Odisha Not To Conduct Undergraduate, Pg Exams At Present Due To Covid-19 – ओडिशा: सरकार का फैसला, कोरोना की वजह से नहीं होंगी पीजी और स्नातक की परीक्षाएं

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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 08 Dec 2020 12:39 PM IST

विद्यार्थी (फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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कोरोना वायरस की वजह से ओडिशा में अब स्नातक और पीजी की परीक्षाएं नहीं होंगी। सूबे की सरकार ने यह फैसला लिया है। इसे लेकर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रमुखों को सूबे के शिक्षा मंत्रालय ने पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई अव्यवस्था की स्थिति के कारण शैक्षणिक सत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, ऑनलाइन शिक्षण जारी है, लेकिन अधिकांश छात्र विभिन्न कारणों से ऐसे ऑनलाइन शिक्षण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए वर्तमान में केवल ऑनलाइन शिक्षण के आधार पर परीक्षा आयोजित करना वांछनीय नहीं है। 

इसे भी पढ़ें-IIM CAT 2020: कैट परीक्षा की उत्तर कुंजी और रिस्पांस शीट जारी, ऐसे देखें

शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि परीक्षाओं के संचालन पर विचार तभी किया जाएगा जब शिक्षण ऑनलाइन मोड की जगह फिजिकल मोड पर होगा। राज्य के शिक्षा मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालय के उप-कुलपतियों और सभी सरकारी और गैर-सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर यह बात कही है। बता दें कि ओडिशा में सात दिसंबर को कोरोना वायरस के 368 नए मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से मार्च से ही स्कूल और विश्वविद्यालय बंद हैं और शिक्षण ऑनलाइन माध्यम के जरिए हो रहा है। हालांकि, कई राज्यों में नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्र अभिभावकों की अनुमति के बाद स्कूल जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग ने जारी किया दसवीं-बारहवीं परीक्षाओं का शेड्यूल
 

कोरोना वायरस की वजह से ओडिशा में अब स्नातक और पीजी की परीक्षाएं नहीं होंगी। सूबे की सरकार ने यह फैसला लिया है। इसे लेकर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रमुखों को सूबे के शिक्षा मंत्रालय ने पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई अव्यवस्था की स्थिति के कारण शैक्षणिक सत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, ऑनलाइन शिक्षण जारी है, लेकिन अधिकांश छात्र विभिन्न कारणों से ऐसे ऑनलाइन शिक्षण का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए वर्तमान में केवल ऑनलाइन शिक्षण के आधार पर परीक्षा आयोजित करना वांछनीय नहीं है। 

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शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि परीक्षाओं के संचालन पर विचार तभी किया जाएगा जब शिक्षण ऑनलाइन मोड की जगह फिजिकल मोड पर होगा। राज्य के शिक्षा मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालय के उप-कुलपतियों और सभी सरकारी और गैर-सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर यह बात कही है। बता दें कि ओडिशा में सात दिसंबर को कोरोना वायरस के 368 नए मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की वजह से मार्च से ही स्कूल और विश्वविद्यालय बंद हैं और शिक्षण ऑनलाइन माध्यम के जरिए हो रहा है। हालांकि, कई राज्यों में नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्र अभिभावकों की अनुमति के बाद स्कूल जा रहे हैं।

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