रेल मंत्रालय की तदर्थ स्थिति खत्म करके पूर्ण रूप से शुरू किया जाए ट्रेनों का संचालन

जनता और सरकार की छवि से सीधे जुड़े रेल मंत्रालय की तदर्थ व्यवस्था को अविलंब समाप्त कर पूर्णकालिक मंत्री एवं सीआरबी नियुक्त किया जाना चाहिए

Narendra Modi, PM/India

#प्रधानमंत्री देश को आखिर किस दिशा में ले जाना चाहते हैं, यह फिलहाल किसी को समझ में नहीं आ रहा है। यह सही है कि कोरोना नामक इस वैश्विक महामारी ने सबका सब कुछ अस्त-व्यस्त कर दिया है, लेकिन इसका ये मतलब भी नहीं है कि हाथ पर हाथ धरे बैठे रहा जाए!

पिछले साल से ही देश की अर्थव्यवस्था पर ग्रहण लगा हुआ है। जबकि मार्च महीने से पूरा देश ठप पड़ा हुआ है। बेरोजगारी, महंगाई विकराल रूप ले चुकी है। देखते-देखते लॉकडाउन के भी 6 महीने गुजर रहे हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था में कोई सकारात्मक सुधार जैसी संभावनाएं कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रही हैं।

इसलिए बेहतर होगा कि अर्थव्यवस्था से जुड़ी चीजों को पूर्णतः खोल दिया जाए, क्योंकि अनलॉक सीरीज बहुत कारगर साबित नहीं हुई है। तमाम अर्थशास्त्रियों का भी यही मत है।

सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल का नियमित संचालन इतने लंबे समय से बंद करके रेल मंत्रालय ने पहले रेल का कबाड़ा कर दिया है।

मात्र कुछ ट्रेनों का संचालन करके रेलमंत्री सोशल मीडिया पर लंबी-चौड़ी हांक रहे हैैं। इससे वह आखिर क्या साबित करना चाहते हैं, यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है।

जब लगभग सभी प्रदेशों का राज्य परिवहन पूर्व की भांति चलाया जा रहा है, एयर ट्रैफिक भी चालू हो गया है, तो फिर रेल का सामान्य संचालन बंद करके देश की अर्थव्यवस्था का कबाड़ा किया जा रहा है। क्या इसमें भी कोई अवसर ढूंढा जा रहा है?

ट्रेनों का संचालन बंद करने से कोरोना के मामले कम तो नहीं हुए हैं, बल्कि इनमें लगातार वृद्धि हुई है।

यदि देश भर की स्थिति को देखा जाए तो कोरोना का कहर फिलहाल कम नहीं होने वाला है, बल्कि यह अभी और बढ़ेगा, ऐसा अनुमान है, क्योंकि देश में अभी रैपिड जांच पर्याप्त संख्या में नहीं हो रही हैं।

अब यह अलग बात है कि दिल्ली सहित कुछ राज्यों ने रैपिड जांचों को कम करके अथवा क्रत्रिम तरीके से कोरोना के मामले कम होने की बात कही है।

हो सकता है कि इसके पीछे उनका उद्देश्य लोगों में व्याप्त भय को कुछ कम करना हो, पर इस महामारी के प्रकोप को इस तरीके से कम करके बताना तो वास्तव में जनता के साथ एक बड़ा धोखा है। 

बहरहाल, जब पूरा मार्केट खोल दिया गया है, राज्यों का सामान्य परिवहन चल रहा है, तब देश की धड़कन कही जाने वाली भारतीय रेल का पहिया रोक देना देश की सामान्य अर्थव्यवस्था को रोक देने जैसा है।

रेल का सामान्य संचालन इस वक्त देश की सबसे बड़ी जरूरत है। इस पर प्रधानमंत्री द्वारा रेल मंत्रालय को तुरंत आवश्यक निर्देश दिए जाने चाहिए।

इसके अलावा प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे रेल मंत्रालय की तदर्थ व्यवस्था को अविलंब समाप्त कर सीधे जनता और सरकार की छवि से जुड़े इस महत्वपूर्ण मंत्रालय को पूर्णकालिक मंत्री तथा सीआरबी प्रदान करें।





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