सुनील सोरेन और रंजन सोरेन

Out Of The Slum, Two Brothers Sunil And Ranjan Soren Won The Contract Of The Prestigious Punjab Football Club – झुग्गी-झोपड़ी से निकलकर दो भाईयों ने हासिल किया प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब का कॉन्ट्रैक्ट

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स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला

Updated Sat, 10 Oct 2020 05:15 AM IST

सुनील सोरेन और रंजन सोरेन
– फोटो : ANI

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मेहनत, लगन और एक सपने को पूरा करने की चाहत में फुटबॉल मैदान में पहुंचे दो भाइयों को बड़ा इनाम मिला है। ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित सबसे बड़ी झुग्गी-झोपड़ी सलिया साही के रहने वाले रंजन सोरेन और सुनील सोरेन को पेशेवर फुटबॉल का बड़ा कॉन्ट्रैक्टमिला है। 15 वर्षीय रंजन और 16 वर्षीय सुनील दोनों सौतेले भाई भारत के लिए फुटबॉल खेलने के इरादे से मैदान में लगातार पसीना बहाते रहे। इसका इनाम अब उन्हें मिला है। दोनों को दो बड़े फुटबॉल क्लब पंजाब और ओडिशा एफसी से खेलने का न्योता मिला। हालांकि दोनों ने पंजाब के साथ जुड़ने का फैसला किया है।

सुनील ने इस पर खुशी जताते हुए अपने परिवार और अपनी मेहनत को श्रेय दिया। उसने कहा कि उसने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है लेकिन आगे इससे अधिक मेहनत करेगा। वहीं रंजन ने कहा कि वे छह साल से फुटबॉल खेल रहे हैं और भारत की तरफ से खेलना चाहते हैं। उन्होंने भी अपने परिवार को उनका साथ देने के लिए आभार जताया। उधर दोनों के कोच जेडी मोहपात्रा ने कहा कि दोनों ही भाइयों की कहानी प्रेरणादायक है। उम्मीद है दोनों एक दिन देश के लिए खेलेंगे। 

मेहनत, लगन और एक सपने को पूरा करने की चाहत में फुटबॉल मैदान में पहुंचे दो भाइयों को बड़ा इनाम मिला है। ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित सबसे बड़ी झुग्गी-झोपड़ी सलिया साही के रहने वाले रंजन सोरेन और सुनील सोरेन को पेशेवर फुटबॉल का बड़ा कॉन्ट्रैक्टमिला है। 15 वर्षीय रंजन और 16 वर्षीय सुनील दोनों सौतेले भाई भारत के लिए फुटबॉल खेलने के इरादे से मैदान में लगातार पसीना बहाते रहे। इसका इनाम अब उन्हें मिला है। दोनों को दो बड़े फुटबॉल क्लब पंजाब और ओडिशा एफसी से खेलने का न्योता मिला। हालांकि दोनों ने पंजाब के साथ जुड़ने का फैसला किया है।

सुनील ने इस पर खुशी जताते हुए अपने परिवार और अपनी मेहनत को श्रेय दिया। उसने कहा कि उसने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है लेकिन आगे इससे अधिक मेहनत करेगा। वहीं रंजन ने कहा कि वे छह साल से फुटबॉल खेल रहे हैं और भारत की तरफ से खेलना चाहते हैं। उन्होंने भी अपने परिवार को उनका साथ देने के लिए आभार जताया। उधर दोनों के कोच जेडी मोहपात्रा ने कहा कि दोनों ही भाइयों की कहानी प्रेरणादायक है। उम्मीद है दोनों एक दिन देश के लिए खेलेंगे। 



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