Neet Result 2020 Know About The Topper Shoaib Aftab And Akanksha Singh – Neet: शोएब और आकांक्षा सिंह के बराबर नंबर फिर भी उनकी दूसरी रैंक? ये रही वजह

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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

Updated Sat, 17 Oct 2020 12:06 PM IST





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राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का रिजल्ट जारी हो चुका है। इस साल नीट परीक्षा में ओडिशा के रहने वाले शोएब आफताब ने पहली रैंक हासिल की है और दूसरी रैंक आकांक्षा सिंह की है।  शोएब और आकांक्षा दोनों के ही 720 में से 720 नंबर हैं। लेकिन, ऑल इंडिया पहली रैंक शोएब को दी गई है। दरअसल, इसकी वजह है कि आकांक्षा सिंह की उम्र कम थी, जिसके कारण उनको दूसरी रैंक से संतोष करना पड़ा।

आकांक्षा सिंह की पहली च्वॉइस थी सिविल सर्विस

नीट परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल करने वाली आकांक्षा सिंह आठवीं कक्षा तक सिविल सर्विस में जाने की सोच रही थी। लेकिन नौवीं में आते ही उनका मन बदल गया और उन्होंने डॉक्टर बनने के सपने के साथ ही नीट परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। दरअसल, एम्स दिल्ली से प्रेरित होकर उनके मन में डॉक्टर बनने का ख्वाब जागा। वह मूलत: कुशीनगर की रहने वाली हैं और उनकी दसवीं तक की पढ़ाई भी वहीं हुई है। उनके पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं और मां शिक्षिका हैं।

इसे भी पढ़ें-नीट परीक्षा में टॉप करने वाले शोएब की कहानी, जो बचपन से ही बनना चाहते थे डॉक्टर

उनकी उम्र 17 साल है। जिसकी वजह से उनको नीट में ऑल इंडिया दूसरी रैंक मिली। जबकि, शोएब आफताब की उम्र 18 साल के आसपास है।  गौरतलब है कि इस साल नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित हुई थी। 85 से 90 फीसदी छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए नीट की परीक्षा का आयोजन 14 अक्तूबर को हुआ था।

 

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का रिजल्ट जारी हो चुका है। इस साल नीट परीक्षा में ओडिशा के रहने वाले शोएब आफताब ने पहली रैंक हासिल की है और दूसरी रैंक आकांक्षा सिंह की है।  शोएब और आकांक्षा दोनों के ही 720 में से 720 नंबर हैं। लेकिन, ऑल इंडिया पहली रैंक शोएब को दी गई है। दरअसल, इसकी वजह है कि आकांक्षा सिंह की उम्र कम थी, जिसके कारण उनको दूसरी रैंक से संतोष करना पड़ा।

आकांक्षा सिंह की पहली च्वॉइस थी सिविल सर्विस

नीट परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल करने वाली आकांक्षा सिंह आठवीं कक्षा तक सिविल सर्विस में जाने की सोच रही थी। लेकिन नौवीं में आते ही उनका मन बदल गया और उन्होंने डॉक्टर बनने के सपने के साथ ही नीट परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। दरअसल, एम्स दिल्ली से प्रेरित होकर उनके मन में डॉक्टर बनने का ख्वाब जागा। वह मूलत: कुशीनगर की रहने वाली हैं और उनकी दसवीं तक की पढ़ाई भी वहीं हुई है। उनके पिता एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं और मां शिक्षिका हैं।

इसे भी पढ़ें-नीट परीक्षा में टॉप करने वाले शोएब की कहानी, जो बचपन से ही बनना चाहते थे डॉक्टर

उनकी उम्र 17 साल है। जिसकी वजह से उनको नीट में ऑल इंडिया दूसरी रैंक मिली। जबकि, शोएब आफताब की उम्र 18 साल के आसपास है।  गौरतलब है कि इस साल नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित हुई थी। 85 से 90 फीसदी छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए नीट की परीक्षा का आयोजन 14 अक्तूबर को हुआ था।

 



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