School Bag Policy 2020: School Bag Weight Should Not Exceed 5 Kg, New Policy From Education Ministry – बड़ा फैसला: 5 किलोग्राम से अधिक नहीं होगा स्कूल बैग का भार, शिक्षा मंत्रालय की नई पॉलिसी

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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:17 PM IST

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School Bag Policy 2020: नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने नई स्कूल बैग नीति के तहत कई उपायों की घोषणा की है। नई नीति में कक्षा 1 से 10वीं तक के छात्रों के स्कूल बैग का भार उनके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को नए शैक्षणिक सत्र से इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया है। इतना ही नहीं, नई नीति के तहत यह भी निर्धारित किया गया है कि कक्षा 2 तक के छात्रों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा, कक्षा 3 से 6 के लिए साप्ताहिक 2 घंटे तक का होमवर्क, कक्षा 6 से 8 के लिए प्रतिदिन 1 घंटे का होमवर्क और कक्षा 9 से 12 के लिए अधिकतम 2 घंटे का होमवर्क सीमित होना चाहिए।

बच्चों के बस्ते का वजन चेक करने के लिए स्कूलों में तौल मशीन रखी जाएगी और नियमित आधार पर स्कूल के बैग के वजन की निगरानी करनी होगी। प्रकाशकों को किताबों के पीछे उसका वजन भी छापना होगा। पहली कक्षा के छात्रों के लिए कुल तीन किताबें होंगी, जिनका वजन 1,078 ग्राम तक होगा। बारहवीं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कुल छह किताबें होगी, जिनका वजन 4,182 ग्राम तक ही होगा। स्कूली छात्रों के बैग में किताबों का वजन 500 ग्राम से 3.5 किलोग्राम ही रहेगा। जबकि कॉपियों का वजन 200 ग्राम से 2.5 किलोग्राम रहेगा। इसी में लंच बॉक्स और बोतल का वजन भी शामिल होगा। 

पॉलिसी के अनुसार, पहिये वाले बैग (Trolley-Bags) पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि सीढ़ियां चढ़ते वक्त यह बच्चे को चोटिल कर सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जो सुविधाएं उन्हें प्रदान करनी चाहिए, विद्यालय उन्हें पर्याप्त मात्रा और अच्छी गुणवत्ता में उपलब्ध कराएं।

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School Bag Policy 2020: नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने नई स्कूल बैग नीति के तहत कई उपायों की घोषणा की है। नई नीति में कक्षा 1 से 10वीं तक के छात्रों के स्कूल बैग का भार उनके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को नए शैक्षणिक सत्र से इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश भी दिया है। इतना ही नहीं, नई नीति के तहत यह भी निर्धारित किया गया है कि कक्षा 2 तक के छात्रों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा, कक्षा 3 से 6 के लिए साप्ताहिक 2 घंटे तक का होमवर्क, कक्षा 6 से 8 के लिए प्रतिदिन 1 घंटे का होमवर्क और कक्षा 9 से 12 के लिए अधिकतम 2 घंटे का होमवर्क सीमित होना चाहिए।

बच्चों के बस्ते का वजन चेक करने के लिए स्कूलों में तौल मशीन रखी जाएगी और नियमित आधार पर स्कूल के बैग के वजन की निगरानी करनी होगी। प्रकाशकों को किताबों के पीछे उसका वजन भी छापना होगा। पहली कक्षा के छात्रों के लिए कुल तीन किताबें होंगी, जिनका वजन 1,078 ग्राम तक होगा। बारहवीं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए कुल छह किताबें होगी, जिनका वजन 4,182 ग्राम तक ही होगा। स्कूली छात्रों के बैग में किताबों का वजन 500 ग्राम से 3.5 किलोग्राम ही रहेगा। जबकि कॉपियों का वजन 200 ग्राम से 2.5 किलोग्राम रहेगा। इसी में लंच बॉक्स और बोतल का वजन भी शामिल होगा। 

पॉलिसी के अनुसार, पहिये वाले बैग (Trolley-Bags) पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि सीढ़ियां चढ़ते वक्त यह बच्चे को चोटिल कर सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि स्कूलों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जो सुविधाएं उन्हें प्रदान करनी चाहिए, विद्यालय उन्हें पर्याप्त मात्रा और अच्छी गुणवत्ता में उपलब्ध कराएं।

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