Diljit Dosanjh Cooks Egg-Based Shakshuka And A Smoothie To Get Rid Of His Jet Lag!


Diljit revealed that he just had a long travel and was suffering from jet lag. He made this meal to feel better. He showed step-by-step process of cooking shakshuka, which he flavoured with oregano, seasoning powder, smoked paprika and Himalayan salt. Diljit accompanied the video with his signature Punjabi commentary that left us in splits. While sharing the picture of his smoothie, Diljit first announced he made a smoothie and will be sharing its recipe soon, but suddenly, he gets confused and wonders he might have already shared the recipe of his smoothie. 
Classic Diljit, indeed!



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Health Survey India Update; 40% Person Suffering From Disability And 20% From Mental Problem | देश में 60 से अधिक उम्र के 2 में से 1 इंसान को गंभीर बीमारी, 40% विकलांगता से परेशान; 20% मानसिक समस्या से जूझ रहे


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15 दिन पहले

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  • केंन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का दावा, यह बुजुर्गों पर हुआ दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे

देश में 60 साल से अधिक उम्र के दो में से एक इंसान गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। देश के 7.5 करोड़ बुजुर्ग में से 40% लोग किसी न किसी विकलांगता से जूझ रहे हैं। 20% मानसिक समस्या से परेशान हैं। 27% ऐसे भी हैं जो कई तरह की बीमारियों से लड़ रहे है। यह आंकड़ा हेल्थ मिनिस्ट्री के एक सर्वे में जारी किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन के मुताबिक, बुजुर्गों पर हुआ यह दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे है। जिसकी पहली सर्वे रिपोर्ट जारी की गई है। सर्वे में देश के 45 साल से ऊपर के 72,250 लोगों शामिल किया गया है।

2050 में बुजुर्गों की आबादी बढ़कर 31.9 करोड़ हो जाएगी
सर्वे के मुताबिक, साल 2011 की जनगणना में 60+ आबादी भारत की आबादी का 8.6% थी यानी 10.3 करोड़ लोग बुजुर्ग थे। साल 2050 तक भारत में 30 करोड़ से अधिक आबादी 60 साल से ऊपर की होगी। हर साल 3% की वृद्धि दर के साथ 2050 में वृद्धजनों की आबादी बढ़कर 31.9 करोड़ हो जाएगी।

भारत में तेजी से बढ़ रही बुजुर्गों की आबादी

नीति आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2003 तक भारत में हर महिला के औसतन 3 बच्चे होते थे। लेकिन, 2017 में लैंसेट में प्रकाशित यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन की रिपोर्ट के मुताबिक यह आंकड़ा प्रति महिला करीब 2.2 तक पहुंच गया है। यानी जनसंख्या वृद्धि दर मंद पड़ चुकी है। अगर यह दर 2.1 हो गई तो यह रिप्लेसमेंट रेट पर पहुंच जाएगी। यानी जन्म दर 2.1 होने पर जनसंख्या नहीं बढ़ेगी। उतने ही लोग पैदा होंगे, जितनों की मौत होगी।





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How to make Chapati – step by step recipe Phulka gol roti kaise banaye How to make Chapati – step by step recipe Phulka Roti Recipe: क्या आपसे भी नहीं बनती है गोल रोटियां? इस तरह बनाएंगे तो बनेगी नर




How to make Chapati – step by step recipe Phulka gol roti kaise banaye How to make Chapati – step by step recipe Phulka Roti Recipe: क्या आपसे भी नहीं बनती है गोल रोटियां? इस तरह बनाएंगे तो बनेगी नर – India TV Hindi News





























































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क्या कोरोना वायरस पहुंचा सकता है दिमाग को नुकसान? वैज्ञानिकों की टीम ने शुरू की जांच


कोरोना वायरस

कोरोना वायरस

कोरोना वायरस ने क्या रोगियों के दिमाग को भी नुकसान पहुंचाया है ? इसकी जाँच करने के लिए स्वीडन में उप्साला विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 19 लोगों के मस्तिष्कमेरु द्रव (cerebrospinal fluid) के नमूने लिए.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 21, 2021, 6:52 PM IST

कोरोना वायरस कितना घातक है इसको लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. हाल ही में इसको लेकर एक नई स्टडी सामने आई है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि कोरोना वायरस आप के दीमाग को कमजोर कर सकता है. दरअसल, हाल के समय में कोरोना संक्रमित कुछ मरीजों में सिर दर्द, आशंकित रहना और भ्रम में रहने जैसे अनुभव सामने आ रहे हैं. जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से इंसान के दिमाग पर असर पड़ सकता है, जो बहुत ही घातक है, इसके संकेत शुरुआती दौर से ही मिल रहे हैं.

यह स्टडी अप्रैल 2020 में शुरू की गयी थी, जिसमें स्वीडन के उप्साला विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की टीम शामिल थी. इसके शुरुआती परिणाम हाल ही में पीयर-रिव्यू यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूरोलॉजी में प्रकाशित हुए हैं. इस रिसर्च में स्वीडन में शोधकर्ताओं ने कोरोना संक्रमित हो चुके 19 लोगों के मस्तिष्कमेरु द्रव (cerebrospinal fluid) के नमूने लिए. जांच में पाया गया कि  इन रोगियों में भ्रम से लेकर कोमा तक के न्यूरोलॉजिकल लक्षण थे. जांच के दौरान आठ लोगों (42 प्रतिशत) की  मानसिक स्थिति में बदलाव था और आठ को कोविड-19 के  कारण  सिरदर्द भी था.

शोधकर्ताओं ने स्टडी में लिखा है कि कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार सार्स कोव-2 (Sars-Cov-2) दिमाग को संक्रमित कर सकते हैं और शरीर के न्यूरॉन्स नेटवर्क को भी प्रभावित कर सकते हैं. . यह स्ट्रक्चर वास्तव में दिमाग में बहने वाली रहने वाले खून की नसों की सुरक्षा करता है और उसे किसी बाहरी हमले से बचाता है. इससे पहले जीका वायरस के मामले में भी कहा गया था कि इससे दिमाग की कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुंचता है.

दूसरी ओर, यूके और यूएस के शोधकर्ताओं की टीम ने भी एक शोध शुरू किया है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि क्या कोरोना संक्रमण से अल्जाइमर का खतरा बढ़ सकता है? हालांकि, अभी तक इससे जुड़ी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है,  लेकिन यह पाया गया है कि वायरस दिमाग पर हमला करने में सक्षम है. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ये शोध अच्छा रिजल्ट सामने ला सकेंगे.








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heart attack symptoms occur months before the body suffers real attack | Heart Attack Symptoms: दिल का दौरा पड़ने से पहले मिलते हैं ये संकेत, महसूस हों तो हो जाइए सचेत


नई दिल्ली. आज-कल लोगों की लाइफस्टाइल (Lifestyle) काफी बदल गई है. समय और लाइफस्टाइल के बदलने के साथ ही लोगों की खान-पान (Diet) की आदतों में भी काफी बदलाव हुआ है. जल्दबाजी में लोग गलत चीजों का सेवन करने लगे हैं. इसकी वजह से शरीर को कई तरह की समस्याएं (Health Problems) झेलनी पड़ती हैं.

हार्ट अटैक से पहले शरीर में दिखते हैं ये लक्षण

आज-कल हार्ट अटैक (Heart Attack) आना आम बात हो गई है. बूढ़ा हो या फिर जवान, यह बीमारी हर किसी को अपनी चपेट में ले लेती है. कई बार तो दिल का दौरा पड़ने पर संभलने का भी समय नहीं मिल पाता है और इंसान की मौत (Death) हो जाती है. हार्ट अटैक भले ही अचानक आता है लेकिन इसके आने के लक्षण (Heart Attack Symptoms) कई दिन पहले से शरीर में नजर आने लगते हैं.

जानिए हार्ट अटैक (Heart Attack) आने से पहले शरीर में कौन-कौन से लक्षण (Heart Attack Symptoms) दिखाई देने लगते हैं.

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सीने में दाईं तरफ उठता है दर्द

अगर आपके सीने में दाईं तरफ दर्द (Chest Pain) और जलन होती है तो बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें. आपको तुरंत डॉक्टर (Doctor) से संपर्क करना चाहिए. यह हार्ट अटैक (Heart Attack) या हार्ट से जुड़ी किसी और बीमारी (Heart Problem) का संकेत हो सकता है.

कमजोरी और थकान महसूस होना

अगर आपको थोड़ा चलने के बाद ही कमजोरी (Weakness) और थकान (Fatigue) महसूस होने लगती है तो यह हार्ट अटैक आने का लक्षण (Heart Attack Symptoms)  हो सकता है. इसलिए बिना देर किए डॉक्टर से जांच करवा लें.

नसों का फूलना और टखने में दर्द

अगर आपके शरीर की नसें फूल रही हों या पैर के पंजे और टखने में सूजन दिखाई दे तो फौरन डॉक्टर के पास जाएं. दरअसल, जब दिल सही तरीके से शरीर में खून की सप्लाई (Blood Supply) नहीं करता है तो ब्लड सप्लाई करने वाली आर्टरी (Artery) फूल जाती है. इसकी वजह से हार्ट अटैक (Heart Attack) भी आ सकता है.

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बार-बार चक्कर आना

अगर आपको बार-बार चक्कर आ रहे हैं तो तुरंत सावधान हो जाएं और डॉक्टर (Doctor) से चेकअप करवाएं. दिल (Heart Attack) के ठीक तरीके से काम नहीं करने पर खून दिमाग तक नहीं पहुंच पाता है. इसके कारण चक्कर आने लगते हैं. बार-बार चक्कर आना भी हार्ट अटैक का संकेत (Heart Attack Symptoms) हो सकता है.

सांस लेने में दिक्कत होना

दिल (Heart) के ठीक से काम नहीं करने की वजह से फेफड़ों में खून और ऑक्सीजन की सप्लाई सही तरीके से नहीं हो पाती है, जिसकी वजह से सांस लेने में परेशानी होने लगती है. अगर आपको भी सांस लेने में परेशानी होती है तो डॉक्टर से चेकअप जरूर करवा लें. यह भी हार्ट अटैक (Heart Attack) आने का एक संकेत होता है.

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Amazon Great Republic Day Sale: Get Great Discounts On Refrigerator, Mixer Grinder And More


In this time-pressed world, we all look for technologies that can make our daily chores smooth and easy. Same is the situation when it comes to cooking and other kitchen-related work. We love experimenting and creating new dishes in our kitchen. But the preparations for the same can be time taking and tedious at times. Hence, we always look for options that can help us curtail the time we spend in kitchen- be it in terms of chopping ingredients or storing cooked food. With the advent of technology, we are in a much better place today. A modern kitchen setup is well equipped with smart appliances that make our lives easy on a regular basis.

On the occasion of Amazon Great Republic Day Sale, we bring you some essential kitchen appliances that are a must-have in every household. And the best part is the ongoing sale will help you buy these essentials at a whopping discount. Let’s take a look!

Here Are 5 Kitchen Appliances For You:

1. Microwave Oven:

AmazonBasics 30 L Convection Microwave

One of the basic essentials in every household, microwave oven is versatile to the core. From baking, grilling and roasting different food items to heating them while eating- a microwave oven does it all. Keeping this in mind, we bring this option by AmazonBasics that makes a perfect fit for a family of 5-6 people.

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2. Refrigerator:

AmazonBasics 564 L Frost Free Side-by-Side Refrigerator

Gone are those days when we used to buy our fruits, fish and vegetables on a regular basis. Today, people prefer buying it beforehand and store for future use. Hence, a refrigerator is a must in every kitchen to keep the ingredients fresh for long. Here’s a frost-free side-by-side refrigerator option for you that comes with a water dispenser to enjoy chilled water anytime you want.

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3. Kitchen Scale:

AmazonBasics Stainless Steel Digital Kitchen Scale

Another important tool in a modern kitchen setup is a kitchen scale that helps you keep a check on the amount of calorie and carbs you consume every day. This digital kitchen scale by AmazonBasics comes with a widescreen LCD display where you can weigh the ingredients before adding to recipe.

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4. Mixer Grinder:

Solidaire 550-Watt Mixer Grinder

The importance of mixer grinder in every kitchen needs no separate introduction. It has multi-purpose usages and helps you save time while cooking. This mixer grinder by Solidaire comes with sturdy stainless-steel blades that help you grind coffee beans, dry chillies etc effortlessly.

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5. Fruit Juicer:

Amazon Brand – Solimo Plastic Handy Fruit Juicer

We also found a handy fruit juicer option that will help you relish fresh glass of cold-pressed juice every morning. It comes with detachable parts and is easy to clean after every use.

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World Smallest Giraffe Found In Uganda | Here’s All You Need To Know | दुनिया का सबसे छोटा जिराफ, यह दूसरे जिराफ से 50% से भी ज्यादा छोटा; कद ने चलना-फिरना किया मुश्किल


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14 दिन पहले

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  • युगांडा में मिला 8.5 फीट का जिराफ, यह स्केलेटल डिस्प्लेसिया से जूझ रहा

अमूमन एक जिराफ की लम्बाई 18 फीट होती है, लेकिन अफ्रीका में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। युगांडा में वैज्ञानिकों ने दो ऐसे जिराफ खोजे हैं जो दुनियाभर में सबसे छोटे हैं। पहले न्यूबियन जिराफ की लम्बाई 9.4 फीट है। दूसरे, एंगोलेन जिराफ की लम्बाई 8.5 फीट है। दोनों को जिराफ कंजर्वेशन फाउंडेशन और स्मिथसोनियन कंजर्वेशन बायोलॉजी इंस्टीट्यूट ने मिलकर खोजा है।

इनकी लम्बाई इतनी कम क्यों है, इसे समझने के लिए वैज्ञानिकों ने इनकी जांच की। जांच में सामने आया कि ये जिराफ बौनेपन से जूझ रहे हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे स्केलेटल डिस्प्लेसिया कहते हैं।

बीमारी जिसने लम्बाई बढ़ने से रोका
वैज्ञानिकों के मुताबिक, स्केलेटल डिस्प्लेसिया ऐसी बीमारी है, जिसमें हडि्डयों का विकास ठीक से नहीं हो पाता। उम्र बढ़ने के बावजूद ये छोटी रह जाती हैं। यह बीमारी इंसान और जानवर दोनों को हो सकती है। हालांकि, जानवरों में इसके मामले काफी कम पाए जाते हैं। जिराफ में स्केलेटल डिस्प्लेसिया होने का यह पहला मामला है।

न्यूबियन जिराफ के पैरों की लम्बाई इतनी कम है कि गर्दन के साथ तालमेल नहीं बैठ पा रहा। नतीजा, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है।

न्यूबियन जिराफ के पैरों की लम्बाई इतनी कम है कि गर्दन के साथ तालमेल नहीं बैठ पा रहा। नतीजा, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है।

बौनेपन का उम्र पर असर लेकिन चलना-फिरना आसान नहीं
जिराफ कंजर्वेशन फाउंडेशन के साथ काम करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है, जिराफ मैच्यौर हो चुका है। इसके बौनेपन से इसकी उम्र पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। न्यूबियन जिराफ छोटे पैरों के कारण बहुत ज्यादा चल-फिर नहीं पाता। यह पहली बार 2015 में युगांडा के मर्चिशन फाल्स नेशनल पार्क में देखा गया था। वहीं, एंगोलेन जिराफ को जुलाई, 2020 में देखा गया था।



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राशिफल 21 जनवरी: सिंह राशि के जातकों को मिलेगा बिजनेस में लाभ, वहीं इनका बीतेगा जीवनसाथी के साथ अच्छा समय



पौष शुक्ल पक्ष की उदया तिथि अष्टमी और दिन गुरुवार का दिन है। अष्टमी तिथि दोपहर 3 बजकर 51 मिनट तक ही रहेगी उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से कैसा रहेगा राशिनुसार आपका दिन।



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Hindi News – पीरियड्स की समस्‍याओं से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक टिप्स, फिर देखें कमाल– News18 Hindi


महिलाओं को कई तरह की शारीरिक और हॉर्मोनल (Hormones) बदलावों से गुजरना पड़ता है. हालांकि कुछ परिवर्तन बहुत आसान होते हैं, लेकिन कुछ के साथ बहुत सारी परेशानियां होती हैं. इनमें मेंस्ट्रुअल साइकिल (Menstrual Cycle), अनियमित पीरियड्स, बहुत ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होना, दर्द और ऐंठन जैसी समस्याएं शामिल हैं. आइए आपको पीरियड्स (Periods) संबंधी समस्‍याओं और इससे बचने के लिए आयुर्वेदिक टिप्‍स (Ayurvedic Tips) के बारे में बताते हैं. इन आयुर्वेदिक नुस्‍खों को अपनाकर आप पीरियड के दर्द और ब्लड क्लॉट जैसी समस्याओं से छुटकारा पा सकती हैं. यदि आप पहले से किसी रोग से पीड़ित हैं या मेडिकेशन ले रही हैं तो नीचे दिए गए उपायों को लागू करने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें.

पीरियड्स संबंधी समस्‍याओं से बचने के लिए आयुर्वेदिक टिप्‍स

-पीरियड्स के दौरान एक लहसुन की कली को 2 लौंग के साथ दिन में दो बार खाएं. इससे दर्द में आराम मिलेगा.

-वहीं पीरियड क्रैम्प्स से परेशान होने पर एक चम्मच एलोवेरा जेल में एक चुटकी काली मिर्च या दालचीनी पाउडर मिलाकर उसका सेवन करें, आराम मिलेगा.

-अदरक की हर्बल चाय पीने से पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है. इसके लिए एक चम्मच अदरक के पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर इसे पी सकते हैं.

-चन्दन और मिंट एसेंस से कूलिंग शॉवर और नहाना भी पीरियड्स के समय मददगार साबित हो सकता है.

-इस समय अपनी डाइट में जीरा, मेथी दाना, काली मिर्च, लौंग, धनिया और पुदीना जैसे मसाले जरूर शामिल करें.

-अपनी डाइट में कद्दू, पपीता, ककड़ी, आलू, फूलगोभी, और मटर को जरूर शामिल करें.

-घर पर बना हुआ स्पेशल काढ़ा पीने से पीरियड्स के समय शरीर को बहुत आराम मिलता है. इसका पीरियड्स शुरू होने से एक दिन पहले से ही सेवन शुरू करें. इसे तब तक पीते रहना है जब तक पीरियड्स खत्म न हो जाएं.

कैसे बनाएं काढ़ा

एक चम्मच जीरे को 2 गिलास पानी के साथ मध्यम आंच पर तब तक उबालें जब तक मिश्रण आधा न हो जाए. अब इस पानी को छलनी से छान लें. फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और इसे गर्म ही पिएं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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dragon fruit benefits and side effects renamed as kamalam | भारत में ‘Dragon Fruit’ बना ‘कमलम’, जानिए विश्व के सबसे ताकतवर फल के फायदे और नुकसान


नई दिल्ली: फलों के लाभ के बारे में हर कोई जानता है. सभी फलों के अपने कुछ खास गुण होते हैं, जो हमारे शरीर को पोषक तत्व देते हैं. कुछ फलों के बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं. आज यहां हम जिस फल की बात कर रहे हैं, उसके बारे में भी कम ही लोग जानते हैं. इस फल का नाम है ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit). भारत में अब ड्रैगन फ्रूट का नाम ‘कमलम’ (Kamalam) कर दिया गया है.

आपको बात दें कि ड्रैगन फ्रूट का उपयोग शरीर से जुड़े कई विकारों से आराम पाने के लिए किया जा सकता है. यह हमें स्वस्थ रखने के साथ-साथ शारीरिक समस्याओं से उबरने में भी मदद कर सकता है. जानिए ड्रैगन फ्रूट या ‘कमलम’ के बारे में.

ड्रैगन फ्रूट या कमलम क्या है?

ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) का साइंटिफिक नाम हिलोसेरस अंडस (Hiloceras Undus) है. गुजरात सरकार ने इसका नाम बदल दिया है. उनका तर्क है कि किसी फ्रूट में ड्रैगन शब्द का इस्तेमाल ठीक नहीं लग रहा है. ड्रैगन फ्रूट कमल (Lotus) जैसा दिखता है. इसलिए इस फ्रूट का नाम संस्कृत शब्द ‘कमलम’ (Kamalam) रख दिया गया है. यह फल मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका (South America) में पाया जाता है. इसके तने गूदेदार और रसीले होते हैं.

ड्रैगन फ्रूट दो तरह का होता है – एक सफेद गूदे वाला और दूसरा लाल गूदे वाला. आपको बता दें कि इसके फूल बहुत ही सुगंधित होते हैं, जो रात में ही खिलते हैं और सुबह तक झड़ जाते हैं. इसके फायदों को देखते हुए अब इसे पटाया (Pattaya), क्वींसलैंड (Queensland), पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया (West Australia) और न्यू साउथ वेल्स (New South Wales) में भी उगाया जाने लगा है. इससे सलाद, मुरब्बा, जेली और शेक बनाए जाते हैं.

ड्रैगन फ्रूट के फायदे – Benefits of Dragon Fruit in Hindi

ड्रैगन फ्रूट के कई फायदे (Dragon Fruit Benefits) हैं, जो शारीरिक विकारों से निपटने में हमारी मदद कर सकते हैं. ये किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म तो नहीं करते लेकिन उसके लक्षणों को कम करके आराम जरूर दिला सकते हैं.

1. डायबिटीज में खाएं ड्रैगन फ्रूट

डायबिटीज (Diabetes) दुनिया के सबसे खतरनाक रोगों में से एक है. ड्रैगन फ्रूट में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ फ्लेवोनोइड, फेनोलिक एसिड, एस्कॉर्बिक एसिड और फाइबर (Flavonoids, Phenolic Acid, Ascorbic Acid And Fiber) पाए जाते हैं. ये हमारे शरीर में ब्लड शुगर (Blood Sugar) की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है, उनके लिए ड्रैगन फ्रूट का सेवन डायबिटीज से बचने का विकल्प है.

2. हृदय के लिए फायदेमंद है ड्रैगन फ्रूट

डायबिटीज के कारण हृदय रोग (Heart Disease) की समस्या होना आम है. इसकी वजह है शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) का बढ़ता प्रभाव. ऐसे में डॉक्टर्स द्वारा एंटीऑक्सीडेंट गुणों (Antioxidant Properties) से भरपूर फल और सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है. इसके लिए आपके पास फलों में कमलम (Kamalam) एक बेहतर विकल्प है.

3. कैंसर का रिस्क कम करेगा ड्रैगन फ्रूट

रिसर्च के अनुसार, ड्रैगन फ्रूट से कैंसर (Dragon Fruit In Cancer Treatment) में भी आराम मिलता है. इसमें एंटीट्यूमर, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. कई रिसर्च में साबित हुआ है कि ड्रैगन फ्रूट में पाए जाने वाले ये खास गुण महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से बचाते हैं.

4. नियंत्रण में रहेगा कोलेस्ट्रॉल

आज-कल कोलेस्ट्रॉल को (Cholesterol) नियंत्रित रखना भी एक चुनौती बन गया है. आपका बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर में कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक भी हो सकता है. इसके लिए ड्रैगन फ्रूट का सेवन (Benefits Of Dragon Fruit) फायदेमंद साबित हो सकता है.

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5. पेट संबंधी समस्याओं में फायदेमंद 

पेट संबंधित समस्याओं (Benefits Of Dragon Fruit) से आराम पाने के लिए भी ड्रैगन फ्रूट का सेवन किया जा सकता है. इसमें मौजूद ओलिगोसैकराइड (एक तरह का केमिकल कंपाउंड) के प्रीबायोटिक गुण आंत में हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं. इससे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है.

6. गठिया में असरदार

गठिया या आर्थराइटिस (Arthritis) ऐसी शारीरिक समस्या है, जो आपके जोड़ों को प्रभावित करती है. इसमें जोड़ों में दर्द होता है, सूजन आती है और उठने-बैठने में समस्या होती है. शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का बढ़ जाना इसके पीछे का एक मुख्य कारण है. इसे कंट्रोल करने के लिए ड्रैगन फ्रूट्स का सेवन लाभदायक हो सकता है. 

7. इम्युनिटी बूस्टर है कमलम

मजबूत इम्युनिटी हमें कई रोगों से बचाने (Benefits Of Dragon Fruit) में मदद कर सकती है. इम्यून सिस्टम शरीर के कुछ खास अंगों, सेल्स और केमिकल से मिल कर बना होता है और कई संक्रमणों को खत्म करने में मदद करता है. कोरोना काल (Coronavirus) में इम्यून सिस्टम मजबूत रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए ड्रैगन फ्रूट का सेवन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.

8. डेंगू में लाभकारी

ड्रैगन फ्रूट का उपयोग डेंगू के उपचार (Benefits Of Dragon Fruit) में भी मददगार है. इसके लिए ड्रैगन फ्रूट के बीज का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके बीजों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो डेंगू के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं.

9. हड्डियों और दांत के लिए लाभदायक

ड्रैगन फ्रूट खाने से हड्डियों और दांतों को मजबूती (Benefits Of Dragon Fruit) मिलती है. इसकी मुख्य वजह है इसमें पाई जाने वाली कैल्शियम और फॉस्फोरस की मात्रा.

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10. सेवन से अस्थमा होगा कंट्रोल 

अस्थमा एक क्रोनिक बीमारी (Chronic Disease) है, जिसमें सांस लेने में तकलीफ होती है. इससे आराम पाने में भी ड्रैगन फ्रूट का उपयोग किया जा सकता है. ड्रैगन फ्रूट किसी भी तरह की एलर्जी में लाभदायक है.

11. गर्भावस्था में लाभदायक

लोगों के मन में यह सवाल आता होगा कि ड्रैगन फ्रूट प्रेगनेंसी (Benefits Of Dragon Fruit In Pregnancy) में खाना चाहिए या नहीं. गर्भवती महिला के लिए भी ड्रैगन फ्रूट खाने के फायदे देखे गए हैं. गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में एनीमिया (Anaemia) के कारण खून की कमी हो जाती है, जिससे कई गंभीर समस्याओं, जैसे गर्भपात, जन्म के समय शिशु की मृत्यु, समय से पहले प्रसव आदि का खतरा रहता है.

ड्रैगन फ्रूट में आयरन की मात्रा पाई जाती है, जो गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है.

12. भूख बढ़ाने में ड्रैगन फ्रूट्स के फायदे

ड्रैगन फ्रूट भूख बढ़ाने में भी लाभदायक (Benefits Of Dragon Fruit) है. ड्रैगन फ्रूट में पाए जाने वाले फाइबर और विटामिन पेट संबंधी विकारों जैसे- पाचन क्रिया जैसी समस्याओं को दूर करने में कारगर सिद्ध होते हैं, जिससे भूख बढती है.

13. मस्तिष्क के लिए ड्रैगन फ्रूट के फायदे

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक नुकसान भी पहुंचा सकता है. इसके कारण ब्रेन डिसफंक्शन, जैसे अल्जाइमर रोग, पार्किन्सन रोग व मिर्गी का दौरा पड़ सकता है.

14. कमलम से स्वस्थ होगी त्वचा

अगर आप घर में कोई ऑर्गेनिक फेस पैक बना रहे हैं तो उसमें ड्रैगन फ्रूट भी डाल सकते हैं. इसमें पाया जाने वाला विटामिन-बी3 ड्राई स्किन को नमी प्रदान कर उसे चमकदार बनाने में मददगार साबित हो सकता है

15. ड्रैगन फ्रूट से बाल होंगे स्वस्थ

एक शोध में इस बात का जिक्र किया गया है कि ड्रैगन फ्रूट कई पोषक तत्वों से समृद्ध है, जिनमें फैटी एसिड भी शामिल है. यह हमारे बालों से जुड़ी रूसी जैसी समस्या को कम करने में सहायक हो सकता है.

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ड्रैगन फ्रूट के नुकसान – Side Effects of Dragon Fruit in Hindi

गौरतलब है कि अभी तक ड्रैगन फ्रूट से संबंधित कोई खास नुकसान (Dragon Fruit Side Effects) सामने नहीं आए हैं, फिर भी ड्रैगन फ्रूट के नुकसान पर ध्यान देना जरूरी है. 

1. ड्रैगन फ्रूट को वजन घटाने में मददगार माना जाता है, लेकिन इसमें अधिक मात्रा में शुगर पाई जाती है. इसलिए इसका ज्यादा सेवन आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है. 
2. इस फल की बाहरी परत न खाएं क्योंकि इसमें कीटनाशक पाए जाते हैं.

ड्रैगन फ्रूट खाने का तरीका – How to Eat Dragon Fruit in Hindi

यह भी जानना जरूरी है कि ड्रैगन फ्रूट कब और कैसे खाएं (How to Eat Dragon Fruit in Hindi).

1. इसे सीधे काटकर खाया जा सकता है.
2. इसे फ्रीज करके भी खाया जा सकता है.
3. इसे फ्रूट चाट या सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है.
4. मुरब्बा, कैंडी या जेली बनाने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है.
5. आप इसका शेक भी पी सकते हैं.

मात्रा 

एक बार में एक ड्रैगन फ्रूट खाया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे, हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग-अलग होती है. इसलिए यह खाने से पहले किसी आहार विशेषज्ञ से पूछ लेना बेहतर रहेगा. सुबह नाश्ते में इसका शेक या शाम को स्नैक्स टाइम में फ्रूट चाट के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है.

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From Biryani To Butter Naan: The Masala Story Is A One-Stop Destination For All Your Indian Cuisine Cravings


The Masala Story is a perfect place to order from if you fancy traditional Indian food.

Highlights

  • The variety and quality of starters served to us was laudable
  • We recommend Chicken Tikka and Lamb Galouti Kebab.
  • The main course had many options for breads, curries, dal and biryani.

Catering to all our food cravings, even during the COVID crisis, were a number of cloud kitchens across the country. For the uninitiated, a could kitchen is a low-cost model where kitchens are rented out and are used for food deliveries via food aggregators. Based on the same concept, The Masala Story (by Punjabi By Nature) is delivering the best of Indian dishes right at your doorstep. It is a perfect place to order from if you fancy traditional (read: ‘masaledar’) Indian food.  

The Masala Story has an elaborate food menu that boasts of serving ‘home-like’ food. We started our evening with a variety of starters as per the chef’s recommendation. The variety and quality of starters served to us was laudable. This delectable array included Murgh Malai Kebab, Chicken Tikka, Lamb Galouti Kebab, Fish Tikka, and Mutton Seekh Kebab from the non-veg section, whereas veg seekh, Paneer Tikka, Dahi Kebab and veg Galouti Kebab from the veg section. We recommend Chicken Tikka and Lamb Galouti Kebab. Both tikka and kebab were not just succulent but had the right flavour of charcoal and garlic. If you are a vegetarian, we recommend you to simply go for veg galouti kebab and dahi kebab. The lavishing and mouth-watering starters proved to be a great start for our meal.

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The Masala Story has an elaborate food menu that boasts of serving ‘home-like’ food.

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This was followed by the main course which had many options for breads, curries, dal and biryani. Among the other offerings, Tawa Chicken, Lahorii Masala Paneer, Chef’s Special Mutton Curry and Pindi Chana are completely a treat to your taste buds. In breads too, they have quite an interesting list that includes Activated Charcoal Butter Naan, Besan ki Missi Roti, Pudina Parantha and so on. We also tried their Kolkata Biryani, which was an absolute delight. It is exceptionally light, low on essence and colour, and aptly spiced – using just the right amount of spices to enhance the taste. In a huge handi, rice is steamed with cooked chicken, spices and the much-loved potatoes.

Moving on to the desserts for the day, we had lip-smacking Kesar Kheer. The Masala Story offers very limited dessert options (with just gulab jamun, phirni and kesar kheer) but one thing that was constant was the taste! 
  
Where: The Masala Story (Multiple outlets in Delhi NCR)
Price: INR 700 for two (approximately)



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Preparations for the nasal vaccine in the country, India will conduct the first and second phase trials in Biotech Nagpur | देश में नाक से दी जाने वाली वैक्सीन की तैयारी, भारत बायोटेक नागपुर में करेगा पहले और दूसरे चरण का ट्रायल


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13 दिन पहले

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  • वैक्सीन के ट्रायल में करीब 45 वॉलंटियर्स का चुनाव किया जाएगा
  • ट्रायल में 18 से 65 साल के वॉलंटियर्स को शामिल किया जाएगा

कोरोना से निपटने के लिए देश में जल्द ही नाक से दी जाने वाली नेजल वैक्सीन का ट्रायल शुरू होगा। इसे ‘कोवैक्सीन’ तैयार करने वाली हैदराबाद की कम्पनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है। नेजल वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण का ट्रायल नागपुर में होगा।

एक बार ही देना होगा डोज
भारत बायोटेक के फाउंडर डॉ. कृष्णा एल्ला के मुताबिक, नेजल वैक्सीन को एक बार देना होगा। अब तक हुई रिसर्च में यह बेहतर विकल्प साबित हुई है। इसके लिए हमनें वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के साथ करार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैक्सीन के ट्रायल में करीब 45 वॉलंटियर्स का चुनाव किया जाएगा।

क्यों खास है नेजल वैक्सीन?
देश में अब तक भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ और सीरम इंस्टीट्यूट की ‘कोविशील्ड’ को इमरजेंसी में इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है। कोरोना की वैक्सीन का डोज हाथ पर इंजेक्शन लगातार दिया जा रहा है, लेकिन नेजल वैक्सीन नाक में स्प्रे के जरिए दी जाएगी।

वैज्ञानिकों का मानना है कि नाक के जरिए कोरोना शरीर में एंट्री करता और हालत बिगाड़ता है, इसलिए नेजल स्प्रे असरदार साबित हो सकती है।

इम्यून रिस्पॉन्स बेहतर होता है

वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसिन ने अपनी एक रिसर्च में नेजल वैक्सीन को बेहतर वैक्सीन बताया है। यूनिवर्सिटी की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोरोना की वैक्सीन नाक के जरिए दी जाती है तो इम्यून रिस्पॉन्स बेहतर होता है।



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Aaj Ka Panchang 21 January 2021: पौष मास की गुप्त नवरात्र शुरू, जानिए गुरुवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल



पौष शुक्ल पक्ष की उदया तिथि अष्टमी और दिन गुरुवार का दिन है। अष्टमी तिथि दोपहर 3 बजकर 51 मिनट तक ही रहेगी उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से गुरुवार का पंचांग।



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Hindi News – कई बीमारियों को दूर रखता है काफिर नींबू, स्ट्रेस से जुड़ा है कनेक्शन– News18 Hindi


काफिर नींबू (Kaffir Lime) हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसके पत्तों (Leaves) और तेल (Oil) को औषधी के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. यह एल्कलॉएड, सिट्रोनेलोल, लिमोनेन, और नेरोल जैसे पौषक तत्व से भरपूर है. अनोखे स्वाद वाले काफिर नींबू का इस्तेमाल पकवानों में स्वाद बढ़ाने के लिए भी किया जाता है. वहीं इसके पत्तों का भी इस्तेमाल कुकिंग में किया जाता है. हालांकि इसका स्वाद बाकी नींबुओं की तरह ही होता है लेकिन इसके पत्ते, तेल, और छिलकों को अलग-अलग बीमारियों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

ओरल हेल्थ

काफिर का हर हिस्सा सेहत के लिए फायदेमंद है. मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने के लिए इसके पत्तों को रगड़ने से बहुत फायदा मिलता है. इससे मसूड़ें हेल्दी रहते हैं और यह मुंह के अंदर जमे बैक्टीरिया को खत्म करता है जो खाने की वजह से अंदर पनपते हैं. वहीं काफिर के ऑयल का इस्तेमाल टूथपेस्ट और माउथवॉश के रूप में भी किया जाता है, जो ओरल हेल्थ की देखभाल करने में मदद करता है.

इसे भी पढ़ेंः सर्दियों में जरूर खाएं ड्रैगन फ्रूट, इम्यूनिटी होती है मजबूत

सूजन करे कम
काफिर के पत्ते और ऑयल दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लमेट्री प्रभाव अर्थराइटिस, माइग्रेन, सिरदर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसके अलावा काफिर का इस्तेमाल कीट निवारक के रूप में भी किया जाता है. इसमें मौजूद सिट्रोनेलोल, और लिमोनेन तत्व कीड़ों के कारण होने वाली जलन को कम करते हैं और तुरंत राहत देते हैं.

इम्यूनिटी करता है बूस्ट

काफिर में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए प्रभावी माने जाते हैं. यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी बीमारियों को रोकने के लिए भी जाना जाता है. वहीं अगर आप कब्ज या फिर पेट से जुड़ी अन्य परेशानियों से जूझ रहे हैं तो काफिर नींबू का सेवन कर सकते हैं. यह पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है.

त्वचा और बालों के लिए है फायदेमंद

काफिर नींबू का रस कोशिकाओं से जुड़ी समस्याओं को धीमा करता है जिससे दाग-धब्बे, पिंपल्स और त्वचा से जुड़ी अन्य परेशानियों को दूर करने में मदद मिलती है. इसके अलावा यह बालों से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है. काफिर नींबू के रस को स्कैल्प में लगाने से हेयर फॉल जैसी समस्या से निजात मिलती है.

ब्लड को करता है डिटॉक्स

यह ब्लड को डिटॉक्सीफाई करता है. अगर आप ब्लड से जुड़ी किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो काफिर नींबू का सेवन कर सकते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड से जुड़ी बीमारियों को खत्म करते हैं और तत्काल राहत प्रदान करते हैं.

इसे भी पढ़ेंः क्‍या है इंटरमिटेंट फास्टिंग, जानें इस उपवास में क्या खाएं और क्या नहीं

स्ट्रेस करता है कम

एरोमाथेरेपी में काफिर ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है. स्ट्रेस या फिर एंग्जाइटी दूर करने के लिए काफिर के ऑयल का उपयोग किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि तेल के वाष्प को सांस लेने से शरीर और मन रिलैक्स रहता है.(Disclaimer:इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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vegetarianism benefits low cancer risk to better sex life quit non veg | Quit Non Veg: Vegetarian खाना सेहत के लिए होता है बेहद फायदेमंद, इन बीमारियों से होता है बचाव


नई दिल्ली. अच्छी हेल्थ, फिटनेस और एनर्जी के लिए काफी लोग मांसाहार (Non Vegetarian Food) का सेवन करते हैं. अगर आपको भी लगता है कि मांसाहार खाकर ही आप स्वस्थ और तंदुरुस्त रह सकते हैं तो अब सोचने का नजरिया बदलने का समय आ गया है. दरअसल, मीट (Meat) खाने की वजह से आपकी सेहत (Health) को नुकसान पहुंच रहा है. मांस में कई तरह के संक्रमण होते हैं, जो आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं.

अगर आप नॉन वेजिटेरियन खान-पान छोड़कर (Quit Non Veg) शाकाहारी बनना चाहते हैं तो जान लीजिए शाकाहार (Vegetarianism) के ये सबसे बड़े फायदे.

शाकाहारी होने के खास फायदे

शाकाहारी खाना (Vegetarian Diet) आपकी सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है. इससे आपकी जिंदगी पहले से भी ज्यादा बेहतर बन सकती है. जानिए शाकाहारी खाना खाने के फायदे (Vegetarian Diet Benefits) .

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शाकाहारी खाने से घटता है वजन

2016 में हुई एक रिसर्च (Research) में सामने आया है कि शाकाहारी खाना (Vegetarian Food) खाने से वजन जल्दी घटता (Weight Loss) है. दरअसल शाकाहारी भोजन में कम वसा पाई जाती है. साथ ही शाकाहारी खाना मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बढ़ाकर वजन घटाने में मददगार साबित होता है. इसके अलावा शाकाहारी लोग मांसाहारियों की तुलना में ज्यादा कैलोरी (Calories) भी बर्न करते हैं.

डायबिटीज से होता है बचाव

शाकाहारी खाने (Vegetarian Diet) में अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और नट्स शामिल होते हैं. इन खाद्य पदार्थों में ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycaemic Index) काफी कम होता है. इसकी वजह से शुगर लेवल (Sugar Level) कंट्रोल में रहता है. इसके अलावा मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों में डायबिटीज (Diabetes) होने का खतरा पचास फीसदी तक कम होता है.

कंट्रोल में रहता है ब्लड प्रेशर

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, शाकाहारी लोगों में मांसाहारी लोगों की तुलना में ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) कम होता है. दरअसल, पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों में वसा, सोडियम और कोलेस्ट्रॉल कम मात्रा में होता है. इसकी वजह से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है.

हार्ट रहता है स्वस्थ

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन के अनुसार, शाकाहारियों में मांसाहारियों की तुलना में हार्ट (Heart) की प्रॉब्लम एक तिहाई कम होती है. स्टडी के अनुसार, मांसाहारी लोगों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी ज्यादा पाया जाता है, जो हार्ट की धमनियों को अवरुद्ध कर देता है. इसकी वजह से हार्ट प्रॉब्लम (Heart Problem) का खतरा बढ़ जाता है.

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कैंसर का खतरा होता है कम

कैंसर एपिडेमियोलॉजी, बायोमार्कर एंड प्रिवेंशन नामक मैग्जीन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सब्जियों और फलों को खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है. इससे मांसाहारियों की तुलना में शाकाहारियों को कैंसर (Cancer) का खतरा कम होता है.

घटता है अस्थमा का खतरा

स्वीडिश अध्ययन के मुताबिक, शाकाहारी लोगों में अस्थमा (Asthma) का खतरा भी कम होता है. वहीं मांसाहारियों को अस्थमा होने का खतरा बना रहता है.

सेक्स लाइफ बनती है बेहतर

यूनाइटेड किंगडम में हुए एक शोध (Research) के अनुसार, मांसाहारी लोगों की सेक्स लाइफ (Sex Life) शाकाहारियों की तुलना में बेकार होती है. मांसाहारी लोग अपनी सेक्स लाइफ से खुश नहीं होते हैं. शोध के मुताबिक, 57 फीसदी शाकाहारी सप्ताह में 3-4 बार सेक्स (Sex) करते हैं, वहीं 49 फीसदी मांसाहारी लोग सप्ताह में मात्र एक या दो बार ही सेक्स करते हैं. शोध में 95 फीसदी शाकाहारियों ने माना कि वे अपनी सेक्स लाइफ से खुश हैं. 

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Indian Cooking Tips: How To Make Tulsi Ajwain Mahi Tikka For An Impressive Starter


Tulsi ajwain tikka recipe is a must-try.

Highlights

  • Tulsi ajwain tikka is a delicious snacking option.
  • It is fish tikka made with basil paste, ajwain and other spices.
  • Here’s an easy recipe to make it at home.

Looking for a unique appetiser for an impressive start to your get-together? Your search ends here. We want you to get over the usual chicken tikka and paneer tikka and surprise your guests with this never-seen-before snack that is sure to impress all. This is tulsi ajwain ka mahi tikka, a mouthwatering fish tikka is loaded with a melange of flavours from different spices and herbs. Not only is this snack extremely delicious, it is also healthy because it is baked. Talk about making a good impression – you’re going to nail it with this recipe!

Tulsi Ajwain Benefits

This fish tikka boasts of the goodness from tulsi (basil leaves) and ajwain (carom seeds), both of which offer a myriad of health benefits along with their striking flavours. 

Dr. Ashutosh Gautam tells us about the benefits of tulsi, “Basil is highly rich in antioxidants, which are known to boost immunity and protect from infections and illnesses like diabetes and high blood pressure. It contains linoleic acid, which is very good for skin health.”

Ayurvedic expert, Dr.B.N. Sinha reveals, “Carom seeds are great for digestion. They help ease indigestion and symptoms like stomach pain or burning sensation. Ajwain seeds are also rich in fiber, minerals, vitamins and antioxidants.”

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(Also Read: Tulsi-Ajwain Water Can Be Ideal For Detox And Weight Loss; How To Make It)

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Tulsi Ajwain Ka Mahi Tikka

This fish tikka is very easy to make and tastes simply superb. Fish is smeared with a creamy mixture of curd and cream, flavoured with a range of spices and basil paste. 

Here’s the complete, step-by-step recipe of tulsi ajwain ka mahi tikki

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You need some very common ingredients to make this tikka. First marinate fish in a pool of hung curd, flavoured with ginger, garlic, green chilli, basil, ajwain, garam masala, cardamom powder, dairy cream, kasuri methi and lemon juice. Then just secure the fish pieces in skewers and bake or roast in tandoor or oven.

You can even make the tikka on gas in a pan greased with some oil if you don’t have a tandoor or oven at home. The fish tikka will taste just as great.
 

About Neha GroverLove for reading roused her writing instincts. Neha is guilty of having a deep-set fixation with anything caffeinated. When she is not pouring out her nest of thoughts onto the screen, you can see her reading while sipping on coffee.



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Pakistan India | Air Pollution Study Report; Pregnancy Loss In India, Pakistan, And Bangladesh | वायु प्रदूषण से भारत, बांग्लादेश और पाक में हर साल 3.50 लाख गर्भपात, ये दुनिया का सबसे प्रदूषित हिस्सा


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नई दिल्ली11 दिन पहले

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  • लैंसेट जर्नल में पब्लिश हालिया रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, वायु प्रदूषण का गर्भपात से सीधा सम्बंध
  • भारत समेत पड़ोसी देश वायु गुणवत्ता स्तर को सुधार लें तो 7% तक रोक सकते हैं प्रेगनेंसी लॉस

दुनिया के जिन इलाकों की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित है वहां गर्भावस्था में दिक्कतें, गर्भपात और मृत बच्चों के जन्म लेने के मामले ज्यादा है। लैंसेट हेल्थ जर्नल के एक नए अध्ययन के मुताबिक, वायु प्रदूषण का गर्भपात से सीधा संबंध है। रिपोर्ट कहती है, वायु प्रदूषण को रोकना जरूरी है।

भारत समेत पड़ोसी देशों में सालाना 3.49 लाख गर्भपात
रिसर्चरों ने पाया है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अधिक वायु प्रदूषण के कारण सालाना 3.49 लाख गर्भपात हो रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, अगर भारत वायु प्रदूषण को कम कर लेता है तो हर साल गर्भपात के मामलों में 7 फीसदी की कमी आ सकती है।

वायु प्रदूषण गर्भनाल भी डैमेज कर सकता है
वायु प्रदूषण मां और बच्चे को जोड़ने वाली गर्भनाल को डैमेज करके भ्रूण तक नुकसान पहुंचाता है। रिसर्चर्स ने दावा किया है कि दक्षिण एशिया में प्रेगनेंसी पर प्रदूषण का असर बताने वाली यह अपनी तरह की पहली स्टडी है। दक्षिण एशिया में गर्भ को नुकसान होने के मामले दुनिया में सबसे ज्यादा है। यह दुनिया का सबसे ज्यादा पीएम 2.5 प्रदूषित इलाका है।

भारत में हवा डब्ल्यूएचओ के मानक से चार गुना खराब
रिसर्चरों ने साल 2000 से 2016 के बीच पाया कि दक्षिण एशिया में प्रदूषित हवा के कारण 7.1 % तक गर्भपात हुए। भारत का वर्तमान एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड 40 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की गाइडलाइन के मुताबिक, 10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर सुरक्षित माना जाता है।

गर्भ में पल रहे बच्चे को एयर पॉल्युशन के कारण कई तरह से खतरा है।

गर्भ में पल रहे बच्चे को एयर पॉल्युशन के कारण कई तरह से खतरा है।

एयर पॉल्यूशन से बचें गर्भवती महिलाएं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा असर होता है। मां जो भी खाती है, वो सीधा बच्चे को मिलता है। दूषित हवा में सांस लेने का असर बच्चे पर हो सकता है। इससे प्री-मेच्योर डिलीवरी का खतरा भी रहता है। जन्म के समय बच्चे का वजन कम रह सकता है, जिससे कुपोषण की समस्या हो सकती है।

लिविंग एरिया में साफ हवा का करें इंतजाम

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लिविंग एरिया में शुद्ध हवा रखने के लिए आपको अपने घर के आसपास सफाई रखना जरूरी है। इसके लिए घर के गार्डन में एयर प्यूरीफाइंग प्लांट्स लगा सकते हैंं। सुबह- शाम घर के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर रख सकते हैं। इससे घर शुद्ध हवा से वेंटिलेटेड रहेगा। साथ ही अपनी डाइट में भी थोड़ा बदलाव करें। इससे एयर पॉल्यूशन से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है।



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Vastu tips for puja ghar best direction for temple at home and hotel:Vastu Tips: पूजा घर बनवाने के लिए यह दिशा है सबसे बेस्ट



Vastu Tips: होटल या घर पर इस दिशा में बनवाएं पूजा घर, आएगी सकारात्क ऊर्जा- India TV Hindi

Image Source : INSTAGRAM/PEA.KAY/
Vastu Tips: होटल या घर पर इस दिशा में बनवाएं पूजा घर, आएगी सकारात्क ऊर्जा

वास्तुशास्त्र में आज आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए होटल में पूजा घर व कैफिटेरिया की दिशा के बारे में। आप चाहें कहीं भी रहें, कुछ भी करें, लेकिन भगवान को याद जरूर करें। उस ईश्वर को जरूर याद करें जिसकी वजह से ये सारा संसार, ये प्रकृति अस्तित्व में आई है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार होटल हो, घर या फिर कोई ऑफिस सभी जगह पूजा घर के लिये ईशान कोण का चुनाव करना सबसे अच्छा रहता है। ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा में मंदिर का निर्माण करवाने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। आजकल ओपन कैफिटेरिया या रेस्टोरेंट का चलन काफी बढ़ रहा है। शादी हो या जन्मदिन सबके लिये ओपन स्पेस का ही चुनाव किया जाने लगा है। इस तरह की व्यवस्था के लिये पूर्व या उत्तर दिशा में जगह छोडनी चाहिए।

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ठंड के मौसम में जरूर खाएं गाजर का हलवा, हेल्थ को होते हैं ये खास फायदे


सर्दियों के मौसम (Winter Season) में हरी सब्जियों के साथ-साथ गाजर (Carrot) को भी बहुत पसंद किया जाता है. गाजर का इस्‍तेमाल पुलाव, सब्‍जी, सलाद और सूप बनाने के साथ-साथ हलवे के रूप में भी किया जाता है. ठंड के मौसम में गाजर का हलवा (Gajar Ka Halwa) सबसे ज्‍यादा पसंद की जाने वाली मिठाइयों में से एक है. यह एक ऐसी स्‍वीट डिश है जिसको अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है. घी (Ghee) और ड्राई फ्रूटस (Dry Fruits) से बना गाजर का हलवा मुंह में पिघल जाता है और इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि डिनर के बाद इसे बड़े ही नहीं बच्‍चे भी बहुत चाव से खाते हैं. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि खाने में स्‍वादिष्‍ट गाजर का हलवा आपकी हेल्‍थ के लिए भी बहुत अच्‍छा होता है. दरअसल गाजर का हलवा बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मूल तत्व गाजर है. गाजर विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के और फाइबर से भरपूर होता है.

गाजर में विटामिन ए आंखों की रोशनी में सुधार करने में मदद करता है. हलवे में दूध डालकर इसे कैल्शियम और प्रोटीन से युक्त किया जाता है. काजू और किशमिश हलवे में प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट को जोड़ते हैं. हलवे में शुद्ध घी शरीर को सर्दियों में होने वाले दर्द को कम करने के लिए जरूरी गुड फैट देता है. इसके अलावा गाजर खाने से लंग इंफेक्शन से बचने में भी मदद मिलती है. हममें से बहुत से लोग ऐसे हैं जो गाजर खाना पसंद नहीं करते हैं. ऐसे लोगों को इसे स्वादिष्ट, मीठे हलवे के रूप में जरूर खाना चाहिए. इसे खाने से कोई नुकसान नहीं होता है. गाजर उन हेल्‍दी सब्जियों में से एक है जिनका हम आसानी से सेवन कर सकते हैं.

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गाजर खाने के फायदे-यह फाइबर से भरपूर होती है जो वजन घटाने में मदद करती है.
-यह सब्जी कोलेस्ट्रॉल से लड़ती है और हार्ट हेल्‍थ को बढ़ाती है.
-गाजर में विटामिन ए होता है जो आंखों के स्वास्थ्य को बढ़ाता है.
-गाजर डाइजेशन में मदद करती है और कब्ज से छुटकारा मिलता है.
-विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर गाजर इम्‍यूनिटी को बढ़ाने में मदद करती है.

विटामिन्‍स और मिनरल्‍स से भरपूर
ड्राई फ्रूट्स के बिना गाजर के हलवे की रेसिपी अधूरी मानी जाती है. ड्राई फ्रूट्स फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्‍स और मिनरल्‍स से भरपूर होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं, खासकर सर्दियों के मौसम में. अगर आपको ड्राई फ्रूट्स पसंद नहीं हैं, तो उन्हें अपने गाजरे के हलवे में शामिल करना उनके सेवन का एक अच्छा तरीका हो सकता है. यह अत्यधिक पौष्टिक होते हैं और हेल्थ में सुधार करते हैं.

घी सर्दियों में रखता है हेल्‍दी
गाजर का हलवा बनाने में घी का इस्‍तेमाल किया जाता है जो सर्दियों के मौसम में हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है. घी में गुड फैट होता है जो इस मौसम में दर्द को कम करने में मदद करता है. गाजर में मौजूद विटामिन ए लंग इंफेक्शन और अन्य मौसमी संक्रमणों से बचाने में मदद करता है. गाजर का हलवे का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है.

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त्वचा को नुकसान से बचाता है
गाजर का हलवा त्वचा को सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाने के लिए जरूरी है जो सर्दी के मौसम में एक्टिव होती हैं. गाजर में मौजूद बीटा कैरोटीन त्वचा की सुरक्षा करता है.

कैल्शियम से भरपूर होता है
दूध का उपयोग करके गाजरे के हलवे की रेसिपी तैयार की जाती है. दूध इस मिठाई को पूरी तरह से हेल्‍दी बनाता है. दूध शरीर के लिए आवश्यक कैल्शियम की मात्रा को बढ़ाता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)





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Dudh mishri healthy drink health benefits of milk and mishri drink | ताउम्र रहना चाहते हैं Young तो रोजाना दूध के साथ करें इस एक चीज का सेवन, आयुर्वेद ने बताया अमृत


न्यू दिल्ली: आयुर्वेद के मुताबिक दूध पौष्टिकता की दृष्टि से एक संपूर्ण आहार है. दूध में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, नियासिन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, आयोडीन, मिनरल्स, फैट, ऊर्जा, राइबोफ्लेविन (Vitamin B-2) के अलावा विटामिन ए, डी, के और ई मौजूद होते हैं. इसके अलावा सबसे पूजा के दौरान मिश्री, प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है. तो आइए आपको बताते हैं जुबान की मिठास बढ़ाने के साथ- साथ मन और दिमाग को भी खुश रखने वाली मिश्री और दूध (Dudh- Mishri Benefits In Hindi) के फायदे.

कई गंभीर बिमारियों का रामबाण इलाज 

दूध और मिश्री (Dudh- Mishri Uses) का उपयोग कई गंभीर बीमारियों के इलाज में भी किया जाता है. यदि दूध और मिश्री का सेवन एक साथ किया जाए तो इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स मिलते हैं. आपको बता दें कि दूध में मिश्री एक एंटासिड एजेंट के रूप में काम करती है. इसके और भी कई फायदे हैं.

दिलाए अच्छी नींद 

एक गिलास गुनगुने दूध में मिश्री (Health Benefits Of Dudh- Mishri) मिलाकर रोजाना रात को सोने से पहले पीने से नींद संबंधी समस्या खत्म होती है और अच्छी नींद आती है. यह मिश्रण आपके मूड को फ्रेश करने के साथ-साथ दिमाग को शांत रखने में भी मदद करती है. अगर आप मूड स्विंग्स से परेशां हैं तो आप इस ड्रिंक को अपने मूड सही करने के लिए भी ले सकते हैं. विशेषतः मेनोपॉज के बाद होने वाले मूड स्विंग की समस्या को दूर करने के लिए ये ड्रिंक बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा डिप्रेशन में भी ये ड्रिंक बहुत फायदेमंद है.

आंखों के लिए अमृत 

इस वक्त वर्क फ्रॉम होम का कल्चर चलन में है. ऐसे में घंटों कंप्यूटर, लैपटॉप, टैब पर लगातार काम करने वाले लोगों के लिए आंखों (Dudh- Mishri For Eyes) का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. इसके लिए आप रोजाना रात को गुनगुने दूध में मिश्री डालकर नियमित रूप से सेवन करें. दूध और मिश्री दोनों ही आंखों के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं. इससे आपकी आंखें स्वस्थ रहती हैं. डॉक्टर भी रोजाना इसके सेवन की सलाह देते हैं.

डाइजेशन में मदद करती है

आजकल के भाग दौड़ वाली जिंदगी में पाचन कि समस्या से ज्यादातर लोग परेशान हैं. पाचन की समस्याओं (अपच, कब्ज, एसिडिटी) को दूर करने के लिए मिश्री वाले दूध का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है. ये एसीडिटी को रोकता है और कब्ज की समस्या दूर कर डाइजेशन को सुधारता है. अगर आप एसिडिटी की समस्या से परेशान है तो ठंडे दूध में मिश्री मिलाकर सेवन करें. मिश्री में डाइजेस्टिव गुण होते हैं, जिसके कारण ये डाइजेशन में सहायक है.

पुरुषों के लिए लाभकारी

आयुर्वेद के अनुसार, गर्म दूध में केसर और मिश्री मिलाकर पीने से शरीर में एनर्जी (Dudh- Mishri Energy Drink) और फुर्ती आती है. यह शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने के साथ-साथ ब्लड सर्कुलेशन भी मेंटेन करती है, जिससे स्किन में निखार आता है. इस ड्रिंक की खासियत है कि ये पुरुषों की यौन दुर्बलता को दूर करने में भी बहुत फायदा करती है.

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तनाव से राहत दिलाती है

मिश्री और दूध का मिश्रण मस्तिष्क की क्षमता में सुधार करने में भी सक्षम है. आयुर्वेद के मुताबिक, रात को सोने से पहले रोजाना गर्म दूध के साथ मिश्री मिलाकर पीने से याददाश्त तेज होती है. मानसिक थकान और तनाव दोनों को कम करने में भी प्रभावशाली है. पढ़ाई करने वाले वाले बच्चों को हर रात इस ड्रिंक का सेवन करना चाहिए. इस ड्रिंक को ब्रेन हेल्थ इम्प्रूव करने के लिए प्राकृतिक औषधि माना जाता है.

जुकाम दूर भगाने में कारगर

सर्दियों का मौसम चल रहा है. ऐसे में सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर एक गिलास गर्म दूध के साथ मिश्री को मिलाकर पीने से आराम मिल सकता है. दिन में दो बार या रात को सोने से पहले इसका सेवन करें, आजमा कर देखिए आपको कमाल का फायदा मिलेगा. इस ड्रिंक से आपको इंस्टेंट एनर्जी भी मिलती है.

एनीमिया में फायदेमंद

भारत में एनीमिया की समस्या बहुत कॉमन है. एनीमिया से राहत दिलाने में ये ड्रिंक बहुत कारगर है. दरअसल एनीमिया होने पर बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा काफी कम हो जाती है, ऐसे में इस ड्रिंक का सेवन खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने में सहायता करता है. साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन की प्रक्रिया को भी सुधारता है. एनीमिया में इसे रोज सोने से पहले लें. 

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