Central Government Is Developing Covin App To Keep The Data Of Corona Vaccine – केंद्र सरकार ला रही ‘कोविन एप’, कोरोना टीके का डेटा रखने में होगा मददगार

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 22 Nov 2020 12:55 AM IST

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

कोरोना वायरस महामारी के बाद कोरोना वैक्सीन का इंतजार हर कोई बहुत बेसब्री से कर रहा है। लोगों को टीका आसानी से पहुंच सके, इसके लिए केंद्र सरकार एक ऐप ला रही है। इसका नाम कोविन ऐप होगा। इसमें डेटा एकत्र हो जाएगा कि किसे टीका लगा है, कितना खरीदा गया, कितना वितरण हुआ और कितना भंडारण हुआ। साथ ही ये वैक्सीन प्राप्तकर्ता को पहले से सूचित भी कर देगा।

सरकार का मानना है कि यह ऐप समय के आधार पर डेटा अपलोड करने साथ ही डेटा प्राप्त करने में सहायक होगा। साथ ही जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को सक्षम बनाएगा। इसके अलावा राज्यों द्वारा केंद्र को डेटा को उपलब्ध कराने में मददगार होगा।

इर ऐप की भागीदारी में आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष्मान भारत जैसी एजेंसियां शामिल हैं। टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों का डेटा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही ऐप एक टीकाकरण प्रमाणपत्र भी उत्पन्न करेगा और इसे डिजी-लॉकर में संग्रहित करने का विकल्प प्रदान करेगा।

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन के आ जाने के बाद ही देश की अर्थव्यव्स्था में सुधार होगा, लोग बिना डरे घर से बाहर आ सकेंगे। लेकिन इसके लिए डेटा होना बहुत जरूरी है। रिकॉर्ड रखना जरूरी है कि किसे वैक्सीन या टीका लगा। साथ ही भंडारण और वितरण को लेकर पारदर्शिता आएगी और लोगों तक टीका पहुंचने में आसानी भी होगी।  

 

कोरोना वायरस महामारी के बाद कोरोना वैक्सीन का इंतजार हर कोई बहुत बेसब्री से कर रहा है। लोगों को टीका आसानी से पहुंच सके, इसके लिए केंद्र सरकार एक ऐप ला रही है। इसका नाम कोविन ऐप होगा। इसमें डेटा एकत्र हो जाएगा कि किसे टीका लगा है, कितना खरीदा गया, कितना वितरण हुआ और कितना भंडारण हुआ। साथ ही ये वैक्सीन प्राप्तकर्ता को पहले से सूचित भी कर देगा।

सरकार का मानना है कि यह ऐप समय के आधार पर डेटा अपलोड करने साथ ही डेटा प्राप्त करने में सहायक होगा। साथ ही जमीनी स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को सक्षम बनाएगा। इसके अलावा राज्यों द्वारा केंद्र को डेटा को उपलब्ध कराने में मददगार होगा।

इर ऐप की भागीदारी में आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय और आयुष्मान भारत जैसी एजेंसियां शामिल हैं। टेक्नोलॉजी के माध्यम से लोगों का डेटा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। साथ ही ऐप एक टीकाकरण प्रमाणपत्र भी उत्पन्न करेगा और इसे डिजी-लॉकर में संग्रहित करने का विकल्प प्रदान करेगा।

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन के आ जाने के बाद ही देश की अर्थव्यव्स्था में सुधार होगा, लोग बिना डरे घर से बाहर आ सकेंगे। लेकिन इसके लिए डेटा होना बहुत जरूरी है। रिकॉर्ड रखना जरूरी है कि किसे वैक्सीन या टीका लगा। साथ ही भंडारण और वितरण को लेकर पारदर्शिता आएगी और लोगों तक टीका पहुंचने में आसानी भी होगी।  

 



Source link

Leave a Comment

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

Translate »
You cannot copy content of this page