जानिए कौन-कौन से Aadhaar Card हैं मान्य, UIDAI ने दी इसकी पूरी जानकारी


UIDAI ने साफ किया कि देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ होंगे मान्य. (फोटो सौजन्य से सोशल मीडिया)

UIDAI ने साफ किया कि देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ होंगे मान्य. (फोटो सौजन्य से सोशल मीडिया)

UIDAI ने ट्वीट (Tweet) के जरिए स्पष्ट किया कि PVC आधार कार्ड (Aadhaar Card) के जारी होने से पुराने आधार कार्ड अमान्य नहीं होंगे साथ ही अपने ट्वीट में UIDAI ने कहा की देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ मान्य रहेंगे.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 22, 2020, 8:26 AM IST

नई दिल्ली. आधार कार्ड जारी करने वाली और उससे जुड़ी सर्विसेज देखने वाली अथॉरिटी UIDAI ने पिछले दिनों नए PVC आधार कार्ड जारी किए थे. जिसके बाद से देशवासियों को भ्रम होने लगा था कि उनके पुराने आधार कार्ड़ मान्य नहीं होंगे. लेकिन UIDAI ने बुधवार को ट्वीट के जरिए स्पष्ट किया कि PVC आधार कार्ड के जारी होने से पुराने आधार कार्ड अमान्य नहीं होंगे साथ ही अपने ट्वीट में UIDAI ने कहा की देश में तीनो तरह के आधार कार्ड़ मान्य रहेंगे.

PVC आधार कार्ड़- UIDAI ने बीते दिनों क्रेडिट और डेबिट कार्ड़ की तरह दिखने वाले आधार कार्ड़ जारी किए थे. ये आधार कार्ड़ कैरी करने में आसान होते है और इनकी लाइफ भी ज्यादा होती है. UIDAI के अनुसार कोई भी व्यक्ति PVC आधार कार्ड़ बनवा सकता है. इसके लिए UIDAI ने 50 रुपये का शुल्क निर्धारित की है इसे आप UIDAI की वेबसाइट uidai.gov.in या resident.uidai.gov.in के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं. यह आधार कार्ड स्पीड पोस्ट से निवासी को घर पर डिलीवर होगा. PVC आधार कार्ड़ में होलोग्राम, Guilloche Pattern, घोस्ट इमेज और माइक्रोटेक्स्ट जैसे लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स से लैस है. जो प्लास्टिक का बना होता है. इस पर आपकी सारी डिटेल्स रहती है.

आधार लेटर जो कि UIDAI की ओर से भेजा जाता है- यह वह आधार कार्ड़ है जो अभी तक डाक के जरिए आप के घर तक आता था. यह आधार कार्ड़ कई बार डाक में देरी की वजह से उपभोक्ता तक सही समय पर नहीं पहुंच पता था. इसलिए UIDAI नागरिकों को आधार कार्ड की सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा देती है.

यह भी पढ़ें: केंद्र सरकार का फेस्टिवल गिफ्ट! 15 दिन के भीतर नौकरीपेशा के लिए कीं 15,312 करोड़ रुपये की घोषणाएं

e-Aadhaar- ई-आधार को आप UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है साथ ही आप इसका प्रिंट निकाल कर किसी भी योजना या सरकारी परिचय पत्र के तौर पर कहीं भी इस्तेमाल कर सकते हैं





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Google Search Antitrust Case (Alphabet) Update; Know-How It Will Affect You In Simple Words | सर्च में Google की दादागिरी के खिलाफ अमेरिका में केस; जानिए भारत में क्या असर पड़ेगा?


एक घंटा पहलेलेखक: रवींद्र भजनी

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  • यूरोप-अमेरिका के बाद जापान और ऑस्ट्रेलिया ने भी Google जैसी टेक कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के संकेत दिए
  • Google का जवाब- हमने किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की, लोग अपनी मर्जी से सर्च के लिए करते हैं इस्तेमाल

अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 राज्यों ने सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सर्च इंजिन Google पर मुकदमा दर्ज किया है। उस पर आरोप लगा है कि प्रतिस्पर्धा खत्म करने और अपना एकाधिकार जमाने के लिए उसने अवैध तरीके से ऐपल और स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों से एक्सक्लूसिव डील्स की।

दो दशक में यह किसी टेक्नोलॉजी फर्म के खिलाफ सबसे बड़ा मुकदमा है। इससे पहले 1998 में इसी तरह का मुकदमा माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी दर्ज हुआ था। वैसे, Google पर यह आरोप पहले भी लगते रहे हैं। अब खबरें यह भी आ रही हैं कि ऑस्ट्रेलिया और जापान भी यूरोप और अमेरिका के साथ बड़ी टेक कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने की तैयारी में है।

ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन मुकदमों में Google पर क्या आरोप लगे हैं? इसका क्या असर पड़ सकता है? आइए इन प्रश्नों के जवाब तलाशते हैं…

सबसे पहले, मुकदमा क्या है और किसने किया है?

  • अमेरिका में जस्टिस डिपार्टमेंट और 11 अलग-अलग राज्यों ने Google के खिलाफ यह एंटीट्रस्ट मुकदमा किया है। 54 पेज की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Google ने सर्च इंजिन बिजनेस में 90% से ज्यादा मार्केट हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक्सक्लूसिव डील्स की। इससे इन डिवाइस पर यूजर्स के लिए Google डिफॉल्ट सर्च इंजिन बन गया।
  • Google ने मोबाइल बनाने वाली कंपनियों, कैरियर्स और ब्राउजर्स को अपनी विज्ञापनों से होने वाली कमाई से अरबों डॉलर का पेमेंट किया ताकि Google उनके डिवाइस पर प्री-सेट सर्च इंजिन बन सके। इससे Google ने लाखों डिवाइस पर टॉप पोजिशन हासिल की और अन्य सर्च इंजिन के लिए खुद को स्थापित करने से रोक दिया।
  • आरोप यह भी है कि ऐपल और Google ने एक-दूसरे का सहारा लिया और अपने प्रतिस्पर्धियों को मुकाबले से बाहर कर दिया। अमेरिका में Google के सर्च ट्रैफिक में करीब आधा ऐपल के आईफोन्स से आया। वहीं, ऐपल के प्रॉफिट का पांचवां हिस्सा Google से आया।
  • Google ने इनोवेशन को रोक दिया। यूजर्स के लिए चॉइस खत्म की और प्राइवेसी डेटा जैसी सर्विस क्वालिटी को प्रभावित किया। Google ने अपनी पोजिशन का लाभ उठाया और अन्य कंपनियों या स्टार्टअप्स को उभरने या इनोवेशन करने का मौका ही नहीं छोड़ा। जस्टिस डिपार्टमेंट ने करीब एक साल की जांच के बाद यह मुकदमा दर्ज किया है।

अमेरिकी सरकार के आरोपों पर Google का क्या जवाब है?

  • Google के चीफ लीगल ऑफिसर केंट वॉकर का कहना है कि यह मुकदमा बेबुनियाद है। लोग Google का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि उन्होंने ऐसा करने का फैसला किया है। Google ने किसी के साथ अपनी सर्विसेस का इस्तेमाल करने के लिए जबरदस्ती नहीं की है। यदि उन्हें चाहिए तो ऑप्शन मौजूद है।
  • उनका कहना है कि एंटी ट्रस्ट कानून के बहाने ऐसी कंपनियों के पक्ष लिया जा रहा है, जो मार्केट में कॉम्पीटिशन नहीं कर पा रही है। Google ऐपल और अन्य स्मार्टफोन कंपनियों को पेमेंट करता है ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए शेल्फ स्पेस मिल सके। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
  • वॉकर ने यह भी कहा कि अमेरिकी एंटी ट्रस्ट लॉ का डिजाइन ऐसा नहीं है कि किसी कमजोर प्रतिस्पर्धी को मजबूती प्रदान करें। यहां सबके लिए बराबर मौके हैं। यह मुकदमा कोर्ट में ज्यादा टिकने वाला नहीं है। Google जो भी सर्विस यूजर्स को देता है, वह मुफ्त है। इससे किसी और को नुकसान होने की आशंका जताना गलत है।

इस मुकदमे के पीछे की राजनीति क्या है?

  • इस मुकदमे को दर्ज करने की टाइमिंग से लेकर इसमें शामिल राज्यों तक कई प्रश्न खड़े हैं। चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले यह मुकदमा दाखिल किया गया है। आम तौर पर किसी भी कदम का चुनावों पर असर पड़ने का डर होता है, इस वजह से कोई बड़ा कदम सरकार नहीं उठाती।
  • महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन 11 राज्यों ने जस्टिस डिपार्टमेंट का साथ दिया है, वह सभी रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल हैं। हकीकत तो यह है कि अमेरिका के सभी 50 राज्यों ने Google के खिलाफ एक साल पहले जांच शुरू की थी।

केस का नतीजा क्या आ सकता है?

  • इस तरह के केस में सुनवाई लंबी चलती है और फैसला आने में दो-तीन साल लग जाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ भी 1998 में इसी तरह का मुकदमा दर्ज हुआ था, जो सेटलमेंट पर खत्म हुआ था।
  • Google पर इससे पहले यूरोप में भी इसी तरह के आरोप लगे थे। यदि कंपनी की हार होती है तो उसे कंपनी के स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव करने होंगे। वहीं, यदि वह जीत गई तो यह बड़ी टेक कंपनियों को मजबूती देगा। इससे उन पर काबू पाने की सरकारों की कोशिशों को झटका लगेगा।
  • यह तो तय है कि मुकदमे का नतीजा आने में समय लगेगा। तीन नवंबर को अमेरिका में चुनाव है और नई सरकार को ही यह केस लड़ना होगा। डेमोक्रेट्स लंबे समय से दलील दे रहे हैं कि नए डिजिटल युग में एंटी ट्रस्ट कानून के प्रावधानों को बदलने की जरूरत है।

क्या भारत में भी Google के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है?

  • भारत में कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) का काम बाजार में किसी कंपनी के एकाधिकार को खत्म करना है। वह हेल्दी कम्पीटिशन को प्रमोट करता है। अमेरिका में जो मुकदमा दाखिल हुआ है, उसी तरह की शिकायत की जांच सीसीआई पहले ही कर रहा है।
  • पिछले महीने Google बनाम पेटीएम के मुद्दे पर भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब Google ने अपनी पोजिशन का फायदा उठाते हुए पेटीएम के ऐप को प्ले स्टोर से हटा दिया था। तब भी पेटीएम ने यही आरोप लगाए थे कि Google अपने और दूसरे ऐप्स के बीच भेदभाव करता है।
  • न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने कुछ दिन पहले खबर दी थी कि कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया ने स्मार्ट टीवी मार्केट में Google की दादागिरी की जांच करने वाली है। मामला स्मार्ट टीवी में इंस्टॉल होने वाले एंड्रॉयड ओएस के सप्लाई से जुड़ा है, जो भारत में बिक रहे ज्यादातर स्मार्ट टीवी में पहले से इंस्टॉल मिलता है।

भारत के कानून एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?

  • साइबर कानून विशेषज्ञ और सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं कि यदि अमेरिका में Google के कॉर्पोरेट वर्चस्व को खत्म करने की कार्रवाई हुई तो इसका असर भारत में भी पड़ेगा। अमेरिका के मुकाबले भारत में Google जैसी कंपनियों ने अपना अराजक वर्चस्व स्थापित किया है।
  • सीनियर एडवोकेट के मुताबिक, भारत में नए कानून बनाने और पुराने कानूनों में बदलाव जरूरी है। भारत ने हाल में चीन और पाकिस्तान से एफडीआई को लेकर कई प्रतिबंधात्मक नियम बनाए हैं। इसी तर्ज पर टेक कंपनियों के लिए भी कंपनी कानून, आईटी कानून और आयकर कानून के नियमों को बदलना जरूरी है।
  • गुप्ता कहते हैं कि इन कंपनियों की ओर से बड़े पैमाने पर डेटा की खरीद-फरोख्त होती है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि सरकारी राजस्व बढ़ाया जा सके। भारत में इन कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए कम्पीटिशन कमिशन की व्यवस्था को दुरूस्त करने की जरूरत है।





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How To Use Google Maps Offline Or Without Internet – बिना इंटरनेट भी यूज कर सकते हैं Google Maps, फॉलो करने होंगे ये स्टेप


GPS का इस्तेमाल ऑफलाइन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन GPS चलाने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने डिवाइस में लोकेशन पहले से ही सेव करके रखनी होगी।

जब हम कहीं ट्रैवल कर रहे होते हैं तो (Google Maps) गूगल मैप्स का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही किसी को अपनी लोकेशन शेयर करनी हो तो भी हम स्मार्टफोन की (GPS) जीपीएस सर्विस की मदद लेते हैं। इसकी सहायता से हम मार्क की गई लोकेशन पर आसानी से पहुंच सकते है। जब हम किसी नई जगह पर जाते हैं,जहां के रास्ते हमें पता नहीं होते तो हम गूगल मैप्स की मदद लेते हैं। गूगल मैप्स को बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं। परेशानी तब आती है जब स्मार्टफोन में इंटरनेट सही न चल रहा हो या मोबाइल नेटवर्क में प्रॉब्लम आ जाए।

ऑफलाइन GPS का इस्तेमाल
कई बार गूगल मैप्स या नेविगेशन सर्विस भी धोखा दे जाती है। कई जगह ऐसी होती हैं, जहां स्मार्टफोन में नेटवर्क सही नहीं आता। ऐसे में इंटरनेट एक्सेस करने में काफी परेशानी होती है। साथ ही कई बार इंटरनेट भी डाउन हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में रास्ता भटक सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप GPS का इस्तेमाल ऑफलाइन भी कर सकते हैं। ऑफलाइन GPS चलाने के लिए आपको कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने डिवाइस में लोकेशन पहले से ही सेव करके रखनी होगी।

यह भी पढ़ें—ये 5 फीचर्स आपके स्मार्टफोन को बना देंगे और भी ज्यादा स्मार्ट और कूल

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फॉलो करने होंगे ये स्टेप्स
आप कुछ आसान स्टेप्स फॉलो कर ऑफलाइन GPS की मदद से अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं। गूगल मैप्स के ऑफलाइन मैप्स की मदद से आप बिना इंटरनेट के भी GPS का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसकी सहायता से आप उस जगह का मैप डाउनलोड या सेव कर सकते हैं, जहां आपको जाना है। इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन में गूगल मैप्स एप को ओपन करना होगा।

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सलेक्ट योर मैप
गूगल मैप्स ओपन करने के बाद आपको टॉप लेफ्ट में आपकी प्रोफाइल दिखाई देगी। आपको अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करना होगा। इसके बाद ‘ऑफलाइन मैप्स’ को सलेक्ट करें। ‘ऑफलाइन मैप्स’ में जाने पर आपको सलेक्ट योर ओन मैप का ऑप्शन मिलेगा। आप उस पर टैप करें और उस जगह को चुन सकते हैं जहां आपको जाना है। इसके बाद उस जगह का मैप आपके फोन में डाउनलोड हो जाएगा और आप आसानी से उस जगह पर पहुंच सकते हैं।






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Jio Launched Its Own Web Browser Called Jiopages With Advanced Data Security – Jio ने लॉन्च किया अपना वेब ब्राउजर Jiopages, मजबूत डाटा सिक्योरिटी का है दावा


टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Wed, 21 Oct 2020 07:13 PM IST

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रिलायंस जियो ने अब अपना खुद का वेब ब्राउजर लॉन्च कर दिया है। इस नए वेब ब्राउजर को कंपनी ने JioPages के नाम से मार्केट में उतारा है। कंपनी का दावा है कि उसका नया वेब ब्राउजर तेज होने के साथ साथ पूरी तरह सुरक्षित है।

डाटा सिक्योरिटी को लेकर छिड़ी अंतरराष्ट्रीय बहस और चीनी कंपनी के यूसी वेब ब्राउजर पर प्रतिबंध के बीच रिलायंस जियो ने मौका देखते हुएJioPages को मार्केट में उतारा है। JioPages की प्राइवेसी को लेकर कंपनी ने कहा है कि दूसरे ब्राउजर्स के मुकाबले यह यूजर्स को डाटा प्राइवेसी के साथ अपने डाटा पर पूर्ण नियंत्रण देता है।

JioPages को शक्तिशाली क्रोमियम ब्लिंक इंजन पर बनाया गया है। इंजन की हाई स्पीड की वजह से ब्राउज़िंग का शानदार अनुभव मिलता है। JioPages को पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। 

अंग्रेजी के अलावा 8 भारतीय भाषाओं में काम करने की क्षमता की बदौलत इसे पूर्ण स्वदेशी कहा जा रहा है। हिंदी, मराठी, तमिल, गुजराती, तेलगू, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली जैसी भारतीय भाषाओं को JioPages पूरी तरह सपोर्ट करता है। 

पर्सनलाइज्ड होम स्क्रीन, पर्सनलाइज्ड थीम, पर्सनलाइज्ड कंटेंट, इंफॉरमेटिव कार्डस, भारतीय भाषा के कंटेंट, एडवांस डाउनलोड मैनेजर, इंकॉग्निटो मोड और एड ब्लाकर जैसी सुविधाएं भी ग्राहकों को  JioPages में मिलेंगी।

रिलायंस जियो ने अब अपना खुद का वेब ब्राउजर लॉन्च कर दिया है। इस नए वेब ब्राउजर को कंपनी ने JioPages के नाम से मार्केट में उतारा है। कंपनी का दावा है कि उसका नया वेब ब्राउजर तेज होने के साथ साथ पूरी तरह सुरक्षित है।

डाटा सिक्योरिटी को लेकर छिड़ी अंतरराष्ट्रीय बहस और चीनी कंपनी के यूसी वेब ब्राउजर पर प्रतिबंध के बीच रिलायंस जियो ने मौका देखते हुएJioPages को मार्केट में उतारा है। JioPages की प्राइवेसी को लेकर कंपनी ने कहा है कि दूसरे ब्राउजर्स के मुकाबले यह यूजर्स को डाटा प्राइवेसी के साथ अपने डाटा पर पूर्ण नियंत्रण देता है।

JioPages को शक्तिशाली क्रोमियम ब्लिंक इंजन पर बनाया गया है। इंजन की हाई स्पीड की वजह से ब्राउज़िंग का शानदार अनुभव मिलता है। JioPages को पूरी तरह से भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। 

अंग्रेजी के अलावा 8 भारतीय भाषाओं में काम करने की क्षमता की बदौलत इसे पूर्ण स्वदेशी कहा जा रहा है। हिंदी, मराठी, तमिल, गुजराती, तेलगू, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली जैसी भारतीय भाषाओं को JioPages पूरी तरह सपोर्ट करता है। 

पर्सनलाइज्ड होम स्क्रीन, पर्सनलाइज्ड थीम, पर्सनलाइज्ड कंटेंट, इंफॉरमेटिव कार्डस, भारतीय भाषा के कंटेंट, एडवांस डाउनलोड मैनेजर, इंकॉग्निटो मोड और एड ब्लाकर जैसी सुविधाएं भी ग्राहकों को  JioPages में मिलेंगी।



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फेस्टिव सेल में बंपर बिक्री, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर 3.1 अरब डॉलर के बिके सामान


अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने फेस्टिवल सेल में बंपर बिक्री हुई है.

अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने फेस्टिवल सेल में बंपर बिक्री हुई है.

अमेजन, फ्लिपकार्ट आौर स्नैपडील जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने 15 से 19 अक्टूबर के बीच 3.1 अरब डॉलर (22,000 करोड़ रुपए) के सामान बेच लिए.

नई दिल्ली. ई-कॉमर्स कंपनियों (E-Commerce Companies) ने अपनी फेस्टिव सीजन की सेल के दौरान पांच दिन से भी कम समय में 3.1 अरब डॉलर का सामान बेचा है. रेडसीर कंसल्टिंग (RedSeer Consulting) की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है.

रेडसीर ने अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील की पहले दौर की फेस्टिव सेल चार अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया था. यह आंकड़ा रेडसीर के अनुमान का 77 प्रतिशत है. रेडसीर ने कहा, ”15 से 19 अक्टूबर, 2020 के दौरान ऑनलाइन त्योहारी सेल की शुरुआत अच्छी रही है. करीब 4.5 दिन में ई-कॉमर्स कंपनियों ने 3.1 अरब डॉलर या 22,000 करोड़ रुपये के प्रोडक्ट बेचे हैं.”

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल की तुलना में इस साल ऑनलाइन सेल के पहले कुछ दिन अधिक बेहतर रहे हैं. रेडसीर ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री मजबूत रहने के कई कारण हैं. एक तो ऑनलाइन सामान सस्ता मिल रहा है और मोबाइल फोन खंड काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. इसके अलावा दूसरी श्रेणी के शहरों से मांग अच्छी रही है. फेस्टिव सेल लॉकडाउन के बाद ब्रांड/विक्रेताओं के लिए अपनी स्थिति सुधारने का अवसर है.

फ्लिपकार्ट की वार्षिक ‘द बिलियन डेज’ सेल 16 अक्टूबर को शुरू हुई है. यह 21 अक्टूबर को समाप्त हो रही है. मिन्त्रा के ‘बिग फैशन फेस्टिवल’ का आयोजन 16 से 22 अक्टूबर तक किया गया है. अमेजन की ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ सेल 17 अक्टूबर को शुरू हुई है और यह एक माह तक चलेगी.

इससे पहले अमेजन इंडिया ने कहा था कि उसके मंच पर सेल के पहले 48 घंटों के दौरान 1.1 लाख विक्रेताओं को ऑर्डर मिले हैं. हालांकि, किसी भी ई-कॉमर्स कंपनी ने सेल के दौरान उन्हें मिले ऑर्डर के आंकड़े नहीं बताए हैं.





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Ahmedabad tops in Gaming Experience and Bhopal at Number five, Thiruvananthapuram at the bottom Say Mobile Gaming, Opensignal Study Finds | गेमिंग में अहमदाबाद अव्वल और भोपाल पांचवे नंबर पर, तिरुवनंतपुरम सबसे नीचे, देखिए गेमिंग के मामले में आपका शहर कौन से नंबर पर


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नई दिल्ली9 घंटे पहले

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टियर-1 शहरों के स्कोर इस प्रकार हैं: चेन्नई (63.6), हैदराबाद (63.1), पुणे (61.5), बैंगलुरू (61.3), दिल्ली (59.8), और कोलकाता (57.2)

  • ओपनसिग्नल ने देश के 48 शहरों के मोबाइल नेटवर्क का एनालिसिस किया
  • अहमदाबाद और मुंबई एकमात्र टियर-1 शहर हैं, जो टॉप-10 में शामिल हैं

ओपनसिग्नल की एक स्टडी के अनुसार, मोबाइल गेमिंग के मामले में अहमदाबाद भारत का टॉप शहर है। मोबाइल एनालिटिक्स फर्म ने यूजर्स की संख्या के आधार पर मोबाइल गेमिंग में अव्वल भारत के टॉप शहरों की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में नवी मुंबई और वडोदरा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दिलचस्प बात यह है कि अहमदाबाद और मुंबई एकमात्र टियर- 1 शहर हैं, जो टॉप-10 में शामिल हैं। ओपनसिग्नल का कहना है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में किफायती स्मार्टफोन की बढ़ती पैठ, कम लागत वाले डेटा और देश में बैंडविड्थ में सुधार के कारण इस सूची में अपनी जगह बनाई है।

ओपनसिग्नल ने मोबाइल गेमिंग एक्सपीरियंस की लिस्ट तैयार करने के लिए देश के सबसे बड़े 48 शहरों के मोबाइल नेटवर्क का एनालिसिस किया। 0-100 के पैमाने पर स्कोर करते हुए लिस्ट में बताया गया कि ‘किस तरह सेलुलर नेटवर्क पर यूजर्स रियल टाइम में मल्टीप्लेयर मोबाइल गेमिंग का एक्सपीरियंस करते हैं।’ लोकप्रिय मल्टीप्लेयर में बैटल एरेना गेम्स जैसे कॉल ऑफ ड्यूटी: मोबाइल, PUBG मोबाइल, और क्लैश रॉयल को स्टडी में शामिल किया गया।

इन शहरों में हैं सबसे ज्यादा गेमिंग लवर्स

  • अहमदाबाद 71.7 के स्कोर के साथ टॉप रैंक पर है, अन्य टॉप-10 शहरों में नवी मुंबई (70.1), वडोदरा (69.8), सूरत (68), भोपाल (67.8), मुंबई (67.8), ग्वालियर (67.7), इंदौर (67.7), ठाणे (65.7), और राजकोट (64.3) शामिल है।
  • तिरुवनंतपुरम 47.9 अंकों के साथ सबसे अंतिम स्थान पर रहा। अन्य टियर-1 शहरों के स्कोर इस प्रकार हैं: चेन्नई (63.6), हैदराबाद (63.1), पुणे (61.5), बेंगलुरू (61.3), दिल्ली (59.8), और कोलकाता (57.2)। नीचे देखें पूरी लिस्ट…
  • स्टडी में सामने आया कि एक अच्छा गेमिंग एक्सपीरियंस तीन प्रमुख कारणों पर निर्भर करता है – यूजर डेटाग्राम प्रोटोकॉल (यूडीपी) लेटेंसी, पैकेट लॉस, जिटर (jitter)।
  • यूडीपी लेटेंसी या पैकेट लॉस, गेमिंग जैसे टाइम-सेंसिटिव एप्लीकेशन के लिए नेटवर्क कनेक्शन की जवाबदेही को मापता है।
  • पैकेट लॉस उन डेटा पैकेटों की मात्रा को दर्शाता है जो कभी भी अपने डेस्टिनेशन तक नहीं पहुंचते हैं।
  • जिटर डेटा पैकेट के आने के समय की परिवर्तनशीलता को दर्शाता है। एक बेहतर, स्मूद गेमिंग अनुभव के लिए, सभी तीन कारणों (यूजर डेटाग्राम प्रोटोकॉल (यूडीपी) लेटेंसी, पैकेट लॉस, जिटर (jitter) को हाई की आवश्यकता है।



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After Trusted Contacts Google Closed Nest Secure Alarm – Trusted Contacts के बाद गूगल ने बंद किया Nest secure alarm


नेस्ट सिक्योर अलार्म सिस्टम को भी बंद करने के साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा यूजर्स के लिए यह सपोर्ट जारी रहेगा। बता दें कि गूगल ने वष 2017 में नेस्ट सिक्योर सिस्टम को लॉन्च किया था।

(Google) इन दिनों अपनी सर्विसेज पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में गूगल ने अपने कई एप्स और सर्विसेज बंद कर दी हैं। गूगल का कहना है कि वह यूजर्स को बेहतर सर्विसेज देने की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही गूगल ने अपनी (Trusted Contacts) ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट एप को बंद करने का ऐलान किया। अब इसने अपने (Nest secure alarm) नेस्ट सिक्योर अलार्म सिस्टम को भी बंद करने का फैसला किया है।

मौजूदा यूजस के लिए जारी रहेगा सपोर्ट
नेस्ट सिक्योर अलार्म सिस्टम को भी बंद करने के साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा यूजर्स के लिए यह सपोर्ट जारी रहेगा। बता दें कि गूगल ने वष 2017 में नेस्ट सिक्योर सिस्टम को लॉन्च किया था। यह एक ऐसा सिस्टम था, जो लोगों को घरों में सेंधमारी के दौरान जानकारी देता था।

यह भी पढ़ें—Google assistant के जरिए कर सकते हैं whatsapp video call, जानिए सही तरीका

एप के जरिए मिलते थे अलर्ट
बता दें कि नेस्ट सिक्योर सिस्टम एक मोबाइल एप के जरिए काम करता था और इसी के जरिए यूजर्स को अलर्ट मिलते थे। इस एप के जरिए यूजर्स इस पूरे सिस्टम को घर से बाहर रहते हुए भी कंट्रोल कर सकते थे। नेस्ट कंट्रोल सिस्टम की शुरुआती कीमत 499 डॉलर थी। हालांकि बाद में कंपनी ने इसकी कीमत घटाकर 399 डॉलर कर दी थी।

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एडीटी का बेस बनेगा
बता दें कि Google स्मार्ट होम सुरक्षा से पूरी तरह से बाहर नहीं हुआ है। अभी भी वीडियो डोरबेल, सिक्योरिटी कैमरे, स्मोक अलार्म और बहुत कुछ बेचता है। इसके अलावा गूगल ने अगस्त में सुरक्षा कंपनी एडीटी में 450 मिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। साथ ही बताया था कि नेस्ट डिवाइस उस घोषणा के हिस्से के रूप में एडीटी के स्मार्ट होम ऑफरिंग का बेस बनेंगे।

यह भी पढ़ें—ये 5 फीचर्स आपके स्मार्टफोन को बना देंगे और भी ज्यादा स्मार्ट और कूल

बंद किया Trusted Contacts एप भी
हाल ही गूगल ने अपने Trusted Contacts एप को भी बंद करने का ऐलान किया। इस एप को प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। हालांकि जिन लोगों के मोबाइल में यह एप डाउनलोड है, वे इसे 1 दिसंबर, 2020 तक यूज कर सकते हैं। इसके बाद यह एप काम नहीं करेगा। गूगल ने ट्रस्टेड कॉन्टैक्स एप को वर्ष 2016 में लॉन्च किया था। इसके जरिए यूजर अपने फेवरेट कॉन्टैक्ट के साथ डिवाइस एक्टिविटी स्टेटस और लोकेशन शेयर कर सकते थे। अगर यूजर काफी प्रयासों के बावजूद कोई रेस्पांस नहीं दे पा रहे तो तो यह एप उनका आखिरी लोकेशन फेवरेट कॉन्टैक्ट के साथ शेयर कर देता था।






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Apple Watch 5 Saves 61 Year Old Indian Man’s Life Tim Cook Wishes Him Speedy Recovery – एपल वॉच ने बचाई इंदौर के राजहंस की जान, टिम कुक ने दिया रिप्लाई


टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Wed, 21 Oct 2020 10:00 AM IST

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एपल वॉच दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली स्मार्टवॉच है और वैसे भी एपल की स्मार्टवॉच अब सिर्फ एक वॉच नहीं, बल्कि हेल्थ गैजेट हो गई है। एपल वॉच के ईसीजी फीचर ने पहली बार भारत में किसी शख्स की जान बचाई है। इससे पहले एपल वॉच की वजह से कई लोगों की जान विदेशों में बची है। इंदौर के 61 वर्षीय आर. राजहंस की जान एपल वॉच 5 के ईसीजी फीचर की वजह से बची है और खास बात यह है कि एपल के सीईओ टिम कुक ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

एपल वॉच 5 ने कैसा बचाई जान?

नया मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है जहां आर. राजहंस की जान एपल वॉच के खास फीचर ईसीजी की वजह से बची है। राजहंस की उम्र 61 साल है और वे एक रिटायर फार्मासिस्ट हैं। राजहंस के पास एपल वॉच 5 है जिसे उनके बेटे ने उपहार में दिया था। इसी साल मार्च में उन्हें कुछ दिक्कत हुई तो उन्होंने एपल वॉच से ईसीजी चेक किया तो उन्हें अनियमित हृदय गति का पता चला जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर से मुलाकात की। राजहंस उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे, हालांकि उनकी कोई दिल की बीमारी नहीं थी।

ये भी पढ़ें: Apple Watch Series 6, Watch Series SE की बिक्री भारत में शुरू, शुरुआती कीमत 29,900 रुपये

डॉक्टर के पास जाने के बाद पता चला कि उन्हें तत्काल हर्ट सर्जरी की आवश्यकता है, हालांकि कोरोना के कारण सर्जरी में देरी हुई लेकिन राजहंस अपनी एपल वॉच से लगातार अपनी ईसीजी चेक करते रहे।

राजहंस के बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि उनके पिता ने एक माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाई जिसके बारे में एपल वॉच ने उन्हें अलर्ट किया था। सर्जरी के बाद सिद्धार्थ ने टिम कुक को शुक्रिया कहते हुए एक ईमेल लिखा जिसके जवाब में टिम कुक ने कहा कि वे उनके पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

टिम कुक ने ई-मेल के जवाब में लिखा, ‘सिद्धार्थ, इसे साझा करने के लिए धन्यवाद। मुझे खुशी है कि आपके पिता ने समय रहते डॉक्टर की सलाह ली और मुझे उम्मीद है कि अब वे बेहतर महसूस कर रहे होंगे। हमारी टीम जल्द आपसे संपर्क करेगी।’

क्यों खास है एपल वॉच का ईसीजी फीचर?

बता दें कि एपल ने अपनी स्मार्टवॉच में पहली बार ईसीजी का सपोर्ट दिया है। एपल वॉच के जरिए आप महज 30 सेकेंड में अपनी ईसीजी रिपोर्ट निकाल सकते हैं और डॉक्टर को दिखा भी सकते हैं। एपल वॉच का ईसीजी फीचर को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मंजूरी दी है। एपल वॉच के ईसीजी रिपोर्ट की सटीकता ईसीजी मशीन के समान है। बता दें कि हाल ही में एपल वॉच सीरीज 6 लॉन्च हुई है जिसमें ईसीजी के साथ ब्लड ऑक्सीजन मापने का फीचर भी दिया गया है। एपल वॉच में फॉल डिटेक्शन भी है। फॉल डिटेक्शन फीचर यूजर के गिर जाने पर इमरजेंसी नंबर पर फोन लगाने में सक्षम है।

सार

  • Apple watch 4 से मिल रहा ईसीजी का फीचर
  • अनियमित हृदय गति होने पर मिलता है अलर्ट
  • 30 सेकेंड में ले सकते हैं अपनी ईसीजी रिपोर्ट

विस्तार

एपल वॉच दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली स्मार्टवॉच है और वैसे भी एपल की स्मार्टवॉच अब सिर्फ एक वॉच नहीं, बल्कि हेल्थ गैजेट हो गई है। एपल वॉच के ईसीजी फीचर ने पहली बार भारत में किसी शख्स की जान बचाई है। इससे पहले एपल वॉच की वजह से कई लोगों की जान विदेशों में बची है। इंदौर के 61 वर्षीय आर. राजहंस की जान एपल वॉच 5 के ईसीजी फीचर की वजह से बची है और खास बात यह है कि एपल के सीईओ टिम कुक ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

एपल वॉच 5 ने कैसा बचाई जान?

नया मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है जहां आर. राजहंस की जान एपल वॉच के खास फीचर ईसीजी की वजह से बची है। राजहंस की उम्र 61 साल है और वे एक रिटायर फार्मासिस्ट हैं। राजहंस के पास एपल वॉच 5 है जिसे उनके बेटे ने उपहार में दिया था। इसी साल मार्च में उन्हें कुछ दिक्कत हुई तो उन्होंने एपल वॉच से ईसीजी चेक किया तो उन्हें अनियमित हृदय गति का पता चला जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर से मुलाकात की। राजहंस उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे, हालांकि उनकी कोई दिल की बीमारी नहीं थी।

ये भी पढ़ें: Apple Watch Series 6, Watch Series SE की बिक्री भारत में शुरू, शुरुआती कीमत 29,900 रुपये

डॉक्टर के पास जाने के बाद पता चला कि उन्हें तत्काल हर्ट सर्जरी की आवश्यकता है, हालांकि कोरोना के कारण सर्जरी में देरी हुई लेकिन राजहंस अपनी एपल वॉच से लगातार अपनी ईसीजी चेक करते रहे।

राजहंस के बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि उनके पिता ने एक माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाई जिसके बारे में एपल वॉच ने उन्हें अलर्ट किया था। सर्जरी के बाद सिद्धार्थ ने टिम कुक को शुक्रिया कहते हुए एक ईमेल लिखा जिसके जवाब में टिम कुक ने कहा कि वे उनके पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

टिम कुक ने ई-मेल के जवाब में लिखा, ‘सिद्धार्थ, इसे साझा करने के लिए धन्यवाद। मुझे खुशी है कि आपके पिता ने समय रहते डॉक्टर की सलाह ली और मुझे उम्मीद है कि अब वे बेहतर महसूस कर रहे होंगे। हमारी टीम जल्द आपसे संपर्क करेगी।’

क्यों खास है एपल वॉच का ईसीजी फीचर?

बता दें कि एपल ने अपनी स्मार्टवॉच में पहली बार ईसीजी का सपोर्ट दिया है। एपल वॉच के जरिए आप महज 30 सेकेंड में अपनी ईसीजी रिपोर्ट निकाल सकते हैं और डॉक्टर को दिखा भी सकते हैं। एपल वॉच का ईसीजी फीचर को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मंजूरी दी है। एपल वॉच के ईसीजी रिपोर्ट की सटीकता ईसीजी मशीन के समान है। बता दें कि हाल ही में एपल वॉच सीरीज 6 लॉन्च हुई है जिसमें ईसीजी के साथ ब्लड ऑक्सीजन मापने का फीचर भी दिया गया है। एपल वॉच में फॉल डिटेक्शन भी है। फॉल डिटेक्शन फीचर यूजर के गिर जाने पर इमरजेंसी नंबर पर फोन लगाने में सक्षम है।



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रिलायंस जियो का एक और कमाल, वेब ब्राउजर JioPages हुआ लॉन्च


स्वदेशी वेब ब्राउजर JioPages

स्वदेशी वेब ब्राउजर JioPages

देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने अपना वेब ब्राउजर ‘जियो पेजेस’ (JioPages) लॉन्च कर दिया है. यह वेब ब्राउजर हिंदी, मराठी, तमिल, गुजराती, तेलगू, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली भाषा को सपोर्ट करता है.

नई दिल्ली. रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने अपना भारत में विकसित मोबाइल ब्राउजर ‘जियो पेजेस’ (JioPages) पेश किया है. यह आठ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है. कंपनी का दावा है कि इसे ग्राहकों की निजता को ध्यान में रखकर बनाया गया है और उन्हें बेहतर ब्राउजिंग अनुभव प्रदान करेगा.  यह अंग्रेजी के अलावा हिंदी, मराठी, तमिल, गुजराती, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली भाषाओं में काम करने में सक्षम है.

मंगलवार से इसका उन्नत संस्करण गूगल प्लेस्टोर पर उपलब्ध हो गया है. इसे क्रोमियम ब्लिंक इंजन पर विकसित किया गया है. यह तेजी से इंजन माइग्रेशन करते हुए ग्राहकों को बेहतर ब्राउजिंग अनुभव प्रदान करता है. साथ ही तेजी से वेब पेजों को लोड करता है. इसके अलावा प्रभावी मीडिया स्ट्रीमिंग, इमोजी डोमेन को समर्थन और कूटभाषा में इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा भी देता है.

जियो के प्रवक्ता ने भी कंपनी के इस नए ब्राउजर को पेश करने की पुष्टि की, हालांकि इसके बारे में ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया. सूत्रों ने कहा कि कंपनी के पुराने ब्राउजर को ही गूगल प्लेस्टोर पर 1.4 करोड़ से ज्यादा बाद डाउनलोड किया गया था.

(डिस्केलमर:- न्यूज18 हिंदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का हिस्सा है. नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास ही है.)





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Nissan introduced compact SUV Magnite, including 360-degree camera, to get a number of segment-first features; Sonnet-Venue will compete directly | निसान ने पेश की कॉम्पैक्ट एसयूवी मैग्नाइट, 360 डिग्री कैमरा समेत कई सेगमेंट-फर्स्ट फीचर्स मिलेंगे; सोनेट-वेन्यू से होगा सीधा मुकाबला


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  • Nissan Introduced Compact SUV Magnite, Including 360 degree Camera, To Get A Number Of Segment first Features; Sonnet Venue Will Compete Directly

नई दिल्ली2 घंटे पहले

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मैग्नाइट का टॉप वर्जन व्हीकल डायनेमिक्स कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल और हिल स्टार्ट असिस्ट जैसे फीचर्स के साथ आएगा

  • मैग्नाइट रेनो-निसान के CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है।
  • मैग्नाइट लाइनअप में कोई डीजल वैरिएंट नहीं होगा।

लंबे इंतजार के बाद बुधवार को निसान ने अपनी सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी मैग्नाइट के प्रोडक्शन वर्जन से पर्दा उठाया। फिलहाल, कंपनी ने इसकी लॉन्चिंग डेट और कीमतों की घोषणा नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अगले साल की शुरुआत में भारतीय सड़कों पर दौड़ती नजर आएगी।

बाजार में इसका सीधा मुकाबला वेन्यू और सोनेट से देखने को मिलेगा, इसके अलावा सेगमेंट के अन्य कारों को भी यह चुनौती देगी। कंपनी को मैग्नाइट से काफी उम्मीदें हैं क्योंकि इसी की बदौलत निसान भारत में दोबारा लोकप्रियता हासिल कर सकती है। शायद यही वजह है कि निसान ने मैग्नाइट को कई सेगमेंट-फर्स्ट फीचर्स से लोड किया है। हालांकि, इसका भविष्य इसकी कीमत पर भी निर्भर करता है।

आगे बढ़ने से पहले बता दें कि मैग्नाइट रेनो-निसान के CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है, जो 7-सीटर ट्राइबर में भी देखने को मिला था। इसका प्रोडक्शन तमिलनाडु स्थित अलायंस ओरागडम प्लांट में किया जाएगा, जहां से इसे दुनियाभर में बेचा जाएगा।

निसान मैग्नाइट: डायमेंशन और डिजाइन

  • फिलहाल, निसान ने इसके डायमेंशन के बारे में जानकारी नहीं दी है लेकिन इसकी लंबाई 4000 एमएम से कम होगी। हालांकि, कंपनी ने बताया कि इसमें 205 एमएम का ग्राउंड क्लियरेंस मिलेगा और इसके सभी वर्जन में 16 इंच के व्हील्स मिलेंगे।
  • फर्स्ट लुक की बात करें तो यह काफी इम्प्रेसिव है। पलते बाई-प्रोजेक्टर हैंडलैंप, एल-शेप डीआरएल और एलईडी फॉग लैंप इसके फ्रंट लुक को काफी एग्रेसिव बनाते हैं। फ्रंट में ही बड़ी सी ऑक्टागोनल ग्रिल लगी है, जिस पर कंपनी का नया लोगो देखने को मिल जाएगा।
  • साइड प्रोफाइल एसयूवी से ज्यादा इसे क्रॉस-ओवर का फील देता है। साइड से देखने पर अलॉय व्हील्स काफी प्रीमियम लगते हैं। कार में रूफ रेल इस रफ-एंड-टफ फील देते हैं और ये सिर्फ दिखाने के लिए नहीं है, यह 50 किलो तक का भार भी झेल सकते हैं।

निसान मैग्नाइट: इंटीरियर और फीचर्स

  • निसान मैग्नाइट के क्रोम डोर हैंडल्स लगे हैं और केबिन में भी बहुत कुछ देखने को मिलता है। कंपनी ने डैशबोर्ड को फ्रेश लुक देने के पूरी कोशिश की है। इसमें 10 लीटर का ग्लॉव बॉक्स मिल जाता है।
  • इसमें लेम्बोर्गिनी उरस जैसे एयर कोन वेंट्स दिए हैं, जो काफी बढ़िया लगते हैं, लेकिन सबसे खास है केबिन के अंदर मिलने वाली स्क्रीन। स्क्रीन के नीचे टेंपरेचर, एसी और क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम के लिए नॉब देखने को मिल जाते हैं, जो काफी प्रीमियम है।
  • इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए 8.0 इंच की टचस्क्रीन है। यह सेगमेंट की पहली कार है जिसका इंफोटेनमेंट सिस्टम एपल कार प्ले और एंड्रॉयड ऑटो सपोर्ट के साथ आएगा है, इसमें कनेक्टेड कार तकनीक भी होगी।
  • स्क्रीन में भी सेगमेंट-फर्स्ट 360 डिग्री कैमरा दिया गया है। हालांकि यह हाई-रेजोल्यूशन नहीं है लेकिन तंग स्थानों पर पार्किंग के दौरान ये काफी काम आएगा।।
  • इंस्ट्रूमेंट कंसोल पर दी गई 7.0 इंच की टीएफटी यूनिट है। यह ब्राइट और ईजी टू रीड है। इसमें कई तरह के एनिमेशन और ग्राफिक्स दिखाई देंगे, जिसमें आप टायर प्रेशर, फ्यूल इकोनॉमी समेत कई जानकारियां देख सकेंगे। इतना बड़ा टीएफटी कंसोल सेगमेंट की किसी कार में नहीं है।
  • इसके अलावा मैग्नाइट में एयर प्यूरीफायर, पोडल लैंप, एम्बिएंट मूड लाइटिंग और छह स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम भी मिलेगा। हालांकि सनरूफ का कोई जिक्र नहीं है।

निसान मैग्नाइट: सेफ्टी इक्विपमेंट्स

  • मैग्नाइट का टॉप वर्जन व्हीकल डायनेमिक्स कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल और हिल स्टार्ट असिस्ट जैसे फीचर्स के साथ आएगा और इसमें पीछे की तरफ ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट भी हैं। EBD के साथ ABS, डुअल एयरबैग्स और रियर पार्किंग सेंसर्स पूरे रेंज में स्टैंडर्ड फिट होंगे।

निसान मैग्नाइट: इंजन और गियरबॉक्स ऑप्शन

  • निसान ने आधिकारिक तौर पर पावरट्रेन की डिटेल्स का ऐलान नहीं किया है, लेकिन इसमें दो इंजन होंगे। रेंज स्टार्ट होगी 72 हॉर्स पावर के 1.0-लीटर, तीन-सिलेंडर नैचुरली एक्सपीरेटेड पेट्रोल इंजन से, जिसे 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा।
  • इसके अलावा इसमें नया 1.0-लीटर, तीन-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन भी होगा, जो मैग्नाइट से भारत में अपनी शुरुआत करेगा। इसमें लगभग 95 हॉर्सपावर की ताकत मिलने की उम्मीद है और यह स्टैंडर्ड रूप में एक मैनुअल गियरबॉक्स में आएगा।
  • टॉप-वैरिएंट सेगमेंट-फर्स्ट सीवीटी ऑटो गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध होगा। मैग्नाइट लाइनअप में कोई डीजल वैरिएंट नहीं होगा।

निसान मैग्नाइट: लॉन्चिंग डेट और संभावित कीमत

  • 2021 के शुरुआत में इसकी लॉन्च होने की उम्मीद है, हालांकि, इसकी बुकिंग 2020 के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
  • भारत में इसके कई कॉम्पीटिटर्स हैं, जिसमें किआ सोनेट, हुंडई वेन्यू, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV300, फोर्ड इकोस्पोर्ट, मारुति सुजुकी विटारा ब्रेज़ा और टोयोटा अर्बन क्रूजर शामिल हैं।
  • मैग्नाइट भारत में अच्छा प्रदर्शन कर सकें, इसके लिए कंपनी को इसकी कीमत काफी सोच समझकर निर्धारित करनी होगी। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि शुरुआती कीमत 5.3 लाख रुपए होगी, जबकि फुली लोडेड टर्बो सीवीटी वैरिएंट की कीमत 7.5 लाख रुपए से ऊपर हो सकती है। (सभी कीमतें, एक्स-शोरूम)



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Oppo Launch Its First Smart Tv TV S1 And OPPO TV R1 In China – Oppo ने लॉन्च किया अपना पहला स्मार्ट टीवी, कमाल के फीचर्स, जानें कीमत


ओप्पो ने इन्हें OPPO TV S1 और OPPO TV R1 के नाम से बाजार में उतारा है। इन टीवी में ओप्पो ने QLED Quantum Dot डिस्प्ले दिया है।

स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Oppo के स्मार्ट टीवी सेगमेंट में कदम रखने को लेकर काफी समय से खबरें आ रही थीं। अब Oppo ने टीवी सेगमेंट में कदम रखते हुए अपने पहले दो स्मार्ट टीवी लॉन्च कर दिए हैं। ओप्पो ने इन्हें OPPO TV S1 और OPPO TV R1 के नाम से बाजार में उतारा है। इन टीवी में ओप्पो ने QLED Quantum Dot डिस्प्ले दिया है। फिलहाल इन दोनों स्मार्ट टीवी को चीन में लॉन्च किया गया है। अन्य देशों में इसे बिक्री के लिए कब उपलब्ध कराया जाएगा, कंपनी ने अभी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

कीमत
Oppo Smart TV S1 को चीन में CNY 7,999 यानि करीब 87,800 रुपए की कीमत में लॉन्च किया गया है। वहीं Oppo का दूसरा Smart TV R1 55 इंच स्क्रीन और 65 इंच स्क्रीन वेरिएंट में उपलब्ध होगा। इसके 55 इंच वाले मॉडल की कीमत भरतीय मुद्रा में करीब 36,200 रुपए है। वहीं 65 इंच वाला मॉडल करीब 47,200 रुपए में मिलेगा। लॉन्च होने के बाद ये दोनों स्मार्ट टीवी ओप्पो की वेबसाइट पर सेल के लिए उपलब्ध हैं।

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Oppo Smart TV S1 फीचर्स
Oppo Smart TV S1 के फीचर्स की बात करें तो यह सिंगल वेरिएंट 65 इंच स्क्रीन में लॉन्च किया गया है। इसमें 65 इंच की QLED Quantum Dot डिस्प्ले दी गई है। ओप्पो का यह स्मार्ट टीवी डॉल्बी विजन सपोर्ट के साथ आता है। प्रोसेसर की बात करें तो इस टीवी में quad-core MediaTek MT9950 प्रोसेसर दिया गया है। इसकी साउंड क्वालिटी बहुत अच्छी है। इसमें अच्छे साउंड इफेक्ट के लिए 18 स्पीकर्स दिए गए हैं। साथ ही इसमें फुल एचडी पॉप-अप कैमरा भी दिया गया है। अन्य फीचर्स में वाई-फाई 6, ब्लूटूथ 5.1, एथरनेट, एचडीएमआई 2.0, दो एचडीएमआई 2.1 और दो यूएसबी 3.0 जैसे फीचर्स मिलेंगे।

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Oppo Smart TV R1 फीचर्स
वहीं ओप्पो के दूसरे स्मार्ट टीवी यानि Oppo Smart TV R1 की बात करें तो यह दो वेरिएंट 55 इंच और 65 इंच मॉडल में लॉन्च किया गया है। दोनों मॉडल्स में फीचर्स एक समान है सिर्फ साइजका अंतर है। इनके फीचर्स की बात करें तो ये दोनों टीवी MediaTek MT9652 प्रोसेसर पर काम करते हैं। ओप्पो के इस टीवी में 2 जीबी रैम दी गई है। बेतहर साउंड क्वालिटी के लिए इसमें 20W आउटपुट स्पीकर्स दिए गए हैं, जो डॉल्बी ऑडियो सपोर्ट के साथ आते हैं। इसके साथ यूजस को ब्लूटूथ रिमोट कंट्रोल मिलेगा। यह रिमोट कंट्रोल Breeno वॉयस असिस्टेंट के साथ आएगा। इसमें कनेक्टिविटी के लिए वाई—फाई और ब्लूटूथ जैसे फचर्स भी दिए गए हैं।













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Clean Tech Pioneer Airok Launches Smoke Stop Air Purifier With Egapa Technology – Airok ने Egapa टेक्नोलॉजी के साथ भारत में लॉन्च किया नया स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर


टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Wed, 21 Oct 2020 11:26 AM IST

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AirOk ने भारतीय बाजार मे अपना नया स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर EGAPA टेक्नोलॉजी के साथ लॉन्च किया है। Vistar EGAPA स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर की साइज सिलेंडर के आकार की है। कंपनी का दावा है कि यह प्यूरीफायर PM 10, PM 2.5, PM 0.3 तक के कण को फिल्टर कर सकता है। इसके अलावा Vistar EGAPA एयर प्यूरीफायर सिगार और सिगरेट के धुएं के साथ-साथ कई जहरीली गैस को भी फिल्टर करने में सक्षम है। इसमें पॉलीप्रोपीलीन फिल्टर दिया गया है। फिल्टर बैक्टीरिया को भी मारने में सक्षम है।

अपने नए एयर प्यूरीफायर की लॉन्चिंग पर एयरओके के फाउंडर और सीईओ वी दीक्षित वरा प्रसाद ने कहा, ‘खास तरीके से डिजाइन किए गए ईजीएपीए स्मोक स्टॉप जो कि हमारी विस्तार सीरीज का एक हिस्सा है। यह प्यूरीफायर फिल्टर में हवा के प्रवाह को 45 डिग्री की झुकाव वाली स्थिति में बनाता है, जिससे फिल्टर का अधिकतम क्षेत्र कवर होता है। इसमें दिए गए महीन कपड़े से बने फिल्टर प्रदूषकों को इस तरीके से फिल्टर करते हैं कि वे फिल्टर के भारी लोड होने पर भी हवा में वापस नहीं जाते हैं।’

EGAPA SmokeStop के फिल्टर की लाइफ 8-10 महीने की है। यह फिल्टर AirOK Vistar 450i, 550i, 650i, 900i, 1100i और 1300i जैसे एयरप्यूरीफायर में फिट हो सकता है। एयरओके की विस्तार सीरीज तीन कलर वेरियंट में उपलब्ध है जिसमें मैटेलिक सिल्वर, ब्लैक और व्हाइट कलर शामिल हैं। इसमें HEPA फिल्टर भी दिया गया है। Vistar EGAPA स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर की शुरुआती कीमत 24,990 रुपये है।

AirOk ने भारतीय बाजार मे अपना नया स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर EGAPA टेक्नोलॉजी के साथ लॉन्च किया है। Vistar EGAPA स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर की साइज सिलेंडर के आकार की है। कंपनी का दावा है कि यह प्यूरीफायर PM 10, PM 2.5, PM 0.3 तक के कण को फिल्टर कर सकता है। इसके अलावा Vistar EGAPA एयर प्यूरीफायर सिगार और सिगरेट के धुएं के साथ-साथ कई जहरीली गैस को भी फिल्टर करने में सक्षम है। इसमें पॉलीप्रोपीलीन फिल्टर दिया गया है। फिल्टर बैक्टीरिया को भी मारने में सक्षम है।

अपने नए एयर प्यूरीफायर की लॉन्चिंग पर एयरओके के फाउंडर और सीईओ वी दीक्षित वरा प्रसाद ने कहा, ‘खास तरीके से डिजाइन किए गए ईजीएपीए स्मोक स्टॉप जो कि हमारी विस्तार सीरीज का एक हिस्सा है। यह प्यूरीफायर फिल्टर में हवा के प्रवाह को 45 डिग्री की झुकाव वाली स्थिति में बनाता है, जिससे फिल्टर का अधिकतम क्षेत्र कवर होता है। इसमें दिए गए महीन कपड़े से बने फिल्टर प्रदूषकों को इस तरीके से फिल्टर करते हैं कि वे फिल्टर के भारी लोड होने पर भी हवा में वापस नहीं जाते हैं।’

EGAPA SmokeStop के फिल्टर की लाइफ 8-10 महीने की है। यह फिल्टर AirOK Vistar 450i, 550i, 650i, 900i, 1100i और 1300i जैसे एयरप्यूरीफायर में फिट हो सकता है। एयरओके की विस्तार सीरीज तीन कलर वेरियंट में उपलब्ध है जिसमें मैटेलिक सिल्वर, ब्लैक और व्हाइट कलर शामिल हैं। इसमें HEPA फिल्टर भी दिया गया है। Vistar EGAPA स्मोक स्टॉप एयर प्यूरीफायर की शुरुआती कीमत 24,990 रुपये है।



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गलत जानकारियों से निपटने के लिए Adobe फोटोशॉप ला रहा नया फीचर


फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर फोटोशॉप पर जुड़ेगा नया टूल

फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर फोटोशॉप पर जुड़ेगा नया टूल

Adobe अपने फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर फोटोशॉप (Photoshop) पर एक नया टूल जोड़ रहा है. आने वाला एट्रिब्यूशन टूल कंपनी के ओपन-सोर्स कंटेंट ऑथेंटिसिटी इनिशिएटिव (CIA) का हिस्सा है.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 2:44 PM IST

गलत जानकारी से निपटने के लिए Adobe अपने फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर फोटोशॉप (Photoshop) पर एक नया टूल जोड़ रहा है. कंपनी के मुताबिक ऑथेंटिकेशन टूल तस्वीरों के लिए टैम्पर-एविडेंट एट्रिब्यूशन डेटा की एक सुरक्षित लेयर प्रदान करेगा. इसमें एडिट हिस्ट्री, लिखने वाले का नाम और लोकेशन आदि शामिल है, इससे ग्राहकों को उपलब्ध ऑनलाइन कंटेंट के बारे में भी जानकारी मिलती है. फोटो में किए गए बदलाव फोटोशॉप पर और साथ ही एडोब की ही आर्ट कला शेयर करने वाली वेबसाइट Behance पर दिखाई देंगे. आने वाले हफ्तों में बीटा रिलीज़ के माध्यम से फोटोशॉप और बेहांस ग्राहकों को चयन करने के लिए नई सुविधा उपलब्ध होगी. कंपनी ने अभी तक इसे ग्लोबल रोल आउट के लिए जानकारी नहीं दी है.

एडोब फोटोशॉप में आने वाला एट्रिब्यूशन टूल कंपनी के ओपन-सोर्स कंटेंट ऑथेंटिसिटी इनिशिएटिव (CIA) का हिस्सा है, जिसे पिछले साल डीपफेक (Deepfakes) और अन्य भ्रामक रूप से हेरफेर की गई सामग्री की चुनौतियों का सामना करने के लिए पेश किया गया था. पहले CIA को पिछले साल ट्विटर और न्यूयॉर्क टाइम्स के सहयोग से लॉन्च किया गया था ताकि ऑनलाइन बढ़ती गलत जानकारियों का मुकाबला किया जा सके.

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Adobe ने एक वीडियो में बताया है कि नया ऑथेंटिकेशन उपकरण यूजर्स को मेटाडेटा जोड़ने की अनुमति देगा जैसे कि थंबनेल, द्वारा निर्मित संपादन, गतिविधि, और उपयोग की गई संपत्ति आदि. सभी मेटाडेटा वैकल्पिक है और एडिटर यह चुन सकता है कि वह कौन सी जानकारी जोड़ना चाहता है. एक बार जब एडिटिंग समाप्त हो जाती है, तो Adobe गुप्त रूप से फोटो पर हस्ताक्षर करेगा ताकि बदलाव की हिस्ट्री बनी रहे.ये भी पढ़ें: Oppo F17 Pro दिवाली एडिशन हुआ लॉन्च, साथ में मिलेगा 10000mAh का पावर बैंक बिल्कुल फ्री

बेहांस पर उपलब्ध नई फोटो में ऊपरी दाएं कोने में मौजूद एक पैनल के माध्यम से एडिटिंग के बारे में पूरी जानकारी होगी. कंपनी यह भी बताती है अट्रैक्शन मायने रखता है क्योंकि यह क्रिएटर्स के काम के लिए प्रासंगिक डेटा जोड़ता है. बीटा वर्जन के माध्यम से कम्पनी यह सुविधा ग्राहकों को देगी. हालांकि पूरे विश्व में यह कब लागू होगा, इसके बारे में फ़िलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है.





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Oppo A33 (2020) Price in India Leaks Ahead of Imminent Launch, know Expected Price and Offers Details | लॉन्चिंग से पहले लीक हुआ ओप्पो A33 (2020) का पोस्टर, भारत में 3GB रैम वैरिएंट की कीमत 11990 रुपए होगी, जानिए ऑफर डिटेल


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  • Oppo A33 (2020) Price In India Leaks Ahead Of Imminent Launch, Know Expected Price And Offers Details

नई दिल्ली2 घंटे पहले

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कंपनी ने पिछले महीने ही इसे इंडोनेशिया में पेश किया था, फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 460 प्रोसेसर पर काम करता है

  • पोस्टर के मुताबिक, कोटक, आरबीएल, बैंक ऑफ बड़ौदा और फेडरल बैंक कार्ड से फोन खरीदने पर 5% कैशबैक मिलेगा
  • बजाज फिनसर्व, IDFC फर्स्ट बैंक, HDFC और ICICI जैसे बैंकों से नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी मिलेगी

लॉन्चिंग से पहले ही ओप्पो A33 (2020) का पोस्टर लीक हो गया है। जिसमें भारत में कीमत और ऑफर्स की जानकारियां सामने आ गई हैं। पोस्टर लीक होने के बाद यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि फोन बहुत जल्द भारत में लॉन्च हो सकता है। हालांकि, फोन की वास्तविक कीमत और ऑफर्स के लिए लॉन्चिंग तक इंतजार करना होगा।

कंपनी इसे पिछले महीने इंडोनेशिया में लॉन्च कर चुकी है। फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 460 प्रोसेसर पर काम करता है और 5000mAh की बड़ी बैटरी मिलती है। साथ ही यह 90Hz रिफ्रेश रेट वाले होल-पंच डिस्प्ले के साथ आता है। ओप्पो A33 (2020) के बैक पैनल पर फिंगरप्रिंट स्कैनर और ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है।

ओप्पो A33 (2020): भारत में कीमत और ऑफर्स (संभावित)

  • सोशल मीडिया पर एक ब्लॉगर द्वारा एक पोस्टर लीक किया गया है जो हिंट देता है कि ओप्पो A33 (2020) जल्द ही भारत में लॉन्च हो सकता है।
  • पोस्टर के अनुसार, भारत में इसके 3GB रैम और 32GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 11,990 रुपए होगी।
  • पोस्टर में यह भी बताया गया है कि कोटक, आरबीएल, बैंक ऑफ बड़ौदा और फेडरल बैंक कार्ड से खरीदी करने पर 5% कैशबैक मिलेगा।
  • अगर यूजर्स पेटीएम से फोन खरीदते हैं, तो 40,000 तक के ऑफर्स दिए जाएंगे।
  • बजाज फिनसर्व, होम क्रेडिट, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज, IDFC फर्स्ट बैंक, HDFC और ICICI जैसे बैंकों से नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी मिलेगी।

सोशल मीडिया पर लीक पोस्टर

ओप्पो A33 (2020): स्पेसिफिकेशन

  • फोन इंडोनेशिया में लॉन्च हो चुका है इसलिए इसके स्पेसिफिकेशन सामने आ चुके हैं। भारत में भी इन्हीं स्पेसिफिकेशन के साथ इसे लॉन्च किया जा सकता है।
  • यह एंड्रॉयड 10 पर बेस्ड कलरओएस 7.2 पर काम करता है और इसमें 90 हर्टज़ रिफ्रेश रेट वाला 6.5 इंच HD+ (720×1600 पिक्सल) होल-पंच डिस्प्ले है।
  • फोन मे ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 460 प्रोसेसर है। इंटरनल स्टोरेज 32GB का है, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड से 256GB तक बढ़ाया जा सकता है।
  • फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप भी है जिसमें 13-मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर, 2-मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 2-मेगापिक्सल का मैक्रो शूटर भी है। सेल्फी के लिए 8-मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।
  • ओप्पो A33 (2020) में 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5000mAh की बैटरी है। बैक पैनल पर फिंगरप्रिंट सेंसर है।
  • फोन डुअल स्टीरियो स्पीकर के साथ भी आता है। कनेक्टिविटी के लिए ब्लूटूथ, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, वाई-फाई जैसे फीचर्स मिल जाएंगे।



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Nokia Launched Two Great Features Smartphones – Nokia ने जियो को दी कड़ी टक्कर, दो शानदार फीचर्स के स्मार्टफोन किए लॉन्च, कीमत है सबसे कम


  • Nokia ने भारत में दो सस्ते 4G फीचर वाले फोन्स किया लॉन्च
  • 4G फीचर फोन को रिटेल स्टोर्स से 6 नवंबर से खरीदा जा सकेगा

नई दिल्ली। भारत में इन दिनों त्यौहार का सीजन जोर पकड़ा हुआ है और फेस्टीव सीजन की शुरूआत होते ही कंपनियों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग अलग फीचर्स के स्मार्ट फोन भारत में लॉन्च किए है इसी के बीच Nokia ने भी बाजार में दो नए 4G फीचर के फोन पेश किए है जिन्होंने Nokia 215 और Nokia 225 नाम के ये दो फोन के फीचर्स जितने शानदार है उससे कही कम इसकी कीमत रखी गई है जिससे ग्राहक इस फोन को लेना ज्यादा पसंद करेंगे।

नोकिया ने इन दो नए 4जी फीचर फोंन्स को लॉन्च करके रिलायंस जियो के JioPhone को सीधी टक्कर दी है। सबसे पहले इसकी कीमत भी काफी कम है और इसके फीचर्स भी सबसे अलग है। Nokia 215 4G की कीमत जहां 2,949 रुपये है तो वहीं Nokia 225 4G फोन की कीमत सिर्फ 3,499 रुपये रखी गई है। ये दोनों ही फोन 23 अक्टूबर से सिर्फ नोकिया की आधिकारिक वेबसाइट पर सेल के लिए उपलब्ध होंगे। और 6 नवंबर से आप इस फोन को रिटेल स्टोर्स से खरीद सकते है।

Nokia 225 के स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो इस फोन का डिस्प्ले 2.4-इंच का है जिसकी इंटरनल मेमोरी 128MB की है फोन की बैटरी 1,150mAh की है इसमें दो सिम को लगाने की सुविधा भी दी गई है। साथ ही FM रेडियो को भी सपोर्ट करता है।





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Amazon Extends Work From Home Till June 30 For Employees Globally – 30 जून 2021 तक घर से काम कर सकेंगे Amazon के कर्मचारी


टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Wed, 21 Oct 2020 12:36 PM IST

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अमेजन ने कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दी है। अमेजन के कर्मचारी अब 30 जून 2021 तक घर से काम कर सकेंगे। यह सुविधा दुनियाभर के किसी भी कोने में काम कर रहे अमेजन के कर्मचारियों के लिए है।

घर से काम करने की मियाद बढ़ाने को लेकर अमेजन के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘प्रभावी रूप से घर से काम करने की अवधि को 30 जून, 2021 तक बढ़ाया गया है। यह नियम वैश्विक स्तर पर लागू होगा।’ उन्होंने आगे कहा कि वेयरहाउस और दफ्तरों में कोरोना से बचाव के तरीकों की जांच प्राथमिक स्तर पर हो रही है। फेस मास्क, तापमान माप, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन सख्ती से हो रहा है।

हाल ही में अमेरिका में अमेजन के करीब 19,000 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद अमेजन ने यह फैसला लिया है। अमेजन के कई बड़े कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए कहा था कि कंपनी कर्मचारियों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है।

बता दें कि सबसे पहले ट्विटर ने अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक घर से काम करने की सुविधा दी है। उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ने भी हाल ही में कहा है कि जो कर्मचारी हमेशा के लिए घर से काम करना चाहते हैं वे ऐसा कर सकते हैं। वहीं गूगल और फेसबुक ने अभी इसी तरह की सुविधाएं दी हैं। फेसबुक के कर्मचारी जुलाई 2021 तक घर से काम कर सकते हैं।

अमेजन ने कोरोना वायरस के प्रसार को देखते हुए अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दी है। अमेजन के कर्मचारी अब 30 जून 2021 तक घर से काम कर सकेंगे। यह सुविधा दुनियाभर के किसी भी कोने में काम कर रहे अमेजन के कर्मचारियों के लिए है।

घर से काम करने की मियाद बढ़ाने को लेकर अमेजन के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘प्रभावी रूप से घर से काम करने की अवधि को 30 जून, 2021 तक बढ़ाया गया है। यह नियम वैश्विक स्तर पर लागू होगा।’ उन्होंने आगे कहा कि वेयरहाउस और दफ्तरों में कोरोना से बचाव के तरीकों की जांच प्राथमिक स्तर पर हो रही है। फेस मास्क, तापमान माप, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन सख्ती से हो रहा है।

हाल ही में अमेरिका में अमेजन के करीब 19,000 कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे जिसके बाद अमेजन ने यह फैसला लिया है। अमेजन के कई बड़े कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए कहा था कि कंपनी कर्मचारियों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही है।

बता दें कि सबसे पहले ट्विटर ने अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक घर से काम करने की सुविधा दी है। उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ने भी हाल ही में कहा है कि जो कर्मचारी हमेशा के लिए घर से काम करना चाहते हैं वे ऐसा कर सकते हैं। वहीं गूगल और फेसबुक ने अभी इसी तरह की सुविधाएं दी हैं। फेसबुक के कर्मचारी जुलाई 2021 तक घर से काम कर सकते हैं।



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Oppo F17 Pro दिवाली एडिशन हुआ लॉन्च, साथ में मिलेगा 10000mAh का पावर बैंक बिल्कुल फ्री


स्मार्टफोन के साथ 10000mAh पावर बैंक और एक दिवाली एक्सक्लूसिव बैक केस कवर भी मिलेगा

स्मार्टफोन के साथ 10000mAh पावर बैंक और एक दिवाली एक्सक्लूसिव बैक केस कवर भी मिलेगा

ये नया एडिशन Oppo F17 Pro कंपनी का लेटेस्ट स्मार्टफोन है. आपको बता दें कि इस लेटेस्ट स्मार्टफोन के साथ Oppo 10000mAh पावर बैंक (18W) और एक दिवाली एक्सक्लूसिव बैक केस कवर भी मिलेगा.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 11:26 AM IST

ओप्पो ने अपने लेटेस्ट स्मार्टफोन के तौर पर Oppo F17 Pro दिवाली एडिशन भारत में लॉन्च कर दिया है. ये नया एडिशन Oppo F17 Pro मॉडल के साथ आएगा साथ में Oppo 10000mAh पावर बैंक (18W) और एक दिवाली एक्सक्लूसिव बैक केस कवर भी होगा. ओप्पो F17 प्रो दिवाली एडिशन के स्पेसिफिकेशन पिछले महीने भारत में लॉन्च किए गए ओरिजनल मॉडल के समान ही है. हालांकि, नए मॉडल के साथ बॉक्स में पावर बैंक और केस कवर भी मिलेगा इस कारण यह थोड़ा महंगा जरूर है. Amazon पर इसकी प्री-बुकिंग शुरू कर दी गई है और 23 अक्टूबर से इसकी बिक्री शुरू की जाएगी. ओप्पो नए नए F17 Pro दिवाली एडिशन की घोषणा ट्विटर अकाउंट के जरिए की है.

मिलेंगे कई ऑफर्स –
ऑफर्स की बात करें तो इसमें एक्सचेंज के तहत 16,400 रुपये तक छूट, नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन्स, HDFC बैंक कार्ड्स पर 10% की छूट, प्राइम मेंबर्स के लिए Amazon Pay से ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड पर 5% कैशबैक, नॉन-प्राइम मेंबर्स के लिए 3% कैशबैक के साथ 1 साल डैमेज प्रोटेक्शन और 180 दिन के लिए वन-टाइम स्क्रीन रिप्लेसमेंट ग्राहकों को मिलेगा.

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Oppo F17 Pro दिवाली एडिशन की कीमत-
Oppo F17 Pro दिवाली एडिशन की कीमत सिंगल 8GB रैम + 128GB स्टोरेज के लिए 23,990 रुपये रखी गई है. नया दिवाली एडिशन मैट गोल्ड ऑप्शन में आएगा. इसमें ब्लू और गोल्ड ग्रेडिएंट फिनिशिंग मिलेगी.

स्पेसिफिकेशन-

ये एंड्रॉयड 10 बेस्ड ColorOS 7.2 पर चलता है और इसमें 6.43-इंच फुल-HD+ (1,080×2,400 पिक्सल) सुपर AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. ये ऑक्टा-कोर MediaTek Helio P95 प्रोसेसर पर चलता है. फोन में एक ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो पी95 चिपसेट और 8 जीबी रैम शामिल है.

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कैमरा- 
अगर फोन के कैमरे की बात करें तो इसमें फोटोग्राफी के लिए इसमें क्वाड रियर कैमरा सेटअप है, जिसमें 48MP का प्राइमरी सेंसर, 8MP वाइड-एंगल लेंस, 2MP का मोनोक्रोम सेंसर शामिल है. सेल्फी और वीडियो चैट के लिए, Oppo F17 Pro में डुअल कैमरा सेटअप मिलत है, जिसमें 16MP का प्राइमरी सेंसर और 2MP का डेप्थ सेंसर मिलता है. दोनों सेंसर एफ/2.4 लेंस के साथ आते हैं.





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Gadget Under 2000 Rupees| From Fitband, Photography, Speaker To Trimmer, These 6 Cool Gadgets Available Under 2 Thousand Rupees | फिटनेस, फोटोग्राफी, डांस पार्टी से लेकर ग्रूमिंग तक में काम आएंगे ये 6 पोर्टेबल गैजेट, कीमत 2 हजार रुपए से भी कम


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नई दिल्ली36 मिनट पहले

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  • एमआई बियर्ड ट्रिमर 1C फुल चार्ज में 60 मिनट तक लगातार काम करता है
  • Vingajoy पॉकेट स्पीकर को फुल चार्ज कर लगातार 11 घंटे तक गाने सुन सकते हैं

नवरात्रि शुरू हो चुकी है और दिवाली भी नजदीक ही है। फेस्टिव सीजन पर ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट देने में व्यस्त हैं। शुभ मुहूर्त में वाहन, गैजेट्स और होम अप्लायंसेस खरीदने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

अगर आप भी इसे फेस्टिव सीजन अपनों के लिए या खुद के लिए कोई नया गैजेट खरीदना चाहते हैं, वो भी कम बजट में, तो हमने कुछ ऐसे गैजेट्स की लिस्ट तैयार की है, जो 2 हजार से भी कम बजट में उपलब्ध है। नीचे देखें लिस्ट…

1. एमआई बियर्ड ट्रिमर 1C (कीमत 899 रुपए)

  • त्यौहार पर सभी का रुटीन बिजी हो जाता है। घर की साफ-सफाई और शॉपिंग करने में ही काफी समय निकल जाता है। अब ऐसे में सैलून जाकर हेयर-बियर्ड सेट करने का मतलब है कि एक-दो घंटे और बर्बाद करना।
  • फेस्टिवल के दौरान यदि आप फटाफट अपने हेयर या बियर्ड सेट करना चाहते हैं, तो एमआई के इस सस्ते ट्रिमर को ले सकते हैं। खास बात यह है कि इसमें 0.5-10 एमएम तक कुल 20 लेंथ सेटिंग ऑप्शन मिल जाते हैं।
  • फुल चार्ज होने में इसे दो घंटे का समय लगता है लेकिन उसके बाद इसे लगातार 60 मिनट इस्तेमाल किया जा सकता है।

2. रियलमी सेल्फी ट्राइपॉड (कीमत 1199 रुपए)

  • कंपनी ने हाल ही में इसे लॉन्च किया है। फेस्टिवल एंजॉय करने के दौरान अगर फैमिली के साथ बिताए मस्ती भरे पलों को कैप्चर करना चाहते हैं, वो भी किसी मदद मांगे बिना, तो इस गैजेट को खरीदा जा सकता है।
  • इसके साथ ब्लूटूथ रिमोट मिलता है, जिससे 10 मीटर दूर से भी फोटो कैप्चर किए जा सकते हैं। समतल सतह पर इसे आसानी से रखा जा सके क्योंकि इसमें स्टैंड मिल जाता है। इसमें 60 सेमी. की एक्सपेंडेबल लेंथ मिल जाती है। यह सिर्फ 162 ग्राम वजनी है। इसे आसान से कहीं भी ले जाया जा सकता है।

3. आईटेल IBS-10 ब्लूटूथ स्पीकर (कीमत: 1299 रुपए)

  • कंपनी ने हाल ही में लॉन्च किया है। इसकी आवाज और सिंपल डिजाइन से यह स्पीकर मिनी साउंडबार का फील देता है। इसमें 1500 एमएएच की बैटरी है, कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज में इसमें 6 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है।
  • प्ले-पॉज और ऑन-ऑफ के लिए इसमें अलग से बटन दी गई हैं। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 5.0 का ऑप्शन मिलता है। इसे फोन-टैबलेट-लैपटॉप से आसानी से कनेक्ट किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें AUX और कार्ड और वायरलेस एफएम का सपोर्ट भी मिल जाता है।

4. Vingajoy SP 6560 पॉकेट स्पीकर (कीमत 1599 रुपए)

  • ये स्पीकर दिखने में काफी खूबसूरत है। घर पर ही छोटे भाई-बहन या दोस्तों के साथ डांस पार्टी करनी हो, तो यह स्पीकर आपके काफी काम आ सकता है। खासबात यह है कि इसकी बॉडी मेटल की बनी है और साइज में कॉम्पेक्ट होने की वजह से इसे जेब में डालकर कहीं भी ले जाया जा सकता है।
  • स्पीकर में 400 एमएएच बैटरी है। फुल चार्ज कर इसमें 11 घंटे तक लगातार गाने सुने जा सकते हैं। इसमें 11 मीटर की ब्लूटूथ रेंज मिल जाती है। इसमें 5W का साउंड आउटपुट मिलेगा और इसे आईफोन या एंड्रॉयड डिवाइस दोनों से कनेक्ट किया जा सकता है।

5. रियलमी 30W डार्ट चार्ज 10000mAh पावर बैंक (कीमत: 1699 रुपए)

  • यह फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करने वाला पावर बैंक है। अगर नया पावरबैंक लेने का सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। यह सिर्फ 230 ग्राम वजनी है और 17 एमएम थिक है। इसके पावर बटन को डबल क्लिक कर लो-करंट मोड में जा सकते हैं, जिसके बाद इससे नेकबैंड, फिटबैंड, स्मार्टवॉच जैसे डिवाइस सुरक्षित तरीके से चार्ज किए जा सकते हैं।
  • इसमें टू-वे 30W डार्ट चार्ज सपोर्ट मिल जाता है। इस तकनीक से पावरबैंक को चार्ज होने में 96 मिनट का समय लगता है और पावरबैंक 4300mAh बैटरी वाले रियलमी 6 फोन को सिर्फ 30 मिनट में 65% तक चार्ज करता है। इसमें दो आउटपुट पोर्ट (यूएसबी-A, यूएसबी-C) मिलते हैं।

6. एमआई स्मार्ट बैंड 4 (कीमत 1999 रुपए)

2 हजार से कम बजट में खुद के लिए या गिफ्ट देने के लिए यह गैजेट एक अच्छा ऑप्शन है। इस फिटबैंड में कलर एमोलेड फुल टच डिस्प्ले, 50 मीटर गहराई तक वॉटर रेजिस्टेंट, 20 दिन की बैटरी लाइफ, हार्ट रेट मॉनिटर, स्लीप ट्रैकिंग, वाइब्रेटिंग अलॉर्म, म्यूजिक एंड वॉल्यूम कंट्रोल्स, अनलिमिटेड वॉच फेसेस, स्विम ट्रैकिंग विद स्ट्रोक रिकग्निशन और डेली एक्टिविटी ट्रैकर जैसे बेहतरीन फीचर्स मिल जाते हैं।

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Upcoming Smartphone IQOO U1X Listing Price Left Shocked Everyone – iQOO U1X स्मार्टफोन जल्द होगा लॉन्च, कीमत ने उडाए सभी के होश


लॉन्चिंग से पहले ही इस फोन के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन सामने आ गए हैं। iQOO U1x स्मार्टफोन को एक चाइनीज ई-कॉमर्स वेबसाइट पर देखा गया है।

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी iQOO जल्द ही अपना एक नया स्मार्टफोन बाजार में लॉन्च करने जा रही है। इस स्मार्टफोन को iQOO U1x के नाम से लॉन्च किया जाएगा। लॉन्चिंग से पहले ही इस फोन के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन सामने आ गए हैं। iQOO U1x स्मार्टफोन को एक चाइनीज ई-कॉमर्स वेबसाइट पर देखा गया है। इस स्मार्टफोन को जिस प्राइस टैग के साथ लिस्ट किया गया है, उसने सभी को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि इस फोन में तीन रियर कैमरे और वॉटरड्रॉप स्टाइल नॉच डिस्प्ले आएगा।

कीमत ने चौंकाया
इस फोन की कीमत ने सभी को चौंका दिया है। दरअसल, चाइनीज वेबसाइट पर यह स्मार्टफोन अभी 9,999 डॉलर (करीब 7,33,000 रुपए) की कीमत के साथ लिस्टेड है। इस कीमत को देखकर लोगों के होश उड़ गए हैं। हालांकि यह वास्तविक कीमत नहीं है। बताया जा रहा है कि वेबसाइट पर दी गई कीमत सिर्फ यूजर्स का ध्यान खींचने के लिए है जो कि एक रिटेलर वेबसाइट ने रखी है। यह फोन इस कीमत से काफी कम में लॉन्च होगा।

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कैमरा सेटअप
रिपोर्ट के अनुसार इस स्मार्टफोन के रियर पैनल में तीन कैमरे दिए जाएंगे। लिस्टिंग में फोन की तस्वीरों में भी तीन कैमरे दिखाए गए हैं। फोन का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप वर्टिकल डिजाइन का होगा। हालांकि फोन के कैमरा स्पेसिफिकेशन के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। वहीं वीडियो कॉलिंग और सेल्फी के लिए फ्रंट कैमरा डिस्प्ले नॉच में लगा होगा।

आ सकता है LCD पैनल
रिपोर्ट के अनुसार इसके डिस्प्ले में LCD पैनल होने की संभावना है। साथ ही सिक्योरिटी के लिए इस स्मार्टफोन फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर लगा हो सकता है। फोन लाइट ब्लैक और मॉर्निंग फ्रॉस्ट कलर में लॉन्च किया जा सकता है।

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5000mAh बैटरी
इस स्मार्टफोन के अन्र्टाय संभावित फीचर्स की बात करें तो यह सिंगल वेरिएंट 6जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज के साथ लॉन्च किया जा सकता है। प्रोसेसर की बात करें ता इसमें स्नैपड्रैगन 662 चिपसेट दिया जा सकता है। फोन को पॉवर देने के लिए इसमें 5000mAh की बैटरी मिलने की उम्मीद है।















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1 लाख रुपये है तो दिवाली से पहले शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने हो सकती है 40 हजार तक की कमाई


फेस्टिव सीजन में लोगों की मांग बदल जाती हैं. दिवाली आने में अब बस एक ही महीना बचा है और अगर इस महीने में आप कमाई करने की सोच रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं एक खास बिज़नस के बारे में जिसके जरिए आप मोटी कमाई कर सकेंगे.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 7:26 AM IST

नई दिल्ली. त्योहारों के इस सीजन में लोगों की डिमांड बदल जाती हैं. दिवाली आने में अब बस एक ही महीना बचा है और अगर इस महीने में आप कमाई करने की सोच रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं एक खास बिज़नस के बारे में जिसके जरिए आप मोटी कमाई कर सकेंगे. सिर्फ 1 लाख रुपये में ये बिजनेस शुरू किया जा सकता है और इस की डिमांड भी कभी कम नहीं होती है. हम आपको बता रहे हैं बिस्कुट मेंकिंग के बिजनेस के बारे में. खपत और रिटर्न की गारंटी के चलते इस कारोबार के लिए फंड जुटाना मुश्किल नहीं है. सरकार की मुद्रा स्कीम के तहत आपको आसानी से लोन भी मिल जाएगा. इस तरह के बिस्कुट, केक, चिप्स या ब्रेड बनाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने के लिए प्लांट लगाने के लिए जगह, लो कैपसिटी मशीनरी और रॉ मैटेरियल में निवेश करना होगा.

बिस्कुट प्लांट का खर्च
वर्किंग कैपिटल: 1.86 लाख रुपये इसमें रॉ-मटेरियल, इन्ग्रेडिएंट और वर्कर सैलरी, पैकिंग और किराया आदि का खर्च शामिल है.

फिक्स्ड कैपिटल: 3.5 लाख रुपये इसमें हर तरह की मशीनरी और इक्यूपमेंट का खर्च शामिल है.कुल लागत: 5.36 लाख रुपये यानी 5.36 लाख रुपये की लागत से बिस्कुट मैन्युफैक्चरिंग का बिजनेस शुरू किया जा सकता है. इसमें अपनी जेब से सिर्फ 90 हजार रुपये लगाकर बाकी रकम टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल लोन के टर्म पर जुटाई जा सकती है.

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जमा-खर्च का लेखा-जोखा (सालाना/रुपये)
>> प्रोडक्शन कॉस्ट: 14.26 लाख रुपये

>> टर्न ओवर: 20.38 लाख रुपये
>> ग्रॉस प्रॉफिट: 6.12 लाख रुपये
>> लोन का ब्याज: 50 हजार रुपये
>> इनकम टैक्स: 13-15 हजार रुपये
>> अन्य खर्च: 70-75 हजार रुपये
>> नेट प्रॉफिट: 4.60 लाख रुपये
>> मंथली इनकम: 35-40 हजार रुपये

38 फीसदी सालाना रिटर्न के हिसाब से डेढ़ साल में पूरा इन्वेस्टमेंट निकल सकता है.





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