Market News In Hindi : Corporate loans will be the most affected due to the epidemic in the current financial year, half of its total loans to banks | महामारी के कारण चालू वित्त वर्ष में कॉर्पोरेट लोन सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, बैंकों के  कुल लोन में इसका आधा हिस्सा

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  • आर्थिक गतिविधियां कई दशकों के निचले स्तर पर जा सकती हैं
  • वित्त वर्ष 2020 में क्रेडिट ग्रोथ 6 प्रतिशत अनुमानित थी

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 10:44 PM IST

मुंबई. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को कहा कि बैंकों के कॉर्पोरेट लोन पोर्टफोलियो सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। यह कुल लोन का आधा हिस्सा है। कोरोनावायरस प्रकोप के कारण आर्थिक गतिविधियों में तेज गिरावट वित्त वर्ष 2021 में क्रेडिट ग्रोथ को 0-1 प्रतिशत के कई दशकों के निचले स्तर पर ले जा सकती है।

क्रेडिट ग्रोथ पर महामारी का प्रभाव 800 बीपीएस होगा

क्रिसिल के वरिष्ठ निदेशक कृष्णन सीतारामन ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सभी क्षेत्रों में सीमित क्षमता के उपयोग के साथ ऑपरेशन्स में काफी अड़चन पैदा हुई है। यह महामारी से पहले 8-9 प्रतिशत क्रेडिट ग्रोथ के क्रिसिल के पूर्वानुमान के विपरीत है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने कहा कि दूसरे शब्दों में, क्रेडिट ग्रोथ पर महामारी का प्रभाव 800 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस) होगा। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2017 में बैंक की ग्रॉस क्रेडिट ग्रोथ 3 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2018 में 9 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2019 में 11 प्रतिशत, वित्त वर्ष 20 में 6 प्रतिशत (अनुमानित) थी।

कई फैक्टर्स हैं जो क्रेडिट ऑफटेक को धीमा करेंगे

उन्होंने कहा कि यह संकट अभूतपूर्व है और इसलिए इसके आर्थिक नतीजे सामने आएंगे। इसमें कम कैपेक्स मांग के साथ-साथ कम खर्च, औऱ कुछ ऐसे फैक्टर्स हैं जो क्रेडिट ऑफटेक को धीमा कर देंगे। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की शुरुआत के बाद से इंक्रीमेंटल बैंक क्रेडिट में कमी निरंतर जारी है। इसमें  27 मार्च से 22 मई के बीच 1.76 ट्रिलियन रुपए की गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार नॉन फूड क्रेडिट 27 मार्च को 103.2 ट्रिलियन रुपए था। यह 22 मई तक 101.4 ट्रिलियन रुपए तक कम हो गया।

बैंकों का रिटेल लोन भी अब घट रहा है

क्रिसिल ने कहा कि रिटेल लेंडिंग जो कुल कर्ज का एक चौथाई है और जिसने अब तक मोर्चा संभाला हुआ था, वह भी नौकरी के नुकसान और वेतन में कटौती के बीच कम हो गया है। इसके अलावा, नए घरों और वाहनों की खरीद में देरी होने की उम्मीद है, जिससे फाइनेंसिंग की मांग प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश असेट्स क्लास के वितरण में इस वित्त वर्ष में काफी गिरावट देखने को मिलेगी। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इससे रिटेल लोन में कुल वृद्धि भी इस वित्त वर्ष में तेजी से गिरकर सिंगल डिजिट में आने की उम्मीद है।

छोटे व्यापार का लोन बढ़ सकता है

क्रिसिल का कहना है कि छोटे व्यापार लोन इस वित्त वर्ष में 6-7 प्रतिशत की दर से अधिक बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। क्योंकि इन्हें सरकार की ओर से प्रोत्साहन पैकेज मिला है और खासकर 3 ट्रिलियन रुपए की आपातकालीन क्रेडिट लाइन की गारंटी भी मिली है। सरकारी बैंकों के लिए यह एक अच्छा अवसर है।

कृषि कर्ज में 3-4 प्रतिशत की वृद्धि होगी

क्रिसिल ने कहा कि कृषि कर्ज में 3-4 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो सामान्य मानसून की उम्मीदों और महामारी से ग्रामीण भारत में तेजी से वसूली के कारण है। क्रिसिल रेटिंग्स ने कहा कि आरबीआई नीतिगत दरों को कम कर रहा है और सरकार ने कर्ज को प्रोत्साहित करने के लिए उपाय शुरू किए हैं। आरबीआई के पास सरप्लस लिक्विडिटी है और इसके हाई क्रेडिट के फैलाव का फायदा उधार लेने वालों को मिलता है।

नारायणन ने कहा, “क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ाने के लिए अनिवार्य है कि विशिष्ट क्षेत्रीय उपायों के माध्यम से उधार देने वालों का विश्वास बढ़ाया जाए जो उनकी चिंताओं को दूर कर रेट और फंडिंग का सही ट्रांसमिशन करे।



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