमपीलैड को निलंबित करने के केंद्र के फैसले को मनमाना बताया है और कहा है कि उसके पास कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

बता दें कि हर संसद सदस्य को सांसद निधि के रूप में हर साल पांच करोड़ रुपये की राशि मिलती है जो वह अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में खर्च कर सकता है।

कांग्रेस ने कोरोना संकट के मद्देनजर सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती के निर्णय का सोमवार को स्वागत किया। हालांकि सांसद निधि को दो साल के लिए निलंबित किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे संसदीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को नुकसान होगा और ऐसे में इसे बहाल किया जाना चाहिए।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि सरकार का यह फैसला देश के आपातकाल की तरफ बढ़ने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

चौधरी ने ट्वीट किया कि सांसद निधि को निलंबित करना जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं के प्रति घोर अन्याय है क्योंकि आम मतदाता की मांग पर सांसदों को अपनी निधि विकास कार्य में खर्च करने की स्वायत्तता होती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के निर्णय से साबित होता है कि देश वित्तीय आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है। 

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री जी, कांग्रेस सांसदों के वेतन में कटौती का समर्थन करती है। 30 नहीं 40 या 50 फीसदी कटौती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सांसद निधि संसदीय क्षेत्रो में विकास कार्यों के लिए बनी है। सांसद निधि को निलंबित करना संसदीय क्षेत्रों के लिए बड़ी हानि है और इससे सांसद की भूमिका एवं कामकाज प्रभावित होगा। सुरजेवाला ने कहा कि सांसद निधि को बहाल करना चाहिए और भारत सरकार के खर्च में कटौती करनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सांसद निधि को बहाल किए जाना चाहिए क्योंकि यह राशि क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च होती है। दूसरी तरफ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं जयराम रमेश और राजीव गौड़ा ने पार्टी से अलग रुख जाहिर करते हुए सांसद निधि को दो साल के लिए निलंबित किए जाने के फैसले का स्वागत किया है।

तृणमूल कांग्रेस ने फैसले को बताया मनमाना
वही, तृणमूल कांग्रेस ने एमपीलैड को निलंबित करने के केंद्र के फैसले को मनमाना बताया है और कहा है कि उसके पास कोविड-19 से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

बता दें कि हर संसद सदस्य को सांसद निधि के रूप में हर साल पांच करोड़ रुपये की राशि मिलती है जो वह अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में खर्च कर सकता है।



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coronavirus more health workers get positive than jamatis । Coronavirus: भोपाल में जमातियों से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मी हुए कोरोना पॉजिटिव


Corona- India TV
Image Source : PTI
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भोपाल. मध्य प्रदेश की कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में अबतक कुल 258 लोग कोरोना वायरस संक्रमित हो चुके हैं। पूरे प्रदेश में 16 लोगों की मौत इस बीमारी से हो चुकी है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का भी कुछ ऐसा ही हाल है, यहां भी कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। शहर में अबतक कुल 63 लोग कोरोना वायरस के जद में आ चुके हैं। इन लोगों में 20 जमाती, 32 स्वास्थ्य विभाग, पुलिस के 5 और 6 अन्य लोग हैं। भोपाल में कोरोना वायरस की वजह से एक मौत हो चुकी है।

बात इंदौर की करें तो यहां कोरोना पॉजिटिव लोगं की संख्या 151 तक पहुंच गई है, यहां कोरोना वायरस के संक्रमण से 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा उज्जैन से कोरोना के 8 मामले सामने आए हैं, यहां 3 लोगों की मौत हुई है, खरगौन से 4 मामले सामने आए हैं, यहां 1 व्यक्ति की मौत हुई है, छिंदवाड़ा में 2 मामले सामने आए हैं, यहां 1 मौत हो चुकी है। इन शहरों के अलावा मुरैना से 12 मामले, जबलपुर से 8, बड़वानी से 3, ग्वालियर से 2, शिवपुरी से 2, बैतुल से 1, विदिशा से 1 मामले सामने आ चुके हैं। इन शहरों में अभी तक किसी की भी मौत नहीं हुई है।





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