China Backs Iran Nuclear Deal, Calls For New Middle East Forum – चीन ने न्यूक्लियर डील पर ईरान का किया समर्थन, मिडिल-ईस्ट के लिए नया मंच बनाने का आह्वान

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चीन ने न्यूक्लियर डील पर ईरान का किया समर्थन, मिडिल-ईस्ट के लिए नया मंच बनाने का आह्वान

चीन ईरान का सहयोगी और 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते में एक पक्ष रहा है (फाइल फोटो)

बीजिंग:

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने ईरानी समकक्ष जाविद ज़रीफ़ के साथ एक बैठक के बाद मध्य पूर्व देशों में तनाव को कम करने के लिए एक नया मंच बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने तेहरान को बीजिंग का समर्थन जारी रखने की बात भी दहरायी है. वांग और जाविद ज़रीफ़ ने विश्व शक्तियों के साथ ईरान के 2015 के परमाणु समझौते के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता जताई है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, “चीन सभी हितधारकों की समान भागीदारी के साथ एक क्षेत्रीय बहुपक्षीय संवाद मंच बनाने का प्रस्ताव करता है.” बयान में कहा गया है कि मंच “बातचीत के माध्यम से आपसी समझ को बढ़ाएगा और मध्य पूर्व में सुरक्षा मुद्दों के राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान का पता लगाएगा.”

बता दें कि यमन में युद्ध, इराक में ईरानी प्रभाव और तेहरान पर वाशिंगटन के प्रतिबंधों के साथ-साथ ईरान मिडिल-ईस्ट की बड़ी शक्ति सऊदी अरब के साथ तीखे रिश्तों में उलझा हुआ है चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन के दक्षिणी-पश्चिमी शहर टेंगचोंग में शनिवार को दोनों नेताओं की बैठक के दौरान ही अमेरिका ने परमाणु समझौते की वजह से दोनों देशों की कड़ी आलोचना की है. एक दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने ईरान की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाते हुए उसके लगभग सभी वित्तीय क्षेत्रों को काली सूची में डाल दिया था.

चीन ईरान का सहयोगी और 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते में एक पक्ष रहा है. इस समझौते से अमेरिका ने अपने हाथ खींचते हुए ईरान पर पाबंदियां लगा दी थीं. बृहस्पतिवार को अमेरिका की काली सूची के दायरे में ईरान के 18 बैंक भी आ गए हैं. ऐसे में इन बैंकों के साथ लेनदेन करने वाले विदेशी, गैर-ईरानी वित्तीय संस्थानों को जुर्माने का सामना करना पड़ेगा.

इन पाबंदियों के चलते ईरानी बैंक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से कट जाएंगे. यही वजह है कि यूरोपीय देशों ने इन पाबंदियों का विरोध किया है.जरीफ ने कहा है कि वैश्विक संकट के दौरान अमेरिका का यह कदम “मानवता के खिलाफ अपराध” है.



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