ट्रेनों के परिचालन में प्लेटफार्मों की विसंगति से यात्रियों को भारी असुविधा – RailSamachar

प्लेटफार्म नं. 1 और प्लेटफार्म नं. 6-7 को छोड़कर सीधे प्लेटफार्म नं. 8-9 पर यात्रियों को भेजा जाना, यह किसी विशेष प्रयोजन के तहत किया गया प्रतीत होता है, जबकि यहां सामान्य सुविधा नियमों का पालन करना जरूरी नहीं समझा गया

अहमदाबाद : पश्चिम रेलवे का अहमदाबाद रेलवे स्टेशन एक अत्यंत व्यस्त और भारी भीड़ वाला स्टेशन है। कम ट्रेनों के चलते भी इस रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ हो जाती है। स्टेशन का प्लेटफार्म-4 फिलहाल दुरुस्तीकरण के लिए बंद किया गया है। तथापि उस पर भी गाड़ियां ले ली जा रही हैं। इससे यात्रियों की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा प्लेटफार्म-1 और 6-7 को खाली रखकर सीधे प्लेटफार्म 8-9 पर यात्रियों को भेजना उन्हें और ज्यादा परेशानी में डालने जैसा है। स्टेशन पर ट्रेन ऑपरेशन की इस विसंगति को लेकर जेडआरयूसीसी/प.रे. के सदस्य योगेश मिश्रा, किंजन पटेल और शैलेश उपाध्याय ने सोमवार, 29 जून को रेल प्रशासन का ध्यान यात्रियों की परेशानी की ओर आकर्षित करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन के अनुसार अहमदाबाद मंडल से वर्तमान में 100 जोड़ी ट्रेनों में से 10 जोड़ी ट्रेनों को अहमदाबाद स्टेशन से चलाया जा रहा है। जबकि एक पासिंग ट्रेन भी है। इस प्रकार कुल 11 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन अहमदाबाद स्टेशन पर होता है। अहमदाबाद स्टेशन पर कुल 12 प्लेटफार्म थे। परंतु बुलेट ट्रेन एवं मेट्रो का निर्माण कार्य चलने के कारण प्लेटफार्म नं. 10, 11 और 12 को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

इस प्रकार अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर (प्लेटफार्म-12 की तरफ) से आवागमन का पूरा मार्ग अवरुद्ध हो चुका है। अब वहां से किसी भी व्यक्ति का किसी भी प्रकार से आवागमन नहीं हो सकता। अतः 22 मार्च से जनता कर्फ्यू और 24 मार्च से लॉकडाउन के बाद नियमित यात्री ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था।

यह स्थिति है अहमदाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 8-9 की, जिस पर अभी निर्माण कार्य प्रगति पर है। फिर भी इस पर ट्रेन का परिचालन 29 जून शुरू कर दिया गया है। नीचे का यह वीडियो इस बात का साक्ष्य है। आखिर प्लेटफार्म नं. 6-7 पर परिचालन क्यों नही किया जा सकता? इसकी जवाबदेही किसकी है? यात्रियों की समस्या के विषय में लापरवाही क्यों और कब तक?

Taking train on under construction platform at #Ahmedabad station by Ahmedabad Division Operating authorities

1 मई से श्रमिक ट्रेनें चालू हुईं तथा 1 जून 2020 से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसमें अहमदाबाद स्टेशन से 10 ट्रेनें चल रही हैं। वर्तमान में अहमदाबाद स्टेशन पर 1 से 8 तक कुल 8 प्लेटफार्म उपलब्ध हैं। इन प्लेटफॉर्मों पर ट्रेनों का कम से कम आवागमन होने के कारण वर्तमान में 1 जून से प्लेटफार्म नं. 1, 3, 4 और 5, यानि कुल 4 प्लेटफार्मों से ट्रेनों का परिचालन ऑपरेटिंग डिपार्टमेंट द्वारा किया जा रहा है।

परंतु 29 जून से प्लेटफार्म नं. 4 की मरम्मत हेतु 38 दिन का ब्लाक लिया गया है, जिसके कारण प्लेटफार्म नं. 4 से चलने वाली गाड़ियों को अन्य प्लेटफार्मों पर डायवर्ट किया जाना है। 1 जून से अहमदाबाद स्टेशन से चलने वाली विशेष ट्रेन नं. 02947 अहमदाबाद-पटना, ट्रेन नं. 09019 अहमदाबाद-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन, प्लेटफार्म नंबर 1 से चलनी थी। जबकि प्लेटफार्म-3 से 02915 अहमदाबाद-दिल्ली, 09165 अहमदाबाद-दरभंगा, 09167 अहमदाबाद-वाराणसी ट्रेन चलाई जा रही थी।

इसी प्रकार ट्रेन नं. 02479 जोधपुर-बांद्रा टर्मिनस की पासिंग प्लेटफार्म-3 से कराई जा रही थी। प्लेटफार्म-4 से ट्रेन नं. 02917 अहमदाबाद-निजामुद्दीन चलाई जा रही थी। ट्रेन नं. 02480 बांद्रा टर्मिनस-जोधपुर की पासिंग हो रही थी। जबकि प्लेटफार्म-5 से ट्रेन नं. 02833 अहमदाबाद-हावड़ा, 02934 अहमदाबाद मुंबई सेंट्रल, 02957 अहमदाबाद-नई दिल्ली, 09083 अहमदाबाद-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है।

परंतु 28 दिन के परिचालन के बाद प्लेटफार्म-4 के दुरुस्तीकरण के लिए ब्लॉक लेने पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिर्फ प्लेटफार्म-4 की ट्रेनों को अन्य प्लेटफार्मों पर डायवर्ट करके उन्हें वहां से ऑपरेट किया जाना चाहिए था। इसके बजाय अहमदाबाद मंडल के ऑपरेटिंग विभाग द्वारा प्लेटफार्म-1 से सिर्फ बांद्रा टर्मिनस-जोधपुर ट्रेन 02480 पास की जा रही है।

जबकि प्लेटफार्म-3 से ट्रेन नं. 02947 अहमदाबाद-पटना, और ट्रेन नं. 02917 अहमदाबाद-निजामुद्दीन ही चलाई जा रही है। प्लेटफार्म-4 को ब्लॉक कर दिया गया है। प्लेटफार्म-5 से ट्रेन नं. 02833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस, 02934 अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल, 02957 अहमदाबाद-नई दिल्ली ट्रेनें चलाई जा रही है। प्लेटफार्म नं. 5-6-7 से एक भी ट्रेन को ऑपरेट न करके किन कारणों से प्लेटफार्म-8/9 से गाड़ियों का परिचालन किए जाने का निर्णय लिया गया, यह समझ से परे है।

प्लेटफार्म-8 से 29 जून को ट्रेन नं.09083 अहमदाबाद मुजफ्फरपुर, ट्रेन नं.02915 अहमदाबाद-दिल्ली, ट्रेन नं. 02479 जोधपुर-बांद्रा टर्मिनस की पासिंग कराई गई। जबकि प्लेटफार्म-9 से ट्रेन नं.09165 अहमदाबाद दरभंगा, ट्रेन नं.09167 अहमदाबाद-वाराणसी, ट्रेन नं. 09014 अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन चलाई गई। प्लेटफार्म-12 की तरफ से आवागमन का संपूर्ण मार्ग बंद होने के कारण प्लेटफार्म उस तरफ से किसी भी प्रकार से आवागमन नहीं हो सकता है।

वर्तमान में सुरक्षा के दृष्टिकोण से एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और थर्मल स्कैनिंग करते हुए, सैनिटाइजर मार्ग से गुजरकर यात्रियों को प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया जा रहा है। जो अहमदाबाद मंडल का सराहनीय कार्य है। अहमदाबाद स्टेशन पर  मात्र प्लेटफार्म-1 की तरफ से ही आवागमन का मार्ग प्रशस्त किया गया है। ऐसी स्थिति में प्लेटफार्म-1 से एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियों) अथवा एफओबी सीढ़ियां चढ़कर यात्रियों को नजदीकी प्लेटफार्म पर पहुंचने की सुविधाजनक व्यवस्था की जानी चाहिए।

यह एक साधारण नियम है, उस साधारण नियमों को भी ऑपरेटिंग विभाग ने ताक पर रखकर प्लेटफार्म-1 से मात्र एक ट्रेन, वह भी जो सिर्फ पासिंग है, का परिचालन जारी रखा गया है। प्लेटफार्म-3 से मात्र 2 ट्रेनों का आवागमन जारी रखने का निर्देश दिया गया है। जबकि प्लेटफार्म-5 से 3 ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। वहीं प्लेटफार्म-8 से 2 ट्रेनें एवं प्लेटफार्म-9 से 3 ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।

अब प्रश्न यह खड़ा होता है कि प्लेटफार्म नं. 1, 3, 5 के बाद प्लेटफार्म नं. 6 और 7 से परिचालन का कार्य किन कारणों से नहीं कराया जा रहा है? आखिर यात्रियों को एक प्लेटफार्म और आगे जाने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है? और किन कारणों से यात्री प्लेटफार्म नं. 6-7 पर न उतरकर, प्लेटफार्म नं. 8-9 पर कयों जाएं? यात्री को इसके लिए 50-100 कदम अतिरिक्त चलना पड़ेगा। यात्रियों को कम से कम दूरी तक चलाकर प्लेटफार्म पर उतारा जा सके, ऐसी सुविधाजनक व्यवस्था की जानी चाहिए।

फोटो परिचय: अहमदाबाद स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 8-9 पर निर्माण कार्य चल रहा है। यह सोमवार, 29 जून की तस्वीर है। फिर भी इस प्लेटफार्म पर ट्रेन का परिचालन किया गया। जबकि प्लेटफार्म नं. 6-7 खाली पड़े हैं, उन पर परिचालन नहीं किया जा रहा, रेल प्रशासन से यह सवाल है जेडआरयूसीसी/प.रे. के सदस्यों का!

यदि सामान्य मानवीय दृष्टिकोण से भी देखा जाए तो भी 30-35 किग्रा वजन लिए हुए व्यक्ति को कम से कम दूरी तक पैदल चलकर पहुंचने की व्यवस्था करनी चाहिए। इसको ध्यान में रखकर प्लेटफार्म नं.1 और प्लेटफार्म नं. 6-7 को छोड़कर सीधे प्लेटफार्म नं. 8-9 पर यात्रियों को भेजा जाना, यह किसी विशेष प्रयोजन के तहत किया गया प्रतीत होता है, जबकि यहां सामान्य सुविधा नियमों का पालन करना जरूरी नहीं समझा गया। वह भी तब जब प्लेटफार्म-12 की तरफ से आवागमन का कोई भी मार्ग उपलब्ध नहीं है।

यात्रियों को प्लेटफार्म-1 से प्रवेश देकर, प्लेटफार्म-8 में पहुंचने की बजाय अगर प्लेटफार्म नं. 6-7 पर उतारा जाए तो यह उनके लिए न सिर्फ काफी सुविधाजनक होगा, बल्कि उनका समय और वजन लेकर चलने का उनका परिश्रम कुछ कम हो सकता है। गस तथ्य पर विचार किया जाना चाहिए।

उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में लेते हुए इस विषय पर विचार करने और यात्रियों को होने वाली मुश्किलों को कम करने का प्रयास करने हेतु उचित कार्यवाही किए जाने का यह ज्ञापन क्षेत्रीय रेल उपभोगकर्ता परामर्शदात्री समिति, पश्चिम रेलवे के सदस्य योगेश मिश्रा ने महाप्रबंधक/प.रे. आलोक कंसल, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक/परे. शैलेंद्र कुमार और डीआरएम/अहमदाबाद दीपक कुमार को भेजा है।



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परिचालन दक्षता में सुधार के लिए 21 विषयों पर काम कर रही भारतीय रेल

कोविड-19 लॉकडाउन के बाद रेल परिचालन, अनुरक्षण, निर्माण और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए योजना तैयार करने हेतु बनी समिति का नोडल अधिकारी महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे/उत्तर रेलवे राजीव चौधरी को बनाया गया है

Rajeev Choudhary, GM/NCR-NR

रेल मंत्रालय ने भारतीय रेल की परिचालन दक्षता में सुधार करने के लिए 21 विषयों की पहचान की है। इस संबंध में प्रत्येक विषय के लिए एक नोडल अधिकारी और रेलवे बोर्ड के एक समन्वय अधिकारी सहित विभाग प्रमुखों, कार्यकारी निदेशकों, महाप्रबंधकों सहित वरीष्ठ अधिकारियों की समितियों का गठन किया गया है।

ये समितियां लॉकडाउन अवधि के दौरान विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करके बैठक, चर्चा आदि के माध्यम से विचार-विमर्श करेंगी और समन्वय अधिकारी के माध्यम से अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को प्रस्तुत करेंगी। राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर की परिचालन दक्षता में सुधार के लिए भारतीय रेल द्वारा पहचाने गए विषय, जिनकी विभिन्न समितियों द्वारा समीक्षा की जाएगी, निम्नवत हैं:

  नई दिल्ली-हावड़ा, नई दिल्ली-चेन्नई, नई दिल्ली- मुंबई, हावड़ा- मुंबई और चेन्नई-हावड़ा खंडों पर  ट्रेनों का ज़ीरो बेस्ड समय सारणीकरण।

•  भारतीय रेलवे के केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा मैनुअलों की समीक्षा और अद्यतीकरण।

•  सेक्शनों और टर्मिनलों पर कंजेशन को कम करने के लिए टाइमलाईन और रोड मैप के साथ महत्वपूर्ण कार्यों की पहचान करना।

  सेक्शन और लूप लाइनों में गति बढ़ाने के लिए वैधानिक सीआरएस निरीक्षण के लिए आवश्यक विभिन्न दस्तावेजों की समीक्षा और प्रोसेसिंग।

•  रेल संचालन और अनुरक्षण में बचत करने और दक्षता लाने के लिए सामग्रियों की खपत की समीक्षा।

•  फिजिकल फ़ाइल मूवमेंट से बचने और साथ ही कार्य कुशलता लाने के लिए भारतीय रेल की सभी इकाइयों में ई-ऑफिस का कार्यान्वयन ।

•  लोकोमोटिव, कोच, वैगन्, सिग्नलिंग गियर आदि जैसे विभिन्न परिसंपत्तियों के अनुरक्षण अवधि  की समीक्षा और दुनिया भर के सर्वोत्तम  मापदंडों के साथ तुलना।

•  तकनीकी प्रगति के दृष्टिगत  विभिन्न रेल परिसंपत्तियों के कोडल लाइफ़ और रिप्लेसमेंट मानकों की समीक्षा।

•  दक्षता और पारदर्शिता में सुधार के लिए कॉन्ट्रैक्टों के तहत निष्पादित कार्यों के आंकलन के लिए ऑनलाइन मेज़रमेंट बुक की शुरुआत करना।

•  परिवहन के लिए नई वस्तुओं की पहचान करने और रेल के माध्यम से परिवहन में बढ़ोत्तरी के लिए व्यावसायिक अध्ययन।

•  अधिक से अधिक रेल प्रतिष्ठानों जैसे कारखानों, अस्पतालों, कोचिंग डिपो, पिटलाइन, लोडिंग पॉइंट, डिपो, स्टेशन, कार्यालयों, ट्रैक्शन सबस्टेशन, रिले रूम आदि को सीसीटीवी निगरानी के तहत लाना।

•  रेल की भूमि आदि के संबंध में रेलवे अधिनियम का अध्ययन और सुझाव।

•  डीएफसी परियोजना के पूरा होने के दृष्टिगत   वैगन, कोच और लोकोमोटिव आदि आवश्यकताओं की समीक्षा।

•  ट्रैक्शन और गैर-ट्रैक्शन ऊर्जा / ईंधन बिल में कमी लाने के उपायों संबंध में।

•  रेल के वविभिन्न रेलवे क्षेत्रों में डेटा एनालिटिक्स, आर्टीफीशियल इंटैलिजेंस जैसी तकनीक का उपयोग ।

•  व्यय कम करने और आय में सुधार करने के उपाय।

•  ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग गतिविधि की व्यापक समीक्षा ।

•  कर्मचारियों की मल्टी स्किलिंग और नए क्षेत्र में री- स्किलिंग करना।

•  ट्रेन संचालन के लिए एंड ऑफ ट्रेन टेलीमिट्री और अन्य प्रौद्योगिकियों का प्रयोग ।

  •  मालगाड़ियों की गति को बढ़ाकर माल और यात्री गाड़ियों के बीच की गति के अंतर को कम करना।
  • कोविड -19 लॉकडाउन के बाद भारतीय रेल पर संचालन अनुरक्षण, निर्माण और विनिर्माण गतिविधियों के लिए की कार्य योजना – यह मद कोविड -19 लॉकडाउन के बाद भारतीय रेल के लिए सबसे महत्वपूर्ण है और इस पर विचार एवं कार्यान्वयन उत्तर मध्य रेलवे, पूर्व तटीय रेलवे, मध्य रेल, इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री के महाप्रबंधकों की समिति द्वारा किया जा रहा है और उत्तर मध्य रेलवे तथा उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजीव चौधरी इस समिति के नोडल अधिकारी हैं।







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