Zohra Segal Google Doodle: Iconic Indian Actress Featured In Google Doodle Today – Zohra Sehgal: गूगल ने डूडल बना मशहूर अभिनेत्री जोहरा सहगल को किया याद

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

Updated Tue, 29 Sep 2020 08:50 AM IST

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गूगल ने मंगलवार को प्रतिष्ठित भारतीय अभिनेत्री जोहरा सहगल के सम्मान में उन्हें याद करते हुए डूडल बनाया। सहगल देश की पहली कलाकारों में से थीं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त थी। उन्हें 1998 में पद्म श्री, 2001 में कालिदास सम्मान और 2010 में पद्म विभूषण सहित देश के सर्वोच्च पुरस्कार से नवाजा गया। गूगल अमूमन हर दिन किसी न किसी महान शख्सित को याद करते हुए डूडल बनाता है। 

सहगल का जन्म 27 अप्रैल, 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। 20 साल की उम्र में सहगल ने जर्मनी के ड्रेसडेन के एक प्रतिष्ठित स्कूल में बैले सीखा। बाद में उन्होंने भारतीय नृत्य क्षेत्र के महान शख्सियत उदय शंकर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दौरा किया।

1945 के वर्षों के बाद, सहगल इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन में शामिल हो गईं और अभिनय में जुट गईं। उनकी कुछ प्रसिद्ध फिल्मों में नीचा नगर शामिल है, जो 1946 में कान फिल्म समारोह में प्रदर्शित हुई थी। फिल्म ने महोत्सव का सर्वोच्च सम्मान, पाल्मे डी’ओर पुरस्कार जीता।

1962 में सहगल के लंदन चले जाने के बाद, उन्होंने ‘डॉक्टर हू ‘और ‘द 1984 माइनिजीरिज द ज्वैल इन द क्राउन’ जैसे ब्रिटिश टेलीविजन शो में काम किया। उन्होंने बेंड इट लाइक बेकहम में भी भूमिका निभाई। 10 जुलाई, 2014 को नई दिल्ली में सहगल का निधन हो गया था।

गूगल ने मंगलवार को प्रतिष्ठित भारतीय अभिनेत्री जोहरा सहगल के सम्मान में उन्हें याद करते हुए डूडल बनाया। सहगल देश की पहली कलाकारों में से थीं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त थी। उन्हें 1998 में पद्म श्री, 2001 में कालिदास सम्मान और 2010 में पद्म विभूषण सहित देश के सर्वोच्च पुरस्कार से नवाजा गया। गूगल अमूमन हर दिन किसी न किसी महान शख्सित को याद करते हुए डूडल बनाता है। 

सहगल का जन्म 27 अप्रैल, 1912 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। 20 साल की उम्र में सहगल ने जर्मनी के ड्रेसडेन के एक प्रतिष्ठित स्कूल में बैले सीखा। बाद में उन्होंने भारतीय नृत्य क्षेत्र के महान शख्सियत उदय शंकर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दौरा किया।

1945 के वर्षों के बाद, सहगल इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएशन में शामिल हो गईं और अभिनय में जुट गईं। उनकी कुछ प्रसिद्ध फिल्मों में नीचा नगर शामिल है, जो 1946 में कान फिल्म समारोह में प्रदर्शित हुई थी। फिल्म ने महोत्सव का सर्वोच्च सम्मान, पाल्मे डी’ओर पुरस्कार जीता।

1962 में सहगल के लंदन चले जाने के बाद, उन्होंने ‘डॉक्टर हू ‘और ‘द 1984 माइनिजीरिज द ज्वैल इन द क्राउन’ जैसे ब्रिटिश टेलीविजन शो में काम किया। उन्होंने बेंड इट लाइक बेकहम में भी भूमिका निभाई। 10 जुलाई, 2014 को नई दिल्ली में सहगल का निधन हो गया था।



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