RBI ने बदला पैसों के लेनदेन से जुड़ा ये नियम, जानिए RBI की बैठक की 10 बड़ी बातें, आप पर होगा सीधा असर | business – News in Hindi

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RBI ने बदला पैसों के लेनदेन से जुड़ा ये नियम, जानिए RBI की बैठक की 10 बड़ी बातें, आप पर होगा सीधा असर

RBI ने बदला पैसों के लेनदेन से जुड़ा ये नियम, जानिए RBI की बैठक की 10 बड़ी बातें

RBI Monetary Policy बैठक का फैसला आज आ गया है. आइए आपको बताते हैं इस बैठक की 10 बड़ी घोषणाओं के बारे में और इससे आपको कैसे मिलेगा फायदा..


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 9, 2020, 11:23 AM IST

नई दिल्ली. RBI Monetary Policy बैठक का फैसला आज आ गया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI-Reserve Bank of India) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikant Das) ने ब्याज दरों से लेकर कई और बदलावों की घोषणा की है. आइए आपको बताते हैं इस बैठक की 10 बड़ी घोषणाओं के बारे में और इससे आपको कैसे मिलेगा फायदा..

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RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. रेपो रेट 4% पर बरकरार है.

MPC ने सर्वसम्मति से ये फैसला किया है कि रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बरकरार रहेगा.

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है. मौजूदा वित्त वर्ष में रिकॉर्ड अनाज का उत्पादन हुआ है. प्रवासी मजदूर एकबार फिर शहरों में लौटे हैं.

ऑनलाइन कॉमर्स में तेजी आई है और लोग ऑफिस लौट रहे हैं. उम्मीद है कि फिस्कल ईयर 2021 की चौथी तिमाही के दौरान महंगाई में नरमी आएगी.

दास ने कहा कि अर्थव्यवस्थआ में तेजी की उम्मीद बनी हुई है. हम बेहतर भविष्य के बारे में सोच रहे हैं. सभी सेक्टर में हालात बेहतर हो रहे है. ग्रोथ की उम्मीद दिखने लगी है.

रबी फसलों का आउटलुक बेहतर दिख रहा है. महामारी के इस संकट अब कोविड रोकने से ज्यादा फोकस आर्थिक सुधारों पर है.

आरबीआइ ने ऐलान किया है कि दिसंबर, 2020 से RTGS किसी भी समय भी किया जा सकेगा.

आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2021 की जीडीपी में 9.5 फीसद की मंदी देखी जा सकती है. सितंबर महीने में पीएमआई बढ़कर 56.9 हो गया, यह जनवरी 2012 के बाद से सबसे अधिक है.

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में उधार की औसत लागत 5.82 फीसद पर है, यह 16 साल में सबसे कम है.

सहकारी बैंकों द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को दिये गये कर्ज पर दो प्रतिशत की दर से दी जाने वाली ब्याज सहायता को 31 मार्च 2021 तक के लिये बढ़ा दिया गया है. भारतीय रिजर्व बैंक ने यह जानकारी दी. योजना की शर्तों में भी बदलाव किया गया है.





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